November 01, 2018

31.10.2018 (DarbhangaOnline Desk) : बिहार की पहचान इसकी सांस्कृतिक विरासत है। अंतर विश्वविद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव ‘तरंग’ बिहार की कला-संस्कृति की विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है। उक्त उद्गार, महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति श्री लाल जी टंडन ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में आयोजित पाँच दिवसीय बिहार अंतर विश्वविद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव ‘तरंग-2018’ का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किये। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि आज भारतीय संस्कृति का पुनरूत्थान हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े रहते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शामिल होना चाहिए। राज्यपाल ने मिथिला की गौरवमयी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, दार्शनिक एवं साहित्यिक परम्परा का सादर स्मरण करते हुए कहा कि यह भूमि राजा जनक, याज्ञवल्क्य, कपिल, कणाद, गौतम, मंडन, उदयनाचार्य, गार्गी, मैत्रेयी, भामती, भारती जैसी मनीषी प्रतिभाओं की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि धर्म, अध्यात्म, दर्शन, शिक्षा, संस्कृति, कला, संगीत आदि सभी क्षेत्रों में मिथिला की प्रतिभाओं ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न अभावों एवं विसंगतियों के बावजूद हमें बराबर नवसृजन हेतु तत्पर रहना चाहिए। श्री टंडन ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि ‘तरंग’ के अन्तर्गत 27 प्रकार की प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि तरंग के अन्तर्गत इतनी अधिक स्पर्धाएँ पहली बार आयोजित हो रही हैं। राज्यपाल ने संतोष व्यक्त किया कि उनकी परिकल्पना के अनुकूल राज्य में उच्च शिक्षा के विकास हेतु सार्थक प्रयास शुरू हो गये हैं, जिसके बेहतर नतीजे भी आगामी वर्ष से दिखने लगेंगे। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और खेलकूद की गतिविधियों के विकास हेतु भी राज्य के विश्वविद्यालयों में लगातार कार्यक्रम आयोजित करने के निदेश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही बोधगया में खेलकूद की अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता ‘एकलव्य’ आयोजित होगी।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरंभंगा के कुलपति प्रो॰ सरेन्द्र कुमार सिंह ने महामहिम का स्वागत करते हुए कहा कि कुलाधिपति महोदय ने पहली बार मिथिला की धरती पर पधारकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ायी है। डॉ. सिंह ने कहा कि ‘तरंग’का यह आयोजन सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर शिक्षा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि ‘तरंग’ और ‘एकलव्य’ जैसे कार्यक्रम छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व के विकास के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए सिविल सोसाईटी का भी सहयोग लिया जाना चाहिए। श्री सिंह ने कुलाधिपति की दूरदर्शिता की चर्चा करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सत्र-2018-19 के समाप्त होते-होते बिहार के विश्वविद्यालयों के सत्र नियमित हो जाएँगे। उद्घाटन सत्र को ए॰आई॰यू॰ के संयुक्त सचिव सैम्सन डेविड ने संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की निरंतर सहभागिता रही है, इसलिए यहाँ ‘तरंग’ का आयोजन सुव्यवस्थित रूप में संभव हो सका है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो॰ एस॰के॰ सिंह ने मिथिला की परम्परा के अनुरूप महामहिम एवं मंचासीन अन्य अतिथियों को पाग, चादर एवं प्रतीक-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।

राज्यपाल ने कार्यक्रम के दौरान आयोजन से जुड़ी ‘स्मारिका’ का भी विमोचन किया। विश्वविद्यालय के संगीत एवं नाट्य विभाग की छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान एवं विश्वविद्यालय का ‘कुलगीत’ प्रस्तुत किया गया। कुलसचिव कर्नल (से॰नि॰) निशीथ कुमार राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उदघाटन सत्र में प्रतिभागी विश्वविद्यालयों की आंचलिक विशेषताओं को दर्शाते हुए आकर्षक रंगमय झाकियाँ भी निकाली गयीं, जिनकी मुक्त कंठ से सबों ने प्रशंसा की।
‘तरंग’ के उद्घाटन के अवसर पर दरभंगा नगर विधायक संजय सरावगी, विधान पार्षद डॉ. दिलीप कुमार चौधरी, पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी, बी॰आर॰ए॰ बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर, बी॰एन॰एम॰यू॰, मधेपुरा, के॰एस॰डी॰एस॰यू॰ दरभंगा, मौलाना मजहरूल हक़ अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति समेत कई विश्वविद्यालयों के प्रतिकुलपति, कुलसचिव एवं अध्यक्ष, छात्र कल्याण आदि उपस्थित थे।
November 01, 2018

31.10.2018 (दरभंगा) : जिला के सभी अंचलों में ऑनलाइन दाखिल खारिज की गति को तेज करने के लिए सभी अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारी एवं डाटा इंट्री ऑपरेटरों का प्रशिक्षण समाहरणालय स्थित सभागार में दिया गया। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह के निर्देशानुसार हुए इस प्रशिक्षण में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को बताया गया कि समय सीमा के भीतर दाखिल खारिज से संबंधित आवेदनों का किस प्रकार निष्पादन करना है। इसके सभी तकनीकी पहलुओं, प्राप्त आवेदनों की जांच एवं उसे स्वीकृत अथवा रिजेक्ट करने के तरीकों के बारे में भी बताया गया। अपर समाहर्ता मो. मोबीन अली अंसारी ने सभी अधिकारियों को खासतौर से हिदायत दी कि ऑनलाइन दाखिल खारिज के बाद निर्गत किए जाने वाले शुद्धि पत्रों को वेबसाइट पर अपलोड करें जिससे कि संबंधित व्यक्ति को कार्यालय आकर उसे लेने की जरूरत ना पड़े एवं वह घर बैठे ही अपना शुद्धि पत्र डाउनलोड कर ले। ऑनलाइन दाखिल खारिज की सुविधा होने के बाद लोगों को काफी राहत होगी। यह सिस्टम जब पूरी तरह से काम करने लगेगा तो दाखिल खारिज में होने वाली सारी गड़बड़ियां एवं कार्यालयों का चक्कर लगाने से भी निजात मिलेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारी, संबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटर आदि उपस्थित थे।
November 01, 2018

30.10.2018 (दरभंगा) : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित देशव्यापी प्रशकिशन शिविर मिशन साहसी के समापन अवसर पर एम.आर.एम कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद झा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम समाज मे एक दिशा देने का कार्य करेगी। इस तरह के आयोजन से समाज मे बेटियों के लिए एक अलग नजरिया बनेगा, क्योकि अब तक बेटियों को कमजोर समझा जाता था, लेकिन देश अब नारी शक्ति का प्रदर्शन भी देखेगी। अब वह किसी से कमजोर नही हैं। जब तक बेटियां सुरक्षित नही तब तक समृद्ध देश की कल्पना नही कर सकते है। आज बेटियों ने जिस तरह खुले मंच से अपना करतब दिखाया है वह अविश्वसनीय है। लहेरियासराय महिला थानाध्यक्ष नीलम कुमारी ने कहा की मिशन साहसी के माध्यम से बेटियाँ अबला नही सबला बनेगी। शक्ति के लिए जब हम दुर्गा और काली को पूजते हैं फिर महिला को कमजोर क्यो समझा जाता है, कोई भी महिला साधारण नही है। समाज मे बेटियों को उचित जगह देने के उद्देश्य से मैं ऐसे कार्यक्रम के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का शुक्रिया अदा करती हूँ।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय प्रमुख डॉ. विमलेश कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सम्पूर्ण देश में आयोजित मिशन साहसी कार्यक्रम समाज के लिए रोड मैप का कार्य करेगी। बेटियों को कमजोर समझने वाले के मुँह पर ये तमाचा होगा। आज खुले मैदान में बेटियों के करतब से गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ। फूल नही चिंगारी है, ये भारत की नारी है, को मिशन साहसी चरितार्थ कर रही है।
उक्त कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन मुख्य अतिथि लहेरियासराय महिला थानाध्यक्ष नीलम कुमारी, एम.आर.एम महिला महाविद्यालय की शिक्षिका प्रो पुनीता झा, अनुराधा लाला, दोयल मोना, डॉ. गुंजन शुक्ला, डॉ. कन्हैया चौधरी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय प्रमुख डॉ. बिमलेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। मंच संचालन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के केंद्रीय कार्य समिति सदस्य प्रियदर्शिनी सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सी. एम. साइंस कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष जया सिंह ने किया।
October 22, 2018

22.10.2018 (DarbhangaOnline Desk) : पुलिस संस्मरण दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिसमे कर्तव्यपथ पर वीरगति को प्राप्त हुए शहीदों को नमन कर श्रद्धांजलि दी गयी। पटना के सी0आर0पी0एफ0 बिहार सेक्टर हेड क्वार्टर में आयोजित संस्मरण दिवस के अवसर पर वर्ष 2018 में सुरक्षा बलों एवं राज्य पुलिस के कुल 416 जवान जिसमें सी0आर0पी0एफ0 के कुल 29 जवान ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए या जिनकी असामयिक मृत्यु हुई, उनके नामों को पुकारा गया एवं उन्हें श्रद्धांजली दी गई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने सी0आर0पी0एफ की गौरवपूर्ण इतिहास का विस्तार से वर्णन करते हुए पुलिस यादगार दिवस की महत्ता एवं प्रासंगिकता का विषेश उल्लेख किया। उन्होने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को सी0आर0पी0एफ ने लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में चीनी आक्रमण के प्रथम हमले के दंश को बर्दाश्त किया, जब सी0आर0पी0एफ के छोटे गश्ती दल पर काफी अधिक संख्या वाली चीनी सेना द्वारा घात लगाकर हमला किया गया था। इस भिड़त में सी0आर0पी0एफ के 10 जवानों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। दिनांक 21 अक्टूबर को उनकी शहादत को पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।

छपरा स्थित पुलिस लाइन में पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर देशभक्तिपूर्ण संध्या का आयोजन कलाकार रामेश्वर गोप जी की टीम तथा पुलिस परिवार के कुछ कलाकारों द्वारा किया गया। एसपी हरकिशोर राय की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के अवसर पर दिवंगत चौकीदार धीरेन्द्र (सहाजितपुर थाना), बच्चा राम (परसा थाना) के परिवार वालों को सम्मानित किया गया। भेल्दी थाना के दिवंगत एसआई अमित कुमार जिनके परिवार से लोग किसी कारणवश उक्त कार्यक्रम में नहीं उपस्थित हो सके, उनके आवास पर पुलिस के जवानों ने जाकर शोक संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें सम्मानित भी किया।

दरभंगा के लहेरियासराय स्थित पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर प्रभारी डीआईजी वीरेंद्र नारायण झा ने कहा की आज के दिन हम अपने उन सहकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान देश में अमन-चैन, भाईचारा एवं सामाजिक सहिष्णुता बनाये रखने के क्रम में कर्तव्य के बलिवेदी पर अपने प्राणों की आहुति दी। यह देश एवं हम देशवासी इनके बलिदान के समक्ष नतमस्तक हैं तथा हम सभी ऋणी रहेंगे।

रोहतास-डेहरी पुलिस लाइन में पुलिस संस्मरण दिवस पर देश व राज्य के आंतरिक सुरक्षा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए एसपी सत्यवीर सिंह ने कहा की देश के आंतरिक सुरक्षा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और उनकी सेवा को हम कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा की हमें अपनी सुरक्षा के साथ-साथ निर्दोषों की भी सुरक्षा करनी है। पुलिसकर्मियों को पल-पल चुनातियों का सामना करना पड़ता है। पटना के BMP-5 परिसर में आयोजित पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर बिहार के डीजीपी के. एस. दिवेदी ने शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित किया। परेड की सलामी लेने के साथ ही शहीद पुलिसकर्मियों के शहादत को याद करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया। उक्त कार्यक्रम में पुलिस विभाग के कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।
October 22, 2018

22.10.2018 (दरभंगा) : सरकारी जमीनों पर से अतिक्रमण हटाने का काम प्राथमिकता से करें। एक बार अतिक्रमण हटाने के बाद अंचल अधिकारी इसकी सूचना सम्बन्धित थानाध्यक्ष को दे दें। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने समाहरणालय स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सभागार में सभी विभागों के साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक में उक्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि एक बार अतिक्रमण मुक्त किए हुए जमीन पर पुनः अतिक्रमण न हो इसकी जवाबदेही संबंधित थानाध्यक्ष की होगी। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी अपने क्षेत्र में इस पर नजर रखेंगे। सभी एसडीओ एवं एसडीपीओ को निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक 15 दिन पर अपने क्षेत्र के अंतर्गत भूमि विवाद एवं लोक शिकायत निवारण कानून के तहत आने वाले मामलों की समीक्षा करें एवं उसका निष्पादन सुनिश्चित कराएं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन से लम्बित मामलों के निष्पादन के लिए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिए गए। सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा से कहा गया कि वे इसका अनुश्रवण करें एवं जहां भी जरूरत हो आवश्यक सहयोग प्रदान करें। भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि जिला अंतर्गत बनने वाले नए भवनों तथा मरम्मति के कार्य में मानक के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए । इसके लिए जहां जहां काम चल रहे हैं वहां स्वयं तथा अपने सहायक अभियंता के माध्यम से नियमित अनुश्रवण कराना सुनिश्चित करें। लोक सेवा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं में समय सीमा का हर हालत में पालन करने को कहा गया। जिन पदाधिकारियों के द्वारा समय सीमा में से सेवा प्रदान नहीं किया जाता है उन पर जुर्माना भी लगाने को कहा गया।
सभी अंचल अधिकारी तथा प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों से कहा गया कि आरटीपीएस केंद्रों पर औचक छापेमारी भी करें एवं दोषियों पर कार्रवाई करें। दाखिल खारिज के मामलों में शुद्धि पत्र को वेबसाइट पर निश्चित रूप से शत-प्रतिशत अपलोड करना सुनिश्चित करने को कहा गया। निर्गत एलपीसी को भी विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश सभी सीओ को दिया गया।
डीएम ने ऑनलाइन म्यूटेशन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अपर समाहर्ता को निर्देश दिया कि वह सभी अंचल अधिकारियों एवं आईटी असिस्टेंट के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम अनुमंडल वार सुनिश्चित करें एवं सारी प्रक्रियाओं कि उन्हें विधिवत जानकारी दे दें, जिससे कि ऑनलाइन म्यूटेशन का काम में और तेजी आ सके। लंबित कोर्ट केसों में तथ्यात्मक विवरण जमा करने को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया। जिन विभागों के द्वारा 4 सप्ताह बीत जाने के बाद भी तथ्य विवरणी जमा नहीं किए गए हैं उनसे शो कॉज किया गया तथा उन्हे तथ्य विवरणी जमा करने के लिए 1 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया। जिला में चल रहे सड़क निर्माण परियोजनाओं मे भी तेजी लाने का निर्देश पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को दिया गया। दिल्ली मोड़ से बाघ मोड़ सड़क जो वर्तमान में वन वे है, 01 नवंबर से वहां वाहनों की दो तरफा आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश पथ निर्माण विभाग को दिया गया। उन्हें कहा गया कि इसके लिए युद्धस्तर पर बचे हुए कार्य को पूरा करे लें। जिन विभागों ने अभी तक जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है उसे जल्दी रजिस्ट्रेशन करवा लेने को कहा गया। जमाबंदी एंट्री का कार्य जिन डाटा इंट्री ऑपरेटरों ने किया है उनके भुगतान भी जल्दी कर देने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, अपर समाहर्ता मोबीन अली अंसारी समेत अन्य वरीय पदाधिकारी सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रभारी पदाधिकारी उपस्थित थे।