January 19, 2020

19.01.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं सामाजिक कुरीतियो के विरूद्ध जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 19 जनवरी 2020 को राज्यव्यामी मानव श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। इसमें दरभंगा जिला में कुल 468 कि.मी. लम्बी मानव श्रृंखला का निर्माण किया जायेगा। इस हेतु सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मानव श्रृंखला में बड़ी संख्या में आमलोग भाग लेगे। जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध जन-जागरूकता हेतु संपूर्ण जिला क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया गया है। सभी प्रखण्ड मुख्यालयों/पंचायतों/गाँवो में बराबर बैठकें करके आमलोगो को मानव श्रृंखला में भाग लेने के लिए अनुरोध किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि 19 जनवरी 2020 को दरभंगा जिला का मानव श्रृंखला अद्वितीय होगा। उन्होंने कहा कि इस मानव श्रृंखला में भाग लेने वाले लोगो के सुरक्षा तथा स्वास्थ्य एवं बुनियादी सुविधाएँ मुहैया कराने की व्यवस्था की गई है। प्रतिभागियों के सुविधा हेत प्रत्येक 10 कि.मी. पर एक एम्बुलेंस एवं प्रत्येक 01 कि.मी पर आशा/ए.एन.एम मेडिकल किट्स के साथ मौजूद रहेगी।
उन्होंने कहा कि कल जिला के सभी रेफरल अस्पताल, स्वास्थ्य केन्द्र, अस्पताल केन्द्र खुले रहेगे एवं सभी चिकित्सक एवं पारा मेडिकल स्टाफ्स, ए.एन.एम., आशा कार्यकर्त्ताओ को कर्त्तव्य स्थल पर मौजूद रहने का निदेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि मानव श्रृंखला के लिए निर्धारित मार्गों पर सरकारी वाहन एवं आवश्यक सेवा/आपातकालीन सेवा को छोड़कर अन्य सभी वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी। ऐसे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग का निर्धारण किया गया है। कार्यालय प्रकोष्ठ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उक्त बातें उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी 2020 को दरभंगा जिला में बनने वाले मानव श्रृंखला में विभिन्न प्रकार की झाँकियाँ/रंगोली भी बनाई जायेगी। जिसमें नगर के पोलो मैदान एवं कर्पूरी चौक पर विशेष प्रकार की झाँकियाँ शामिल है।
प्रेस कॉन्फ्रेस में उपस्थित एसएसपी बाबूराम द्वारा बताया गया कि मानव श्रृंखला के दिन सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था किया गया है। संपूर्ण जिला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दण्डाधिकारियों के साथ सशस्त्र पुलिस बल/जवान की तैनाती किया गया है। ये सभी जवान 08 बजे पूर्वाह्न से ही कर्तव्य पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि यातायात को नियंत्रित करने हेतु 500 से अधिक ट्रैफिक पुलिस को लगाया गया है। शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। पुलिस बल में महिला पुलिस पदाधिकारी एवं महिला कॉस्टेबल की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी पुलिस अधिकारियों एवं जवाना को सख्त हिदायत दिया गया है कि ये मानव श्रृंखला में भाग लेने आये प्रतिभागियों से मित्रवत व्यवहार करेंगे। सभी दण्डाधिकारी एवं पुलिस कर्मी सुबह 08 बजे से भीड़ के पूरी तरह से छंट जाने के बाद ही ड्यूटी से हटेंगे।
December 06, 2019

04.12.2019 (दरभंगा) : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दरभंगा नगर छात्रा इकाई द्वारा रैली निकाली गयी। इस रैली के माध्यम से हैदराबाद में हुए महिला डॉक्टर के नृशंस हत्या व सामुहिक बलात्कार के बिरोध में आज दोषियों को फाँसी की मांग किया गया। पूजा झा के नेतृत्व में एम.आर.एम. महाविद्यालय के मुख्य द्वार से आयकर चौराहा व आयकर चैराहा से विश्वविद्यालय चौरंगी तक रैली निकाली गयी। नव निर्वाचित एम.आर.एम. छात्र संघ अध्यक्ष पूजा कुमारी ने कहा कि जिस देश मे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लाल किला के प्राचीर से दिया जाता हो, उस देश मे ऐसा कोई दिन नही घटता जब देश मे कोई लड़की की बलात्कार व हत्या न होती हो। गूंगी व लंगड़ी व्यवस्था हमारे देश मे हो रही है। आखिर बलात्कार की घटना स्वीकार करने के उपरांत भी फांसी की सजा क्यो नही दी जा रही है।
हमारे देश की संस्कृति नारायणी की रही है, और हमारे इतिहास ने बताया कि हमारे देश मे नारी रक्षा के लिए रामायण से महाभारत तक हुआ। लेकिन आज के इस दौर में ठीक हम उलट देख रहे हैं। दुनिया के कई देश मे रेप की वारदात पर सीधा फाँसी की सजा है लेकिन हमारे देश मे रेप पीड़ितों से भी दामाद की तरह वर्ताव होता है जो निन्दनीय है। महासचिव ब्यूटी ने कहा कि आये दिन इस तरह के घटना से प्रतीत होता है कि बेटी न तो गर्भ में महफूज है, न घर मे, और न घर के बाहर। हम उस देश मे रह रहे है जहाँ नारी की पूजा होती थी। आज नारी की बलात्कार व हत्या, यह तो सनातनी सभ्यता नही है।
जिस देश मे अखबार को निचोड़ा जाए तो रेप व सामुहिक दुष्कर्म के खून से पटा रहता है। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से मांग करते है की बलात्कारियों को सीधा फाँसी की सजा दी जाए। इस विरोध प्रदर्शन में पूजा कुमारी, अन्नू कुमारी, अमृता कुमारी, प्रीति कुमारी, शीतल कुमारी, अभिलाषा कुमारी, अंजलि कुमारी, पिंकी कुमारी, के साथ दर्जनों अन्य छात्राएं उपस्थित थीं।
December 06, 2019

03.12.2019 (दरभंगा) : भाकपा माले और एपवा के संयुक्त तत्वावधान में पोलो मैदान से समाहरणालय होते हुए लहेरियासराय टावर तक कैंडल व नागरिक मार्च निकाला गया जहाँ कैंडल जलाया गया और नारा लगाया गया संघ - भाजपा शर्म करो , बलात्कार का साम्प्रदायिकीकरण करना बंद करो। हैदराबाद के महिला डॉक्टर और रांची के पीड़िता को न्याय दो। रानी शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए माले के वरिष्ठ नेता लक्ष्मी पासवान ने कहा कि एक तरफ जीडीपी गिर रहा है वही दूसरी तरफ बलात्कार हत्या की घटनाओं में बेतहाशा बृद्धि हो रही है, जो कि बेहद चिंता की बात है भाजपा की सरकार कठोर कानून बनाकर सजा देने की बात कर रही है। एपवा जिला अध्यक्ष साधना शर्मा ने कहा कि भाजपा का बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा की धज्जी उर रही है। न्याय के बजाय विभाजन की बात निंदनीय है सभा मे जमालुद्दीन, केशरी यादव ,रंजीत राम, पप्पू पासवान, गजेंद्र नारायण शर्मा, सदीक भारती, शिवन यादव, आदि मौजूद थे।
December 06, 2019

01.12. 2019 (दरभंगा) : जिला प्रशासन दरभंगा के द्वारा लहेरियासराय स्थित नेहरू स्टेडियम में दो दिवसीय मिथिला लोक उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर जागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से स्टेडियम परिसर में कई तरह के सरकारी योजनाओं से सम्बंधित जैसे जल जीवन हरियाली, जीविका, कन्या उत्थान योजना आदि से सम्बंधित स्टाल लगाए गए। जीविका दीदियों की और से लगाए गए स्टाल पर खूबसूरत झोले और बैग मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। लोगों ने खरीदारी भी की। इस दो दिवसीय लोक उत्सव में स्थानीय कलाकार और बाहर से आये कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गायकी का प्रदर्शन किया। लोग झूमने पर मजबूर हुए। नटराज डांस एकेडमी व सृष्टि फाउंडेशन द्वारा भी एक से बढ़कर एक नृत्य की प्रस्तुति की गयी जिसे दर्शकों ने काफी सराहा। इस दो दिवसीय मिथिला लोक उत्सव के उद्धाटन के मौके पर जन प्रतिनिधियों ने डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की खूब तारीफ़ की। उनके कार्यशैली की प्रशंसा की गयी। पुलिस प्रशासन भी अपने कर्तव्य पथ पर सुबह से लेकर कार्यक्रम में देर शाम तक डटे रहे।
December 06, 2019

28.11.2019 (दरभंगा) : महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन के द्वारा महाराजा कामेश्वर सिंह का 112वां जन्मदिवस कल्याणी निवास में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भारती एस कुमार ने की। शुरुआत भगवती वंदना से हुई, तथा महाराजा कामेश्वर सिंह के चित्र पर आगत अतिथियों द्वारा माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर आयोजित महाराजा कामेश्वर सिंह मेमोरियल लेक्चर प्रोफेसर महेश रंगराजन, पूर्व निदेशक जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल संग्रहालय एवं पुस्तकालय, नयी दिल्ली ने "नेचर एण्ड नेशन : इकोलॉजी, सोसाइटी एण्ड हिस्ट्री इन कंटेम्पररी इंडिया" विषय पर दिया।
प्रोo महेश रंगराजन ने कहा कि "प्रकृति और राष्ट्र के बीच का संबंध सर्वव्यापी है, किन्तु अवधारणा की दृष्टि से कम भी है। आज राष्ट्र और प्रकृति दोनों संक्रमण की दौड़ से गुजर रहे हैं। दोनों एक-दूसरे पर आज अधिक आश्रित हैं। इतिहास हमें यह संबंध समझने में इसके रहस्यों को सुलझाने में सहायक है। प्रर्यावरण प्रकृति के विज्ञान को समझने की कोशिश है। प्रकृति के लिए राष्ट्र की सीमा बेमानी होती है। बीस एशियाई देशों की मानसून की गति को समझने के लिए हिन्द महासागर एवं प्रशान्त महासागर की जलवायु को समझना होगा। राष्ट्र की सीमा हमें अलग करती है, किन्तु प्रकृति एक दूसरे से जोड़ती है। उन्होंने कहा की द्वितीय विश्व युद्ध में एशिया के तीन हजार हाथियों को भी झोंक दिया, हाथियों के अलावे असंख्य घोड़े एवं खच्चरों को भी झोंका गया। कुदरत को विकास का दुश्मन मान लिया गया और हरित क्रांति के दौर में सबसे ज्यादा जंगल और जानवर नष्ट हुए। अब यही विकास हमारे विनाश का कारण बनता जा रहा है। बहुत से राष्ट्र-राज्यों के अपने अपने राष्ट्रीय पशु, पक्षी, पर्वत या नदी उनके राष्ट्रीय पहचान के प्रतीक हैं।
किन्तु जब ये राष्ट्रीय प्रतीक दूसरे लोगों या राष्ट्रों से बांटे जाते हैं तो इनमें काफी आपसी संघर्ष भी होते हैं। उदाहरण के लिए बाघ छः एशियाई देशों के राष्ट्रीय पशु है, अमरीकी इतिहास में "सेव बिशन मिशन" ने भी काफी गति पकड़ा। अमाजोन का क्षेत्र, जो कई लैटिन अमेरिकी देशों में फैला हुआ है, का ब्राजील के लिए विशेष महत्व है। अब प्रश्नों पर गौर करें, क्या राष्ट्र-राज्य प्रकृति को शान्ति के समय सुरक्षित रखते हैं या उसे अपनी आवश्यकतानुसार घेरते जा रहे हैं। या फिर, प्रकृति को घेरने की साज़िश है। या फिर, राष्ट्र के लिए संरक्षित प्रकृति के संघर्ष में हारने वाले भी हैं।
कार्यक्रम के आरंभ में पद्मश्री मानस बिहारी वर्मा ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह बिहार हेरिटेज सीरीज के अधीन स्वर्गीय प्रोफेसर राधाकृष्ण चौधरी की कालजई अप्रकाशित ग्रंथ "पोलिटिकल एण्ड कल्चरल हेरिटेज ऑफ़ मिथिला" का लोकार्पण किया गया और इस पुस्तक को समाज के समक्ष प्रोफेसर कृष्ण कुमार मंडल, इतिहास विभाग, भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर ने प्रस्तुत किया। प्रोo मंडल ने कहा कि मिथिला का वैज्ञानिक इतिहास तब तक नहीं लिखा जा सकता है, जब तक कि हम प्रोo राधाकृष्ण चौधरी के इतिहास लेखन के पैमाने का अनुसरण नहीं करते हैं। इस पुस्तक ने मिथिला के इतिहास के कई विवादास्पद तिथियों को स्पष्ट किया है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भारती एस. कुमार ने दरभंगा राज के विस्तृत सांस्कृतिक और राजनीतिक आर्थिक अवदानों पर प्रकाश डाला। प्रोo कुमार ने दिवंगत प्रोo हेतुकर झा जी को याद किया और मिथिला के बौद्धिक एवं सांस्कृतिक इतिहास पर प्रकाश डाला। अध्यक्ष महोदया ने मंच से सरकार से मांग की कि मिथिला को धरोहर घोषित किया जाय।आगत अतिथियों के प्रति आभार कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो रामचंद्र झा ने प्रकट किया।