February 17, 2020
एसएसपी बाबू राम(फाइल फोटो)
17.02.2020 (दरभंगा) : बिहार में शराबबंदी क़ानून लागू है। दरभंगा पुलिस भी इन दिनों शराबबंदी क़ानून को प्रभावशाली बनाने में जी तोड़ मेहनत कर रही हैं। दरभंगा के कर्मठ एसएसपी बाबू राम ने इन दिनों एक प्रभावशाली जनसम्पर्क अभियान शुरू किया है। इस अभियान के बारे में DarbhangaOnline.com से बात करते हुए उन्होंने कहा की जिले के सभी थाना क्षेत्र में जनसम्पर्क कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। इस अभियान में साफ छवि के लोगो के साथ बैठक कर शराबबंदी को लेकर विशेष चर्चा होगी। उन्होंने बताया की सामाजिक दबाब से ही इस तरह के कार्यक्रम को सफलता मिलेगी। जो संदिग्ध लोग पाए जाएंगे उनको इस मीटिंग से दूर ही रखा जाएगा। एसएसपी ने बताया की डीजीपी सर का भी आदेश है की अफसर लोग शहर से लेकर गाँव में जाकर लोगों से मिलें और उनकी समस्यायों को सुने। इसलिए हमलोग पुलिस टीम के साथ सभी थाना क्षेत्र में जाएंगे।
उन्होंने कहा की बहुत जल्द ही पुलिस टीम के साथ बैठक कर एक कैलेण्डर बनाएंगे जिसके अनुरूप इस अभियान को प्रभावशाली बनाया जायेगा। फिलहाल हायाघाट, एपीएम व अन्य कई थानों में इसकी शुरुआत हो गयी है जिसका रिस्पांस काफी अच्छा दिख रहा है। इस दौरान कहीं चौकीदारों तो कहीं थानेदारों पर सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने कहा की शराब के व्यापार में लगे लोग पकडे तो जाते हैं लेकिन जेल से लौटने के बाद फिर वही काम करने में लग जाते हैं, ऐसे लोगों का कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक बहिष्कार भी होना चाहिए। एसएसपी ने बताया की जल्द ही DGP सर से समय लेकर उन्हें यहाँ बुलाएंगे तथा जिला स्तर पर मीटिंग कर इस अभियान को और बेहतर बनाने के लिए उनसे विशेष दिशा निर्देश प्राप्त करेंगे।। गौरतलब है की बिहार में शराबबंदी क़ानून सीएम नितीश कुमार के मत्वाकांक्षी योजना है जिसको लेकर वो काफी गंभीर हैं।
February 17, 2020

16.02.2020 (DarbhangaOnline Desk) : बिहार के सीएम नितीश कुमार ने कहा कि बिहार मद्य-निषेध अभियान के लिए पूरे देश में रोल मॉडल है। शराबबंदी का राजस्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होंने नई दिल्ली में ‘शराब-मुक्त भारत‘ पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि देश के विभिन्न भागों से आए लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन मिलित ओडिसा निषा निवारण अभियान (मोना) द्वारा ईस्ट ऑफ़ कैलाश के इस्काॅन सभागार में किया गया। सीएम ने कहा कि पूरे देश में शराबबंदी लागू होना चाहिए। यह सामाजिक, धार्मिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी आवश्यक है।
बिहार में शराबबंदी अभियान के बारे में अपने अनुभवों को सीएम ने विस्तार से रखा। उन्होंने कहा की ग्रामीण इलाकों में रह रहे गरीब लोग अपनी आय का बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च कर देते थे। इसका सबसे बुरा प्रभाव निर्धन लोगों के स्वास्थ्य एवं उनके आर्थिक स्थिति, खान-पान, घरेलू शांति एवं महिलाओं के सम्मान पर पड़ रहा था। यहां तक कि युवा वर्ग भी शराब के आदी होते जा रहे थे। बढ़ते घरेलू कलह एवं बिगड़ती सामाजिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीण इलाकों की महिलाओं ने अपने स्तर पर शराब के विरूद्ध आवाज उठाई और इस पर रोक लगाने की मांग की। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा शराबबंदी की मांग भी उठाई गयी। सीएम नितीश कुमार ने कहा कि शराब के दुष्प्रभाव को लेकर पूरा विश्व चिंतित है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई रिपोर्ट (ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन अल्कोहल एण्ड हेल्थ 2018) में शराब के दुष्परिणामों के विस्तृत आंकड़े दिए गए हैं और मानव समाज को शराब के कुप्रभाव से निजात दिलाने के लिए एक अभियान चलाने पर बल दिया गया है। 2016 में शराब के कारण विश्वभर में 30 लाख लोगों की मृत्यु हुई है जो विश्व के कुल मृत्यु का 5.3 प्रतिशत है। शराब के सेवन के कारण युवाओं में मृत्यु दर बूढ़े लोगों की अपेक्षा काफी अधिक है और 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों में 13.5 प्रतिशत लोगों की मृत्यु शराब के कारण होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार शराब लगभग 200 बीमारियों को बढ़ाता है। शराब का सेवन कैंसर, एड्स, हेपटाइटिस, टी.बी, लीवर एवं दिल की बीमारी, मानसिक बीमारी, माता-शिशु से संबंधित बीमारियों के साथ-साथ हिंसक प्रवृति को भी बढाता है और महिलाओं के साथ हिंसा में इसकी अहम भूमिका है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पूरे देश में ऐसी स्थिति आ गयी है कि आज हर ओर शराबबंदी की मांग तेजी से बढ़ने लगी है।
सीएम ने कहा कि बिहार राज्य में लागू शराबबंदी नीति को अध्ययन करने हेतु विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधिगण आये। वर्ष 2017 में कर्नाटक से, वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ से तथा दिसंबर 2019 में राजस्थान से उत्पाद विभाग एवं अन्य संस्थाओं के अध्ययन दल आये। इन अध्ययन दलों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया और शराबबंदी के क्रियान्वयन को जमीनी स्तर पर देखा। इन सभों दलों ने बिहार में की गई शराबबंदी के सभी प्रयासों की काफी सराहना की। देश के कोने-कोने से शराबबंदी की आवाज उठने लगी है इसलिए शराब के धंधे में लगे लोग परेशान हैं कि कहीं बिहार जैसी शराबबंदी पूरे देश में लागू न हो जाए।
सीएम नितीश कुमार ने कहा कि बिहार में न्याय के साथ विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है, इससे कोई समझौता नहीं करेंगे लेकिन जब तक नशाखोरी, बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों सेे समाज को छुटकारा नहीं मिलेगा, तब तक विकास का पूरा लाभ नहीं मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इन दिनों जलवायु परिवर्तन सबसे बड़े खतरे के रूप में उभरा है, इसलिए हम पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दे रहे हैं।
February 09, 2020

08.02.2020 (पटना) : डीएम कुमार रवि की अध्यक्षता में आज जिला निबंधन-सह-परामर्श केन्द्र में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड व कुशल युवा कार्यक्रम-सह-सर्टिफिकेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीएम के सात निश्चय के अन्तर्गत ’’आर्थिक हल युवाओं को बल’’ के तहत जिला निबंधन परामर्श केन्द्र, पटना स्थित शिविर कार्यक्रम में दो योजना, क्रमशः बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 50 लाभुकों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड तथा कुशल युवा कार्यक्रम के 100 लाभुकों को प्रशिक्षण समाप्ति उपरांत डीएम श्री कुमार रवि ने सर्टिफिकेट प्रदान किया।
इस अवसर पर डीएम कुमार रवि ने बताया कि मुख्यमंत्री आप सभी के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आप सभी मन लगाकर पढ़ाई करें, आर्थिक सहयोग के लिए हम सभी आपको हर संभव मदद करेंगे। कुशल युवा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण के दौरान न केवल हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा ज्ञान की जानकारी दी जाती है बल्कि संवाद एवं व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास में वृद्धि होगा एवं किसी भी सेवा के लिए साक्षात्कार में सहयोग मिलेगा। बिहार स्टूडेंट क्रडिट कार्ड योजना से बच्चों को बहुत ही कम ब्याज दर पर शिक्षा ऋण जिला निबंधन-सह-परामर्श केन्द्र के वित्त निगम द्वारा प्रदान किये जाने पर माता-पिता पर आर्थिक भार अत्यन्त कम हो जाता है। साथ ही उन्होंने बच्चों से अपील की कि लाभ प्राप्त बच्चे दूसरे बच्चों को भी उक्त तीनों योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु प्रेरित करें ताकि पटना जिला में अधिक से अधिक बच्चों को उक्त तीनों योजना का लाभ मिल सके। बच्चों के बीच प्रोत्साहन के उद्देश्य से ही जिला निबंधन-सह-परामर्श केन्द्र में इस प्रकार के सर्टिफिकेट एवं कार्ड वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।
मुख्यमंत्री स्वयं भत्ता योजना से लाभ प्राप्त कर रहे बच्चों से उन्होंने अपील की कि जो भी राशि आपके खाते में भेजी जा रही है, उसका उपयोग आपलोग रोजगार की तलाश या आवेदन भरने में उपयोग कर आर्थिक मजबूती हासिल करें। अपने मित्रों को भी इस योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक करें ताकि सभी योग्य एवं इच्छुक युवक-युवतियों को इस योजना का लाभ मिल सके। वहीं, परिचय सत्र के दौरान स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने के बाद लाभुकों से बातचीत भी उन्होंने की। सभी उपस्थित लाभुकों द्वारा इस योजना की भूरी-भूरी प्रशंसा की एवं अन्य संभावित आवेदकों से मन लगाकर पढ़ाई पूरी कर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने की अपील की।
February 09, 2020
08.02.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ त्यागराजन एस. एम. उड़ीसा की राजधानी भुवनेस्वर में दिनांक 10 एवं 11 फरवरी 2020 को आयोजित आपदा शमन से संबंधित प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला में बिहार राज्य की प्रतिनिधि के तौर पर भाग लेंगे. इस कार्यशाला में भाग लेने के लिये राज्य सरकार द्वारा उन्हें प्राधिकृत करते हुए अनुरोध पत्र भेजा गया है। मालूम हो कि देश के विभिन्न राज्यों में कभी कभी भयंकर बाढ़, आंधी, तूफान आदि जैसे हालात उत्तपन्न हो जाते हैं। इन प्राकृतिक आपदाओं के आ जाने पर जान माल की सुरक्षा हेतु राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाने की जरूरत होती हैं।
भारत सरकार के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्राकृतिक आपदा के प्रबंधन एवं शमन हेतु विभिन्न उपायों / तरीकों को प्रभावकारी तरिके से क्रियान्वित करने के बारे में विचार विमर्श करने के लिये 10-11 फरवरी को भुवनेश्वर में क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित किया गया हैं। इस प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला में भाग लेने के लिये आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा के राज्य सरकारों को अपने अधिकारी एवं प्रतिनिधि को भेजने हेतु अनुरोध किया गया हैं। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा दरभंगा के डीएम को उक्त कार्यशाला में भाग लेने के लिये प्राधिकृत किया गया हैं।
February 09, 2020

05.02.2020 (दरभंगा) : जल-जीवन-हरियाली अभियान अन्तर्गत जिला में अवस्थित प्राकृतिक जल श्रोतों की पहचान कर इसका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसके साथ ही नये जल श्रोतों का सृजन करने की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सभी संबंधित एजेंसियों को प्राकृतिक जल श्रोतों के जीर्णोद्धार एवं नये जल श्रोतों के सृजन कार्यों का तीव्र गति से क्रियान्वयन करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान में कुल 10 अवयव हैं। सभी अवयवों में राज्य स्तर पर जिले की रैकिंग की जा रही है।
दरभंगा जिला की रैकिंग को सुधारने हेतु सभी अवयवों में प्रगति लानी होगी। उन्होंने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित जल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षा बैठक में उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सभी सार्वजनिक एवं निजी जल श्रोतों की पहचान कर इसका जीर्णोद्धार किया जायेगा। इस हेतु कुआँ/तालाब आदि का भौतिक सर्वेक्षण करने का निदेश सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, पी.ओ.मनरेगा एवं पी.एच.ई.डी. को दिया गया था। सर्वेक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा में पाया गया कि अनुमानित जल श्रोतों की संख्या से इसमें कम संख्या प्रतिवेदित हुए है। डीएम ने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, पी.ओ.मनरेगा एवं पी.एच.ई.डी. के अभियंता को पुनः तीन दिनों के अंदर अंतिम रूप से सभी सार्वजनिक एवं निजी कुओं का सर्वेक्षण करके अंतिम प्रतिवेदन समर्पित करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भौतिक सर्वेक्षण प्रतिवेदन में राजस्व विभाग के अभिलेख से मिलान कर ली जाये।
गौरतलब है की ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित कुओं का जीर्णोद्धार कार्य लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमण्डल द्वारा किया जाएगा। जबकि नगर निकाय क्षेत्र के कुओं का जीर्णोद्धार नगर विकास विभाग के द्वारा किया जाना है। बैठक में डीडीसी डॉ. कारी प्रसाद महतो द्वारा बताया गया कि चापाकल/कुआँ एवं अन्य जल श्रोतों के निकट सोख्ता बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। तथा 2437 सोख्ता का निर्माण पूर्ण हो गया है। कार्यपालक अभियंता, पी.एच.ई.डी. द्वारा बताया गया कि 36 कुओं का जीर्णोद्धार पूरा कर दिया गया है और वर्त्तमान में 55 कुओं का जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ किया गया है। डीएम ने कार्यपालक अभियंता को और 288 चिन्ह्ति कुओं का जीर्णोद्धार कार्य भी प्रारंभ करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति बहुल्य टोलों में प्राथमिकता के आधार पर कुओं का जीर्णोद्धार किया जाये। कहा कि लघु सिंचाई प्रमण्डल के द्वारा 01 एकड़ से अधिक रकबा वाले तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य किया जा रहा है एवं 01 एकड़ से कम वाले तालाबों का जीर्णोद्धार मनरेगा योजना के तहत किया जा रहा है। जल-जीवन-हरियाली अभियान का एक अहम पार्ट वर्षाजल का संचयन है। इसके तहत वर्त्तमान में सरकारी भवनों में छत वर्षा जल संचयन संयत्र लगाने का कार्य प्रगति में है।
कार्यपालक अभियंता, भवन संरचना प्रमण्डल, दरभंगा द्वारा बताया गया कि 3000 वर्ग फीट एवं इससे अधिक क्षेत्रफल वाले सरकारी भवनों में छत वर्षाजल संचयन का कार्य उनके द्वारा किया जा रहा है। इसमें 142 भवनों में से 119 सरकारी भवनों में छत वर्षा जल संचयन संयत्र संस्थापित कर दिया गया है। मनरेगा योजना के तहत 121 भवनों में छत वर्षा जल संचयन संयत्र संस्थापित किया गया है। शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के भवनों में छत वर्षा जल संचयन की प्रगति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई। डीएम ने डी.पी.ओ. समग्र शिक्षा को 100 भवनों में तुरंत छत वर्षा जल संचयन संयत्र लगाने का कार्य प्रारंभ करने का सख्त हिदायत दिया है। जबकि प्रभारी सिविल सर्जन को अद्यतन प्रगति की जानकारी देने को कहा गया है।
डीएम ने कहा कि अगले हफ्ते प्रखण्डवार जल-जीवन-हरियाली अभियान के सभी अवयवों के प्रगति की समीक्षा करेंगे।