January 24, 2021

23.01.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में कोविड टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक की गई। बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हनुमाननगर में कोविसील्ड टीका का 02 भाइल टूटने एवं 02 भाइल जमने को लेकर गहन जाँच करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इतने मँहगे टीका यदि किसी की लापरवाही से क्षतिग्रस्त होता है, तो उसके विरूद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण पूछने के निर्देश दिये है। इसके साथ ही सोमवार को 20 केन्द्रों पर किये जाने वाले टीकाकरण कार्यक्रम के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को 20 केंद्रों पर टीकाकरण किया जाएगा जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, बहेड़ी, जाले, केवटी, सिंहवाड़ा में 02-02 जगहों पर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, अलीनगर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, दरभंगा सदर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, बहादुरपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मनीगाछी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हनुमाननगर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, बेनीपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, घनश्यामपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सतीघाट तथा डी.एम.सी.एच. तथा निजी अस्पतालों में आर.बी. मेमोरियल एवं पारस हॉस्पिटल शामिल हैं। कुल 02 हजारों लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। डीपीएम विशाल कुमार ने बताया कि सभी लोगों को मैसेज भेजा जा रहा है। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार मिश्र, डी.पी.एम. विशाल कुमार, एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
January 24, 2021

23.01.2021 (दरभंगा) : पैक्स चुनाव 15 फरवरी 2021 होना है। इसकी तैयारी को लेकर डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में बैठक की गई। बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) के निर्वाचन हेतु 30 जनवरी से 02 फरवरी 2021 तक नामांकन लिया जाएगा, 03 एवं 04 फरवरी 2021 को संवीक्षा होगी, 06 फरवरी 2021 को अभ्यर्थिता वापसी की तिथि निर्धारित है एवं 15 फरवरी 2021 को 06:30 बजे पूर्वाह्न से 04ः30 बजे अपराह्न तक मतदान कराया जाएगा। डीएम श्री त्यागराजन ने मतदान केन्द्र के अनुसार मतपेटिका की उपलब्धता सुनिश्चित कर लेने के निर्देश दिये तथा 30 जनवरी के पहले प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रखण्ड सहकारिता पदाधिकारी को प्रशिक्षण दिला देने के निर्देश दिये।
उन्होंने जिला सहकारिता पदाधिकारी को कहा कि पैक्स चुनाव के लिए सभी वांछित तैयारी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि पैक्स चुनाव निष्पक्ष एवं विवादरहित सम्पन्न किया जाए, इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी पूर्व से तैयारी करने में पर्याप्त समय दें। नल-जल योजना की समीक्षा के दौरान डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि विगत दिसंबर माह में चलाये गए निरीक्षण अभियान के कारण नल-जल योजना की स्थिति में काफी सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी कहीं-कहीं समस्या मौजूद है, वहाँ कार्य कराने की जरूरत है। लगातार निरीक्षण किये जाने के कारण यह चित्र स्पष्ट हो गया है कि किन पंचायतों के किन वार्डों में कार्य अपूर्ण है और वहाँ कौन सी समस्या है। उन्होंने कहा कि जिस वार्ड में बिल्कुल कार्य नहीं हुआ है और पैसे की अग्रिम निकासी कर ली गई है और वहाँ काम प्रारंभ होने की उम्मीद नहीं है, वहाँ नीलाम-पत्र दायर कर राशि की वसूली की जाए एवं संबंधित के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जाए।
वैसे वार्ड जहाँ कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है, उन्हें 15 फ़रवरी तक का समय देकर काम कराया जाए। जहाँ काम हो गया है और एम.बी. तथा अभिलेख में अंतर है, ज्यादा अग्रिम राशि की निकासी कर ली गई है, उसका समाजंस करा लिया जाए। वैसी योजना जिनमें कहीं थोड़ी-बहुत लीकेज उत्पन्न हो गयी है, उन्हें 15वें वित्त आयोग की राशि से ठीक करा ली जाए। यदि 15वें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध नहीं है, तो सूद की राशि से उसे ठीक कर लिया जाए। जिन पंचायतों के जिन वार्डों में काम कराया जाना है, उनकी सूची पंचायतवार बना ली जाए।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण प्रतिवेदन में जहाँ अत्यधिक त्रुटि पायी गई और कार्रवाई करने के आदेश दिये गए हैं, उनका अनुपालन एक सप्ताह के अन्दर होना चाहिए। साथ ही निरीक्षण के दौरान पायी गई त्रुटि का निराकरण किया गया है या नहीं, इस संबंध में भी प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पंचायत में काम नहीं हो रहा है, तो उसकी सूची बनाकर जिला स्तर पर बैठक करायी जाए। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि घनश्यामपुर, गौड़ाबौराम, बहादुरपुर, बेनीपुर और सिंहवाड़ा प्रखण्ड में नल-जल योजना की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। डीएम ने कहा कि जिन योजनाओं में अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, उन्हें 15 फरवरी 2021 तक समय दिया जा रहा है। 15 फरवरी तक वे कार्य पूर्ण कर ले, अन्यथ कार्रवाई की जाएगी।
January 24, 2021

23.01.2021 (दरभंगा) : स्वास्थ्य विभाग,बिहार के कार्यपालक निदेशक सह विशेष सचिव के द्वारा पीएमसीएच, पटना, डीएमसीएच, दरभंगा, जेएलएनएमसीएच, भागलपुर, एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर, एएनएमसीएच, गया एवं भी आई एम एस, पावापुरी नालंदा के प्राचार्य एवं अधीक्षक को पत्र लिखकर एक प्रसूति रोग विशेषज्ञ को नामित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उन्हें प्रशिक्षण देकर वंडर एप्प का प्रयोग प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि मातृ सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु वंडर मोबाइल एप्लीकेशन का प्रयोग राज्य सरकार मातृ स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु कृत संकल्प है तथा इस उद्देश्य से कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य के दरभंगा जिले में मातृत्व सेवाओं के बेहतर प्रबंधन हेतु एक मोबाइल आधारित वंडर एप्लीकेशन का सफल परीक्षण किया गया। जिसके परिणाम उत्साहवर्धक रहे हैं। वंडर एप्लीकेशन सेवा प्रदाताओं के कार्य को सहज बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। जिसके तहत गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण सहित मातृत्व जटिलताओं की स-समय पहचान, त्वरित रेफरल तथा उनका विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स-समय उपचार कार्य का सफलतापूर्वक प्रबंधन एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। कार्यक्रम के उत्साहवर्धक परिणाम को देखते हुए इसका विस्तार 5 अतिरिक्त जिला पटना, मुजफ्फरपुर, नालंदा, भागलपुर एवं गाया में करने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में चिकित्सा महाविद्यालय विशेषकर प्रसूति रोग विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा है कि अपने यहां से एक प्रसूति रोग विशेषज्ञ को नामित किया जाए, ताकि उन्हें राज्य स्तर पर वंडर एप्लीकेशन का प्रशिक्षण दिया जा सके।
January 24, 2021

21.01.2021 (दरभंगा) : गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य समारोह का आयोजन स्थानीय नेहरू स्टेडियम, लहेरियासराय (पोलो मैदान) में प्रातः 9:05 बजे झंडोत्तोलन किया जाएगा। इस अवसर पर बी.एम.पी./डी.ए.पी./दंगा प्रशिक्षित बल/जिला साधारण बल/गृह रक्षा वाहिनी एवं फायर ब्रिगेड का सामुहिक परेड का आयोजन किया गया है। गौरतलब है कि सरकार के विशेष सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय, बिहार पटना के पत्रांक 376 दिनांक 28.07.2020 के द्वारा कोविड-19 के प्रकोप के मद्देनजर गणतंत्र दिवस समारोह आयोजन हेतु जारी पत्र के आलोक में इस वर्ष परेड में एन.सी.सी व स्काउट को शामिल नहीं किया गया है। साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं दंडाधिकारियों के लिए बनाए जाने वाले दीर्घा को इस बार विलोपित कर दिया गया है। क्योंकि इस बार आम जनता, विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य संस्थानों के छात्र-छात्राओं, महिलाओं एवं आगंतुकों को आमंत्रित नहीं किया गया है। झंडोत्तोलन के पश्चात राष्ट्रीय गान का आयोजन एवं बी.एम.पी./डी.ए.पी./दंगा प्रशिक्षित बल/जिला साधारण बल/गृह रक्षा वाहिनी एवं फायर ब्रिगेड द्वारा परेड किया जाएगा। बी.एम.पी के एक प्लाटून, डी.ए.पी के एक प्लाटून, दंगा प्रशिक्षित बल के एक प्लाटून, जिला साधारण बल के एक प्लाटून, गृह रक्षा वाहिनी के एक प्लाटून तथा फायर ब्रिगेड के एक प्लाटून द्वारा राष्ट्रीय सलामी दी जाएगी। मुख्य समारोह के उपरांत 10:00 बजे पूर्वाह्न आयुक्त कार्यालय दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा में झंडोत्तोलन किया जाएगा। पूर्वाह्न 10:15 बजे पुलिस महानिरीक्षक, मिथिला प्रक्षेत्र, दरभंगा के कार्यालय में, 10:25 बजे पूर्वाह्न समाहरणालय, दरभंगा में, 10:35 बजे पूर्वाह्न वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, 10:45 बजे पूर्वाह्न उप विकास आयुक्त, कार्यालय, 10:55 बजे पूर्वाह्न अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय, सदर, 11:05 बजे पूर्वाह्न जिला परिषद, एवं 11:30 बजे पूर्वाह्न पुलिस लाइन, लहेरियासराय में झंडोत्तोलन किया जाएगा।
January 24, 2021

19.01.2021 (दरभंगा) : वरिष्ठ सामाजिक चिंतक एवं पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने पत्रकारों से समाज की बदलती धारा में बदलते सामाजिक मूल्यों के बावजूद सत्य का साथ देने का आह्वान करते हुए आज कहा कि वास्तविक सत्य ही अन्तिम सत्य होता है इसलिए कलम के सिपाहियों को समाचार बनाने के क्रम में अपने विवेक का इस्तेमाल करके मर्यादित सत्य की अभिव्यक्ति करने की जरूरत है।
उन्होंने उक्त बातें ख्यातिलब्ध पत्रकार राम गोविंद प्रसाद गुप्ता जी की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर "सत्य प्रकटीकरण की सीमाएं और पत्रकार का दायित्व" विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा की वास्तविक सत्य ही सत्य होता है इसलिए पत्रकारों को समाचार बनाने के क्रम में इस तथ्य का ध्यान रखना चाहिए और अपने विवेक का इस्तेमाल करके मर्यादित सत्य की अभिव्यक्ति ही करनी चाहिए। यदि सत्य छुपाना आवश्यक हो तब भी उसकी आत्मा नष्ट नहीं हो इसका ख्याल निश्चित रूप में रखा जाए। सामाजिक चिंतक ने कहा कि शब्द का दायरा पत्रकारों को स्वयं निश्चित करना पड़ेगा तभी पत्रकारिता, समाज - राष्ट्र सब का हित सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज की बदलती धारा में सामाजिक मूल्य भी बदले हैं और सत्य का क्या मापदंड हो इसका भी दायरा बदला है।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में राजनीतिक चिंतक एवं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के राजनीतिक शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ जितेंद्र नारायण ने कहा कि सत्य की अभिव्यक्ति में समाजिक हितों को प्राथमिकता देना अनिवार्य माना गया है। इससे सत्य संपूर्णता से प्रकट तो होता ही है और उसकी शालीनता भी बरकरार रहती है। आजकल सब सत्य को प्रकट नहीं होने देते हैं, उसे खींचते हैं, नतीजतन सत्य विखंडित हो जाता है। जाति, धर्म, भाषा आदि के चश्मे से सत्य को नहीं देखना चाहिए । पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर सत्य को प्रकट नहीं किया जा सकता। सत्य को प्रकट होने देना चाहिए, उसे आरोपित नहीं करना चाहिए। पूर्वाग्रह से ग्रसित लोग ही सत्य को आरोपित करते हैं नतीजतन सत्य दूषित हो जाता है। सत्य विश्लेषण की सीमाएं हैं और इसके वहन की सबसे अधिक जिम्मेदारी पत्रकारों पर है। उन्हें समाज हित, राष्ट्र हित सबका ध्यान रखते हुए सत्य को आमजन तक पहुँचाना होता है। डॉ. जितेंद्र नारायण ने कहा कि सत्य की अभिव्यक्ति में समाजिक हितों को प्राथमिकता देना अनिवार्य माना गया है। इससे सत्य तो संपूर्णता से प्रकट होता ही है, उसकी शालीनता भी बरकरार रहती है। उन्होंने कहा की सबको नग्न सत्य नहीं दिखाना चाहिए क्योंकि लोग इससे विचलित हो सकते हैं। सत्य सर्वांगीण होता है, एकांकी नहीं। इसलिए कलम - कैमरा पकड़कर सार्वजनिक हितों को ध्यान में रखना चाहिए। बिना दार्शनिक बने पत्रकारिता धर्म का निर्वहन नहीं हो सकता और ना ही सच सामने आएगा। इसलिए भारत के ग्रंथों में भी सत्य की विस्तृत व्याख्या की गई है। सत्य को ढ़का नहीं जा सकता पर उसे शालीन रूप में प्रस्तुत करना ही पत्रकारिता का धर्म है। सत्य को परोसने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए अन्यथा पत्रकारिता की आत्मा मर जाएगी। सत्य को आरोपित करने के बजाय उसे प्रस्फुटित होने देना चाहिए, तभी सामाजिक सरोकार की भी रक्षा संभव है।
पत्रकार और बेनीपुर विधायक डॉ. विनय कुमार चौधरी ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि सत्य की परिभाषा समझने के लिए आज कोई तैयार नहीं। सब इसको अपने हिसाब से तय कर रहे हैं। पर सत्य हमेशा सच ही रहता है। समाचार लिखते समय पत्रकारों को वास्तविक सत्य का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि उन पर जन अपेक्षाओं की पूर्ति का भी दायित्व होता है। जन आकंक्षाओं को समझने वाला ही सच्चा पत्रकार होता है और इस बात को श्रद्धेय रामगोविंद गुप्ता जी की पत्रकारिता से समझी जा सकती है। गुप्ता जी की प्रतिष्ठा आज भी इसलिए बरकरार है क्योंकि वह सत्य को जन आकांक्षाओं के चश्मे से देखते थे। पत्रकार भी समाज की सेवा करते हैं इसलिए उन्हें सामाजिक हितों का ख्याल रखना चाहिए। सत्य का क्या प्रभाव समाज व राष्ट्र पर पड़ेगा, इसका ध्यान रखते हुए पत्रकारिता करना ही सच्ची पत्रकारिता कहलाती है। पत्रकार विष्णु कुमार झा ने कहा कि सत्य के पीछे का तथ्य बहुआयामी होता है इसलिए पत्रकारों को उस तथ्य को पटल पर लाना चाहिए जो समाज व देश हित में हो। किसी की निजता भंग नहीं करना चाहिए पत्रकार को। सत्य की तलाश में अंतिम क्षण तक तहकीकात करना जरूरी है।
पत्रकार संजय उपाध्याय ने कहा कि पत्रकारिता जीवन में सत्य का प्रकटीकरण सरल और कठिन दोनों ही है। जल्दबाजी और आपाधापी के दौर में भी सत्य को पीछे नहीं छोड़ना चाहिए। सत्य सरलता से रख देना ही उचित है। उसमें पत्रकारों को अपने विचार समाहित नहीं करना चाहिए। सत्य के लिए अनुसंधान जरूरी है और इसमें अनुभव का भी समावेश आवश्यक है। सत्य के लिए और उसके प्रकटीकरण लिए वरीय साथियों से पत्रकारों को सलाह मशविरा निश्चित रूपेण करनी चाहिए। पत्रकारों का पेशा सामाजिक जीवन से जुड़ा है इसलिए समाज सर्वोपरि है। सत्य का विभिन्न स्वरूप सामने आता है तो जमीनी हकीकत उससे दूर हो जाता है। संगोष्ठी में उपस्थित कई लोगो ने भी इस विषय पर अपनी बातें कही।
संगोष्ठी का प्रारंभ अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के द्वारा राम गोविंद प्रसाद गुप्ता जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि और माल्यार्पण कर किया गया। वही संगोष्ठी का संचालन शायराना अंदाज व सरल शब्दों में डॉ. ए डी एन सिंह ने किया। अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप गुप्ता ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद गुप्ता ने किया।