February 07, 2019

07.02.2019 (दरभंगा) : लहेरियासराय स्थित नेहरू स्टेडियम के बाहर सड़क सुरक्षा सप्ताह (04 फरवरी - 10 फरवरी 2019) के अवसर पर जागरूकता हेतु मोटर साईकिल रैली को डीएम त्यागराजन एस0एम0 तथा एसएसपी बाबुराम द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर डीएम ने अपने संदेश में कहा कि सभी नागरिक बिना लाईसेंस के वाहन का प्रयोग न करें। दुपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के तथा चार पहिया वाहन बिना सीट बेल्ट के न चलाएँ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने का प्रयोजन यह है कि सभी वाहन चालक अपनी सुरक्षा तथा अपनी सहयात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखने के प्रति जागरूक हों। इसमें प्रशासन की भूमिका से ज्यादा स्वयं को जागरूक करने की आवश्यकता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत सुरक्षा से संबंधित है। उन्होंने अपील की, कि अपनी सुरक्षा तथा अपने सहयात्रियों की सुरक्षा के लिए आप स्वयं जिम्मेवार बनें। उन्होनें यह भी कहा कि बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चलाने वालों पर दण्ड भी लगाया जाएगा। एसएसपी बाबुराम ने अपने संदेश में कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों का वाहन चलाना गैर-कानूनी है। उन्होनें सभी को संदेश दिया कि ट्रैफिक के नियमों का पालन करें, सुरक्षित चलें तथा सुरक्षित चलायें। सड़क पर ज्यादा तेज वाहन न चलाएँ। उन्होंने भी सभी से अपील की, कि अपनी सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक हों एवं वाहन का प्रयोग सुरक्षा को वरीयता देते हुए करें। ‘‘हेलमेट पहनना जरूरी, नहीं तो होगा हेड इन्ज्युरी’’ - इस संदेश के साथ रवाना की गयी इस रैली का रूट नेहरू स्टेडियम - लोहिया चौक - नाका नं0 6 - कर्पूरी चौक - लहेरियासराय टावर - नेहरू स्टेडियम था। उक्त स्थल पर जिला परिवहन पदाधिकारी राजीव कुमार तथा जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी रवि शंकर तिवारी भी उपस्थित थे।
February 07, 2019

06.02.2019 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जवाहर लाल नेहरु मार्ग स्थित सरदार पटेल भवन में पुलिस थानों के लिये क्रय किये गये 1001 नये वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर इसे बिहार पुलिस को सुपुर्द किया। इस अवसर पर सरदार पटेल भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बिहार पुलिस कॉफी टेबल बुक एवं बिहार पुलिस कैलेंडर-2019 का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के इस कॉफी टेबल बुक का विमोचन 30 जनवरी को ही होना था लेकिन आदरणीय जॉर्ज फर्नांडिस के निधन के कारण हमें दिल्ली जाना पड़ा। आज बिहार पुलिस के कॉफी टेबल बुक का विमोचन हुआ है, इसकी मुझे बेहद खुशी है। उन्होंने कहा कि इस कॉफी टेबल बुक में बिहार पुलिस के इतिहास और पुलिसकर्मियों के योगदान को बेहतर तरीके से उल्लिखित किया गया है, जो भी इसे देखेगा उसे बिहार पुलिस के योगदान के विषय में जानकारी मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सभी प्रकार के संसाधन पूरी मुश्तैदी के साथ मुहैया कराने के लिए हर समय तत्पर है। 12 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल भवन जो पुलिस मुख्यालय और आपदा प्रबंधन का एक विशिष्ट केंद्र है, इसका उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विशिष्ट डिजाइन के आधार पर इस भवन का निर्माण कराया जो भूकंपरोधी है। हमें नहीं मालूम कि पूरे देश में इस प्रकार का पुलिस मुख्यालय है या नहीं। आपदा प्रबंधन विभाग का भी अब यही कार्यालय रहेगा और गृह सचिव भी यही बैठेंगे। उन्होंने कहा कि इसके मेंटेनेंस के लिए टेंडर किया गया है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग यहाँ आयेंगे। इससे एक्टिविटी ज्यादा होगी। ऐसी स्थिति में इस भवन का प्रोपर मेंटेनेस होना आवश्यक है, नहीं तो आप भवन कितना भी अच्छा बना दें और उसका प्रोपर मेंटेनेस नहीं होगा तो वह कचरे की पेटी में तब्दील हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 133 एकड़ में राजगीर में पुलिस अकादमी का निर्माण कराया गया है, जिसे देखकर लोग भ्रमित हो जायेंगे कि कहीं ये व्हाइट हाउस तो नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर की कमी है इसलिए वहां डी0एस0पी0, सब इंस्पेक्टर के अलावा आरक्षी की भी ट्रेनिंग होगी। पुलिस अधिकारियों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस की राज्य सरकार से जो अपेक्षाएं हैं उसे हम कर रहे हैं लेकिन लोगों की जो आकांक्षाएं और उम्मीदें पुलिस से है उसका ख्याल रखना आप सभी का परम दायित्व है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ करने वालों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई करने के लिए आपको पूरी स्वायत्तता और स्वतंत्रता है। इसके साथ ही बिहार की कानून व्यवस्था और पब्लिक ऑर्डर का हर सूरत-ए-हाल में पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 13 वर्षों में हमने किसी भी पुलिस अधिकारी को फोन करके किसी को बचाने या फंसाने के लिए जब नहीं कहा तो किसी और के कहने पर भी फंसाने या छोड़ने का काम नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद लोगों की मानसिकता बदली है। बिहार के माहौल में परिवर्तन हुआ है। आपराधिक वारदातों और घरेलू हिंसा में भी काफी कमी आई है। ऐसी स्थिति में शराब का अवैध धंधा करने वालों पर तत्काल सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शराबबंदी की प्रभावी तरीके से माॅनिटरिंग करने के लिए आई0जी0 प्रोहिबिशन का तंत्र विकसित किया गया है और जो भी मदद चाहिए, वह दी जायेगी। इसलिए पूरी सजगता और मजबूती से आप सभी शराबबंदी पर ध्यान दीजिये। उन्होंने कहा कि जन अपेक्षा से अवगत कराने के साथ ही अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन करना हमारा काम है इसलिए आपलोग न्यायसंगत ढंग से काम करिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कई प्रकार की जो आपराधिक घटनाएं घटित होती हैं, उसका सबसे बड़ा कारण है भूमि विवाद। जिसको देखते हुए लैंड सर्वे एवं सेटलमेंट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा भूमि का पारिवारिक बंटवारा मात्र 100 रूपये के खर्च पर करने का प्रावधान बिहार में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक नया लैंड सर्वे एवं सेटलमेंट का काम पूरा नहीं होता है, तब तक पुराने रिकॉर्ड को अपडेट रखने की दिशा में भी कार्रवाई की गयी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस बल की बड़ी भूमिका है। हमारी अपेक्षा पर आप खरे उतरिये तो लोगों को काफी प्रसन्नता होगी। एक दारोगा, डी0एस0पी0 या एस0पी0 यदि अच्छा काम करते हैं तो लोग न सिर्फ उसकी प्रशंसा करते हैं बल्कि उन्हें याद भी रखते हैं। ऐसे अच्छे ऑफिसर आप सब भी बनें ताकि लोगों के मन में आपकी अच्छी छवि हो। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के इतिहास को कॉफी टेबल बुक में दर्ज किया गया है, यह अच्छी बात है। इसे रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों को भी उपलब्ध कराइए ताकि वे उसे पढ़कर अपने अनुभव के आधार पर अपनी लेखनी के जरिये समाज को और बिहार पुलिस को कुछ दे सकें। उन्होंने कहा कि जितनी गाड़ियों और आधुनिक अस्त्र-शस्त्रों की जरूरत होगी, उसे राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। सवालिया लहजे में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने कार्यभार संभाला था तो पुलिसकर्मियों की संख्या कितनी कम थी और आरक्षियों की पोशाक का क्या हाल था। इससे हर कोई भलीभांति अवगत है। बिहार पुलिस के थानों में जो वाहन थे, उसे धक्का देकर स्टार्ट किया जाता था और उसकी आवाज इतनी ज्यादा थी कि दूर से ही सुनकर अपराधी समझ जाते थे कि पुलिस की गाड़ी आ रही है।
आयोजित कार्यक्रम को मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक के0एस0 द्विवेदी, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग आमिर सुबहानी एवं पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय ने भी संबोधित किया।
February 01, 2019

01.02.2019 (DarbhangaOnline Desk) : 1987 बैच के आईपीएस ऑफिसर गुप्तेश्वर पांडेय बिहार के नए डीजीपी बन गए हैं। पदभार संभालने के बाद आज दूसरे दिन के संध्या बेला में DarbhangaOnline.com से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण, शराबबंदी उनकी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है। माँ जानकी की धरती को नमन करते हुए उन्होने मिथिलांचल वासियों से अपील करते हुए कहा की अपराध नियंत्रण तथा शराबबंदी को सफल बनाने में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। गौरतलब है की श्री पांडेय ने पिछले कुछ महीनों से नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने हेतु बिहार के लगभग सभी जिलों में घूम-घूमकर कैंपेन किया है। कम्युनिटी पुलिसिंग के लिए एक ख़ास नाम, सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण, बुलंद आवाज़, अनुभवी आईपीएस ऑफिसर श्री गुप्तेश्वर पांडेय से जनता को काफी उम्मीदें हैं।
January 24, 2019

19.01.2019 (दरभंगा) : "एक मुलाक़ात" शीर्षक की शुरुआत हमने दरभंगा के पूर्व एसएसपी आईपीएस मनोज कुमार से की थी। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए फिर आईपीएस गरिमा मल्लिक, और अब पढ़ते हैं 2009 बैच के तेज़ तर्रार आईपीएस बाबू राम के बारे में, जिन्होंने महज दो हफ्ते पहले ही मिथिलांचल की हृदयस्थली दरभंगा में एसएसपी के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया है। उन्होंने ऐसे समय में पदभार ग्रहण किया जिस समय अपराधियों का तांडव चरम पर था। एक से बढ़कर एक आपराधिक घटनाओं से शांन्ति पसंद लोग त्रस्त थे। खैर, एसएसपी बाबू राम के आते ही उनके नेतृत्व में दरभंगा पुलिस को कई सफलताएं मिली, और उन्होंने बताया की कई और सफलताएं जल्द मिलेंगी। आईपीएस बाबू राम हरियाणा के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया की उनकी पूरी पढाई हरिनगर डिस्ट्रिक्ट,यमुनानगर से हुई है। ट्रेनिंग के उपरांत जब वो बिहार आये तो उनकी पहली पोस्टिंग A.S.P झंझारपुर अनुमंडल में हुई। उन्होंने बताया की झंझारपुर में 03 महीने का ही कार्यकाल रहा लेकिन काफी सक्सेसफुल था। काफी appreciation मिला। वहां के पब्लिक का काफी स्नेह मिला। उसके बाद 06 महीने सिटी एसपी गया में काम करने का मौका मिला।
आईपीएस बाबू राम बताते हैं की गया बड़ा जगह है। वहां काम कर के काफी एक्सपोज़र मिला। वहां लॉ एंड आर्डर, वीआईपी मूवमेंट, कम्युनल टेंशन, नक्सल आदि कई तरह के चुनौतियाँ थीं। उसके बाद उनकी पोस्टिंग शेखपुरा हुई, जहाँ उनके कामों को पब्लिक ने काफी सराहा तथा काफी स्नेह दिया। उन्होंने बताया की कई जगहों के बाद अब उन्होंने दरभंगा में एसएसपी के पद पर अपना योगदान दिया है। अब हमने उनसे ये जानने की कोशिश की, कि दरभंगा की पुलिसिंग में कितनी चुनातियाँ है। क्या anyalsis किया उन्होंने। एसएसपी बाबू राम ने बताया की लगभग दो सप्ताह पहले ही उन्होंने ज्वाइन किया है तथा इस कम समय में उन्होंने काफी साड़ी बिंदुओं पर analsiys कर लिया है। वो बताते हैं की दरभंगा जिला में काफी चुनातियाँ है। उन्होंने बताया की मुख्यालय से दियारा क्षेत्र काफी दूर हैं और सभी थानों को efficiency के साथ काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। एसएसपी ने बताया की हाल के दिनों में कुछ अपराधिक घटनाएं घटी है, जिसमे रुन्नी सैदपुर, सीतामढ़ी, बॉर्डर मुजफ्फरपुर के अपराधियों की संलिप्तता सामने आयी है।
Crime analsys कर दरभंगा में अपने प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा की ऐसा लगता है स्थानीय क्रिमिनल की अपेक्षा पड़ोसी जिलों से अपराधी आकर यहाँ क्राइम करते हैं। उन्होंने बताया की पड़ोसी जिलों के पुलिस टीम के साथ cordination कर ऐसे अपराधियों पर लगाम लगाना चैलेंज रहेगा। एसएसपी बाबू राम ने बताया की यहाँ ट्रैफिक की समस्या काफी गंभीर है जिसके लिए उन्होंने anyalsis कर workout कर लिया है और बहुत जल्द ही सड़कों पर जाम से निजात देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया की दरभंगा में Bikers gang और भूमाफियाओं का जिक्र आ रहा है जिसपर लगाम लगाने के लिए उन्होंने बताया की वर्कआउट हो रहा है, जल्द ही सफलता भी दिखाई देगी। उन्होंने बताया की शराबबंदी को सफल बनाना एक बड़ी चुनौती है। जिसे किसी भी हाल में सक्सेस किया जायेगा। वैसे अभी हाल के दिनों में शराब की बड़ी खेप भी बरामद की गयी है। उन्होंने पब्लिक से अपील किया की कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत पब्लिक पुलिस से जुड़े तथा सुचना दें, जिसपर प्रभावी कार्रवाई होगी। उन्होंने पब्लिक को अपील करते हुए भरोसा दिलाया है की पुलिस मुख्यालय स्तर से भी पुलिस पब्लिक फ्रेंडली के लिए कई तरह के व्यवस्थाएं की गयी हैं, जिसमे साइबर सेनानी का गठन के तहत थाना स्तर पर, एसडीपीओ तथा एसपी स्तर पर लोगों को जोड़ा गया है। जिसके तहत पब्लिक द्वारा कोई भी ऐसी सुचना देने पर उनका नाम पता गुप्त रखा जायेगा। उन्होंने बताया की सभी थाना को आदेश दिया गया है की अपने-अपने थाना क्षेत्र से साफ़ छवि के दस-दस लोगों को समपर्क में रखें जिनका मोबाइल नंबर एड्रेस इत्यादि भी रखें। इससे क्राइम कण्ट्रोल की दिशा में भी काफी सहयोग मिलेगा। वैसे इन दिनों एसएसपी बाबू राम के एक्शन से अमन पसंद लोग उनको काफी दुआएं दे रहें हैं। हमने उनके Ideal के बारे में जानने की कोशिश की। उन्होंने बताया की स्टडी टाइम से लेकर अभी तक Situations के हिसाब से Role model चेंज होता रहा है। लेकिन उन्होंने बताया की जब वो Academic में थे तो उनके रोल मॉडल डायरेक्टर के. विजय कुमार थे। उन्होंने बताया आईपीएस कम्युनिटी में वो Well Known Personality हैं। उन्होंने उनके बारे में बताया की उनका Motivate करने का तरीका अद्भुत था। जिससे की मुश्किल से मुश्किल काम बड़े आसानी से वो करवा लेते थे। उन्होंने कहा की जब वो बिहार आये तो कई सीनियर से काफी कुछ सिखने को मिला।
जब सीनियर्स की बात चली तो हमने आईपीएस मनु महाराज के बारे में पुछा क्योंकि श्री महाराज के साथ भी इन्होने काम किया था। एसएसपी बाबू राम कहते हैं की मनु महाराज को क्राइम कण्ट्रोल में महारथ हासिल है। वो मेरे काफी अच्छे सीनियर हैं। उन्होंने बताया की जब भी ऐसी कोई आवश्यकता पड़ती है तो उनसे Guidelines लेने में मुझे कोई हिचक नहीं होती।
हमने कुछ सवाल उन Youths के लिया पूछा, जो IAS, IPS का preparation कर रहें हैं। आईपीएस बाबू राम ने बताया की लाइफ का मक़सद बिलकुल क्लियर होना चाहिए। जो Youths सिविल सर्विसेज की तैयारी करतें हैं, उनका माइंड बिलकुल क्लियर होना चाहिए, की इस फील्ड में challenges, opportunities क्या हैं, तथा वो सोसाइटी में क्या contribute कर सकते है। जब हमने आईपीएस बाबू राम से ये जानने की कोशिश की, कि वो अपने Academic term में कितने घंटे पढाई किया करते थे। उन्होंने बताया की Quality education पर हमेशा उनका फोकस रहा है। कभी भी रट्टा मारने जैसी पढाई उन्होंने नहीं की। उन्होंने बताया की पहले वो जॉब भी किया करते थे और साथ-साथ पढाई भी। उन्होंने बताया की Students का motive क्लियर हो तथा उस हिसाब से Preparation करे तो Students का Determination और मेहनत करने की क्षमता बढ़ जाती है। उन्होंने बताया की preparation लम्बा है, और कम्पटीशन भी काफी टफ है। ऐसे में क्वालिटी एजुकेशन की Continuity बनाये रखना भी एक चैलेंज होता है। सोच सकारात्मक हो और सोसाइटी के लिए कुछ करने का जज्बा हो तो सफलता निश्चित मिलती है। सिखने का तरीका constructive, analytical होना चाहिए। आईपीएस बाबू राम बताते हैं की Study के तरीके में आत्मचिंतन, विश्लेषण, मंथन इत्यादि स्टूडेंट्स के लिए Important है।
एक मुलाक़ात की आखरी बेला में हमने youths के लिए एक मैसेज DarbhangaOnline.com न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से जाना चाहा। आईपीएस बाबू राम ने कहा की youths हमेशा पॉजिटिव रहें। अपने लाइफ का टारगेट सेट करें व उसके लिए खूब मेहनत करें। उन्होंने कहा की जीवन में अप डाउन आ सकते हैं, लेकिन अगर मन सकारात्मक है, कुछ करने का जज्बा है, समाज को कुछ देना है, देश की सेवा करनी है, अगर इस तरह के ख्यालात मन में उभर रही हों तो सफलता उन Youths को निश्चित मिलेगी।
January 24, 2019

19.01.2019 (दरभंगा) : सांसद कीर्ति आज़ाद ने प्रेस मीट में कहा की दरभंगा में अगर एम्स बनने के लिए उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वो जन आंदोलन करेंगे। श्री आज़ाद ने कहा की केंद्र एवं राज्य सरकार की मनसा सिर्फ मिथिलांचल की भोली-भाली जनता को छलने की है। केंद्रीय बजट में बिहार के लिए दूसरा एम्स का प्रावधान किये जाने की बाद भी स्थल चयन में राज्य सरकार ने 03 वर्षों का समय लगा दिया। भौगोलिक दृष्टिकोण से दरभंगा का हक़ बनने के बाद भी चुनाव के वक़्त राज्य सरकार ने DMCH परिसर का प्रस्ताव एक साजिश के तहत भेजा। अंततः मानक के अनुरूप नहीं होने का बहाना बताकर केंद्र सरकार ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। श्री आज़ाद ने कहा की पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर के बाद दरभंगा का चयन स्मार्ट सिटी में होना चाहिए था लेकिन स्मार्ट सिटी चयन में दरभंगा की हकमारी कर बिहारशरीफ का चयन किया गया है। जबकि मिथिला संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाला शहर दरभंगा वंचित हो गया। सांसद कीर्ति आज़ाद ने कहा की मेडिकल, इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक, आई.टी.आई, विश्वविद्यालय वर्षों पूर्व से दरभंगा में स्थापित है। वेटरनरी कृषि डेयरी, आई.आई.टी, आई.एम.ए जैसी एक भी प्रमुख संस्थान दरभंगा में इस दौरान नहीं खोला गया। श्री आज़ाद ने राज्य सरकार पर बरसते हुए कहा की जून 2017 में राज्य सरकार से नागर विमानन मंत्रालय से दरभंगा में हवाई सेवा के लिए समझौता किया था। उन्होंने कहा की मामला दरभंगा का था इसलिए मुख्यमंत्री ने 30 एकड़ जमीन का आज तक अधिग्रहण नहीं किया। 2013 में स्वीकृत दरभंगा शहर के लिए ओवरब्रिज वर्षों बीतने के बाद भी जमीन अधिग्रहण नहीं कर चुनाव के वक़्त 200 करोड़ की राशि स्वीकृत की गयी है।