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19.01.2019 (दरभंगा) : "एक मुलाक़ात" शीर्षक की शुरुआत हमने दरभंगा के पूर्व एसएसपी आईपीएस मनोज कुमार से की थी। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए फिर आईपीएस गरिमा मल्लिक, और अब पढ़ते हैं 2009 बैच के तेज़ तर्रार आईपीएस बाबू राम के बारे में, जिन्होंने महज दो हफ्ते पहले ही मिथिलांचल की हृदयस्थली दरभंगा में एसएसपी के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया है। उन्होंने ऐसे समय में पदभार ग्रहण किया जिस समय अपराधियों का तांडव चरम पर था। एक से बढ़कर एक आपराधिक घटनाओं से शांन्ति पसंद लोग त्रस्त थे। खैर, एसएसपी बाबू राम के आते ही उनके नेतृत्व में दरभंगा पुलिस को कई सफलताएं मिली, और उन्होंने बताया की कई और सफलताएं जल्द मिलेंगी। आईपीएस बाबू राम हरियाणा के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया की उनकी पूरी पढाई हरिनगर डिस्ट्रिक्ट,यमुनानगर से हुई है। ट्रेनिंग के उपरांत जब वो बिहार आये तो उनकी पहली पोस्टिंग A.S.P झंझारपुर अनुमंडल में हुई। उन्होंने बताया की झंझारपुर में 03 महीने का ही कार्यकाल रहा लेकिन काफी सक्सेसफुल था। काफी appreciation मिला। वहां के पब्लिक का काफी स्नेह मिला। उसके बाद 06 महीने सिटी एसपी गया में काम करने का मौका मिला।

आईपीएस बाबू राम बताते हैं की गया बड़ा जगह है। वहां काम कर के काफी एक्सपोज़र मिला। वहां लॉ एंड आर्डर, वीआईपी मूवमेंट, कम्युनल टेंशन, नक्सल आदि कई तरह के चुनौतियाँ थीं। उसके बाद उनकी पोस्टिंग शेखपुरा हुई, जहाँ उनके कामों को पब्लिक ने काफी सराहा तथा काफी स्नेह दिया। उन्होंने बताया की कई जगहों के बाद अब उन्होंने दरभंगा में एसएसपी के पद पर अपना योगदान दिया है। अब हमने उनसे ये जानने की कोशिश की, कि दरभंगा की पुलिसिंग में कितनी चुनातियाँ है। क्या anyalsis किया उन्होंने। एसएसपी बाबू राम ने बताया की लगभग दो सप्ताह पहले ही उन्होंने ज्वाइन किया है तथा इस कम समय में उन्होंने काफी साड़ी बिंदुओं पर analsiys कर लिया है। वो बताते हैं की दरभंगा जिला में काफी चुनातियाँ है। उन्होंने बताया की मुख्यालय से दियारा क्षेत्र काफी दूर हैं और सभी थानों को efficiency के साथ काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। एसएसपी ने बताया की हाल के दिनों में कुछ अपराधिक घटनाएं घटी है, जिसमे रुन्नी सैदपुर, सीतामढ़ी, बॉर्डर मुजफ्फरपुर के अपराधियों की संलिप्तता सामने आयी है।

Crime analsys कर दरभंगा में अपने प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा की ऐसा लगता है स्थानीय क्रिमिनल की अपेक्षा पड़ोसी जिलों से अपराधी आकर यहाँ क्राइम करते हैं। उन्होंने बताया की पड़ोसी जिलों के पुलिस टीम के साथ cordination कर ऐसे अपराधियों पर लगाम लगाना चैलेंज रहेगा। एसएसपी बाबू राम ने बताया की यहाँ ट्रैफिक की समस्या काफी गंभीर है जिसके लिए उन्होंने anyalsis कर workout कर लिया है और बहुत जल्द ही सड़कों पर जाम से निजात देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया की दरभंगा में Bikers gang और भूमाफियाओं का जिक्र आ रहा है जिसपर लगाम लगाने के लिए उन्होंने बताया की वर्कआउट हो रहा है, जल्द ही सफलता भी दिखाई देगी। उन्होंने बताया की शराबबंदी को सफल बनाना एक बड़ी चुनौती है। जिसे किसी भी हाल में सक्सेस किया जायेगा। वैसे अभी हाल के दिनों में शराब की बड़ी खेप भी बरामद की गयी है। उन्होंने पब्लिक से अपील किया की कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत पब्लिक पुलिस से जुड़े तथा सुचना दें, जिसपर प्रभावी कार्रवाई होगी। उन्होंने पब्लिक को अपील करते हुए भरोसा दिलाया है की पुलिस मुख्यालय स्तर से भी पुलिस पब्लिक फ्रेंडली के लिए कई तरह के व्यवस्थाएं की गयी हैं, जिसमे साइबर सेनानी का गठन के तहत थाना स्तर पर, एसडीपीओ तथा एसपी स्तर पर लोगों को जोड़ा गया है। जिसके तहत पब्लिक द्वारा कोई भी ऐसी सुचना देने पर उनका नाम पता गुप्त रखा जायेगा। उन्होंने बताया की सभी थाना को आदेश दिया गया है की अपने-अपने थाना क्षेत्र से साफ़ छवि के दस-दस लोगों को समपर्क में रखें जिनका मोबाइल नंबर एड्रेस इत्यादि भी रखें। इससे क्राइम कण्ट्रोल की दिशा में भी काफी सहयोग मिलेगा। वैसे इन दिनों एसएसपी बाबू राम के एक्शन से अमन पसंद लोग उनको काफी दुआएं दे रहें हैं। हमने उनके Ideal के बारे में जानने की कोशिश की। उन्होंने बताया की स्टडी टाइम से लेकर अभी तक Situations के हिसाब से Role model चेंज होता रहा है। लेकिन उन्होंने बताया की जब वो Academic में थे तो उनके रोल मॉडल डायरेक्टर के. विजय कुमार थे। उन्होंने बताया आईपीएस कम्युनिटी में वो Well Known Personality हैं। उन्होंने उनके बारे में बताया की उनका Motivate करने का तरीका अद्भुत था। जिससे की मुश्किल से मुश्किल काम बड़े आसानी से वो करवा लेते थे। उन्होंने कहा की जब वो बिहार आये तो कई सीनियर से काफी कुछ सिखने को मिला।

जब सीनियर्स की बात चली तो हमने आईपीएस मनु महाराज के बारे में पुछा क्योंकि श्री महाराज के साथ भी इन्होने काम किया था। एसएसपी बाबू राम कहते हैं की मनु महाराज को क्राइम कण्ट्रोल में महारथ हासिल है। वो मेरे काफी अच्छे सीनियर हैं। उन्होंने बताया की जब भी ऐसी कोई आवश्यकता पड़ती है तो उनसे Guidelines लेने में मुझे कोई हिचक नहीं होती।

हमने कुछ सवाल उन Youths के लिया पूछा, जो IAS, IPS का preparation कर रहें हैं। आईपीएस बाबू राम ने बताया की लाइफ का मक़सद बिलकुल क्लियर होना चाहिए। जो Youths सिविल सर्विसेज की तैयारी करतें हैं, उनका माइंड बिलकुल क्लियर होना चाहिए, की इस फील्ड में challenges, opportunities क्या हैं, तथा वो सोसाइटी में क्या contribute कर सकते है। जब हमने आईपीएस बाबू राम से ये जानने की कोशिश की, कि वो अपने Academic term में कितने घंटे पढाई किया करते थे। उन्होंने बताया की Quality education पर हमेशा उनका फोकस रहा है। कभी भी रट्टा मारने जैसी पढाई उन्होंने नहीं की। उन्होंने बताया की पहले वो जॉब भी किया करते थे और साथ-साथ पढाई भी। उन्होंने बताया की Students का motive क्लियर हो तथा उस हिसाब से Preparation करे तो Students का Determination और मेहनत करने की क्षमता बढ़ जाती है। उन्होंने बताया की preparation लम्बा है, और कम्पटीशन भी काफी टफ है। ऐसे में क्वालिटी एजुकेशन की Continuity बनाये रखना भी एक चैलेंज होता है। सोच सकारात्मक हो और सोसाइटी के लिए कुछ करने का जज्बा हो तो सफलता निश्चित मिलती है। सिखने का तरीका constructive, analytical होना चाहिए। आईपीएस बाबू राम बताते हैं की Study के तरीके में आत्मचिंतन, विश्लेषण, मंथन इत्यादि स्टूडेंट्स के लिए Important है।

एक मुलाक़ात की आखरी बेला में हमने youths के लिए एक मैसेज DarbhangaOnline.com न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से जाना चाहा। आईपीएस बाबू राम ने कहा की youths हमेशा पॉजिटिव रहें। अपने लाइफ का टारगेट सेट करें व उसके लिए खूब मेहनत करें। उन्होंने कहा की जीवन में अप डाउन आ सकते हैं, लेकिन अगर मन सकारात्मक है, कुछ करने का जज्बा है, समाज को कुछ देना है, देश की सेवा करनी है, अगर इस तरह के ख्यालात मन में उभर रही हों तो सफलता उन Youths को निश्चित मिलेगी।