darbhanga

19.01.2019 (दरभंगा) : सांसद कीर्ति आज़ाद ने प्रेस मीट में कहा की दरभंगा में अगर एम्स बनने के लिए उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वो जन आंदोलन करेंगे। श्री आज़ाद ने कहा की केंद्र एवं राज्य सरकार की मनसा सिर्फ मिथिलांचल की भोली-भाली जनता को छलने की है। केंद्रीय बजट में बिहार के लिए दूसरा एम्स का प्रावधान किये जाने की बाद भी स्थल चयन में राज्य सरकार ने 03 वर्षों का समय लगा दिया। भौगोलिक दृष्टिकोण से दरभंगा का हक़ बनने के बाद भी चुनाव के वक़्त राज्य सरकार ने DMCH परिसर का प्रस्ताव एक साजिश के तहत भेजा। अंततः मानक के अनुरूप नहीं होने का बहाना बताकर केंद्र सरकार ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। श्री आज़ाद ने कहा की पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर के बाद दरभंगा का चयन स्मार्ट सिटी में होना चाहिए था लेकिन स्मार्ट सिटी चयन में दरभंगा की हकमारी कर बिहारशरीफ का चयन किया गया है। जबकि मिथिला संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाला शहर दरभंगा वंचित हो गया। सांसद कीर्ति आज़ाद ने कहा की मेडिकल, इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक, आई.टी.आई, विश्वविद्यालय वर्षों पूर्व से दरभंगा में स्थापित है। वेटरनरी कृषि डेयरी, आई.आई.टी, आई.एम.ए जैसी एक भी प्रमुख संस्थान दरभंगा में इस दौरान नहीं खोला गया। श्री आज़ाद ने राज्य सरकार पर बरसते हुए कहा की जून 2017 में राज्य सरकार से नागर विमानन मंत्रालय से दरभंगा में हवाई सेवा के लिए समझौता किया था। उन्होंने कहा की मामला दरभंगा का था इसलिए मुख्यमंत्री ने 30 एकड़ जमीन का आज तक अधिग्रहण नहीं किया। 2013 में स्वीकृत दरभंगा शहर के लिए ओवरब्रिज वर्षों बीतने के बाद भी जमीन अधिग्रहण नहीं कर चुनाव के वक़्त 200 करोड़ की राशि स्वीकृत की गयी है।