August 10, 2019

07.08.2019 (दरभंगा) : डीएम एवं एसएसपी ने जिला के वासियों से आगामी सोमवारी व्रत एवं बक़रीद का त्यौहार आपसी सद्भाव एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण मेँ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा हैं की इस वर्ष बक़रीद का त्यौहार श्रावण मास के अंतिम सोमवारी के दिन ही पड़ रहा है। दोनों धर्मावलम्बियों के लोग अपने-अपने तरीके से इस अवसर पर अपने-अपने आराध्य की प्रार्थना/अर्चना करते हैं। इसलिए इस पर्व त्यौहार को हंसी ख़ुशी के साथ सम्पन्न किया जाये। उन्होंने उक्त बातें हनुमाननगर प्रखंड अंतर्गत मोरो पंचायत मेँ आयोजित शांति समिति की बैठक मेँ दोनोँ पक्षों के आम लोंगो को सम्बोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा शांति व्य्वश्था बनाये रखने के लिये हर सम्भव कार्रवाई किया जा रहा है। अपराधी प्रविर्ती के व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही हैं। उनसे बंध पत्र भरवाया जा रहा है। सभी थानों को सतर्क कर दिया गया हैं। वाहनों की चेकिंग का आदेश दिया गया है।
उन्होंने कड़े शब्दों मेँ दुहराया कि कानून को हाथ मेँ लेने वाले एवं विधि-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के विरुद्ध प्रशासन पूरी सख्ती से पेश आएगा। हर स्थिति पर नज़र रखने के लिए जगह-जगह चौक-चैराहों, मंदिर व मस्जिद मेँ cctv कैमरा लगाया जा रहा हैं। साथ ही भीड़ भाड़ वाले स्थलों पर वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। डीएम एवं एसएसपी द्वारा शांति समिति के सदस्यों, जनप्रतनिधियों से इस पर्व को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने मेँ पूर्ण सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया है।
July 21, 2019
20.07.2019 (दरभंगा) : जल संसाधन मंत्री, संजय झा ने दरभंगा जिला को बाढ़ से बचाव हेतु सभी तटबंधों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित कराने हेतु जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि कमला-बलान तटबंध के टूट जाने से जान-मान की काफी क्षति हुई है। आगे से कोई भी तटबंध नहीं टूटे यह सुनिश्चित करने की जवाबदेही अभियंताओं की है। इसमें किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जल संसाधन मंत्री, संजय झा ने जिला अतिथि गृह में जल संसाधन विभाग/बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल के अभियंतागणों के साथ तटबंधों की सुरक्षा के लिए किये जा रहे उपायों की समीक्षा बैठक में उक्त बातें कहीं।
उनको बताया गया कि कमला-बलान तटबंध को टूटने से बचाने की कोशिश की गई लेकिन पानी का दवाब अत्यधिक रहने के चलते नहीं बचाया जा सका। मंत्री ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आगे से कोई भी तटबंध टूटे नही। खासकर शहरी सुरक्षा बाँध पर विशेष चौकसी बरतने का निर्देश अभियंताओं को दिया गया। मुख्य अभियंता, जल संसाधन द्वारा बताया गया कि रसियारी, कुम्हरौली, ककोढ़ा, कैथवार, मनसारा आदि टूटान स्थलों पर प्रोटेक्शन का कार्य शुरू हो गया है। बैठक में उपस्थित अपर समाहर्त्ता विभूति रंजन चौधरी ने बताया कि हथौड़ी में तीन जगहों यथा- हथौड़ी, बेंता-बासडीह एवं घोसरामा में बाँध टूटा है, लेकिन प्रोटेक्शन का कार्य एक ही जगह पर चल रहा है। मंत्री ने सभी टूटान को तत्काल बंद करने का निर्देश अभियंतागणों को दिया। उन्होंने कहा कि वरीय अभियंता स्वयं बाँध एवं तटबंधों पर जायें एवं इसका मुआयना करते रहे। बाढ़ से तटबंधों के बचाव हेतु अधिकारी एवं अभियंता पूरे चौकस रहें। उन्होंने जानना चाहा कि तटबंधों पर बड़ी संख्या में होमगार्ड के जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इस पर अभियंताओं द्वारा बताया गया कि होमगार्ड के जवान तटबंधों पर सही तरीके से ड्युटी नहीं कर रहे है, वे लोग तटबंध पर नहीं रहते है। मंत्री द्वारा इस पर घोर नाराजगी व्यक्त किया गया। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा तटबंधों की सुरक्षा हेतु होमगार्ड के जवानों पर बड़ी राशि खर्च की जाती है, लेकिन इसकी उपयोगिता नहीं दिख रही है।
डीएम ने सभी अभियंताओं को कहा कि जो होमगार्ड ड्युटी पर से अनुपस्थित पाये जाये उनके खिलाफ रिपोर्ट किया जाए। ऐसे दोषी होमगार्ड के जवानों को पदमुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके पूर्व डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा मंत्री, जल संसाधन विभाग, बिहार संजय झा को बाढ़/आपदा के समय प्रशासन द्वारा किये जा रहे राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी दिया गया। उन्होंने बताया कि दरभंगा जिला के 13 प्रखण्डों के 104 पंचायत बाढ़ से प्रभावित हुए है, जिसमें 65 पंचायतों में पूर्ण एवं 41 पंचायतों में आंशिक प्रभाव है। उन्होंने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थलों पर ठहराया गया है और उनके लिए भोजन/पानी/दवा आदि की व्यवस्था की गई है।
डीएम ने बताया कि जिला में एन.डी.आर.एफ. एवं एस.डी.आर.एफ. की 05 टीमें है जो बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने से लेकर उनलोगों तक राहत सामग्री, चिकित्सा दल को पहुँचाने आदि में मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ पीड़ितों को कम्यूनिटी किचन चलाकर पका हुआ खाना खिलाया जा रहा है। कल 316 स्थलों पर कम्यूनिटी किचन चलाया गया, जिसमें 68,000 से अधिक लोगों ने खाना खाया। डीएम ने बताया कि जिन क्षेत्रों में कम्यूनिटी किचन चलाना संभव नही हुआ वहाँ के लोगों को सूखा राशन पैकेट, मोमबत्ती, दिया-सलाई आदि उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि अबतक 15,000 फूड पैकेट्स एवं 13,000 पोलीथीन शीट्स वितरित किया जा चुका है और यह कार्य लगातार जारी है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा केन्द्र स्थापित कर बीमार व्यक्तियों की चिकित्सा की जा रही है। बुर्जुग लोग/गर्भवत्ती महिलाओं को विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं मेडिकल मोबाईल टीम भी गाँवों में जा-जाकर कैंप करके बीमार लोगों की चिकित्सा कर रहे हैं। मनुष्य के साथ मवेशियों की चिकित्सा एवं उनके चारा की व्यवस्था भी की गई है। 55 क्विंटल चारा भेजा गया है, जिसका वितरण पशुपालकों के बीच कराया जा रहा है। उक्त बैठक में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम., अभियंता प्रमुख राजेश कुमार सहित अपर समाहर्त्ता विभूति रंजन चौधरी, नगर आयुक्त घनश्याम मीणा, सहायक समाहर्त्ता (प्रशिक्षु) विनोद दूहन, मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/कार्यपालक अभियंतागण उपस्थित थे।
July 21, 2019

19.07.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बताया है कि दरभंगा जिला के 67,028 बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 06-06 हजार रूपया नगद सहायता राशि पी.एफ.एम.एस. के माध्यम से आज उनके खाते में जमा हो जायेगी। कुल राशि 40 करोड़ 21 लाख 68 हजार है। बाकी बचे हुए परिवारों को भी नगद सहायता राशि 01 सप्ताह के अन्दर पी.एफ.एम.एस. कर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि 77,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों का डाटा आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार के संपूर्त्ति पोर्टल पर अपलोड किया गया है जिसमें से 67,028 परिवारों का डाटा अंतिम रूप से चयनित हो गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री, बिहार नीतीश कुमार द्वारा आज दरभंगा सहित राज्य के अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों के बाढ़ पीड़ित परिवारों के खाते में नगद सहायता राशि भेजने का कार्य प्रारंभ किया जायेगा। डी.एम. ने ये बाते कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कही है। उन्होंने बताया कि दरभंगा जिला में बाढ़ से 13 प्रखण्डों के 65 पंचायत पूर्ण रूप से एवं 41 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित हुए है। बाढ़ के पानी में 09 व्यक्तियों के डूबने से मृत्यु हो जाने की सूचना है। इन सभी मृतकों के परिजनों को 04-04 लाख रूपया का चेक अनुग्रह अनुदान के रूप में दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता पहुँचाया जा रहा है।
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है बाढ़ में फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ठहराना। इस हेतु एन.डी.आर.एफ. एवं एस.डी.आर.एफ. की चार टीमें लगातार राहत एवं बचाव के कार्य में जुटी हुई है। एन.डी.आर.एफ. के एक टीम में कुल 34 व्यक्ति एवं 08 मोटर वोट है। एन.डी.आर.एफ. की टीम को तारडीह, घनश्यामुपर, अलीनगर, मनीगाछी, जाले, सिंहवाड़ा में कार्य पर लगाया गया है। एन.डी.आर.एफ. की एक टुकड़ी को गौड़ाबौराम में भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच सामुदायिक रसोई का संचालन करके पका हुआ खाना खिलाया जा रहा है। सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाकर 281 की जा चुकी है। जिसमें लगभग 60 हजार से अधिक व्यक्तियों को खाना खिलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामुदायिक रसोई का संचालन जनप्रतिनिधि/ग्राम सामुदाय के लोग द्वारा किया जाता है। प्रशासन द्वारा उसमें खाद्य सामग्री/इंधन/रसोईया आदि का आपूर्त्ति की जाती है। उन्होंने बताया कि खुले में रह रहे लोगों को धूप एवं वर्षा से बचाव हेतु पर्याप्त संख्या में पोलीथीन शीट्स उपलब्ध कराया गया है। अबतक कुल 8056 पोलीथीन शीट्स वितरित किया जा चुका है एवं जहाँ से माँग आती है, वहाँ तुरंत पोलीथीन शीट्स भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज भी पोलीथीन शीट्स भेजा गया है। वहीं जिन गाँवों में सामुदायिक रसोई का संचालन करने में कठिनाई आ रही थी उन गाँवों के बाढ़ पीड़ितों के बीच सूखा राशन पैकेट वितरित किया जा रहा है। अबतक 13,500 सूखा राशन पैकेट वितरित कर दिये गये है।
उन्होंने बताया कि सभी अंचलों से बाढ़ का पानी निकलने लगा है। पानी के निकलते ही उन क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का व्यापक तौर पर छिड़काव शुरू कर दिया गया है ताकि बीमारी के फैलने से रोका जा सके। उन्होंने बताया कि ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सभी गाँव/टोले/विद्यालय परिसर में किया जायेगा। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने हेतु सिविल सर्जन द्वारा टीम बना दी गई है। इस कार्य में जीविका एवं आँगनवाड़ी कर्मी को भी सहयोग करने हेतु निर्देश दिया गया है। वहीं बाढ़ में डूब गये चापाकलों के बोरबेल में ब्लीचिंग पाउडर डालकर चापाकल के पानी को डिस्इंफेक्ट करने का भी कार्य साथ-साथ किया जा रहा है। यह कार्य पी.एच.ई.डी. द्वारा किया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता पी.एच.ई.डी. द्वारा अबतक 300 से ज्यादा चापाकलों को डिस्इंफेक्ट करने की सूचना दी गई है। डीएम ने बताया कि बाढ़ आने से कमला-बलान तटबंध पर 04 सहित कुल 05 स्थलों पर टूटान हुआ है। जिसके मरम्मति का कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा कराई जायेगी। वहीं बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति का कार्य शीघ्र शुरू किया जायेगा ताकि आवागमन सामान्य हो सके। डीएम ने बताया बाँध पर ठहरे हुए व्यक्तियों को पानी उपलब्ध कराने हेतु पर्याप्त संख्या में चापाकल गाड़ा गया है एवं वहाँ जेरीकैन फिल्टर भी रखा गया है।
उन्होंने बताया कि जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे क्रियाशील है। यहाँ प्राप्त होने वाले सभी सूचनाओं एवं शिकायतों पर तत्क्षण कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि नियंत्रण कक्ष में 2-3 पदाधिकारी एवं कर्मी को रोस्टर ड्यूटी पर लगाया गया है। जिला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या - 06272-245821 है। मीडिया कर्मियों के द्वारा ध्यान आकृष्ट किये जाने पर उन्होंने बताया कि शहरी सुरक्षा बाँध पर कोई खतरा नहीं है। सभी तटबंधों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
July 16, 2019

16.07.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को पास के विद्यालयों में कम्युनिटी किचन के माध्यम से पका हुआ खाना खिलाया जा रहा है। कल तक बाढ़ प्रभावित गाँवों में 86 स्थलों पर कम्युनिटी किचन के माध्यम से लगभग 20 हजार लोगों को खाना खिलाया गया। उन्होंने कहा कि आज 30 से 40 और कम्युनिटी किचन चलाने का निर्देश दिया गया है जिसके बदौलत 25 से 30 हजार लोगों को पका खाना उपलब्ध होगा। उन्होंने कार्यालय प्रकोष्ठ में प्रेस कॉन्फ्रेस आहूत कर मीडिया प्रतिनिधियों के सम्बोधन में ये बातें कही है। उन्होंने कहा कि जहाँ कम्युनिटी किचन चलाया जाना संभव नहीं है वहाँ के लोगों के बीच सूखा राशन का पैकेट जिसमें 2.5 किलो चूड़ा, 1/2 किलो चीनी एवं 01 किलो चना रखा गया है का वितरण कराया जा रहा है। इन पैकेटो में मोमबत्ती एवं दियासलाई भी रखा गया है। उन्होंने बताया कि तारडीह प्रखण्ड में 1200 फूड पैकेट्स एवं मनीगाछी प्रखण्ड में 1000 फूड पैकेट्स भेजा गया है वहाँ वितरण हो रहा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित अंचलों में 14000 से ज्यादा पोलीथीन शीट्स भेजा गया है।
डीएम ने बताया कि बाढ़ राहत कार्य का अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण करने एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों को सहयोग प्रदान करने हेतु जिला के वरीय पदाधिकारियों को विभिन्न प्रखण्डों में प्रतिनियुक्त किया गया है जो वहाँ कैंप करके राहत एवं बचाव कार्य चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए एन.डी.आर.एफ. की तीन टीमें लगातार कार्य कर रही है। ये टीमें अभी तारडीह, अलीनगर, घनश्यामपुर एवं मनीगाछी प्रखण्डों में राहत एवं बचाव कार्य कर रही है। डीएम ने बताया कि जिला में पहले से 238 नाव उपलब्ध थे। इसके अलावा 15 नाव दूसरे जिले से प्राप्त हो गये है 10 और नाव कल तक मिल जायेगा जिसे बाढ़ प्रभावित अंचलों में भेजा जायेगा। उन्होंने कहा है कि बाढ़ से प्रभावित मनुष्यों के साथ-साथ मवेशियों की भी देख-भाल की जा रही है। पशुपालन विभाग के चिकित्सकों के द्वारा पशु चिकित्सा केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है।
July 16, 2019
14.07.2019 (दरभंगा) : बाढ़ से संबंधित किसी भी तरह की सूचना अथवा सुझाव देने के लिये जिला प्रसासन द्वारा दूरभाष एवं मोबाइल नंबर जारी किया गया है। आपदा संचालन केन्द्र, दरभंगा का दूरभाष संख्या 06272-245821 है जो बराबर कार्यरत रहेगा। इस नंबर पर बाढ़ से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही जिला के वरीय प्रसाशनिक पदाधिकारियों से भी उनके मोबाइल पर सम्पर्क करके बाढ़ राहत बचाव कार्य के बारे मेँ जानकारी ली जा सकती है। डी. एम. - 9473191317 अपर समाहर्ता, - 9473191318 उप विकास आयुक्त, -9431818365 एस डी ओ, दरभंगा -9473191319 एस डी ओ, बेनीपुर -9473191320 एस डी ओ, बिरौल -9473191321 आपदा प्रभारी, दरभंगा -8544412322