Dbg

19.07.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बताया है कि दरभंगा जिला के 67,028 बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 06-06 हजार रूपया नगद सहायता राशि पी.एफ.एम.एस. के माध्यम से आज उनके खाते में जमा हो जायेगी। कुल राशि 40 करोड़ 21 लाख 68 हजार है। बाकी बचे हुए परिवारों को भी नगद सहायता राशि 01 सप्ताह के अन्दर पी.एफ.एम.एस. कर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि 77,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों का डाटा आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार के संपूर्त्ति पोर्टल पर अपलोड किया गया है जिसमें से 67,028 परिवारों का डाटा अंतिम रूप से चयनित हो गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री, बिहार नीतीश कुमार द्वारा आज दरभंगा सहित राज्य के अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों के बाढ़ पीड़ित परिवारों के खाते में नगद सहायता राशि भेजने का कार्य प्रारंभ किया जायेगा। डी.एम. ने ये बाते कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कही है। उन्होंने बताया कि दरभंगा जिला में बाढ़ से 13 प्रखण्डों के 65 पंचायत पूर्ण रूप से एवं 41 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित हुए है। बाढ़ के पानी में 09 व्यक्तियों के डूबने से मृत्यु हो जाने की सूचना है। इन सभी मृतकों के परिजनों को 04-04 लाख रूपया का चेक अनुग्रह अनुदान के रूप में दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता पहुँचाया जा रहा है।

प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है बाढ़ में फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ठहराना। इस हेतु एन.डी.आर.एफ. एवं एस.डी.आर.एफ. की चार टीमें लगातार राहत एवं बचाव के कार्य में जुटी हुई है। एन.डी.आर.एफ. के एक टीम में कुल 34 व्यक्ति एवं 08 मोटर वोट है। एन.डी.आर.एफ. की टीम को तारडीह, घनश्यामुपर, अलीनगर, मनीगाछी, जाले, सिंहवाड़ा में कार्य पर लगाया गया है। एन.डी.आर.एफ. की एक टुकड़ी को गौड़ाबौराम में भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच सामुदायिक रसोई का संचालन करके पका हुआ खाना खिलाया जा रहा है। सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाकर 281 की जा चुकी है। जिसमें लगभग 60 हजार से अधिक व्यक्तियों को खाना खिलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामुदायिक रसोई का संचालन जनप्रतिनिधि/ग्राम सामुदाय के लोग द्वारा किया जाता है। प्रशासन द्वारा उसमें खाद्य सामग्री/इंधन/रसोईया आदि का आपूर्त्ति की जाती है। उन्होंने बताया कि खुले में रह रहे लोगों को धूप एवं वर्षा से बचाव हेतु पर्याप्त संख्या में पोलीथीन शीट्स उपलब्ध कराया गया है। अबतक कुल 8056 पोलीथीन शीट्स वितरित किया जा चुका है एवं जहाँ से माँग आती है, वहाँ तुरंत पोलीथीन शीट्स भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज भी पोलीथीन शीट्स भेजा गया है। वहीं जिन गाँवों में सामुदायिक रसोई का संचालन करने में कठिनाई आ रही थी उन गाँवों के बाढ़ पीड़ितों के बीच सूखा राशन पैकेट वितरित किया जा रहा है। अबतक 13,500 सूखा राशन पैकेट वितरित कर दिये गये है।

उन्होंने बताया कि सभी अंचलों से बाढ़ का पानी निकलने लगा है। पानी के निकलते ही उन क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का व्यापक तौर पर छिड़काव शुरू कर दिया गया है ताकि बीमारी के फैलने से रोका जा सके। उन्होंने बताया कि ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सभी गाँव/टोले/विद्यालय परिसर में किया जायेगा। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने हेतु सिविल सर्जन द्वारा टीम बना दी गई है। इस कार्य में जीविका एवं आँगनवाड़ी कर्मी को भी सहयोग करने हेतु निर्देश दिया गया है। वहीं बाढ़ में डूब गये चापाकलों के बोरबेल में ब्लीचिंग पाउडर डालकर चापाकल के पानी को डिस्इंफेक्ट करने का भी कार्य साथ-साथ किया जा रहा है। यह कार्य पी.एच.ई.डी. द्वारा किया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता पी.एच.ई.डी. द्वारा अबतक 300 से ज्यादा चापाकलों को डिस्इंफेक्ट करने की सूचना दी गई है। डीएम ने बताया कि बाढ़ आने से कमला-बलान तटबंध पर 04 सहित कुल 05 स्थलों पर टूटान हुआ है। जिसके मरम्मति का कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा कराई जायेगी। वहीं बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति का कार्य शीघ्र शुरू किया जायेगा ताकि आवागमन सामान्य हो सके। डीएम ने बताया बाँध पर ठहरे हुए व्यक्तियों को पानी उपलब्ध कराने हेतु पर्याप्त संख्या में चापाकल गाड़ा गया है एवं वहाँ जेरीकैन फिल्टर भी रखा गया है।

उन्होंने बताया कि जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे क्रियाशील है। यहाँ प्राप्त होने वाले सभी सूचनाओं एवं शिकायतों पर तत्क्षण कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि नियंत्रण कक्ष में 2-3 पदाधिकारी एवं कर्मी को रोस्टर ड्यूटी पर लगाया गया है। जिला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या - 06272-245821 है। मीडिया कर्मियों के द्वारा ध्यान आकृष्ट किये जाने पर उन्होंने बताया कि शहरी सुरक्षा बाँध पर कोई खतरा नहीं है। सभी तटबंधों पर पैनी नजर रखी जा रही है।