November 21, 2019

18.11.2019 (पटना) : सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे एवं अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने आज बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह- अध्यक्ष और ट्रस्टी श्री बिल गेट्स से मुलाकात की एवं राज्य के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और विकास लक्ष्यों के समाधान तलाशने में निरंतर भागीदारी के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बिहार ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावशाली प्रगति की है। लोक स्वास्थ्य प्रबंधन कैडर (Public Health Management Cadre) के निर्माण के माध्यम से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में निर्णायक सुधार लाने हेतु राज्य सरकार प्रयासरत है, जो लोक स्वास्थ्य में अधिक प्रशासनिक और प्रबंधन क्षमता लाते हुए अच्छी गुणवत्ता वाली चिकित्सकीय देखभाल देने के लिए परिकल्पित है। इसके अलावा, पूरी तरह कार्यात्मक एकीकृत रेफरल परिवहन प्रणाली को प्राप्त करने के लिए लोक निजी भागीदारी के प्रयास, सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मातृ और नवजात शिशु देखभाल में सुधार के लिए अमानत नर्स मेंटरिंग कार्यक्रमों का क्रियान्वयन, स्वास्थ्य प्रक्षेत्र में मानव संसाधन बढ़ाने की प्राथमिकता पर ध्यान केन्द्रित करना बिहार सरकार के कुछ उल्लेखनीय प्रयास हैं।
लगभग 9,00,000 स्वयं सहायता समूहों (एस0एच0जी0) के स्तर में अभूत पूर्व वृद्धि हुई है। जीविका के माध्यम से स्वास्थ्य और विकास के प्रक्षेत्र में महिलाओं को शामिल करने की दिशा में प्रयास चल रहे हैं। राज्य में स्वयं सहायता समूह कृषि, जेंडर, पशुधन, मातृ, नवजात स्वास्थ्य, पोषण और परिवार नियोजन परिणामों को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सेवा प्रदान कर रहे हैं। इस परिचर्चा के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों को आगे भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बिहार में एक मजबूत, व्यापक और उत्तरदायी स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण की बात बताई गयी।
जिस के लिए एक व्यापक रोडमैप के माध्यम से उपचारात्मक सेवाओं के सहयोग की बात पर जोर दिया गया। इसके अलावा, इस बात पर सहमति हुई कि उपेक्षित ट्रॉपिकल रोगों (Neglected Tropical Disease) यथा कालाजार, लिम्फेटिक फाइलेरिया तथा संक्रामक रोग जैसे यक्ष्मा के उन्मूलन में पूर्व की प्रतिबद्धता में तेजी लायी जाएगी। डिजिटल डैशबोर्ड और निर्णय सहयोग प्रणाली के माध्यम से समावेशी कृषि परिवर्तन योजना और पशुधन मास्टर प्लान (एल0एम0पी0) कार्यान्वयन की प्रगति की निगरानी को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई। जेंडर डैशबोर्ड को क्रियान्वानित करने में राज्य का प्रयास सराहनीय है। जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव का मुकाबला करने और पृथ्वी पर पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने के लिए सीएम द्वारा संचालित कार्यक्रम “जल-जीवन-हरियाली” के अन्तर्विभागीय प्रयासों को बताया गया। श्री गेट्स को राज्य के इस अभिनव मुहिम से अवगत कराया गया। सीएम ने विमर्श पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हम, लोक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, सामुदायिक स्तर पर जन-व्यवहार परिवर्तन, स्वास्थ्य, पोषण एवं कृषि जैसे क्षेत्रों में अभिनव प्रयास को बढ़ाने में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सहभागिता से बहुत खुश हैं।
बिहार स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे विभागों में स्थायी प्रणालियों को और मजबूत करने के लिए गेट्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी जारी रखने को इच्छुक हैं। ”बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह अध्यक्ष बिल गेट्स ने कहा, “पिछले 20 वर्षों में, बहुत ही कम स्थानों ने बिहार की तुलना में गरीबी और बीमारी के खिलाफ अधिक प्रगति की है। बिहार में आज जन्म लेने वाले एक शिशु में अपने 5वें जन्मदिन तक पहुंचने की संभावना, दो दशक पहले जन्मी उनकी मां की तुलना में दो गुने से अधिक है।
उन्होंने कहा,“ अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि सभी बच्चे स्वस्थ होकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम हों और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमारा फाउंडेशन राज्य सरकार के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान ‘‘रूटीन इमोनाइजेशन’’ पर आधारित एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
November 21, 2019

16.11.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम ने कहा कि दरभंगा जिला का गौरवशाली इतिहास रहा है। संपूर्ण मिथिला प्रक्षेत्र में दरभंगा का अलग स्थान है। यहाँ की शैक्षणिक संरचना उत्कृष्ट स्तर का है, यहाँ के लोग हर-एक क्षेत्र में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा चुके है, चाहे वह राजनीतिक क्षेत्र हो या शिक्षा का क्षेत्र हो अथवा प्रशासनिक क्षेत्र हो। दरभंगा के इस समृद्धिशाली विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए इसे और आगे ले जाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा की अभी संचार क्रांति का दौर है। धीरे-धीरे सारे कार्य प्रणाली डिजिटलाइज्ड हो रहे है। डिजिटल युग में सूचनाओं का संप्रेषण बहुत तेजी से हो रहा है, लेकिन इसमें पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। डिजिटल युग में सशक्त एवं संवेदनशील मीडिया के समक्ष चुनौतियाँ भी उतनी ही उभरकर आई है।
डिजिटल युग में मीडिया की आचार नीति एवं चुनौतियाँ विषय पर परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि आचारनीति यह कहती है कि जो चीज जैसा है, उसे वैसा ही प्रस्तुत किया जाये। किसी भी प्रसंग अथवा मुद्दा को प्रस्तुत करने से पहले इसके परिणाम एवं दृष्परिणाम की जानकारी भली-भाँति होनी चाहिए। सकारात्मक कदम से ही समृद्ध समाज का निर्माण हो सकता है। नकारात्मक सोच विनाश की ओर ही ले जायेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन राज्य नीति के तहत जिला में विकास एवं कल्याण के कार्य संचालित करता है। इस कार्य में मीडिया का सकारात्मक पक्ष जिला को विकसित करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि दरभंगा जिला की मीडिया का जिला प्रशासन को पूरा-पूरा सहयोग मिल रहा है। इसी के चलते संकट/त्रासदी के वक्त भी जिला प्रशासन द्वारा ऑपटिमम प्रदर्शन किया जा सका है। दरभंगा की मीडिया द्वारा जब भी कोई समाचार प्रकाशित की जाती है तो यह अपने दरभंगा को ही पेश करते है। दरभंगा लोकसभा निर्वाचन, दरभंगा जिला में जल-संकट, दरभंगा में बाढ़ त्रासदी आदि के वक्त मीडिया के द्वारा जिला प्रशासन को सकारात्मक सहयोग प्रदान किया गया। इसके परिणाम अच्छे रहे।
दरभंगा जिला स्वास्थ्य प्रक्षेत्र में राज्य में पहली बार वंडर एप के माध्यम से एक नवोन्मेषी प्रयोग किया गया है। यह एप आश्चर्यजनक रूप से काफी सफल हो रहा है। जिला स्वास्थ्य केन्द्रों में वंडर एप के लॉचिग करने से स्वास्थ्य के सभी पारा मीटर में उल्लेखनीय सुधार होने लगे है। इस नवोन्मेषी प्रयोग को सफल बनाने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। सरकार एवं प्रशासन से जनता की अपेक्षाएँ ज्यादा रहती है, लेकिन प्रशासन की सीमाएँ है।
इसी सीमा में प्रशासन को डिलीवर करनी होती है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सकारात्मक सोच के साथ हर किसी को प्रयास करनी है। संगोष्ठी में उपस्थित पत्रकारों ने भी अपनी बातें रखीं जिसमे मुख्य रूप से बताया गया की आज के समय में सोशल मीडिया का आयाम व्यापक हो गया है, इसलिए सोशल मीडिया पर नियंत्रण एवं अनुश्रवण करने हेतु सरकार को नियमावली बनानी चाहिए।
November 21, 2019

14.11.2019 (दरभंगा) : दो दिवसीय मिथिला लोक महोत्सव के अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ सरकार के विभिन्न विभागों के द्वारा क्रियान्वित की जा रही महत्वपूर्ण लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाइव प्रदर्शन किया जायेगा। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने बताया की मिथिला लोक महोत्सव को यादगार बनाया जायेगा। इसमें जल-जीवन हरियाली अभियान पर विशेष फोकस रहेगा। उन्होंने उक्त बातें मिथिला लोक महोत्सव तैयारी की समीक्षा बैठक में कहा। जल-जीवन हरियाली अभियान के तहत 11 कंपोनेट है। सभी 11 कंपोनेट का लाइव डिमोस्ट्रेशन किया जायेगा।
इसके अलावा कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जीविका, डी.आर.डी.ए., समेकित बाल विकास परियोजना, पी.एच.ई.डी., पंचायत, पशुपालन आदि विभागों द्वारा अपने-अपने ऑनगोइंग स्कीम्स का लाइव डिमोस्ट्रेशन किया जायेगा। इसके साथ ही समारोह स्थल पर मिथिला ग्राम की संरचना की जायेगी। यहाँ पर एक पूरा गाँव का नजारा दिखेगा। यहाँ घर-मकान, गली-नाली, हाट-बाजार, मवेशी, स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक भवन आदि की संरचना कर के गाँव की संकल्पना को जीवंत करने का प्रयास होगा। डीएम ने सभी संबंधित विभागों के प्रभारी पदाधिकारी को तीव्र गति से पूरी तैयारी करने का निदेश दिया है।
November 21, 2019

14.11.2019 (दरभंगा) : एक अच्छे मानव बनने के लिए हमें समाजिक बऩना परम आवश्यक है। छात्रों को अपने पाठ्यक्रम के प्रति गंभीर होना आवश्यक है, क्योंकि इससे उन्हें रोजी-रोटी मिलती है,पर एक अच्छे मानव बनने के लिए उन्हें सामाजिक होना उससे भी कहीं अधिक जरूरी है। छात्रों के क्रियाकलाप,व्यवहार तथा उनकी सामूहिक जीवन उन्हें अलग पहचान दिलाती है। एनएसएस छात्रों को सामाजिक होना सिखाता है तथा बताता है कि उन्हें एक-दूसरे के लिए क्या करना चाहिए। समाजसेवा की कोई निश्चित उम्र नहीं होती। आज कुछ छात्र पाठ्यक्रम के आधार पर डिग्रीधारी बन रहे हैं, परंतु मानसिक सोच के आधार पर भिखारी। उक्त बातें सी एम कॉलेज की एनएसएस इकाई 1 एवं 2 के संयुक्त तत्वावधान में बाल दिवस पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य डा मुश्ताक अहमद ने कहा।
उन्होंने कहा कि हमें हमेशा दूसरों के लिए कुछ न कुछ करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए उनके चरित्र-निर्माण तथा व्यक्तित्व- विकास को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर भारतवर्ष से संबंधित आयोजित क्विज प्रतियोगिता में निर्णायक डॉ शंकर झा,डॉ सुरेश पासवान तथा डॉ प्रीति त्रिपाठी के अनुसार रोहित कुमार पटेल- प्रथम,मुकेश कुमार-द्वितीय तथा आयशा प्रवीण-तृतीय स्थान सहित जयप्रकाश साहू, पुरुषोत्तम कुमार चौधरी, रोहित कुमार, संतोष कुमार यादव, दीप शंकर, अमित कुमार शुक्ल तथा नारायण जी साहू को बेहतर प्रदर्शन हेतु प्रमाण पत्र तथा मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि राष्ट्र-निर्माण में नेहरु का योगदान विषयक भाषण-प्रतियोगिता में निर्णायक डॉ आर. एन. चौरसिया, प्रोo अखिलेश राठौर तथा डॉ. प्रीति त्रिपाठी के अनुसार श्रेया कुमारी प्रथम, शशिकांत सिंह यादव द्वितीय तथा सुधांशु कुमार रवि-तृतीय सहित पुरुषोत्तम कुमार चौधरी, रिचा कुमारी, अतिका बद्र, जयप्रकाश कुमार साहू, अमित कुमार शुक्ला, दीप शंकर तथा आस्था निगम को बेहतर अंक लाने हेतु प्रमाण पत्र तथा मेडल प्रदान कर उत्साहवर्धन किया गया।
November 21, 2019

13.11.2019 (दरभंगा) : LNMU दरभंगा एवं यूनिसेफ, बिहार इकाई के संयुक्त तत्वाधान में एक तीन दिवसीय कार्यशाला (दिनांक 13 से 15 नवंबर 2019 ) तक विषय डेवलोपमेन्ट ऑफ कोर्स डिज़ाइन ऑन अकैडमिक लीडरशिप पर आयोजन किया गया। इस कार्यशाला को यूनीसेफ की शैक्षिक विशेषग प्रमिला मनोहरन, डॉ. एस. ए. मोईन, सरदार अरविंद सिंह , निदेशक दूरस्थ शिक्षा ने दीप प्रज्वलित कर इसकी सफलता की कामना की। अपने उद्धबोधन में निदेशक प्रो. सिंह ने कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था पिरामिड आकृति में है जिसके आधार में प्राथमिक शिक्षा आती है अतः शुरुआत वहाँ से होनी चाहिये।
उन्होंने यूनिसेफ के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। डॉ. एस ए मोईन ने कहा कि पूर्व में जो कार्यशाला एकेडमिक लीडरशिप केस स्टडी पर करायी गई थी। उसका उद्देश्य यह था कि हम कोर टीम के सदस्यों के साथ मिलकर एक ऐसे कोर्स का निर्माण करें जो सभी अधिकारियों, शिक्षकों एवं ज्ञानार्जन करने वाले के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस संदर्भ में यह जानलेना आवश्यक होगा कि सर्टिफिकेट इन अकैडमिक लीडरशिप (CAL) को विद्दत परिसद से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है और जनवरी 2020 सत्र से दूरस्थ निदेशालय में इस ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ होगा, और बिहार के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा से जुड़े पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक आदि का निबंधन आरंभ होगा। इसी हेतु तकनीकी विशेषज्ञों के साथ-साथ शिक्षा से जुड़े हुए संसाधन पुरुष इस त्री दिवसीय कार्यशाला में प्रयासरत है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रमिला मनोहरण जो यूनिसेफ बिहार इकाई की शैक्षिक विशेषज्ञ है, ने कहा कि इस कोर्स के माध्यम से हम यह प्रयास कर रहे हैं कि शिक्षा से जुड़े उन तमाम लोगों तक यह ज्ञान बांटा जाए कि हमें विद्यालय में क्या करना है ? कैसे करना है ? ताकि हमारी शैक्षिक गुणवत्ता बढ़े। हमें छात्र की प्रगति को ध्यान केंद्रित कर अपने सारे क्रियाकलाप संपादित करने चाहिए। हमारा दृष्टिकोण हमेशा सकारात्मक होना चाहिए तभी हम लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। यूनिसेफ से आए डॉ. चंदन श्रीवास्तव ने इस तीन दिवसीय कार्यशाला की स्थिति रूपरेखा प्रस्तुत की।