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14.11.2019 (दरभंगा) : एक अच्छे मानव बनने के लिए हमें समाजिक बऩना परम आवश्यक है। छात्रों को अपने पाठ्यक्रम के प्रति गंभीर होना आवश्यक है, क्योंकि इससे उन्हें रोजी-रोटी मिलती है,पर एक अच्छे मानव बनने के लिए उन्हें सामाजिक होना उससे भी कहीं अधिक जरूरी है। छात्रों के क्रियाकलाप,व्यवहार तथा उनकी सामूहिक जीवन उन्हें अलग पहचान दिलाती है। एनएसएस छात्रों को सामाजिक होना सिखाता है तथा बताता है कि उन्हें एक-दूसरे के लिए क्या करना चाहिए। समाजसेवा की कोई निश्चित उम्र नहीं होती। आज कुछ छात्र पाठ्यक्रम के आधार पर डिग्रीधारी बन रहे हैं, परंतु मानसिक सोच के आधार पर भिखारी। उक्त बातें सी एम कॉलेज की एनएसएस इकाई 1 एवं 2 के संयुक्त तत्वावधान में बाल दिवस पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य डा मुश्ताक अहमद ने कहा।

उन्होंने कहा कि हमें हमेशा दूसरों के लिए कुछ न कुछ करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए उनके चरित्र-निर्माण तथा व्यक्तित्व- विकास को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर भारतवर्ष से संबंधित आयोजित क्विज प्रतियोगिता में निर्णायक डॉ शंकर झा,डॉ सुरेश पासवान तथा डॉ प्रीति त्रिपाठी के अनुसार रोहित कुमार पटेल- प्रथम,मुकेश कुमार-द्वितीय तथा आयशा प्रवीण-तृतीय स्थान सहित जयप्रकाश साहू, पुरुषोत्तम कुमार चौधरी, रोहित कुमार, संतोष कुमार यादव, दीप शंकर, अमित कुमार शुक्ल तथा नारायण जी साहू को बेहतर प्रदर्शन हेतु प्रमाण पत्र तथा मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि राष्ट्र-निर्माण में नेहरु का योगदान विषयक भाषण-प्रतियोगिता में निर्णायक डॉ आर. एन. चौरसिया, प्रोo अखिलेश राठौर तथा डॉ. प्रीति त्रिपाठी के अनुसार श्रेया कुमारी प्रथम, शशिकांत सिंह यादव द्वितीय तथा सुधांशु कुमार रवि-तृतीय सहित पुरुषोत्तम कुमार चौधरी, रिचा कुमारी, अतिका बद्र, जयप्रकाश कुमार साहू, अमित कुमार शुक्ला, दीप शंकर तथा आस्था निगम को बेहतर अंक लाने हेतु प्रमाण पत्र तथा मेडल प्रदान कर उत्साहवर्धन किया गया।