November 21, 2019

13.11.2019 (दरभंगा) : LNMU दरभंगा एवं यूनिसेफ, बिहार इकाई के संयुक्त तत्वाधान में एक तीन दिवसीय कार्यशाला (दिनांक 13 से 15 नवंबर 2019 ) तक विषय डेवलोपमेन्ट ऑफ कोर्स डिज़ाइन ऑन अकैडमिक लीडरशिप पर आयोजन किया गया। इस कार्यशाला को यूनीसेफ की शैक्षिक विशेषग प्रमिला मनोहरन, डॉ. एस. ए. मोईन, सरदार अरविंद सिंह , निदेशक दूरस्थ शिक्षा ने दीप प्रज्वलित कर इसकी सफलता की कामना की। अपने उद्धबोधन में निदेशक प्रो. सिंह ने कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था पिरामिड आकृति में है जिसके आधार में प्राथमिक शिक्षा आती है अतः शुरुआत वहाँ से होनी चाहिये।
उन्होंने यूनिसेफ के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। डॉ. एस ए मोईन ने कहा कि पूर्व में जो कार्यशाला एकेडमिक लीडरशिप केस स्टडी पर करायी गई थी। उसका उद्देश्य यह था कि हम कोर टीम के सदस्यों के साथ मिलकर एक ऐसे कोर्स का निर्माण करें जो सभी अधिकारियों, शिक्षकों एवं ज्ञानार्जन करने वाले के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस संदर्भ में यह जानलेना आवश्यक होगा कि सर्टिफिकेट इन अकैडमिक लीडरशिप (CAL) को विद्दत परिसद से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है और जनवरी 2020 सत्र से दूरस्थ निदेशालय में इस ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ होगा, और बिहार के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा से जुड़े पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक आदि का निबंधन आरंभ होगा। इसी हेतु तकनीकी विशेषज्ञों के साथ-साथ शिक्षा से जुड़े हुए संसाधन पुरुष इस त्री दिवसीय कार्यशाला में प्रयासरत है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रमिला मनोहरण जो यूनिसेफ बिहार इकाई की शैक्षिक विशेषज्ञ है, ने कहा कि इस कोर्स के माध्यम से हम यह प्रयास कर रहे हैं कि शिक्षा से जुड़े उन तमाम लोगों तक यह ज्ञान बांटा जाए कि हमें विद्यालय में क्या करना है ? कैसे करना है ? ताकि हमारी शैक्षिक गुणवत्ता बढ़े। हमें छात्र की प्रगति को ध्यान केंद्रित कर अपने सारे क्रियाकलाप संपादित करने चाहिए। हमारा दृष्टिकोण हमेशा सकारात्मक होना चाहिए तभी हम लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। यूनिसेफ से आए डॉ. चंदन श्रीवास्तव ने इस तीन दिवसीय कार्यशाला की स्थिति रूपरेखा प्रस्तुत की।