October 23, 2020

20.10.2020 (दरभंगा) : बिहार विधानसभा निर्वाचन 2020 के चुनावी प्रचार के लिए 28 अक्टूबर 2020 को आयोजित होने वाले पीएम के कार्यक्रम की व्यवस्था का जायजा लेने डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम एवं एसएसपी बाबूराम ने वरीय पदाधिकारियों के साथ राज मैदान का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने कार्यक्रम आयोजकों से सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली तथा दर्शकों के लिए बनवाए जा रहे हैं प्रवेश द्वार एवं बैरिकेडिंग आदि की जानकारी ली।
आयोजकों ने बताया कि दर्शकों के लिए चार प्रवेश द्वार, मीडिया के लिए एक प्रवेश द्वार, वीआईपी के लिए एक प्रवेश द्वार एवं भीभीआईपी (कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गण) के लिए एक प्रवेश द्वार बनाया जा रहा है। डीएम श्री त्यागराजन ने कहा कि सभी प्रवेश द्वार में मजबूत बैरिकेडिंग होनी चाहिए। दलदली क्षेत्र में मिट्टी भरवा कर उसे सुखाने के निर्देश दिए गए। दर्शकों के लिए प्रवेश द्वार के बगल में दलदल एवं पानी वाले क्षेत्र में मजबूत बैरिकेडिंग होनी चाहिए। मैदान की क्षमता 10,714 दर्शकों के लिए निर्धारित है। इससे अधिक दर्शक वहाँ ना आ पाए, इसकी जिम्मेवारी आयोजक की होगी। मैदान में उपस्थित भीड़ को सुव्यवस्थित रखने के लिए छह की जगह अधिक एलईडी स्क्रीन लगवाने के लिए निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि वीवीआईपी से मिलने वाले तथा उनके समीप जाने वाले सभी लोगों, मुख्य मंच पर कार्य करने वाले सभी कर्मी का कोविड-19 टेस्ट 25 अक्टूबर तक करा ली जाए। बिना कोविड जाँच के किसी भी व्यक्ति को उनसे मिलने या मुख्य मंच पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही सभी प्रवेश द्वार पर दर्शकों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था रखनी होगी तथा कोविड-19 के लिए जो गाईडलाईन जारी किए गए हैं, उनका पूर्णता अनुपालन करना होगा। दर्शक 06 फीट की दूरी पर रहेंगे और सभी जगह मास्क एवं सैनिटाइजर की पुख्ता व्यवस्था करनी होगी।
उन्होंने डीपीएम व सिविल सर्जन को भी अपने स्तर से प्रत्येक प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनर रखवाने के निर्देश दिए। उन्होंने डीपीएम को मुख्य मंच के पीछे 25 अक्टूबर को स्वास्थ्य शिविर लगाकर आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराई गयी सूची में नामित व्यक्तियों की कोविड जांच करवा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, विद्युत को मंच एवं पंडाल में लगाए जाने वाले सभी विद्युत तार की अच्छी तरह से जांच करा लेने और इसका प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने आयोजकों से मंच के समीप बनाए जा रहे सेफ हाउस, पीएमओ एवं वीआईपी लॉन्ज बनाए जाने को लेकर जानकारी ली तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। आयोजकों ने बताया कि वीआईपी दीर्घा, मीडिया दीर्घा में कुर्सियां लगवाई जाएगी। कार्यक्रम स्थल के लिए दर्शकों को पास मुहैया कराया जाएगा, ताकि भीड़ निर्धारित क्षमता से अधिक ना हो सके।
October 18, 2020

18.10.2020 (दरभंगा) : डीएमसीएच के प्रेक्षागृह में ईवीएम रिसीविंग करने वाले कर्मियों एवं दरभंगा के सभी दस विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के संबंधित निर्वाची पदाधिकारियों को जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह- जिलाधिकारी, दरभंगा डॉ त्यागराजन एस.एम ने संबोधित करते हुए कहा कि पोल्ड ईवीएम रिसीभ करना बहुत संवेदनशील कार्य होता है। इसलिए अच्छी तरह से प्रशिक्षण प्राप्त कर लें, सभी निर्देशों का सही तरीके से अनुपालन करावे ताकि मतगणना के दौरान किसी प्रकार की कोई कठिनाई उत्पन्न ना हो सके। उन्होंने कहा कि 22 अक्टूबर 2020 को एमएलसी इलेक्शन, 25 व 26 अक्टूबर को नवरात्रा व दशहरा, 28 अक्टूबर को पीएम प्रोग्राम तथा 3 और 7 नवंबर 2020 को विधान सभा चुनाव है। इसलिए समय बहुत कम है।
मतगणना की तैयारी के लिए भी समय नहीं बचेगा। इसलिए सभी निर्वाची पदाधिकारी मतदान के साथ-साथ मतगणना की भी तैयारी करते रहें। मतदान तिथि के बाद एक दिन काउंटिंग पर्सनल को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदान कर्मियों का सही डिस्पैच बहुत आवश्यक है द्वितीय चरण के मतदान के लिए 31 तारीख को जॉइनिंग दिया गया है। और तीसरे चरण के चुनाव के लिए 5 तारीख को जॉइनिंग दिया गया है। चुकी 50% कर्मी को दोबारा ड्यूटी मिल रही है। इसलिए बीच में प्रशिक्षण देने का समय उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस ईभीएम में एक भी मत नहीं पड़ा हो, उस ईभीएम को सेक्टर ऑफिसर को वापस किया जाएगा। सेक्टर ऑफिसर उस ईवीएम को लेकर आएंगे जो वेअर हाउस में जमा होगा। उन्होंने कहा कि वज्रगृह के रिसिविंग काउंटर पर ईवीएम रिसीव कर उसे निर्धारित स्थल पर रखा जाए तथा सभी पेपर की अच्छी तरह से जांच कर ली जाए। रिसीविंग सेंटर पर सभी कागजों की अच्छी तरह से संधारण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीठासीन पदाधिकारी के कागज में अगर कोई कमी हो तो उसे वहीं पर जांच कर दुरुस्त करवा लिया जाए। मतगणना के समय कोई कमी नजर नहीं आनी चाहिए।
प्रपत्र 17A का मिलान ईवीएम से किया जाता है और वह सही होना चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि उपस्थित लोगों में से अधिकतर लोग पूर्व में भी यह काम किए हुए हैं। इसलिए इसबार भी यह काम कर लेंगे। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सभी निर्वाची पदाधिकारी को कहा कि कोविड-19 से सुरक्षा के लिए प्रयुक्त बायो मेडिकल वेस्ट (कचरा) के निष्पादन के संबंध में पूर्व में भी बताया गया है कि जो मतदान कर्मियों को सामग्री दी जाएगी उसमें एक बड़ा पॉलिथीन भी दिया जाएगा, जिसमें कोविड-19 का बायो मेडिकल वेस्ट को रखकर उसे डस्टबिन में रखना है। साथ ही इसके संग्रह के लिए गाड़ी एवं कर्मी रहेंगे। उन्होंने सभी निर्वाची पदाधिकारी को कहा कि जब प्रेक्षक आपके क्षेत्र में भ्रमण करने जाएं तो उनके साथ स्थानीय पदाधिकारी भी रहें, ताकि वस्तुस्थिति को अच्छी तरह से समझा सकें। जिन मतदान भवनों में अधिक मतदान केंद्र हैं, वहां निरीक्षण के लिए जब प्रेक्षक जाए तो साथ में वहां के बीडीओ भी रहें। मतदाताओं के लिए किस तरह कतार की व्यवस्था की गई है तथा मतदान के लिए जो व्यवस्था की गई है, उन्हें अवगत कराएं तथा उनके शंका का समाधान करें। उनके भ्रमण के दौरान स्थानीय पदाधिकारी उनके संपर्क में रहें। वैसे अभ्यर्थी जिन पर अपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें इसकी जानकारी निर्वाचन क्षेत्र की जनता को देने हेतु उन्हें इस आशय का विज्ञापन 03 बार प्रकाशित करवाना है। जब तक वे इस आशय का विज्ञापन प्रकाशित नहीं कराते हैं तब तक संबंधित निर्वाची पदाधिकारी उन्हें नोटिस करते रहें।
उन्होंने कहा की सभी निर्वाची पदाधिकारी यह रिपोर्ट करेंगे की वैसे अभ्यर्थी द्वारा अपने ऊपर दर्ज मामले की जानकारी देने हेतु विज्ञापन का प्रकाशन तीन बार कराया गया कि नहीं, ताकि चुनाव आयोग को अवगत कराया जा सके। इस मामले पर भारत निर्वाचन आयोग अत्यंत गंभीर है। उन्होंने सभी निर्वाची पदाधिकारी से कहा कि आदर्श आचार संहिता एवं कोविड-19 के गाईडलाईन के उल्लंघन मामले में कार्रवाई नहीं दिख रही है। जब भी कोविड-19 के गाईडलाईन व आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता है, तो निश्चित रूप से प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को नए मतदाताओं का मतदाता फोटो पहचान पत्र( ईपिक) का वितरण तुरंत करवा देने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फोटो वोटर स्लिप(फोटो मतदाता पर्ची) का वितरण मतदान तिथि के पूर्व तक शत-प्रतिशत हो जाना चाहिए।
उन्होंने मतदान केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग के अनुसार कतार लगवाने के लिए सेविका एवं सहायिका की प्रतिनियुक्ति कर लेने को कहा। प्रतिनियुक्त सेविका/ सहायिका निष्पक्ष एवं विवाद रहित हो यह सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि 850 मतदान केंद्रों पर कतार लगवाने के लिए होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति की जाएगी,शेष पर सेविका/ सहायिका रहेगी। उन्होंने सभी निर्वाची पदाधिकारी से कहा की अब चुनावी रैली एवं मीटिंग प्रारंभ हो जाएगी। इसलिए रैली एवं मीटिंग के लिए मांगी गई अनुमति 24 घंटे के अंदर उपलब्ध करायी जाय। इसके लिए सारी व्यवस्था दुरुस्त रखें क्योंकि आवेदन अधिक संख्या में आना संभावित है और यदि ससमय अनुमति नहीं दी जाती है तो शिकायत सीधे निर्वाचन आयोग को किया जाता है। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था करवा ले तथा सभी मतदान केंद्रों पर रैम्प की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता के पास ई-पिक कार्ड नहीं रहने पर वह 11 वैकल्पिक दस्तावेज में से कोई एक दस्तावेज अपनी पहचान स्थापित करने के लिए फ़ोटो वोटर स्लिप के साथ ले जा सकता है।
केवल फ़ोटो वोटर स्लिप से मतदान नहीं होगा। वोटर स्लिप के साथ ई-पिक या 11 वैकल्पिक दस्तावेज में से कोई एक दस्तावेज आवश्यक है। उन्होंने सभो निर्वाची पदाधिकारी से कहा कि पोलिंग पार्टी को एक बार ब्रीफ कर दें कि मतदान तिथि को ई वी एम खराब होने पर उन्हें क्या करना है, सेक्टर ऑफिसर का नंबर उन्हें उपलब्ध करा दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय पदाधिकारी का नंबर एक पन्ने पर प्रिंट कर उन्हें उपलब्ध करा दिया जाए, ताकि समन्वय में कोई कमी ना रहे रह सके। सभी मतदान केंद्रों को सैनिटाइज कराने की व्यवस्था कर लिया जाए। सभी मतदान केंद्र सेनीटाइज हो जाने पर इसका रिपोर्ट भी करेंगे। इसके उपरांत वज्रगृह के नोडल पदाधिकारी सह वरीय कोषागार पदाधिकारी द्वारा बताया गया की वज्रगृह में पोल्ड ईवीएम रखने के पूर्व निर्वाची पदाधिकारी, चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ता वज्रगृह के समक्ष रहेंगे और प्रेक्षक की उपस्थिति में खाली वज्रगृह का विडियोग्राफी करवाया जाएगा। इस वीडियोग्राफी के उपरांत पोल्ड एवं शील्ड ईवीएम रखा जाएगा। वज्रगृह में सारे ईवीएम रखने के बाद निर्वाची पदाधिकारी द्वारा प्रेक्षक व निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी तथा उनके अभिकर्ता की उपस्थिति में वज्रगृह को मुहर बंद किया जाएगा। माइक्रो आब्जर्वर का प्रतिवेदन स्पेशल काउंटर पर प्रतिनियुक्ति कर्मियों द्वारा प्राप्त किया जाएगा। सेक्टर पदाधिकारियों के प्रतिवेदन का संग्रहण समाहरणालय स्थित ईवीएम वेयरहाउस के संग्रहण काउंटर पर किया जाएगा। साथ ही उसी काउंटर पर वे सेक्टर पदाधिकारी का प्रतिवेदन भी जमा करेंगे। यह ईवीएम सुरक्षित रूप से नये ईवीएम वेयर हाउस में रखा जाएगा।
October 18, 2020

17.10.2020 (दरभंगा) : जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2020 एवं बिहार विधान परिषद् द्विवार्षिक चुनाव 2020 के दौरान मतदाताओं एवं मतदान कर्मियों द्वारा प्रयुक्त किये गए कोविड मेटेरियल यथा- पी.पी.ई. किट्स, ग्लब्स इत्यादि के समुचित निष्पादन एवं संग्रहण को लेकर बैठक की गई। बैठक में उन्होंने डी.पी.एम. हेल्थ को इसके लिए पर्याप्त कर्मियों के साथ पर्याप्त संख्या में वाहन की व्यवस्था वाहन कोषांग से समन्वय कर करने का निर्देश दिया। बैठक में वाहन कोषांग के नोडल पदाधिकारी-सह- जिला परिवहन पदाधिकारी रवि कुमार को उन्होंने इसके लिए पर्याप्त संख्या में वाहन स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पोलिंग पार्टी को इसका प्रशिक्षण देने हेतु प्रशिक्षण कोषांग के नोडल पदाधिकारी डी.सी.एल.आर सदर मो सादुल हसन को निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्वाची पदाधिकारी को भी इसके लिए जागरूक करने हेतु कल 18 अक्टूबर 2020 को डी.एम.सी.एच के प्रेक्षागृह के प्रशिक्षण में बुलाया है। उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्र पर प्रयोग किए गए कोविड मेटेरियल को उसी पॉलिथीन में रखना है, जो मतदान कर्मी को दिया जा रहा है। पॉलिथीन में कोविड प्रयुक्त मेटेरियल को रखकर उसे कार्टून में रख देना है। जिन कर्मियों को वाहन के साथ इस कार्य के लिए लगाया जाएगा, उनके मोबाईल को ई.एल.ई. ट्रेस एप्प से भी जोड़ा जाएगा, ताकि उनके भ्रमण की जानकारी मिलती रहें।
October 18, 2020

17.10.2020 (दरभंगा) : बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2020 एवं बिहार विधान परिषद् के द्विवार्षिक चुनाव की तैयारी को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार श्री एच.आर. श्री निवास ने बिहार के सभी आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला निर्वाचन पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने मतदान कर्मियों एवं मतदाताओं द्वारा कोविड-19 से सुरक्षा के लिए प्रयुक्त मेटेरियल के निष्पादन एवं संग्रहण कराने की मुकम्मल व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी मतदान केन्द्र तक के पहुँच पथ को भी दुरूस्त करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के चुनाव के लिए 1,066 अभ्यर्थियों द्वारा नाम-निर्देशन पत्र दिये गए है, इसमें 372 के विरूद्ध अपराधिक मामले दर्ज है, इन्हें अपने व्यय पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन प्रसारण कराना है, जिसके लिए संबंधित निर्वाची पदाधिकारी उन्हें नोटित जारी करेंगे। उन्होंने पी.डब्लू.डी. एवं 80 वर्ष से ऊपर के मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट पेपर की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कोविड-19 के लिए जारी गाईडलाइन के उल्लंघन के विरूद्ध कितने मामले दर्ज कराए गए हैं, का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश सभी डीईओ को दिए। पी.डब्लू.डी. वोटर के लिए प्रत्येक मतदान केन्द्र पर रैलिंग सहित रैम्प तथा व्हीलचेयर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बिहार विधान परिषद् के द्विवार्षिक चुनाव 2020 के लिए प्रतिनियुक्त मतदान कर्मियों को भी कोविड किट्स उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि इस बार बिहार विधान परिषद् के चुनाव में भी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल को प्रतिनियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने सभी निर्वाची पदाधिकारी को अपने पीठासीन पदाधिकारी को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए कि मतदाता द्वारा साक्ष्य के रूप में फर्जी डिग्री की कॉपी दिखलायी जा सकती हैं, इसलिए डिग्री का मूल प्रमाण-पत्र ही मान्य है तथा इसका अवलोकन वे अच्छी तरह से करेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापक पैमाने पर फर्जी वोटरों के होने की शिकायत भी मिल रही है, इसलिए प्रत्येक मतदान केन्द्र पर वेवकास्टिंग की व्यवस्था होगी और कैमरा इस तरह से लगाए जाएंगे कि मतदाता का चेहरा अच्छी तरह से दिख सके।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा भी इसकी निगरानी की जाएगी। फर्जी वोटर के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मतगणना केन्द्र पर पर्याप्त सुरक्षा की व्यवस्था की जाए, क्योकि मतपेटीका के साथ 20 दिनों तक मतगणना केन्द्र लॉक रहेगा। बिहार विधान परिषद के 05-दरभंगा स्नातक/शिक्षक निर्वाचन की तैयारी के संबंध में श्री मयंक वरवड़े, आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा-सह-निर्वाची पदाधिकारी ने बताया कि 22 अक्टूबर को मतदान कराने की सारी तैयारी की जा चुकी है। नियुक्ति पत्र सभी पोलिंग पार्टी को निर्गत किए जा चुके हैं। मतदाता सूची का विखण्डीकरण भी किया जा चुका हैं, मतदान केन्द्रों पर वेवकास्टिंग एवं वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था की गयी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं को जागरूक किया जाना चाहिए कि वे संख्यात्मक 1, 2, 3, .................. में वरीयता देते हुए अपना मत देंगे। शब्दों में प्रथम, द्वितीय लिखने पर मत अमान्य हो जाएगा। वे हिन्दी, इग्लिश या रोमन किसी भाषा में संख्यात्मक मत ही दें।
October 18, 2020

13.10.2020 (दरभंगा) : ख्यातिलब्ध पत्रकार रामगोविन्द प्रसाद गुप्ता की 85वीं जयंती के अवसर पर " असमान्य परिस्थितियों में जनचेतना एवं पत्रकारों की भूमिका " विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ट सामाजिक चिंतक एवं पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि मीडिया पर बाजार का नियंत्रण स्थापित हो चुका है। नतीजन पत्रकारों के समक्ष विविध प्रकार की मजबूरियां उपस्थित है। अभी कोरोना जैसे असमान्य परिस्थितियों में पत्रकारों ने अहम भूमिका निभाई है और उसी का परिणाम है कि आज हर कोई कोरोना से सावधान है। उन्होंने कहा की मीडिया को अपनी विश्वसनीयता बरकरार रखने के लिए अपनी भूमिका का निर्वहन सर्वश्रेष्ठ ढ़ंग से करना होगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाज में सद्भावना और प्रेम बना रहे इसके लिए सामाजिक नहीं शारीरिक दूरी बनाने के लिए आम लोगों को जागरूक करने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी से समाज में विद्वेष फैलता है और आज इसी कारण से समाज एवं परिवार टूटने के कगार पर पहूंच गया है। वैश्विक महामारी कोरोना के लोग सिर्फ अपने में सिमट कर रह गया हैं वह अपने वृद्ध माता-पिता एवं संबंधियों तक को भी भुला दिया है।
ल.ना. मिथिला विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ट चिंतक डॉ. जितेन्द्र नारायण ने कहा कि सामाजिक जीवन में प्राकृतिक आपदाओं को छोड़कर अधिकांश असमान्य परिस्थितियों की उत्पत्ति मनुष्य की स्वार्थी प्रवृति के कारण होती है। आज स्वार्थ भाव इतना प्रबल हो गया है कि लोग अपने दायित्व का निर्वहन पवित्र भाव से नहीं करते है। लाभ हर जगह हावी हो गया है जिसके कारण कभी-कभी असमान्य परिस्थितियां विकट और विकराल हो जाती है। भारत में आजादी पूर्व से ही पत्रकारिता जनचेतना को जगाती रही है तथा जनमत निर्माण में भी इसका अहम योगदान रहा है। पर उस समय की सरोकार रूपी पत्रकारिता वर्तमान दौर में स्वार्थ से प्रभावित हो चुकी है। इसके कारण पत्रकार भी आरोप-प्रत्यारोप के खेल में शामिल होकर वास्तविकता को संदेहप्रद बना देते है। यह प्रवृति समाज के लिए घातक है क्योंकि समाजिक चेतना जगाने का अंतिम दायित्व पत्रकारों का है और इसमें गिरावट से समाज-राष्ट्र सीधे तौर पर प्रभावित होता है। पत्रकारों का धर्म तटस्थ रहकर समस्या के निदान के प्रति समाज को जागृत करना ही है।
इससे पूर्व विषय प्रवेश करवाते हुए एम.एल.एस.एम कॉलेज के हिंदी विभाग के शिक्षक एवं साहित्यकार डॉ. सतीश कुमार सिंह ने कहा कि पत्रकारों की अभिव्यक्ति असल में आमलोगों की अभिव्यक्ति होती है। इसलिए असमान्य परिस्तिथियों में पत्रकारों की जवाबदेही बढ़ जाती है। पत्रकारिता का धर्म कहता है कि बिना किसी खास विचारधारा से प्रभावित हुए आमलोगों की भावनाओं और वास्तविकता को उजागर करना ही पत्रकारिता है। पत्रकारों को चाहिए कि वे मानवता हित में अपने धर्म का निर्वहन करें। कोरोना संक्रमण के दौर में पत्रकारों ने अपनी भूमिका का सटीक निर्वहन किया है।
डॉ. अमरनाथ कुंवर ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि जनचेतना निर्धारण में पत्रकारिता की अहम भूमिका रही है। अभी कोरोना महामारी जैसी असमान्य परिस्थितियों में पत्रकारों ने जैसा कार्य किया है वैसा ही कार्य पत्रकारों को सामाजिक समस्याओं के असमान्य होने पर भी करना चाहिए।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए एम.एल.एस.एम कॉलेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ट पत्रकार डॉ. कृष्ण कुमार झा ने कहा कि विपरित परिस्थितियों में ही व्यक्ति की पहचान होती है। असामान्य परिस्थिति में जनचेतना को सही दिशा देने की जिम्मेवारी जब पत्रकारों पर आती है तभी उनका निखरा स्वरूप भी समक्ष आता है। कोरोना जैसी महामारी के दौर में पत्रकारिता अपने मापदंडों पर खरी उतरी है, परंतु कई ऐसी असामान्य सामाजिक परिस्थितियां नजर आयी है जिससे पत्रकारिता का विकृत स्वरूप सामने आया है। असामान्य परिस्थितियों से पत्रकारों का चोली-दामन का साथ होता है और ऐसी परिस्थितियां ही पत्रकारिता की महत्ता को भी सार्थकता देती है। संगोष्ठी की शुरुआत स्व. रामगोविंद प्रसाद गुप्ता की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर अतिथियों ने किया तथा डॉ. ए.डी.एन सिंह के ओजस्वी संचालन में अतिथियों का स्वागत प्रदीप गुप्ता ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रमोद कुमार गुप्ता ने दिया।