April 07, 2021

07.04.2021 (दरभंगा) : तिरहुत प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त डॉ मनीष कुमार ने आज दरभंगा प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया है। प्रमंडलीय कार्यालय पहुंचने पर आयुक्त के सचिव श्री दुर्गा नंद झा द्वारा पुष्पगुच्छ प्रदान कर उनका हार्दिक स्वागत किया गया। इस अवसर आयुक्त कार्यालय के प्रागंण में बिहार सशस्त्र पुलिस के 12 जवानों ने सूबेदार बलिराम यादव के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। प्रमंडलीय कार्यालय पहुंचने के उपरांत उन्होंने प्रमंडल यह कार्यालय के विभिन्न शाखाओं का घूम घूम कर निरीक्षण किया तथा कार्यालयों की स्थिति की जानकारी ली। पदभार ग्रहण करने के दौरान डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम, एसएसपी बाबूराम, उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, आयुक्त के सचिव दुर्गानंद झा, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी संजीव कुमार सिन्हा, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता एवं क्षेत्रीय निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, दरभंगा प्रमंडल उपस्थित थे। आयुक्त ने डीएम व एसएसपी, दरभंगा से दरभंगा जिले के विधि व्यवस्था, कोरोना संक्रमण की स्थिति एवं विकास योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी प्राप्त की।
प्रभार ग्रहण करने के उपरान्त उन्होंने संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि सभी कार्य नियम के अनुसार किये जाए, विकास एवं कल्याणकारी योजना को सरजंमी पर उतारा जाए एवं समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े लोगों के समस्याओं का स-समय निराकरण किया जाए। प्रभार ग्रहण के उपरान्त आयुक्त कार्यालय के सभागार में सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों से एक-एक कर उनका परिचाय लिया तथा सबों को अपनी प्राथमिकता से अवगत कराते हुए कार्य में अपेक्षित सहयोग की अपील की। उन्होंने प्रमंडल स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अपने-अपने विभाग के कार्यों का अनुश्रवण करते रहने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्रीय निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं तथा डीएमसीएच के अधीक्षक को डीएमसीएच का नया कैंपस चिन्हित करने को कहा। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिला भू अर्जन पदाधिकारी से समन्वय स्थापित की जाए। साथ ही उन्होंने कोरोना के आंकड़े को अपडेट करने के निर्देश दिए उन्होंने क्षेत्रीय निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को कोरोना की टेस्टिंग दर बढ़ाने तथा समस्तीपुर रोड में कोरोना की जांच करवाने के निर्देश दिए।
April 07, 2021

07.04.2021 (दरभंगा) : कोरोना के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम को लेकर सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार, स्वास्थ्य विभाग, बिहार के प्रधान सचिव, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव संजय अग्रवाल एवं बिहार के 20 जिले, जहां मुंबई एवं पुणे (महाराष्ट्र) से ट्रेन या फ्लाइट आती है, से संबंधित प्रमण्डलीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, डीएम, एसएसपी/एसपी, स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ ऑनलाईन समीक्षा बैठक की। ऑनलाइन बैठक में प्रधान सचिव, परिवहन विभाग एवं प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुझाव दिया गया कि वैसे 20 जिले जहां महाराष्ट्र से फ्लाइट या ट्रेनें आती हैं, वहाँ रेलवे स्टेशन पर एवं हवाई अड्डा पर मुंबई से आने वाले वैसे यात्रियों, जिनके पास RT-PCR जांच का प्रमाण पत्र है, को छोड़कर, शेष यात्रियों का एंटीजन टेस्ट कराया जाए। जिनकी जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव मिलता है, उन्हें आइसोलेशन सेंटर पर लाकर, जो होम आइसोलेशन में रहना चाहते हैं उन्हें होम आइसोलेशन के लिए और जो जिले के आइसोलेशन सेंटर में रहना चाहते हैं उन्हें आइसोलेशन सेंटर में रखने का इंतजाम किया जाए। प्रधान सचिव ने सुझाव को मानते हुए सभी संबंधित डीएम को अपने अपने जिले में महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेन एवं गया, पटना और दरभंगा जिला को हवाई अड्डा पर मुंबई से आने वाली फ्लाइट के वैसे पैसेंजर जिनके पास RT-PCR जांच रिपोर्ट नहीं है, की जांच करवाने एवं होम आइसोलेशन या आइसोलेशन में रखने के निर्देश दिए।
स्टेशन पर एंटीजन टेस्ट के लिए पुलिस व्यवस्था के साथ-साथ व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला स्तर पर एक आइसोलेशन सेंटर तथा प्रखंड स्तर पर भी एक आइसोलेशन सेंटर की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में डीएम डॉ त्यागराजन एस. एम द्वारा बताया कि महाराष्ट्र से दरभंगा आनेवाली ट्रेन में दरभंगा-पुणे एक्सप्रेस प्रत्येक शुक्रवार को तथा पवन एक्सप्रेस प्रतिदिन आती है। मुंबई से एक फ्लाइट प्रतिदिन दरभंगा आती है। उक्त बैठक में दरभंगा से प्रमंडलीय आयुक्त डॉ मनीष कुमार ,पुलिस महानिरीक्षक, मिथिला क्षेत्र अजिताभ कुमार, डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम., एसएसपी बाबू राम, सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, उप निदेशक जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी कुमार रवि व स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारीगण ऑनलाईन जुड़े हुए थे।
April 07, 2021

07.04.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में बच्चों की बहुचर्चित बीमारी ए ई एस से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सुझाव का व्यापक प्रचार-प्रसार करवाने को लेकर बैठक की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि मुजफ्फरपुर जिला एवं उसके आसपास के जिलों में अप्रैल से बरसात प्रारंभ होने तक ए ई एस का प्रकोप रहता है। इस बीमारी के चपेट में 0 से 6-7 साल के बच्चे आते हैं। दरभंगा जिला में अभी तक ए ई एस का केस नहीं मिला है। वर्ष 2018 में एक केस मुजफ्फरपुर में मिला था जिनका पैतृक आवास दरभंगा जिला के जाले में है। डीएम श्री त्यागराजन ने कहा कि यह अच्छी बात है कि दरभंगा जिले में इस बीमारी का प्रकोप नहीं रहा है फिर भी ए ई एस बीमारी के प्रकोप से बच्चों को सुरक्षित रखने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सुझाव का दरभंगा जिला में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सुझाव में बच्चों को रात में खाली पेट नहीं रखना, रात में कुछ मीठा भोजन अथवा गुलकोज पिलाना, अपने आवास के आसपास साफ-सफाई रखना एवं बच्चों की सफाई पर ध्यान देना शामिल है। साथ ही ए ई एस की चपेट में आने वाले बच्चों को खुली हवा में रखते हुए तुरंत अस्पताल ले जाना, ओझा गुनी के चक्कर में ना पड़ना शामिल है। उन्होंने आंगनबाड़ी, सेविका, सहायिका, आशा, जीविका दीदी एवं महिला पर्यवेक्षिका एवं विद्यालय के माध्यम से घर-घर लोगों को जागरूक करवाने के निर्देश दिए। इसके लिए हैंड बिल, पोस्टर, दीवार लेखन एवं होर्डिंग्स फ्लेक्स का प्रयोग करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिया गया। बैठक में सिविल सर्जन संजीव कुमार सिन्हा, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, डीपीएम जीविका, डीपीएम विशाल कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार मिश्र, केयर इंडिया के श्रद्धा झा, यूनिसेफ के शशिकांत सिंह, ओंकार चंद्र शामिल थे।
April 07, 2021

06.04.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम के लिए सिविल सर्जन सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों की उपस्थिति में सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ ऑनलाईन बैठक की। बैठक को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आज कोरोना को लेकर आयोजित ऑनलाईन बैठक में दिये गये निर्देश के आलोक में प्रखण्ड स्तर पर पुनः क्वांरटाइन सेन्टर बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को समूचित भवन चिन्ह्ति कर लेने के निर्देश दिये। साथ ही अपने अंचलाधिकारी के साथ बैठक कर सारी तैयारी कर लेने को कहा गया। उन्होंने बताया कि 06 अप्रैल से 20 अप्रैल 2021 तक महाराष्ट्र से विशेष ट्रेन आ रही है जिससे लौटने वालों को क्वांरटाइन करना होगा। टीकाकरण की समीक्षा में जाले एवं सदर प्रखण्ड की प्रगति प्रशंसनीय पायी गयी। डीएम ने दोनों प्रखण्डों को बधाई भी दी। इसके साथ ही बहादुरपुर, बहेड़ी, मनीगाछी एवं सिंहवाड़ा की प्रगति की भी प्रशंसा की गयी, लेकिन असंतोषजनक प्रदर्शन वाले शेष प्रखण्डों को टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिये गये।
इसके लिए टीकाकरण केन्द्र की संख्या भी बढ़ाने के निर्देश दिये गये। हायाघाट के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी से जबाव-तलब करने पर उन्होंने बताया कि प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी कंवलजीत चौधरी अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। खोजे जाने पर प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी बैठक से भी अनुपस्थित पाये गये। डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को हायाघाट के प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी का वेतन स्थगित करते हुए स्पष्टीकरण की माँग करने के निर्देश दिये। कुशेश्वरस्थान पूर्वी, हनुमाननगर, सतीघाट, घनश्यामपुर के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी से भी जबाब-तलब किया गया। उन्होंने सभी अनुमण्डल पदाधिकारी को अपने पणन पदाधिकारी के माध्यम से पी.डी.एस. डीलर को टीकाकरण हेतु लोगों को प्रोत्साहित करने एवं टीकाकरण कराने हेतु लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिये। साथ ही बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को आंगनवाड़ी सेविका/सहायिका के माध्यम से लोगों को जागरूक करने एवं टीकाकरण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका को भी अपने शिक्षकों और जीविका दीदी को सक्रिय करने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त सभी डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल को पुनः तैयार कर लेने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी कोविड हॉस्पिटल में ऑक्सीजन, पल्स ऑक्सीमीटर, एम्बुलेंस तैयार स्थिति में रहनी चाहिए। इसके लिए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अपने कोविड हॉस्पिटल का रिसोर्स मेपिंग कर लेने तथा कोई कमी पायी जाने पर उसकी आपूर्ति जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से कर लेने के निर्देश दिये। बैठक में कंटेनमेंट जोन, कोरोना की जाँच की भी समीक्षा की गयी। कोविड 19 पॉजिटिव के पाये गये सभी नये मामलों में कंटेनमेंट जोन बनाने के निर्देश दिये गये। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, डी.पी.एम. विशाल कुमार, यूनिसेफ के शशिकान्त सिंह, केयर इण्डिया श्रीमति श्रद्धा झा व अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
April 01, 2021

01.04.2021 (दरभंगा) : सी. एम. कॉलेज, दरभंगा में आगामी 3 तथा 5 अप्रैल को होने वाले कार्यक्रमों के आयोजकों की महत्वपूर्ण बैठक प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित होने वाले 'अमृत महोत्सव' के तहत वृक्षारोपण, भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिता के आयोजन में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रधानाचार्य ने बताया कि यह कार्यक्रम अगस्त-2022 तक चलेगा, जिसके तहत महाविद्यालय में अनेक तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें भारत की आजादी से संबंधित जागरूकता मार्च, साइकिल रैली, संगोष्ठी, क्विज, भाषण, नारा लेखन आदि शामिल हैं। जिनमें छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाएगा।
वहीं कार्यक्रम की संयोजिका डा. रीता दुबे ने बताया कि 3 अप्रैल के कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जबकि विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाले छात्र-छात्राओं को पारितोषिक भी दिया जाएगा। एन.एस.एस पदाधिकारी प्रो रितिका मौर्या ने कहा कि 'अमृत महोत्सव' के अंतर्गत महाविद्यालय की एन.एस.एस इकाई इस तरह के अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित करेगी, ताकि युवा पीढ़ी आजादी के महत्व को समझ सके और उनमें राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत हो सके।
5 अप्रैल, 2021 को महाविद्यालय में संचालित कैरियर ओरिएंटेड कोर्स के तहत पत्रकारिता पाठ्यक्रम के तत्वावधान में "नई शिक्षा नीति और पत्रकारिता" विषयक सेमिनार का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन बेनीपुर के विधायक प्रो विनय कुमार चौधरी करेंगे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में दरभंगा पब्लिक स्कूल के निदेशक विशाल गौरव उपस्थित होंगे। वहीं महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो विश्वनाथ झा करेंगे। पत्रकारिता कोर्स के समन्वयक डा. आर. एन चौरसिया ने बताया कि सेमिनार में पत्रकारिता कोर्स के पूर्ववर्ती 40 छात्र-छात्राओं को 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जबकि चालू सत्र के छात्र-छात्राओं का वर्गारंभ होगा। उन्होंने बताया कि "पहले आओ-पहले पाओ सिद्धांत" के तहत 40 सीटों में से नए सत्र में 38 छात्र-छात्राओं का नामांकन हो चुका है।