February 20, 2022

18.02.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन द्वारा कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला सामान्य शाखा की संचिका डिजिटल हस्ताक्षर से अनुमोदित कर ई-ऑफिस का शुभारंभ किया। उन्होंने सर्वप्रथम जिला सामान्य शाखा के द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से अपने वरीय पदाधिकारी उप विकास आयुक्त, दरभंगा को अपने प्रस्ताव एवं संबंधित पत्र के साथ संचिका प्रेषित किया था। उप विकास आयुक्त, दरभंगा के द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से जिलाधिकारी, दरभंगा को अपने मंतव्य के साथ संचिका अनुमोदनार्थ एवं हस्ताक्षरार्थ भेजा गया था, उसे जिलाधिकारी द्वारा ई-ऑफिस के माध्यम से ही डिजिटल हस्ताक्षर करते हुए संचिका को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही दरभंगा समाहरणालय में ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य प्रारंभ हो गया। अब जिला सामान्य शाखा की सभी संचिकाएँ एवं पत्र ई-ऑफिस के माध्यम से ही भेजा जाएगा। इस अवसर पर डीएम ने उपस्थित मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि अब सभी नयी संचिका ई-ऑफिस के माध्यम से खोली जाएगी। और उसपर जो भी निर्णय होंगे, वह भी ई-ऑफिस के माध्यम से होगा। उन्होंने बताया कि यह बहुत ही बेहतर पहल है। बिहार सरकार द्वारा भी सचिवालय स्तर पर भी ई-ऑफिस के माध्यम से संचिका का निष्पादन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे कार्यालय कार्य सम्पन्न करने की गति और पारदर्शिता दोनों बढ़ेगी। साथ ही यह देखा जा सकेगा कि संचिका किस स्तर पर है, इससे अनुश्रवण में भी काफी सहुलियत मिलेगी एवं संबंधित पदाधिकारी को निर्णय लेना भी आसान होगा। इस प्रणाली से कोई भी पदाधिकारी किसी जगह से संचिका का निष्पादन कर सकते हैं, यानि उसकी संचिका एक क्लिक में उसके मोबाईल पर उपलब्ध होगी।
पदाधिकारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग करते हुए अपनी टिप्पणी एवं सुझाव देते हुए वरीय पदाधिकारी को संचिका अग्रसारित किया जा सकेगा या उन्हें लगता है कि इसमें दुबारा कोई संशोधन आवश्यक है, तो पुनः वापस संचिका वापस भेजी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस में बहुत सारी फीचर्स डाली गयी है, जो संचिका निष्पादन के लिए आवश्यक है। वास्तव में देखा जाए तो यह क्रांतिकारी बदलाव होगा। जहाँ से हम पूर्ण डिजिटाईजेशन की ओर बढ़ेंगे और पेपर लेस ऑफिस की धारणा को हम आगे ले जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं कार्य प्रणाली में पारदर्शिता के दृष्टिकोण से भी यह अच्छी पहल है। इसमें समय की भी बचत होगी और संचिका का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन होगा। उन्होंने इस प्रणाली को संस्थापित करने के लिए कार्य करने हेतु जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी एवं उनके कार्यालय का धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जिला सामान्य शाखा के साथ धीरे-धीरे समाहरणालय के सभी कार्यालय ई-ऑफिस से जुड़ेंगे और इसके उपरान्त अनुमण्डल तथा प्रखण्ड कार्यालय को भी जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, सामान्य शाखा के प्रभारी-सह-वरीय उप समाहर्त्ता टोनी कुमार, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी राजीव कुमार झा एवं आई.टी. प्रबंधक संजय कुमार सहनी उपस्थित थे।
February 20, 2022

17.02.2022 (दरभंगा) : अपर समाहर्त्ता(लोक शिकायत निवारण)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अजय कुमार द्वारा सभी लोक प्राधिकार को पत्र निर्गत करते हुए कहा है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम मुख्यमंत्री, बिहार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सरकार द्वारा परिवादों के सम्यक निस्तारण/निवारण सुनिश्चित कराने के प्रयोजनार्थ परिवाद निस्तारण की प्रणाली विकसित की गई है जिसमें आमजनों को निर्धारित समय सीमा (60 कार्य दिवस) के अंदर उनके द्वारा दायर वादों को निराकरण किया जाना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस अधिनियम के तहत दायर वादों को आम आवेदन की तरह व्यवहार में लाते हुये निर्धारित अवधि के बजाए बिलंब से प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई लोक प्राधिकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने के कारण परिवादों का सम्यक/सार्थक निराकरण नहीं हो पा रहा है, जिस कारण अनुमण्डल, जिला स्तर पर भी कई मामलें विस्तारित हो रहे हैं। विदित है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दायर वादों के परिवादी "जनता के दरबार मुख्यमंत्री कार्यक्रम" में जाते हैं, जहाँ लोक शिकायत निवारण के तहत दर्ज मामलों में पारित आदेश का अवलोकन स्वंय मुख्यमंत्री बिहार द्वारा किया जाता है। उपरोक्त तथ्यों के आलोक में उन्होंने दरभंगा जिला के सभी लोक प्राधिकारों से कहा है कि मुख्यमंत्री के इस महत्वकांक्षी योजना को सफल बनाने में सहभागिता देते हुये बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत दायर वादों में निर्धारित समय सीमा (60 कार्य दिवस) में सार्थक प्रतिवेदन उपलब्ध करायें, ताकि परिवादों का ससमय निराकरण/निवारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि अपेक्षित सहयोग/सार्थक प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में संबंधित लोक प्राधिकार के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा वरीय पदाधिकारियों/ विभाग से की जा सकती है।
February 20, 2022

17.02.2022 (दरभंगा) : जिला में भारत सरकार की विशिष्ट पहचान पत्र UDID CARD परियोजना के अन्तर्गत ऑफलाइन पंजीकृत दिव्यांगजनों का UDID CARD बनाने हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के स्तर से निर्गत आदेशानुसार 01 अप्रैल 2021 से ऑफलाइन दिव्यांग का प्रमाण पत्र मान नहीं किए जाएंगे। 01 अप्रैल के उपरांत केवल ऑनलाइन सत्यापित दिव्यांग का प्रमाण पत्र ही मान्य है। ज्ञातव्य है कि जनगणना 2018 के अनुसार दरभंगा जिला में कुल 70,465 दिव्यांगजनों की संख्या है, जिनमें से 54,407 दिव्यांगता प्रमाणीकृत दिव्यांगजन है, इन प्रमाणीकृत दिव्यांगजनों में लगभग 5,181 दिव्यांगजनों का UDID CARD बनवाया जा चुका है। शेष 49,226 प्रमाणीकृत दिव्यांगजनों का UDID CARD बनाना आवश्यक है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय द्वारा अगस्त 2022 तक सभी दिव्यांगों का UDID प्रमाण पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है। विभागीय से प्राप्त निर्देश के अनुपालन में दिव्यांगजनों के UDID CARD बनाने हेतु दरभंगा जिला में प्रखण्डवार 21 फरवरी 2021 से 16 मार्च 2022 तक विशेष शिविर का आयोजन किया गया है। उक्त के आलोक में डीएम राजीव रौशन द्वारा नगर आयुक्त, नगर निगम दरभंगा एवं असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, दरभंगा को निर्देशित किया गया है कि दरभंगा जिला के सभी प्रखण्डों में दिव्यांगजनों का UDID CARD बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित किया जाना है।
डी.एम.सी.एच(कर्पूरी चौक के पास ग्राउंड में), दरभंगा में 21 फरवरी 2022 को विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही दरभंगा नगर निगम, दरभंगा एवं सदर प्रखण्ड में 22 फरवरी को, बहेड़ी प्रखण्ड में 23 फरवरी को, कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखण्ड में 24 फरवरी को, कुशेश्वरस्थान प्रखण्ड में 25 फरवरी को, बिरौल प्रखण्ड में 26 फरवरी को, गौड़ाबौराम प्रखण्ड में 28 फरवरी को, किरतपुर प्रखण्ड में 02 मार्च को, घनश्यामपुर प्रखण्ड में 03 मार्च को, बेनीपुर प्रखण्ड में 04 मार्च को, अलीनगर प्रखण्ड में 05 मार्च तारडीह प्रखण्ड में 07 मार्च को, मनीगाछी प्रखण्ड में 08 मार्च को, केवटी प्रखण्ड में 09 मार्च को, जाले प्रखण्ड में 10 मार्च को, सिंहवाड़ा प्रखण्ड में 11 मार्च को, हनुमाननगर प्रखण्ड में 12 मार्च को, बहादुरपुर प्रखण्ड में 14 मार्च को एवं हायाघाट प्रखण्ड में 16 मार्च 2022 को शिविर का आयोजन किया गया है। असैनिक शल्य चिकित्सक -सह-जिला प्रशासक, UDID को सभी प्रकार के दिव्यांगों का प्रमाणीकरण सुनिश्चित कराने हेतु उक्त शिविर में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति (मोहर एवं स्टांप पैड के साथ) करने का आदेश दिया गया है, जिससे दिव्यांगता प्रमाण पत्र शत-प्रतिशत निर्गत किया जा सके। इसके साथ ही UDID CARD की ऑनलाइन इंट्री हेतु सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अपने स्तर से निर्देश देना सुनिश्चित करेंगे कि शिविर में ही प्रमाण पत्रों का वितरण करेंगे या जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग के कर्मी को उपलब्ध करा देंगे।
UDID CARD हेतु सभी दिव्यांगों से आवश्यक दस्तावेज के रूप में निम्नलिखित दस्तावेज की मांग की गयी है - दिव्यांगता का प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, आवास प्रमाण पत्र की छाया प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो एवं हस्ताक्षर का नमूना। डीएम द्वारा सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि प्रतिदिन संध्या 4:30 बजे तक अपना प्रतिवेदन जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, दरभंगा को प्रतिवेदन करना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि शिविर स्थल पर पेयजल, प्राथमिक उपचार एवं सुरक्षा आदि की व्यवस्था हेतु थानाध्यक्ष एवं संबंधित कार्यालय को अपने स्तर से सूचित करेंगे साथ ही शिविर हेतु प्रचार प्रचार कराना सुनिश्चित करेंगे।
February 20, 2022

14.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में सांसद गोपाल जी ठाकुर की अध्यक्षता में तथा मधुबनी के सांसद अशोक कुमार यादव, हायाघाट के विधायक रामचन्द्र प्रसाद, बेनीपुर के विधायक विनय कुमार चौधरी, कुशेश्वरस्थान के विधायक अमन भूषण हजारी, महापौर श्रीमती मुन्नी देवी, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती रेणू देवी की उपस्थिति में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में गत बैठक 26 दिसम्बर 2020 की कार्यवाही के बिन्दु पर समीक्षा की गयी। रेलवे ओवर ब्रीज के संबंध में रेलवे के वरीय पदाधिकारी ने बताया कि 07 आर.ओ.बी. का डी.पी.आर. पुल निर्माण निगम द्वारा रेलवे को उपलब्ध कराया गया है, जो प्रक्रियाधीन है। दरभंगा जिले के विभिन्न पुल एवं सड़कों के निर्माण के संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंतागण द्वारा दिया गया। सांसद ने कहा कि दरभंगा के सभी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा का विस्तार हो, एक राजधानी एक्सप्रेस को दरभंगा से जोड़ा जाए, लहेरियासराय स्टेशन पर सभी ट्रेनों का ठहराव हो, पर्यटन के विकास के लिए जगदम्बा हाल्ट, नवादा बनाया जाए, लहेरियासराय आदर्श स्टेशन की सूची में सम्मलित हो, यह प्रस्ताव रेलवे को प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना का उद्घाटन व शिलान्यास की पूर्व सूचना उन्हें निश्चित रूप से उन्हें उपलब्ध कराया जाए। विभिन्न सड़कों के निर्माण के संबंध में बताया गया कि सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। आमस-दरभंगा सड़क में दरभंगा में 22 किलोमीटर में सड़क निर्माण किया जाना है। उन्होंने कहा की बरूना-रसियारी पथ का अधूरा निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करवाने की जरूरत है।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों से संबंधित विगत बैठक में उठाई गयी आपत्तियों का भी संबंधित विभाग द्वारा अनुपालन प्रतिवेदन दिया गया। मनरेगा के संबंध में उप विकास आयुक्त-सह-प्रभारी जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने बताया कि वर्ष 2020-21 में 82.91 लाख मानव दिवसों का सृजन किया गया है, जो विगत वर्ष की तुलना में 19.59 लाख अधिक है। उन्होंने कहा कि 40,637 योजनाएँ मनरेगा के अन्तर्गत पूरी कर ली गयी हैं। मनरेगा की कार्यों की निगरानी एरिया ऑफिसर एप के माध्यम से की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संबंध में बताया गया कि 01 लाख 71 हजार आवास निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। आवास प्लस योजना के तहत 03 वर्षों के लिए 50 हजार आवास निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। लाभुकों के नाम वर्ष 2018 में ही जोड़े गये थे। 28 फरवरी को माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा दरभंगा के 17 हजार लाभुकों को आवास की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। स्वच्छ भारत योजना के अन्तर्गत 50 पंचायतों का चयन तरल व ठोस कचरा प्रबंधन के लिए किया गया है। बैठक में जल मीनार से जल आपूर्ति नहीं किये जाने की जानकारी विधायक, कुशेश्वरस्थान द्वारा दिया गया। सांसद द्वारा पीएचईडी के सभी पानी टंकी की जाँच करवाने के निर्देश दिये गये। कृषि विभाग की योजनाओं के संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 16 ई-किसान भवन कार्यरत हैं।
फसल क्षति योजना का मुआवजा किसानों के खाते में उपलब्ध कराया जा चुका है। धान अधिप्राप्ति के संबंध में जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 35 हजार मैट्रिक टन अधिप्राप्ति करने के लक्ष्य के विरूद्ध 31 हजार मैट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गयी है। जिले में जिला सहकारिता बैंक खुलवाने हेतु सरकार को प्रस्ताव प्रेषित कर देने की जानकारी प्रभारी जिलाधिकारी द्वारा दी गयी। सांसद द्वारा बिरौल के परड़ी में रेफरल अस्पताल खुलवाने का प्रस्ताव सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया। आयुष्मान भारत के संबंध में बताया गया कि 03 लाख लोगों को गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है। जिले में 45 हेल्थ एवं वेलनेश सेन्टर चल रहा है। मिथिला स्नातकोत्तर शोध केन्द्र के 62 एकड़ जमीन, आयुर्वेदिक कॉलेज के 32 एकड़ जमीन की तहकिकात कर लेने के निर्देश राजस्व विभाग को दिया गया। वैसे उच्च विद्यालय जो जर्जर है तथा जिनमें चाहरदीवारी नही है, उनके जीर्णोद्वार हेतु सरकार को प्रस्ताव प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। राष्ट्रीय मखाना केन्द्र को पुर्नजीवित करने हेतु प्रस्ताव सरकार को प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। मिर्जापुर गौशाला की जमीन की पैमाईस कराकर अतिक्रमित जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिये गये। खादी भंडार, बिरौल की जमीन को भी अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिये गये। एम्स की जमीन पर मिट्टी भराई के कार्य में तेजी लाने एवं चाहरदिवारी निर्माण कार्य शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया। दरभंगा आकाशवाणी रेडियो स्टेशन की क्षमतासम्बर्द्धन के लिए भारत सरकार के दुरसंचार विभाग को प्रस्ताव प्रेषित करने का निर्देश दिया गया। दरभंगा हवाई अड्डा के शेष रनवे का शीघ्र निर्माण करवाने हेतु संबंधित एजेंसी को निर्देश देने का प्रस्ताव दिया गया। हराही पोखर के सौंदर्यीकरण का डी.पी.आर. बनाने हेतु नगर निगम को निर्देश दिया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक गणेश कुमार उप निदेशक जन संपर्क सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
February 09, 2022

09.02.2022 (दरभंगा) : बिहार के सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य में विधि व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एस.के सिंघल तथा पुलिस, उत्पाद विभाग एवं खनन विभाग के आला अधिकारी गण, सभी प्रमंडल के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक/उप पुलिस महा निरीक्षक सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक/ पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित पदाधिकारी ऑनलाइन जुड़े हुए थे।
बैठक में पुलिस महानिदेशक बिहार एवं अपर मुख्य सचिव मद्य निषेध द्वारा बिहार राज्य की विधि व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के आलोक में बिहार के सभी थानों में दो-दो गश्ती वाहन उपलब्ध करा दिया गया है तथा गश्ती वाहन पर एक भी संविदा चालक नहीं रखा गया है। इसके लिए 1639 चालक सिपाहियों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है, जो फरवरी माह तक पूरी हो जाएगी। गश्ती में 12 हजार 111 अतिरिक्त बल लगाया गया है तथा सभी वाहनों में जीपीएस लगाया गया है। गश्ती ड्यूटी में खराब प्रदर्शन वाले बल के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, जबकि अच्छे प्रदर्शन वाले को पुरस्कृत किया गया है। सीएम के निर्देशानुसार रात्रि गश्ती एवं पैदल गश्ती जारी है। पैदल गश्ती में 3170 पुलिस बल कार्यरत हैं। महिला पुलिस कर्मियों का सशक्तिकरण किया जा रहा है वर्तमान में कुल पुलिस बल में 26.8 प्रतिशत महिला सिपाही हैं, 16 प्रतिशत महिला अवर निरीक्षक, 750 महिला पुलिस पदाधिकारी पदस्थापित हैं। थानों को दैनिक कार्यों के लिए चक्रीय निधि उपलब्ध कराया जा रहा है, सभी थानों में महिला शौचालय बनवाया गया है। 656 थानों में दो सीटेड, 107 थानों में पांच सीटेड महिला शौचालय बनवाया गया है। जबकि 51 पुलिस केंद्र में 20 सीटेड महिला शौचालय एवं स्नानगार बनवाया गया है। 660 थानों में आगंतुक कक्ष बनवाया जा रहा है, 377 थानों के निर्मित आगंतुक कक्ष में फर्नीचर की भी व्यवस्था कर दी गयी है। 1251 थानों में से एक 1180 थानों में लैंडलाइन फोन लगवा दिया गया है। राष्ट्रीय औसत के अनुसार त्रिस्तरीय समिति द्वारा राज्य के में पुलिस बल के 96 हजार 607 अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय औसत एक लाख जनसंख्या पर 195.39 पुलिस बल है, बिहार में 115.26 पुलिस बल है। वर्ष 2021 में 1557 कांडों में स्पीडी ट्रायल करवाया गया तथा 2631 लोगों को दोष सिद्ध करवाया गया अब ऑनलाइन चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किए जा रहे हैं अभी तक 3 लाख 24 हजार 711 ऑनलाइन चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किए जा चुके हैं। अपराधियों का डाटा अब ऑनलाइन दिखलाया जा रहा है वर्तमान में 7156 अपराधियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड है। वर्ष 2013 से अब तक 45 हार्डकोर आत्म समर्पित नक्सलियों का पुनर्वास करवाया जा चुका है। 26 हजार 802 थाना स्तर से, 1700 अनुमंडल स्तर से एवं 373 जिला स्तर से सुनवाई कर भूमि विवाद के मामले का निपटारा करवाया गया है।
जनवरी 2022 में भूमि विवाद निबटान को लेकर 4027 बैठक हुई हैं। 40 पुलिस जिला एवं चार रेल पुलिस जिलों में स्थापित 74 साइबर क्राइम और सोशल मीडिया इकाई (सीसीएसएमयू) केंद्र की स्थापना की जा चुकी है। जहां सोशल मीडिया के माध्यम से किये जा रहे क्राइम का पता लगाकर निष्पादन किया जा रहा है।बैठक में बताया गया कि वर्तमान में एस टी एफ की 7 टीम कार्यरत है। विगत वर्ष के आंकड़ों के तुलनात्मक अध्ययन से स्पष्ट है कि बिहार में हत्या, डकैती, चोरी, लूट, गृह भेदन, महिला अपराध, बलात्कार, महिला यौन उत्पीड़न, पति व उनके रिश्तेदार द्वारा प्रताड़ना के मामलों में काफी कमी आई है। ऑपरेशन प्रहार में 111 कंपनी एवं 45 प्लाटून बल कार्यरत हैं। शराबबंदी अभियान के तहत लगातार छापेमारी, जप्ती, नीलामी एवं राज्यसात की कार्रवाई की जा रही है।
सीएम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हत्या के 60 प्रतिशत मामले भूमि विवाद से जुड़े हुए होते हैं। इसलिए निर्धारित तिथि/दिन को थाना, अनुमंडल एवं जिला स्तर पर निश्चित रूप से भूमि विवाद निष्पादन हेतु बैठक होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि अब थाना के कार्य को दो भागों में बांट दिया गया है। पहला विधि व्यवस्था से संबंधित एवं दूसरा अनुसंधान से संबंधित। इसलिए अनुसंधान वाले बल को विधि व्यवस्था के कार्य में नहीं लगाया जाए।
रात्रि गश्ती, भोर में गश्ती एवं दिन की गश्ती पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। गश्ती के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने वाले पुलिस को पुरस्कृत किया जायेगा। अगर कहीं कोई घटना घट जाती है तो उसके अनुसंधान में विलंब न हो और एक समय सीमा के अंतर्गत चार्जशीट कर दिया जाए। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को विधि व्यवस्था की स्थिति देखने के लिए महीने में एक बार अचानक रात्रि भ्रमण करने का सुझाव दिया, ताकि पुलिस की गतिविधियों व वस्तु स्थिति का आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति हथियार लेकर चलने की हिम्मत कैसे कर रहा है इसको देखें। उन्होंने कहा कि संप्रदायिक तनाव की घटना कहीं न हो, महिला की सुरक्षा में कमी न हो, शराबबंदी अभियान के अंतर्गत लगातार कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी अभियान के कारण सुबे में दूध एवं सब्जी की बिक्री बढ़ गई है। आंकड़े बता रहे हैं कि एक करोड़ 64 लाख लोगों ने शराब छोड़ दी। इसका पुनः सर्वेक्षण कराया जाएगा तो संख्या और बढ़ेगी, इस अभियान से बिहार का विकास होगा।
एनआईसी दरभंगा से आयुक्त दरभंगा प्रमंडल दरभंगा, मनीष कुमार, डीएम राजीव रौशन, आईपीएस विक्रम सिंहाम, आयुक्त के सचिव देवेंद्र प्रसाद तिवारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता एवं उत्पाद अधीक्षक ओम प्रकाश उपस्थित थे।