February 20, 2022

17.02.2022 (दरभंगा) : अपर समाहर्त्ता(लोक शिकायत निवारण)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अजय कुमार द्वारा सभी लोक प्राधिकार को पत्र निर्गत करते हुए कहा है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम मुख्यमंत्री, बिहार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सरकार द्वारा परिवादों के सम्यक निस्तारण/निवारण सुनिश्चित कराने के प्रयोजनार्थ परिवाद निस्तारण की प्रणाली विकसित की गई है जिसमें आमजनों को निर्धारित समय सीमा (60 कार्य दिवस) के अंदर उनके द्वारा दायर वादों को निराकरण किया जाना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस अधिनियम के तहत दायर वादों को आम आवेदन की तरह व्यवहार में लाते हुये निर्धारित अवधि के बजाए बिलंब से प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई लोक प्राधिकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने के कारण परिवादों का सम्यक/सार्थक निराकरण नहीं हो पा रहा है, जिस कारण अनुमण्डल, जिला स्तर पर भी कई मामलें विस्तारित हो रहे हैं। विदित है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दायर वादों के परिवादी "जनता के दरबार मुख्यमंत्री कार्यक्रम" में जाते हैं, जहाँ लोक शिकायत निवारण के तहत दर्ज मामलों में पारित आदेश का अवलोकन स्वंय मुख्यमंत्री बिहार द्वारा किया जाता है। उपरोक्त तथ्यों के आलोक में उन्होंने दरभंगा जिला के सभी लोक प्राधिकारों से कहा है कि मुख्यमंत्री के इस महत्वकांक्षी योजना को सफल बनाने में सहभागिता देते हुये बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत दायर वादों में निर्धारित समय सीमा (60 कार्य दिवस) में सार्थक प्रतिवेदन उपलब्ध करायें, ताकि परिवादों का ससमय निराकरण/निवारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि अपेक्षित सहयोग/सार्थक प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में संबंधित लोक प्राधिकार के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा वरीय पदाधिकारियों/ विभाग से की जा सकती है।