February 09, 2022

08.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेदकर सभागार में डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में तकनीकी पदाधिकारियों की जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गयी। बैठक में शहरी आधारभूत संरचना प्रमण्डल, दरभंगा, लोक स्वास्थ्य प्रमण्डल, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, ग्रामीण कार्य प्रमण्डल, बेनीपुर, ग्रामीण कार्य प्रमण्डल, बिरौल, ग्रामीण कार्य प्रमण्डल, दरभंगा-1, ग्रामीण कार्य प्रमण्डल, दरभंगा-2, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, दरभंगा-1, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, बेनीपुर-2, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, भवन निर्माण संरचना प्रमण्डल, बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास लिमिटेड, बिहार राज्य चिकित्सा आधारभूत संरचना, पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी।
बैठक में भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि दरभंगा एयरपोर्ट पर व्यू-कटर का कार्य अंतिम चरण में है, केवल 50 मीटर मे लगाना शेष रह है। रन-वे पर फेसिंग का काम भी तेजी से चल रहा है। डीएम ने इसे 10 फरवरी तक पूरा करने का निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि फेंसिंग का कार्य पूर्ण होने के उपरांत ही जंगली सुअर और नीलगाय को हवाई अड्डा क्षेत्र से अन्यत्र हटाया जा सकेगा। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास लिमिटेड के अभियंता ने बताया कि एम्स की जमीन पर मिट्टी भराई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसे दो हिस्से में बाँटा गया है, 50 एकड़ का सुखा भाग एवं 25 एकड़ जलमग्न भाग। उन्होंने बताया कि वांछित सभी मशीन आ चुका है, 03 महीने में मिट्टी भराई का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा बताया गया कि कुशेश्वरस्थान-फुलतोड़ा पथ में कुल - 04 उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार चल रहा है। स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन-2, बेनीपुर ने बताया कि कब्रिस्तान घेराबन्दी की 25 योजनाएँ पूर्ण कर ली गयी हैं, 08 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड ने बताया कि नेहरू स्टेडियम में निर्मित प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। साउड, लाईट एवं विडियो प्रोजेक्टर का कार्य शेष है। डीएम ने इसे शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि हायाघाट प्रखण्ड में मानू पॉलटेकनिक कम्पैस में 100 शय्या वाले बालिका छात्रावास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्रथम तल की ढ़लाई का कार्य पूर्ण हो चुका है। उसी परिसर में 100 शय्या वाले बालक छात्रावास का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। केवटी प्रखण्ड में 560 आवासन क्षमता वाले अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य चल रहा है। भवन निर्माण संरचना प्रमण्डल ने बताया कि दरभंगा अभियंत्रण महाविद्यालय में 200 शय्या वाले बालिका छात्रावास एवं 300 शय्या वाले बालक छात्रावास की निविदा निष्पादन की प्रक्रिया में है। अप्रैल माह से कार्य प्रारंभ हो जाएगा। आई.टी.आई., बिरौल एवं बेनीपुर को निर्धारित समय के अन्दर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने सभी तकनीकी विभागों का जमीन उपलब्धता एवं अतिक्रमण के मामले को पत्र के माध्यम से अवगत कराने का निर्देश दिया, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कराया जा सके। उन्होंने कहा कि जिस दिन अतिक्रमण हटाया जाए, उसी दिन से निर्माण कार्य प्रारंभ होनी चाहिए। इसके साथ ही अन्य योजनाओं की समीक्षा की गयी एवं ससमय पूरा कराने के निर्देश दिये गये।
February 09, 2022

08.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित सभागार में एन.बी.पी.डी.सी.एल. (नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड) द्वारा चयनित एजेंसी ई.ई.एस.एल. एण्ड ई.डी.एफ के अधिकृत प्रतिनिधि के द्वारा दरभंगा में 8 फरवरी से बिजली का प्रीपेड मीटर निःशुल्क लगाया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर मोबाईल एप की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। डीएम राजीव रौशन ने दीप प्रज्वलन कर स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने के कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग जाने से अब उपभोक्ताओं को बिजली की बचत करने में मदद मिलेगी। उन्हें दैनिक रूप से यह जानकारी मिलेगी कि उनके यहाँ बिजली की कितनी खपत हो रही है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को कहा कि यह नई व्यवस्था है और यदि उपभोक्ता को कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो जितनी तर्त्पता से इसका निराकरण किया जायेगा, जनता में उतना ही विश्वास उत्पन्न होगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई उपभोक्ता जागरूक नहीं है, वह ससमय रिचार्ज नहीं कराया और उसका मीटर माइन्स (-) में चला गया, बिजली कट गयी तो उसके द्वारा जैसे ही रिचार्ज कराया जाता है, तुरंत बिजली की आपूर्ति करनी होगी, इसमें विलम्ब होने पर असंतोष बढ़ेगा, इसलिए इसकी पूरी प्रक्रिया की जानकारी प्रचार-प्रसार के माध्यम से भी दिया जाना आवश्यक है।
इसके लिए लघू वीडियो फिल्म के माध्यम से प्रचार-प्रचार करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों की बिजली की समस्या का समाधान 05 से 10 मिनट के अन्दर करना होगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से बिजली की चोरी भी रूकेगी, कम्पनी को भी लाभ होगा, उपभोक्ता को भी बचत होगी। उन्होंने कहा कि पटना में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बहुत अच्छे तरीके से लागू किया गया है। इसलिए दरभंगा के उपभोक्ताओं में संकोच कम होगा।यहाँ के लोग इसे आसानी से स्वीकार करेंगे और यह भी कहा जायेगा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाने में दरभंगा प्रमण्डल ने एक आयाम स्थापित किया। उन्होंने कहा कि बिहार बिजली स्मार्ट एप की मदद से वे प्रतिदिन के बिजली उपभोग की जानकारी इस एप से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही यह मोबाईल रिचार्ज कराने की तरह होगा।उपभोक्ता अपने प्रिपेड स्मार्ट मीटर का रिचार्ज अपने एप के माध्यम से करा सकेंगे। उप विकास आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि अब हर क्षेत्र में तकनीकी प्रगति हो रही है, जिसका परिणाम है कि बिजली के क्षेत्र में भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग रहा है।
इससे बिजली विभाग की अपनी संरचना को और मजबूत कर सकेगी। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि समाहरणालय के सभी कार्यालय में जल्द से जल्द स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग जाए। विद्युत अधीक्षण अभियंता ने कार्यक्रम में बताया कि दरभंगा शहरी क्षेत्र के सभी 80 हजार बिजली उपभोक्ताओं के बिजली मीटर को बदलते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर 31 मई 2022 तक लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के उपक्रम ई.ई.एस.एल. द्वरा फ्रांस सरकार की सरकारी कम्पनी ई.डी.एफ. को इस कार्य के लिए चयनित किया गया है। कंपनी को कुल - 23.5 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने हैं, अबतक 4 लाख 70 हजार मीटर लगा दिया गया है। तदोपरांत डीएम के द्वारा जिला अल्पसंख्यक कल्याण, दरभंगा के कार्यालय में स्मार्ट प्रीपेड मीटर का शुभारंभ फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर बिजली विभाग के अधिकारी ने जानकारी दी कि मीटर अधिष्ठापन के समय किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में उपभोक्ता मोबाइल नंबर 7763818777 पर संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, ईडीएफ के मनोज कुमार सिंह, प्रकाश रंजन सिंह, बबलू आलम, विपुल झा, आनंद झा, पवन सिंह, मोहम्मद राशिद, दीपक कुमार सिंह, सुधीर कुमार यादव, शंकर कुमार यादव, प्रमोद कुमार यादव, सहित बिजली विभाग के अन्य कर्मिगण उपस्थित थे।
February 09, 2022

08.02.2022 (दरभंगा) : डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जिला निरीक्षण समिति द्वारा दरभंगा जिला के बाल गृह, पर्यवेक्षक गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी विभा कुमारी, स्वास्थ्य विभाग के डी.एम.ओ. जय प्रकाश महतो, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई नेहा नूपुर, अजीत मिश्रा, गुंजन कुमारी, सदस्य किशोर न्याय परिषद तथा वीरेन्द्र कुमार झा, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति ने सदस्यों के रूप में निरीक्षण में भाग लिया।निरीक्षण के दौरान पंकज सिन्हा, बाल संरक्षण पदाधिकारी के साथ-साथ दोनों गृह के अधीक्षक व अन्य कर्मी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि किशोर न्याय नियमावली, 2017 की धारा 41 के तहत जिला निरीक्षण समिति प्रत्येक तीन माह पर जिले में संचालित विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों का निरीक्षण कर अपना प्रतिवेदन समाज कल्याण विभाग को प्रपत्र - 46 में भेजती है।
सर्वप्रथम जिला पदाधिकारी सैदनगर स्थित बाल गृह पहुँचे, जहाँ उन्होंने गृह में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए बच्चों से मित्रतावत बातें की। डीएम को सहायक निदेशक ने जानकारी दी कि वर्तमान में बाल गृह में कुल 34 बच्चें आवासित हैं, जिनमें 11 बच्चे विशेष आवश्यकता (दिव्यांग) वाले हैं। उन्होंने बताया कि 04 बच्चे समस्तीपुर जिला के, 01 मधुबनी, 01 गया और शेष दरभंगा जिला के बच्चें हैं। 09 बच्चों के परिवार की खोज कर पुनर्वास की प्रक्रिया की जा रही है। डीएम ने बच्चों से खानपान, शिक्षा, खेलकूद एवं पुनर्वास के संबंध में जानकारी प्राप्त की। वह बाल गृह की साफ-सफाई से संतुष्ट हुए। साथ ही उन्होंने बड़े बच्चों का आयु निर्धारण कराकर उन्हें व्यवसायिक प्रशिक्षण से जोड़ने का निर्देश दिया।इस पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष वीरेन्द्र झा ने एक बच्चे को के.एफ.सी. में रोजगार दिलाने की प्रक्रिया करने की जानकारी दी। तत्पश्चात् डीएम पर्यवेक्षण गृह पहुँचे। उन्हें जानकारी दी गयी कि वर्तमान में 81 बच्चें यहाँ आवासित हैं, जिनमें 08 दरभंगा के, 26 समस्तीपुर के तथा 47 मधुबनी जिला के हैं।
जिलाधिकारी ने बच्चों से बात कर पर्यवेक्षण गृह में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। सहायक निदेशक ने बताया कि गृह के 06 बच्चों ने इंटर की परीक्षा दी है तथा 01 बच्चा मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होगा। गृह में डिजिटल लर्निंग बोर्ड, प्रोजेक्टर, लाइब्रेरी आदि की व्यवस्था पायी गयी। निरीक्षण के दौरान बच्चे बॉलीबाल, बैडमिटन आदि खेल रहे थे। इसी क्रम में विशिष्ट दत्तक संस्थान के निरीक्षण में पाया गया कि 01 बच्चा (06 माह का) तथा 01 बच्ची (15 दिन की) आवासित है। गृह में साफ-सफाई संतोषजनक पायी गयी। डीएम द्वारा छोटे बच्चों को ठंड से विशेष बचाव करने का निर्देश दिया गया। साथ ही नवजात/परित्यक्त बच्चा पाये जाने पर जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, विशिष्ट दत्तक संस्थान तथा चाइल्ड लाईन के टॉल फ्री नम्बर - 1098 पर सूचना देने का पर्याप्त प्रचार-प्रसार करवाने का निर्देश दिया।
February 04, 2022

04.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित दरभंगा के एनआईसी से अपर जिला सत्र न्यायाधीश-सह-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा जावेद आलम एवं जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज द्वारा संयुक्त रूप से सभी प्रखंडों के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, ग्राम कचहरी सचिवो, न्यायमित्रों एवं प्रखंड कार्यपालक सहायकों के साथ बैठक करते हुए निर्देशित किया कि 12 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक लोगों के सुलहनीय मामले का सुलह के आधार पर निष्पादन कराया जाए।
इसके के लिए पंचायत एवं ग्राम स्तर पर जागरूकता लाने का निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय व जिले के व्यवहार न्यायालय में मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके लिए ग्राम स्तर पर बने ग्राम कचहरी को सक्रिय होना पड़ेगा। सरपंच भी न्यायाधीश होते हैं, और उन्हें भी अनेक मामलों में विवाद निष्पादित करने की शक्ति प्रदत्त है। प्राय: देखा जाता है ग्राम कचहरी में आने वाले मामले का अभिलेख नहीं रहता है। अतः सभी मामलों का दस्तावेजीकरण कर अभिलेख रखा जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर माननीय न्यायाधीश द्वारा कभी भी आपके ग्राम कचहरी का निरीक्षण किया जा सकता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय वादों का निष्पादन तत्परता से की जाती है।
उन्होंने बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के लोगों में जागरूकता लाने की अपील की। ज़िला पंचायत राज पदाधिकारी आलोक राज ने सभी कचहरी सचिवों एवं न्यायमित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कचहरी में सचिव पेशकार की भूमिका में होते हैं तथा न्याय मित्र सलाहकार की भूमिका में होते हैं। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम कचहरी को अविलंब क्रियाशील किया जाना है। वर्तमान में कुल 56 पंचायत सरकार भवनों को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कराया जा चुका है तथा इसमे ही ग्राम कचहरी का संचालन किया जाना है। विशेष परिस्थिति में ही ग्राम कचहरी किराये के भवन में चलेंगे।
उन्होंने सभी ग्राम कचहरी में सूचना पट्ट लगाने का भी निर्देश दिया। गौरतलब है कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मुकदमों की सुनवाई की जाती है, जिनमें विभिन्न मुकदमा पूर्व एवं लंबित वाद यथा - शमनीय (कम्पाउंडेबल) आपराधिक वाद, एन. आई. एक्ट धारा 138 वाद, बैंक ऋण वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, श्रम विवाद, विद्युत तथा पानी बिल संबंधी विवाद, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण वाद, सेवा संबंधी (वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ), राजस्व मामले (जिला न्यायालय में लंबित) एवं अन्य दीवानी मामले यथा (किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा वाद, संविदा के विनिर्दिष्ट पालन हेतु वाद), बी.एस.एन.एल इत्यादि से संबंधित वाद का निष्पादन आपसी सुलह के आधार पर तत्काल किया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
February 04, 2022

04.02.2022 (दरभंगा) : सीएम कॉलेज, दरभंगा के एनसीसी तथा डा प्रभात दास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 'विश्व कैंसर दिवस' के अवसर पर "कैंसर : समस्या एवं समाधान" विषयक जन जागरूकता वेबीनार का आयोजन सीएम कॉलेज परिसर में किया गया, जिसमें प्रधानाचार्य डा फूलो पासवान, स्वामी विवेकानंद कैंसर अस्पताल से संबद्ध डॉ बीबी शाही, पूर्व एनएसएस पदाधिकारी डा आरएन चौरसिया, एनसीसी पदाधिकारी डा शैलेन्द्र श्रीवास्तव, फाउंडेशन के सचिव मुकेश कुमार झा, डा प्रेम कुमारी, डा चंदा कुमारी, डा कामिनी कुमारी, डा शशिकला यादव, डा अनीता गुप्ता, डा शिशिर कुमार झा, जूही झा, राजकुमार गणेशन, अनिल कुमार सिंह, आशीष रंजन, अंकिता, रत्ना, रवीन्द्र यादव, शहनाज खातून, पूनम, मो नदीम खान, ललित ठाकुर, कामिनी चौधरी, दिनेश कुमार, प्रो हरे कृष्ण मिश्र व अमरजीत कुमार सहित 50 से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ फूलो पासवान ने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित व सेवाभावी युवाओं से ही खुशहाल समाज एवं विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव है। समाज में बड़ी संख्या में लोग तंबाकू के विभिन्न उत्पादों का सेवन करते हैं, जिससे करोड़ों लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू के सेवन से शरीर के प्रत्येक अंग पर बुरा असर पड़ता है। लगातार सामूहिक प्रयास एवं जागरूकता कार्यक्रम चलाकर कैंसर पर काबू पाना संभव है। मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध चिकित्सक डा बीबी शाही ने कहा कि हृदय रोग के बाद कैंसर दूसरी सबसे बड़ी बीमारी है। यदि प्रारंभिक अवस्था में ही कैंसर का पता चल जाए तो उसकी रोकथाम संभव है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष 5 से 6 लाख लोग कैंसर से मर जाते हैं, जबकि 7 से 8 लाख नये लोग कैंसर ग्रसित होते हैं। इसका बचाव आसान है, परंतु पूर्ण इलाज अत्यंत ही मुश्किल है। तंबाकू एवं उसके उत्पादों का पूर्णतया त्याग कर हम 60% तक कैंसर की रोकथाम कर सकते हैं। मिथिला क्षेत्र में पूरे दुनिया के माउथ कैंसर पीड़ितों की संख्या सर्वाधिक है। धूम्र रहित एवं धूम्र सहित तंबाकू सेवन से कैंसर रोग का खतरा सर्वाधिक बढ़ता है। धूम्रपान से शारीरिक, मानसिक, सामाजिक तथा आर्थिक नुकसान होता है।
विषय प्रवेश कराते हुए महाविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष डा आरएन चौरसिया ने कहा कि कैंसर एक जानलेवा एवं साइलेंट किलर बीमारी है, पर यह लाइलाज नहीं है। प्रारंभिक समय में पहचान कर इसका उपचार करने से रोगी की जान बच सकती है। उन्होंने लोगों से तंबाकू सहित हर तरह के नशा सेवन छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि कानूनी रूप से भी हर सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान पूरी तरह वर्जित होना चाहिए। लोग जागरूक होंगे, तभी स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। डा कामिनी कुमारी ने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि जानकारी के अभाव में महिलाएं अधिक कैंसर पीड़ित हो रही हैं।
प्रतिभागियों की ओर से पूछे गए अनेकानेक प्रश्नों का समुचित उत्तर डा बीबी शाही ने दिया। एनसीसी पदाधिकारी डा शैलेन्द्र श्रीवास्तव के सफल संचालन में आयोजित वेबीनार में आगत अतिथियों का स्वागत फाउंडेशन के सचिव मुकेश कुमार झा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन फाउंडेशन के सक्रिय कार्यकर्ता राजकुमार गणेशन ने किया।