February 04, 2022

04.02.2022 (पटना) : डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक समाहरणालय सभागार में की गई। बैठक में विभागीय निर्देश के आलोक में किए जाने वाले कार्य और प्रस्ताव पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया तथा उसके क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश डीएम द्वारा दिए गए। बैठक में स्वस्थ भारत मिशन, ग्रामीण फेज- 2/ लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान -2 के तहत ओडीएफ-एस एवं ठोस तरल एवं कचरा अवशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों को क्रियान्वित करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिया गए, जबकि 64 पंचायतों में इसकी कार्य योजना बना ली गई है।
इसमें 64 ग्राम पंचायतों का ग्राम सभा से अनुमोदन होकर आ गया है। इन सभी ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य किए जाएंगे। बताया गया कि ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के तहत हर वार्ड में ठेला गाड़ी रहेगी। कचरे को इकट्ठा करने के लिए कर्मी रहेंगे। पंचायत पंचायत स्तर पर एक-एक ई-रिक्शा रहेगा ।वार्ड स्तर पर संग्रहण केंद्र बनाए जाएंगे। प्रत्येक पंचायत में एक पर्यवेक्षक रहेंगे तथा प्रखंड स्तर पर एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक पर्यवेक्षक की प्रतिनियुक्ति होगी ।प्रत्येक घर को दो-दो डस्टबिन दिया जाएगा। ये सभी कार्य चिन्हित चार पंचायतों में किए जा रहे हैं। बैठक में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट निर्माण पर विचार विमर्श किए गए। इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश डीएम के द्वारा दिया गया। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत किए जाने वाले कार्यों हेतु सामग्री की खरीदारी के लिए नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया अपनाने तथा संस्थाओं का चयन कर प्रखंड एवं पंचायतों में सूचीबद्ध किए जाने का निर्देश डीएम के द्वारा दिए गए। साथ ही निर्देशित किया गया कि इस संबंध में जिला स्तर पर समिति का शीघ्र गठन करें जो प्रखंड स्तरीय गठित कमेटी के कार्यों का सतत अनुश्रवण करेगी।
बैठक में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर प्रखंड स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थानों के सदस्यों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन और ओडीएफ प्लस से संबंधित गतिविधियों के सुचारू रूप से क्रियान्वयन हेतु एलएसबीए कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा ग्राहीयों और विभिन्न स्टेकहोल्डर के सदस्यों का क्षमता संवर्धन हेतु प्रशिक्षण/ उन्मुखीकरण एवं कार्यशाला आदि तथा जन जागरूकता हेतु विभिन्न प्रचार प्रसार गतिविधियों का करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त पटना, निर्देशक DRDA, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका, कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, जिला स्तरीय टीम स्वच्छता एवं VC के माध्यम से प्रखंड विकास पदाधिकारी, CO, प्रखंड समन्वयक उपस्थित थे।
February 04, 2022

04.02.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत विभिन्न 11 घटकों के अंतर्गत कार्य की प्रगति की समीक्षा की गयी। उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया द्वारा पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया गया कि सुदूर संवेदन के द्वारा एवं निरीक्षण कर जिला स्तर पर चिन्हित किए गए सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त करने के अभियान के अंतर्गत 555 संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। जिले में सार्वजनिक पोखर/तालाब का जीर्णोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत मनरेगा द्वारा 243 योजना ली गयी थी, जिनमें से 230 में जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है तथा 07 में कार्य प्रगति पर है। लघु सिंचाई द्वारा जीर्णोद्धार के लिए 24 योजनाएं ली गई थी, जिनमें से 19 में कार्य प्रारंभ कराया गया है एवं 14 में जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हो चुका है। तलाब/पोखर, आहर, पइन का जीर्णोद्धार योजना के अंतर्गत मनरेगा द्वारा अहिल्या स्थान अवस्थित गौतम कुंड का सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार का कार्य कराया गया है। जिसके अंतर्गत गौतम कुंड के चारों ओर घाट का निर्माण एवं पार्क का निर्माण कराया गया है।
डीएम ने वहाँ खुले में जिम निर्माण कराने के निर्देश दिए। उप विकास आयुक्त ने बताया कि गौड़ाबौराम में भी एक तलाब को मॉडल के रूप में जीर्णोद्धार व सौंदर्यकरण कार्य कराया गया है। बैठक में बताया गया कि मत्स्य विभाग द्वारा एनओसी प्राप्त नहीं होने के कारण 157 निजी पोखरों पर उड़ाहीकरण का कार्य नहीं हो पा रहा है। निजी खेतों में पोखर को उड़ाहीकरण हेतु 496 योजनाएं ली गयी थी, जिनमें से 473 में उड़ाहीकरण का कार्य कराया गया है। निजी पोखरों का सर्वेक्षण कर एनओसी समय पर उपलब्ध नहीं कराने के लिए डीएम द्वारा 09 मत्स्य प्रसार पदाधिकारी एवं पशुपालन विभाग के कनीय अभियंता का वेतन स्थगित कर दिया गया है। उप विकास आयुक्त ने बताया कि छोटी नदी नालों व पहाड़ों में चेक डैम का निर्माण घटक के अंतर्गत मनरेगा के द्वारा 23 चेक डैम बनवाये गये हैं। लघु जल संसाधन विभाग द्वारा इस वर्ष चेक डैम की 3 योजनाओं ली गई हैं। उन्होंने बताया कि 103 पाईन में जीर्णोद्धार का काम प्रारंभ कराया गया था, जिन्हें पूर्ण कर लिया गया है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 1293 एवं शहरी क्षेत्र में 40 सार्वजनिक कुआं जीर्णोद्धार के लिए चिन्हित हैं। जिनमें से ग्रामीण क्षेत्र में 403 एवं शहरी क्षेत्र में सभी 40 कुओं में जीर्णोद्धार का कार्य कराया गया है। पंचायती राज विभाग द्वारा 97 सार्वजनिक कुआं का चयन जीर्णोद्धार के लिए किया गया था और सभी में जीर्णोद्धार का कार्य करा लिया गया है।
पीएचइडी द्वारा जीर्णोद्धार हेतु 324 कुओं को चिह्नित किया गया था। जिनमें से 318 में जीर्णोद्धार कार्य करवा लिया गया है। जिले में 140 पइन का चयन जीर्णोद्धार हेतु किया गया था जिनमे से 106 में कार्य पूर्ण करा लिया गया है। छत वर्षा जल संचयन के अंतर्गत शिक्षा विभाग के द्वारा 1744, स्वास्थ्य विभाग के 332, भवन निर्माण विभाग के 61, नगर विकास के 6, पंचायती राज के एक एवं अन्य आठ भवन चिन्हित किए गए हैं। संबंधित विभाग द्वारा इनका निरीक्षण कर जिओ टैग का कार्य किया जाना है। बैठक में बताया गया कि शिक्षा विभाग द्वारा अबतक मात्र 153 भवन का निरीक्षण किया गया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निरीक्षण का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। डीएम ने संबंधित विभाग को इस कार्य को उच्च प्राथमिकता देते हुए इन सबों का निरीक्षण कर 15 दिनों के अंदर जियो टैग करने का निर्देश दिया। छत वर्षा जल संचयन योजना के अंतर्गत बताया गया कि शिक्षा विभाग द्वारा 138 भवन में कार्य प्रारंभ कराया गया था 124 में कार्य पूर्ण करा लिया गया तथा 14 योजना में कार्य प्रगति पर है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 07 योजनाओं में कार्य प्रारंभ कराया गया, जिनमें से तीन में कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
बताया गया कि चापाकल के पास सोखता बनाने की घटक में जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 34 हजार 362 एवं शहरी क्षेत्र में 713 चापाकल चिह्नित हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 1559 चापाकल में तथा शहरी क्षेत्र में 115 चापाकल में सोखता का निर्माण कराया गया है। नगर आयुक्त ने बताया कि शहरी क्षेत्र में चापाकल के समीप जगह नहीं रहने के कारण सोखता निर्माण नहीं हो पा रहा है। डीएम ने पाईप के सहारे पानी को कुछ दूर ले जाकर या चापाकल के समीप ही सोखता का निर्माण करवाने का निर्देश दिया। पौधशाला सृजन व सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि जिले में वन विभाग द्वारा 1 लाख 87 हजार 174 एवं ग्रामीण विभाग द्वारा 5 लाख 15 हजार 541 पौधा लगवाये गये हैं। डेढ़ एकड़ में टपकन सिंचाई की जा रही है, सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन के तहत कुल 13 भवनों पर सोलर प्लेट लगवाए गए हैं तथा 4 हेक्टेयर के पोखर में 2 मेगा वाट का सोलर प्लेट लगाया गया। बैठक में बताया जल-जीवन-हरियाली अभियान में दरभंगा जिले का बिहार में 16वां स्थान प्राप्त है।
डीएम ने जिले के रैंक को अगले माह तक टॉप 10 के अंतर्गत लाने हेतु तेजी से काम करने तथा योजना में किए गए प्रावधान के अनुसार तालाब की उड़ाहीकरण करवाने, कृषि मत्स्य एवं लघु सिंचाई विभाग को अपने योजनाओं में शीघ्र प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नगर आयुक्त अखिलेश प्रसाद सिंह, अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी, डीसीएलआर सदर सादुल हसन, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।
February 04, 2022

03.02.2022 (दरभंगा) : सरस्वती पूजा को लेकर जिले में विधि व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम राजीव रौशन व एसएसपी अशोक प्रसाद की संयुक्त अध्यक्षता में जिले के सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष के साथ बैठक आयोजित की गयी।
बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि गृह विभाग, बिहार सरकार द्वारा कोविड-19 से सुरक्षा व बचाव के लिए सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध लागू है, जिसके अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर पूजा पर रोक व सार्वजनिक स्थलों पर मास्क एवं सामाजिक दूरी का प्रयोग शामिल है। इसलिए सभी अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में शांति समिति की बैठक करते समय इस तथ्य से सबों को अवगत करा देंगे कि कोविड- 19 से सुरक्षा व बचाव के लिए जारी निर्देश का अनुपालन करते हुए अपने घरों में ही वह सरस्वती पूजा का आयोजन करें। कहीं भी भीड़ जमा न हो जिससे संक्रमण फैलने का खतरा हो। उन्होंने इस आशय की माईकिंग करा देने का निर्देश सभी सी0ओ0 को दिया। उन्होंने सभी थानाध्यक्ष को प्रतिमा विसर्जन के लिए घाटों को चिन्हित कर लेने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित अंचलाधिकारी को उन घाटों पर गोताखोरों को भेजकर यह सुनिश्चित कर लेने का निर्देश दिया कि चिह्नित घाट अत्यधिक गहरा व खतरनाक तो नहीं है। उन्होंने कहा कि शांति समिति की बैठक में अवगत करा दिया जाए कि प्रतिमा विसर्जन में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शामिल न किया जाए, क्योंकि विसर्जन के दौरान डूबने की घटना में प्रायः छोटे बच्चे के डूबने की सूचना पायी जाती है। इसलिए व्यवहारिक रूप से यह सुनिश्चित किया जाए विसर्जन में 18 वर्ष से ऊपर के ही लोग शामिल हों। विसर्जन तिथि 06 फरवरी को एनडीआरएफ की टीम को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही महाजाल के साथ चिन्हित गोताखोरों को एलर्ट रखने का निर्देश सभी अंचलों को दिया गया। नौका परिचालन को विसर्जन स्थलों पर प्रतिबंधित करने तथा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 लगाकर नौका परिचालन को नियंत्रित रखने का निर्देश सभी अंचलाधिकारी को दिया गया।
एसएसपी ने दरभंगा जिले के सभी थानाध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि सरस्वती पूजा के दौरान विधि व्यवस्था व शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूर्व से चिह्नित उपद्रवी तत्वों के विरूद्ध आवश्यकतानुसार दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-107 एवं धारा -116 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। नए उपद्रवी तत्वों को भी चिन्हित कर उक्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सभी थानाध्यक्ष अपने अपने क्षेत्र के संवेदनशील स्थलों पर शांति समिति की बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर लें। स्कूल, कॉलेज एवं आईटीआई से समन्वय स्थापित कर कोविड के लिए जारी निर्देश की जानकारी दे देंगे। छात्रावासों के छात्रों को भी कोविड-19 से सुरक्षा व बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी प्रतिबंध निर्देश की जानकारी दे देंगे। डीएम ने सिंघवाड़ा, बहेड़ी, मनीगाछी, बिरौल, जाले, हायाघाट, केवटी, बहादुरपुर, हनुमाननगर, घनश्यामपुर के अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष से वहां की स्थिति की जानकारी ली एवं आवश्यक निर्देश दिये।
डीएम ने बैठक के अंत में जिलेवासियों को सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कोविड-19 से सुरक्षा व बचाव के लिए जारी निर्देश का पालन करते हुए अपने घरों में ही शांतिपूर्ण एवं सद्भावपूर्वक सरस्वती पूजा करने की अपील की।
बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी स्पर्श गुप्ता, अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कृष्णनंदन कुमार, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता एवं शहरी क्षेत्र के सभी थानाध्यक्ष उपस्थित थे तथा सभी बीडीओ, सीओ व थानाध्यक्ष ऑनलाइन उपस्थित थे।
February 02, 2022

02.02.2022 (दरभंगा) : बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा दहेज प्रथा एवं बाल विवाह उन्मूलन हेतु पुनः राज्यव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान के लिए प्राप्त निर्देश के आलोक में डीएम राजीव रौशन द्वारा इसके लिए जिला से पंचायत स्तर तक अलग-अलग समिति का गठन किया गया है, जो अपने कार्य क्षेत्र में होने वाले विवाहों में दहेज के लेन देन अथवा बाल विवाह की जानकारी प्राप्त करने हेतु सूचना तंत्र विकसित करेगी। जिला स्तर में गठित समिति में उप विकास आयुक्त को अध्यक्ष, जिला कल्याण पदाधिकारी को संयोजक सदस्य तथा सदर अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक महिला विकास निगम एवं परियोजना प्रबंधक महिला हेल्पलाइन को शामिल किया गया है। अनुमंडल स्तर पर गठित समिति में अनुमंडल पदाधिकारी को अध्यक्ष तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी,अनुमंडल स्तर पर संचालित इंटर स्तरीय विद्यालय के प्राचार्य एवं अनुमंडल के बुद्धिजीवी/समाजसेवी को शामिल किया गया है। प्रखंड स्तरीय समिति में प्रखंड विकास पदाधिकारी को अध्यक्ष, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को सचिव तथा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संबंधित थानों के थाना अध्यक्ष एवं प्रखंड के बुद्धिजीवी/ समाजसेवी को शामिल किया गया है। वहीं पंचायत स्तरीय समिति में मुखिया को अध्यक्ष पंचायत समिति को सचिव तथा विकास मित्र,संबंधित थानों के उप पुलिस एवं संबंधित पंचायत के बुद्धिजीवी/ समाजसेवी को शामिल किया गया है।
February 02, 2022

02.02.2022 (दरभंगा) : जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति, दरभंगा राजीव रौशन द्वारा सभी प्र्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड पंचायती राज पदाधिकारी एवं सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र निर्गत करते हुए कहा गया है कि जिला स्तर पर कोविड टीकाकरण की समीक्षा के क्रम में निर्णय लिया गया है कि ‘‘हमारा ग्राम शत् प्रतिशत् टीका युक्त अभियान’’ पंचायत जन प्रतिनिधियों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में शत्-प्रतिशत् टीकाकरण सुनिश्चित कराने हेतु प्रारंभ किया जाये। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारी अपने क्षेत्रार्न्गत पंचायती राज जनप्रतिनिधि यथा - ग्राम पंचायत मुखिया एवं वार्ड मेंबर तथा विभागीय पदाधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित कर उक्त अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, ताकि उनके सहयोग से उनका ग्राम शत्-प्रतिशत् टीकाकृत हो जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए उनके ग्राम को टीकाकरण के विभिन्न श्रेणियों में उपलब्धि के आधार पर अंक देते हुए मुल्यांकन कर अच्छा कार्य करने वाले गाँव के जन प्रतिनिधियों को पुरस्कृत किया जाएगा। 15 से 18 आयुवर्ग के शत प्रतिशत योग्य लाभार्थियों का टीकाकरण हेतु 40 अंक, 60 वर्ष से ऊपर आयुवर्ग वाले प्रिकॉशनरी डोज वालों के शत प्रतिशत टीकाकरण हेतु 25 अंक, प्रथम डोज के शत प्रतिशत लाभार्थियों का टीकाकरण हेतु 10 अंक एवं द्वितीय डोज (डियू लिस्ट) के लाभार्थियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण हेतु 25 अंक निर्धारित किया गया है।