April 06, 2018

06.04.2018 (पटना) : प्रधान सचिव (निवर्तमान) ब्रजेश मेहरोत्रा के विदाई समारोह के अवसर पर राज्यपाल श्री सत्य पाल मल्लिक ने कहा की राजभवन की गरिमा और मर्यादा बढ़ाने हेतु हम सबको संकल्पित होना चाहिए। समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल श्री मल्लिक ने निवर्तमान प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा की प्रशंसा की तथा विश्वास व्यक्त किया की नए प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह भी उच्च शिक्षा के विकास हेतु किये जा रहे प्रयासों को गति दे पाने में सफल होंगे। राज्यपाल ने श्री मेहरोत्रा को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया। गौरतलब है की राज्यपाल के प्रधान सचिव का कार्यभार कल 05 अप्रैल को नव-पदस्थापित अधिकारी विवेक कुमार सिंह ने ग्रहण कर लिया है। इस विदाई समारोह में राज्यपाल सचिवालय के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
April 06, 2018

06.04.2018 (दरभंगा) : मैथिलि लोक संस्कृति मंच द्वारा रामाश्रय राय पब्लिक स्कूल मे दो दिवसीय मिथिला महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। प्रेस वार्ता में संस्था के महासचिव प्रो उदय शंकर मिश्र ने बताया की इस बार मिथिला महोत्सव अपने 21 वे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। हर वर्ष की भांति इस बार भी मिथिला महोत्सव धूमधाम से मनाया जायेगा। इस अवसर पर मिथिला सेवा सम्मान के लिए 10 विभूतियों को नामित किया गया है। श्री मिश्र ने बताया की इस दो दिवसीय मिथिला महोत्सव में अछिंजल पत्रिका का विमोचन, कवि सम्मलेन, सेमीनार तथा प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर प्रोफेसर, सांसद, विधायक सहित कई लोग शामिल होंगे। प्रेस वार्ता में प्रो. चंद्रशेखर झा उर्फ बुड्ढा भाई, विनोद कुमार, राम कुमार झा, प्रो. सुधीर कुमार झा, अमितेश सिंह आदि उपस्थित थे।
April 05, 2018
विज़न 2030 के बैठक में शिक्षकगण
04.04.2018 (दरभंगा) : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं व्यावसायिक प्रबंधन विभाग के सभागार में बुधवार को विजन 2030 को लेकर बैठक कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें विज्ञान संकाय के विभिन्न विषयों के एचओडी की ओर से अपने-अपने विभागों के स्थापना काल से आधारभूत संरचनाओं का जिक्र करते हुए विज़न 2030 के अंतर्गत भविष्य की योजनाओं पर पॉवर पॉइंट के माध्यम से विस्तृत प्रकाश डाला गया। इस क्रम में विभागाध्यक्षों की ओर से सत्र 2013-14 से 2018-19 तक के विभागीय उपलब्धियों की भी चर्चा करते हुए 2020 से 2030 के बीच विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित कुल ग्यारह बिन्दुओं यथा नये कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव, रिसर्च प्रोजेक्ट, सेमिनार-सिम्पोजियम, छात्रों की प्लेसमेंट योजना, नेशनल व इंटरनेशनल कोलैबोरेशन सहित अपनी योजनाओं पर प्रकाश डाला। वनस्पति विज्ञान के अधीन मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एवम बायोइन्फरमेटिक्स में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के साथ हर्बल मेडिसिन एवम सीड पैथोलॉजी में पीजी डिप्लोमा कोर्स आरम्भ करने की योजना बनाई है। रसायन शास्त्र विभाग ने पर्यावरण एवम विश्लेषण विज्ञान को स्पेशल पेपर में जोड़ने के साथ बायोकेमिस्ट्री एवम हर्बल केमिस्ट्री में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और मेडिसिनल केमिस्ट्री, ग्रीन केमिस्ट्री व फोरेंसिक साइंस में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है। गणित विभाग एम.सी.ए पाठ्यक्रम आरम्भ करेगी। वहीँ फिजिक्स विभाग ने एस्ट्रो फिजिक्स, स्पेस साइंस में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने के साथ मैटर भौतिकी एवम क्वांटम भौतिकी को स्पेशल पेपर में जोड़ने की योजना बनाई है। जंतु विज्ञानं विभाग की ओर से दिए गये प्रेजेंटेशन में एक्वा कल्चर एवम ह्यूमन हेल्थ एंड न्यूट्रिशन में पीजी डिप्लोमा कोर्स के साथ मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एवम बायो केमिस्ट्री में स्नातकोत्तर कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है। कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने अपने संबोधन में प्रतिकुलपति प्रो. जय गोपाल द्वारा इस दिशा में किये गये पहल की सराहना करते हुए कहा की किसी संस्था को शैक्षिक शिखर पर पहुँचने के लिए रोड मैप बनाना पड़ता है। इसी दिशा में पांच वर्षों के अन्तराल पर प्लानिंग करने का प्रयास जारी है। इस प्रकार सभी विभागों से उपलब्ध विज़न 2030 के अभिलेखों को एकत्रित कर पुस्तक के रूप में बनाया जाएगा और इसके लिए एक टीम का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए विश्विद्यालय की ओर से हर संभव उपाय किए जायेंगे। यह इस विश्वविद्यालय के साथ ही सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी रोल मॉडल का काम करेगा। विभागों की ओर से दिए गये प्रेजेंटेशन की सराहना करते हुए वी.सी प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा की इन प्रेजेंटेशनों में शिक्षकों की मेहनत, उनका विकासत्मक सोच व कार्य के प्रति समर्पण झलकता है। प्रेजेंटेशन के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए विकास पदाधिकारी डॉ. केके साहू व प्रोवीसी ने कई आवश्यक सुझाव दिए। कार्यक्रम का संचालन विकास पदाधिकारी डॉ. साहु ने किया। मौके पर प्रो. उपेन्द्र कुमार, प्रो. एके गुप्ता, प्रो. ब्रज मोहन झा, प्रो. योगानंद मिश्रा, प्रो. धीरेन्द्र नाथ मिश्र, प्रो. रतन कुमार चौधरी सहित विज्ञान विभाग के शिक्षक मौजूद थे।
April 05, 2018
डीएम डॉo चंद्रशेखर सिंह
निरिक्षण करते हुए
03.04.2018 (दरभंगा) : जिला पदाधिकारी दरभंगा डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह के द्वारा सदर अनुमंडल दरभंगा कार्यालय का नियमित निरीक्षण किया गया। इसके पूर्व वर्ष 2012 में तत्कालीन जिला पदाधिकारी के द्वारा कार्यालय का नियमित निरीक्षण किया गया था। विदित है कि दरभंगा जिला की लगभग 60% आबादी सदर अनुमंडल में निवास करती है। इसके अंतर्गत कुल 10 प्रखंड है जिसमे लगभग 1300 जन वितरण प्रणाली विक्रेता की अनुज्ञप्ति सदर अनुमंडल के लिए अनुशंसित है। इनमें से कुल 450 अनुज्ञप्तिधारी का पद रिक्त है। इससे आम जनों को जन वितरण प्रणाली के तहत दी जाने वाली सुविधाओं को उपलब्ध कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अतः रिक्त पदों पर बहाली हेतु नया अनुज्ञप्ति जारी करने के लिए जिला चयन समिति के द्वारा चयन की अनुशंसा की जा चुकी है। परंतु चयन का मामला में वाद दायर होने की वजह से एवं न्यायालय में मामले के लंबित होने के कारण अनुज्ञप्ति अभी तक निर्गत नहीं की जा सकी है। इस मामले में जिला पदाधिकारी के द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया कि न्यायालय से निर्णय प्राप्त होते ही अनुज्ञप्ति जारी करें। निरीक्षण के क्रम में जानकारी दी गई कि अनुमंडल के पूर्व नाजिर जिनका स्वर्गवास हो चुका है,पर कुल 20 लाख रुपए के गबन का मामला प्रतिवेदित है। इस संबंध में FIR भी दर्ज किया गया था। मामला न्यायालय में लंबित है। अनुमंडल पदाधिकारी सदर डॉक्टर गजेंद्र प्रसाद सिंह को न्यायालय में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने का निर्देश दिया गया। वर्तमान में अनुमंडल नजारत में लगभग एक करोड़ रुपया पाया गया। जिसके निकट भविष्य में खर्च की संभावना नहीं है। इस पर जिला पदाधिकारी ने वित्त विभाग बिहार सरकार के नवीनतम दिशा निर्देश के आलोक में 2 कार्य दिवस के अंदर पूरी राशि को सरकार के संचित निधि में अविलंब जमा करने का निर्देश दिया गया। अनुमंडल न्यायालय कार्य से जिला पदाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। कुल लंबित 3200 मामलों में से मात्र 250 मामलों के निष्पादित होने की जानकारी दी गई। लंबित मामलों के तेजी से निष्पादन हेतु नियमित रूप से न्यायालय कार्य करने का निर्देश सदर अनुमंडल पदाधिकारी को दिया गया। सदर अनुमंडल कार्यालय में सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी अवर निर्वाचन पदाधिकारी दो कार्यपालक दंडाधिकारी तथा 8 प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी का पद रिक्त होने की जानकारी दी गई। इससे कार्य निष्पादन में प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की भी जानकारी दी गई। इस संबंध में रिक्त पदों पर पदस्थापन हेतु सरकार के पास अनुरोध पत्र भेजने का निर्देश दिया गया। कुल मिलाकर कार्यालय एवं अभिलेखों का रखरखाव संतोषजनक पाया गया। विशेषकर आरटीपीएस कार्यालय की स्थिति अच्छी पाई गई। कार्यालय भवन के रंगरोगन की आवश्यकता को देखते हुए कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल को पत्र लिखने का निर्देश दिया गया।
April 04, 2018

01.04.2018 (दरभंगा) : ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय का 08वां दीक्षांत समारोह डॉo नागेंद्र झा स्टेडियम में मनाया गया। इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति श्री सत्यपाल मल्लिक के द्वारा कई छात्र-छात्राओं को गोल्ड मैडल तथा डिग्री दिया गया। वैज्ञानिक पद्म श्री डॉo मानस बिहारी वर्मा तथा प्रसिद्ध लोक गायिका श्रीमती शारदा सिन्हा को डॉक्टरेट की डिग्री दी गयी। दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए राजयपाल श्री सत्यपाल मल्लिक ने कहा की शिक्षा से बड़ी कोई ताकत नहीं, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता की बिहार के लड़के अपनी शिक्षा के बदौलत सबसे ज़्यादा IAS बनते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा की आपके लिए शिक्षा के क्षेत्र में पूरी दुनिया खुली हुई है आगे बढ़ते जाएँ। राज्यपाल श्री सत्यपाल मल्लिक ने बीएड शिक्षा पर दुःख जाहिर करते हुए कहा की बिहार में बीएड शिक्षा का बड़ा कारोबार चल रहा है जिसमे कई नेतागण भी शामिल हैं। अब ऐसा मुश्किल होगा क्योंकि इस शिक्षा के गुणवत्ता के लिए नीट के तरह परीक्षा ली जाएगी जिसमे छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण होंगे तभी वो बीएड में दाखिला ले पाएंगे। उन्होंने विश्वविद्यालयों में छात्राओं के मूल सुविधाओं पर ध्यान देते हुए कहा की अब जिन कॉलेजों में कॉमन रूम, शौचालय आदि जैसी सुविधा नहीं होगी उस कॉलेज को मान्यता नहीं दिया जायेगा। राज्यपाल श्री सत्यपाल मल्लिक ने छात्राओं के मनोबल को बढ़ाते हुए कहा की आप अपने साथ होते हुए अत्याचार का हिम्मत के साथ विरोध करें। उन्होंने कहा की किसी भी छात्रा के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो तुरंत राजभवन फ़ोन करें। यहाँ से फ़ौरन संज्ञान लिया जायेगा। उन्होंने कहा की उच्च शिक्षा के लिए कई तरह के प्रयास किये जा चुके हैं तथा कई चुनातियों के लिए प्रयास जारी है। राजयपाल श्री सत्यपाल मल्लिक ने कहा की इस समारोह में उपस्थित होकर काफी ख़ुशी की अनुभूति हो रही है। ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय के वी. सी. प्रोफेसर सुरेन्द्र कुमार सिंह ने अपने कार्यकाल में हुए उपलब्धियों को बताया। दरभंगा जिला प्रशासन द्वारा राजयपाल के आगमन को लेकर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया था। मंच पर शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्विद्यालय झाँसी के कुलाधिपति प्रोफेसर पंजाब सिंह, राजयपाल के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, कुलसचिव प्रोफेसर मुस्तफा कमाल अंसारी, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्विद्यालय के वी.सी. प्रोफेसर सर्वनारायण झा तथा नगर विधायक संजय सरावगी, मेयर श्रीमती वैजयंती खेड़िया, पूर्व विधान पार्षद प्रोफेसर विनोद कुमार चौधरी, आदि उपस्थित थे।