September 14, 2018

14.09.2018 (पटना) : सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गया समाहरणालय सभा कक्ष में पितृपक्ष मेला महासंगम 2018 की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक की गई।
इस बैठक में डीएम अभिषेक सिंह ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पितृपक्ष मेला 2018 से संबंधित प्रशासनिक तैयारियों से सीएम को अवगत कराया। डीएम ने बताया कि पितृपक्ष मेला 2018 के शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन हेतु कई तरह की तैयारियां की गयी हैं। इसके अन्तर्गत 16 कार्य समितियों का गठन, आगन्तुकों के लिए आवासन, जलापूर्ति, शौचालय, साफ-सफाई, सुरक्षा, स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, 72 स्थानों पर पुलिस शिविर, 192 स्थानों पर सी0सी0टीवी, जगह-जगह दंडाधिकारियों एवं पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती, चिकित्सा सुविधा हेतु स्वास्थ्य शिविर, यातायात एवं परिवहन की व्यवस्था के लिए रिंग बस सहित आनेवाले श्रद्धालुओं की सभी सुविधाओं एवं सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी की गई है।
उन्होंने सीएम को बताया कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच, सड़क एवं नाली मरम्मत, क्राउड कंट्रोल, सादे लिबास में पुलिस बल की तैनाती, मोबाइल एप्प, कॉल सेंटर, वेबसाइट एवं हेल्पलाइन नम्बर (8448596580) के माध्यम से पितृपक्ष मेला 2018 से संबंधित हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराने हेतु पुख्ता प्रबंध किये गये हैं। पितृपक्ष मेला 2018 के संदर्भ में जिला प्रशासन द्वारा तैयार किये गए लघु वृत्तचित्र ‘पितृपक्ष महासंगम’ को भी सीएम के समक्ष प्रदर्शित किया गया।
समीक्षा बैठक के क्रम में सीएम नितीश कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेले मे बड़ी संख्या में लोग श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं। यह राजकीय मेला है ऐसे में साफ सफाई एवं स्वच्छता का पूरा प्रबंध होना चाहिए। सीएम ने निर्देश दिया कि घाटों, तालाबों एवं रास्तों की नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तालाबों की स्वच्छता का विशेष रुप से ख्याल रखना होगा क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु तालाबों में स्नान करते हैं, इसलिए पानी की स्वच्छता के साथ-साथ उसकी निकासी भी आवश्यक है। सीएम ने कहा कि हर हाल में चैबीसों घंटे बिजली की निर्बाध आपूर्ति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लावारिस पशु शहर के अंदर विचरण कर रहे हैं उन्हें पकड़कर गौशाला में रखने की तत्काल व्यवस्था की जाए। सीएम ने निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेले में आने वाले दिव्यांग एवं वृद्ध व्यक्तियों के लिए विशेष सुविधा सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि शौचालय की नियमित सफाई होनी चाहिए। असामाजिक तत्वों पर विशेष निगाह रखने की आवश्यकता है। रेलवे के सभी प्लेटफार्म पर सी0सी0 टीवी लगाने का तत्काल प्रबंध किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनपुन तक परिवहन व्यवस्था का सुचारु रुप से परिचालन हो। उन्होंने कहा कि मेला परिसर में लगे जर्जर बिजली के तारों को जल्द बदला जाए, पैसे की कोई कमी नहीं है जो भी जरूरत होगी, उसे पूरा किया जाएगा। समीक्षा बैठक के क्रम में मुख्यमंत्री ने गया में लगने वाले रोप-वे के विषय में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजगीर और बांका में रोपवे का काम हो रहा है ऐसे में यहां पर क्या दिक्कतें आ रही हैं उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
September 14, 2018

14.09.2018 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शांति समिति तथा मुहर्रम कमेटी के सदस्य एवं गणमान्य ने कहा की आपसी प्रेम एवं सौहार्द दरभंगा की पहचान रही है। सभी लोग मिलकर इसे कायम रखेंगे एवं यहां की गंगा जमुनी तहजीब को और मजबूत करेंगे। सभी लोगों ने कहा कि गणेश पूजा, विश्वकर्मा पूजा एवं मुहर्रम तथा अन्य त्यौहारों के शांतिपूर्ण आयोजन में पूर्व की तरह सभी लोग मिलजुलकर काम करेंगे एवं प्रशासन का सहयोग करेंगे। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने शहर की कुछ महत्वपूर्ण नागरिक सुविधाओं से समन्धित समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराया। जिसमे मुख्य रूप से तेज आवाज में लाउडस्पीकर एवं डीजे बजाने पर नियंत्रण, दोपहिया वाहनों पर ट्रिपल लोडिंग पर रोक लगाने की जरूरत, महत्वपूर्ण जगहों पर सीसीटीवी लगे, स्ट्रीट लाइट तथा पेयजल एवं साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था, सोशल मीडिया की निगरानी, संवेदनशील जगहों पर पुलिस की अनवरत प्रतिनियुक्ति करने तथा जुलूस के दौरान यातायात की उचित व्यवस्था आदि का जिक्र किया गया। बैठक को सम्बोधित करते हुए डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने समस्याओं से सम्बंधित विभागों के पदाधिकारी को निर्देश दिया की सभी समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द करें। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को जिला के सभी डीजे एवं लाउडस्पीकर संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें यह निर्देश देने को कहा कि वह भड़काऊ गाना न बजाएं एवं ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करें। मोहर्रम कमेटी एवं पूजा समिति के जुलूसों के संदर्भ में कहा गया कि वे पूर्ण रूप से भरा हुआ अपना आवेदन जल्दी जमा कर दें जिससे एसडीओ तथा एसडीपीओ को समय पर जुलूसों का लाइसेंस निर्गत करने में सुविधा हो।

डीएम ने कहा की असामाजिक तत्वों पर प्रशासन की पैनी नजर है। जो भी नियम के विरुद्ध काम करेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा की महत्वपूर्ण जगहों पर मेडिकल टीम एवं फर्स्ट एड बॉक्स की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। पीएचईडी एवं नगर निगम के तरफ से पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया। नगर निगम के अधिकारी से कहा गया कि वह साफ-सफाई एवं प्रकाश की समुचित व्यवस्था करें। जहां-जहां जरूरत हो चुना तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करें। सभी महत्वपूर्ण जगहों पर सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि यदि किसी जगह पर कोई समस्या हो तो इसकी सूचना प्रशासन को तुरंत दें। लोग सड़क जाम या अन्य विध्वंसक गतिविधि में शामिल होकर कानून अपने हाथ में न लें। उन्होंने पूर्व के अवसरों पर मुहर्रम कमेटी एवं शांति समिति के सदस्य तथा जिला के प्रबुध्द लोगों के द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की एवं उनके प्रति आभार व्यक्त किया। एसएसपी मनोज कुमार ने कहा की रैपिड एक्शन फोर्स, ब्लैक कमांडो, दंगा नियंत्रण बल, सहित पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल जिला में उपलब्ध रहेंगे। सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति रहेगी। उन्होंने कहा की ट्रिपल लोडिंग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा जबरन चंदा वसूलने वालों पर पुलिस की नजर है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल नजर रख रहा है जो भी गलत करने की कोशिश करेंगे उन पर कड़ी कार्यवाही होगी।
September 14, 2018

14.09.2018 (दरभंगा) : प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय दरभंगा में हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त मयंक बरबड़े ने कहा कि हिंदी एक वैज्ञानिक भाषा है। यह जन जन की भाषा है। कार्यालयों के लिये यह बहुत उपयोगी है। देश को एकता के सूत्र में बांधने में हिंदी की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि कोई भाषा छोटी या बड़ी नहीं होती है। सभी भाषाओं का समाज के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। इस अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त ने हिंदी टिप्पण लेखन में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए सुनील श्रीवास्तव, शशिकांत विद्यार्थी तथा फणीश्वर पासवान एवम प्रारूप लेखन के लिए रतीश कुमार झा, एखलाकु रहमान एवं ज्वाला शर्मा को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में आयुक्त के सचिव विनय कुमार ,क्षेत्र विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।
September 13, 2018
एसएसपी मनोज कुमार(फाइल फोटो)
13.09.2018 (दरभंगा) : विधि व्यवस्था और बेहतर करने के उद्देश्य से एसएसपी मनोज कुमार ने क्राइम मीटिंग में कहा की कोई भी त्यौहार हो न्यूसेन्स करने वाले बिलकुल बचने नहीं चाहिए चाहे कोई भी हो। आवश्यकता पड़ने पर crpc की धारा 107/110/116 की कार्रवाई तुरंत करें। उन्होंने कहा की पर्व-त्योहारों के मौकों पर मामलों को तूल देने वाले व्यक्तियों पर CCA अचूक रूप से लगा दें। क्राइम मीटिंग में सांप्रदायिक सभी पुराने मामले को स्पीडी ट्रायल करने का निर्णय लिया गया। एसएसपी ने कहा की पुलिस पूरक एवं सहयोगी की भूमिका निभाए तथा शांति-समिति और वॉलंटियर को मजबूत बनायें। सभी वॉलंटियर को परिचय पत्र जारी करें। उन्होंने कहा की जुलूस को शांतिपूर्ण निकालना लाइसेंस धारी एवं कमिटी की जिम्मेदारी होगी। एसएसपी ने कहा की कोई भी कमिटी पुलिस के बिना संज्ञान एवं सहमति के कोई कार्यक्रम ना करें अन्यथा गड़बड़ होने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। एसएसपी ने कहा की पर्व त्योहार के नाम पर देर रात ट्रिपल राइड एवं हुड़दंग को बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने देर रात संदिग्ध मटरगस्ती करने वाले को देखते ही पुलिस को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा की पर्व त्योहार को देखते हुए उचक्कों पर कार्रवाई के लिए एसएसपी के स्तर पर ब्लैक कमांडो के 03 और QRT का गठन किया गया है। जिससे जिले में ब्लैक कमांडो की संख्या अब 33 हो गई है। एसएसपी ने सभी थानाध्यक्षों को सख्त निर्देश देते हुए कहा की JSI/ASI से रूटीन में काम करवाएं। उन्होंने पदाधिकारियों को साफ़ लहजे में कह दिया की पुरे महीने में क्या कार्य किया इसका सम्पूर्ण ब्यौरा संतोषपूर्ण मिलने पर ही वेतन की निकासी की जाएगी अन्यथा काम नहीं तो वेतन नहीं। उन्होंने क्राइम मीटिंग में उपस्थित सभी थानाध्यक्षों को सख्त हिदायत देते हुए कहा की उनके द्वारा की गयी किसी भी तरह की गलतियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ उसी थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जायेगा। एसएसपी ने बेहतर कार्यशैली से खुश होकर दर्जनों पदाधिकारी को पुरुष्कृत किया जिसमे टाउन थानाध्यक्ष, सदर थानाध्यक्ष, के अलावा बिरौल एवं बेनीपुर अनुमण्डल के अधिकांश थानाध्यक्ष शामिल हैं। एसएसपी ने बताया की इस बार रिपोर्टिंग से दोगुना कांडो का निष्पादन किया गया। पिछले दो माह में रिपोर्टिंग के अलावा 300 अतिरिक्त कांडो का निस्तारण हुआ। उन्होंने कहा की अगले माह 300 अतिरिक्त कांडो के निष्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा की बहादुरपुर, टाउन, लहेरियासराय, यूनिवर्सिटी एवं सदर थाने के एक-एक कांडो की समीक्षा खुद करेंगे बाकी थानों के कांडो की समीक्षा Dysp करेंगे। एसएसपी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश देते हुए कहा की जमीनी विवाद के मामले को प्रमुखता से लेते हुए हर शनिवार को कानूनी कार्रवाई करें तथा जो ज्यादा विवादित मामला हो उसे Dysp खुद संज्ञान लें। उन्होंने कहा की जमीन विवाद मामले में थानाध्यक्ष या पुलिस पदाधिकारी साफ मनसा से इंसाफ करे। सही पक्ष को सही राय दे ,कानून का संरक्षण देकर पीड़ित को राहत पहुंचाएं। सिविल विवाद में आपराधिक कार्रवाई करने वाले पक्ष को कानून की ताकत से अवगत कराएं।
September 12, 2018

12.09.2018 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में विधि व्यवस्था से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण, विधि व्यवस्था में सुधार, पेशेवर अपराधियों की गतिविधियाँ, पुलिस की गश्ती, पुलिस प्रशिक्षण, सांप्रदायिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई, महिला एवं छात्रावासों की सुरक्षा, साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध, नक्सली गतिविधियों पर रोक, लूट, हत्या, अपराध, बलात्कार, रेल एवं बैंक डकैती, वाहन चोरी, वायरल वीडियो कांड, एस0सी0/एस0टी0 के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं सहित अनेक ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विस्तृत निर्देश दिये।
बालू-माफिया, भू-माफिया और अन्य असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस पर किए जा रहे हमले पर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों तत्वों के खिलाफ सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाय। यह इनटोलेरेबल है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में बिहार में तीन तरह के थाने चिन्हित कर प्रत्येक थानों में रेवोल्विंग फण्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी थी, जो हर हाल में उपलब्ध होना चाहिए ताकि ससमय जरुरत की चीजों को खरीदा जा सके। पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने से लेकर आई0जी0 कार्यालय तक कितने वाहनों की आवश्यकता है, इसे तत्काल चिन्हित कर इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नंबर ऑफ क्राइम के साथ ही नेचर ऑफ क्राइम का विश्लेषण कीजिये। नेशनल लेवल पर जो नई तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, उसे भी देख लीजिये। तय समय सीमा के अंदर एफ0एस0एल0 जाँच का काम पूरा हो, यह हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि लॉ एंड आर्डर और इन्वेस्टीगेशन को अलग करने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाय और इसे अविलंब लागू किया जाय। राज्य सरकार का यह संवैधानिक दायित्व है कि वह रुल ऑफ लॉ को दुरुस्त रखे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में जनता का दरबार कार्यक्रम के बाद वर्ष 2016 में लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून लागू किया गया, जिसमे यह देखा गया कि बिहार में 60 प्रतिशत से अधिक भूमि विवाद से जुड़े मामले हैं। इसका समाधान हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस के काम में लगे लोगों द्वारा सही जानकारी दिए जाने पर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा तो इससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे और अच्छा काम करेंगे। उन्होंने कहा कि तकनीक का दुरूपयोग कर वाहनों के फर्जी कागजात बनाने वाले रैकेटियर को चिन्हित कर उनपर पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं का विश्लेषण कीजिये। आखिर क्या कारण है कि जिन स्थानों पर पहले तनाव की घटनाएँ घटित हुआ करती थी वहां इसमें काफी कमी आई और नई जगहों पर इस तरह की घटनाएं हो रही है। जो संवेदनशील इलाके हैं, उस पर विशेष तौर पर निगरानी बनाये रखने की जरुरत है। ऐसी जगहों का डी0एम0 और एस0पी0 को विजिट कर शान्ति समिति के लोगों के साथ इंटरैक्ट करना चाहिए। दशहरा और मुहर्रम का त्योहार करीब है जिसको देखते हुए अभी से ही क्षेत्रीय अधिकारियों को सेंसीटाईज करें।
मुख्य सचिव, प्रधान सचिव गृह और डी0जी0पी0 को सभी जिलाधिकारियों से इस सन्दर्भ में इंटरैक्ट करने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कम्युनल इंसिडेंट का त्वरित ट्रायल कराकर दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में तेजी से काम करने की आवश्यकता है। इससे कोई कम्प्रोमाइज नहीं होना चाहिए चाहे वह कोई भी क्यों न हो।
मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि प्रत्येक थाने में दूरभाष की सुविधा, थाने की कार्य कुशलता का अनुश्रवण, वारंटों का न्यायालय से मिलान कर मॉनिटरिंग, प्रत्येक थाने में एक कम्प्यूटर ऑपरेटर और आई0टी0 सेटअप की सुविधा, प्रत्येक थाने में दो वाहन की व्यवस्था, थाने में आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था, थाना प्रभारी को सहयोग करने के लिए हर थाने में एक थाना मैनेजर, थाने में ऑनलाइन प्रविष्टियाँ करने की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई अविलम्ब सुनिश्चित की जाय। इसके अतिरिक्त किसी भी पीड़ित व्यक्ति को दूसरे थाने का मामला बताकर उसे लौटाने की बजाय उसे थाने में मामला दर्ज कर उस मामले को संबंधित थाने मे रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।
आज की बैठक में सभी प्रमण्डलीय आयुक्त, डी0आई0जी0, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक भी विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुये थे। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक के0एस0 दिवेदी, प्रधान सचिव गृह आमिर सुबाहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार सहित राज्य पुलिस मुख्यालय के सभी वरीय अधिकारी तथा सभी प्रक्षेत्रों के आई0जी0 उपस्थिति थे।