September 29, 2018

29.09.2018 (दरभंगा) : मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन करने के जितने भी फॉर्म अबतक बीएलओ को प्राप्त हुए हैं उसका त्वरित निष्पादन करें। नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन करने के क्रम में निर्वाचन आयोग के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अवश्य पालन किया जाए। कमिश्नर मयंक वरवड़े ने निर्वाचन विभाग की समीक्षात्मक बैठक में सबंधित पदाधिकारियों को उक्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाम जोड़ने, हटाने एवं संशोधन के मामलों में संबंधित पक्ष को इससे संबंधित नोटिस जरूर दें। जिला में महिला मतदाता तथा 18 आयु वर्ग से ऊपर के नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए उन्हें प्रेरित करने हेतु व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी तथा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वह स्थानीय जनप्रतिनिधि, विकास मित्र, बीएलओ, जीविका दीदी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें अधिकाधिक लोगों का नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए प्रेरित करें। सभी बूथों पर सभी तरह के प्रपत्र पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहे तथा बूथ स्तरीय पदाधिकारी (बीएलओ) प्रतिदिन संध्या 03:00 से 05:00 बजे तक अपने-अपने बूथ पर उपस्थित होकर इच्छुक योग्य मतदाताओं का नाम जोड़ने, हटाने व संशोधन संबंधी फॉर्म प्राप्त करें। इसे हर हालत में सुनिश्चित किया जाए। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को इसका नियमित रूप से अनुश्रवण करते रहने को कहा गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि 07 एवं 28 अक्टूबर को विशेष मतदाता पुनरीक्षण दिवस आयोजन होगा। इस दिन सामान्य मतदाताओं के अलावे महिला एवं नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष रूप से कार्यक्रम आयोजित करें। सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी के कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर की उपलब्धता हर हालत में सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में यह बताया गया कि 01 सितंबर से शुरू संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में जितने भी आवेदन पत्र आएंगे उनसे संबंधित मतदाताओं को रंगीन वोटर आई कार्ड मिलेगा। मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित किसी प्रकार की सहायता के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के दूरभाष संख्या 06272 -215412 पर कार्य दिवस में संपर्क किया जा सकता है।
September 29, 2018

29.09.2018 (दरभंगा) : प्रखंड, पंचायत एवं वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समिति की बैठक नियमित रूप से की जाए। जहां-जहां अब तक इस समिति का गठन नहीं हुआ है वहां जल्द इसका गठन कर ले। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत बाल संरक्षण के लिए चल रही योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक में डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने उक्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के गोद लेने की प्रक्रिया में सभी तरह के कानूनी पहलुओं का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। गोद लेने का कार्य हमेशा कानूनी तौर से ही हो तथा विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से हो। इसे हर हालत में संबंधित अधिकारी एवं गोद लेने वाले व्यक्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा की अगर कहीं पर 06 साल से कम उम्र का कोई लावारिस बच्चा मिले तो आमजन इसकी सूचना पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान को दें। मानव व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए सभी संभावित ठिकानों जैसे बस स्टैंड, स्टेशन आदि पर विशेष निगरानी रखी जाए। डीएम ने कहा की पुलिस बल इस पर विशेष निगरानी रखते हुए जहां जरूरी हो छापामारी भी करें। प्रभावित व्यक्तियों का सामाजिक पुनर्वास बोर्ड से सभी प्रकार की सरकारी मदद तुरंत पहुंचाए जाए।
उक्त बैठक में श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि वे बाल श्रम पर हर हालत में रोक लगाएं। इसके लिए दुकान एवं प्रतिष्ठानों की नियमित रूप से छापामारी करें एवं दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई करें। दरभंगा जिला में जिला निरीक्षण समिति का गठन हो चुका है। इस समिति के सदस्यों से कहा गया कि वे नियमित अंतराल पर पर्यवेक्षण गृह, बाल गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण करें एवं वहां आवश्यक सुधार हेतु अपना मन्तव्य दें। कहीं अगर कोई गड़बड़ी पाई जाए तो करवाई की भी अनुशंसा जरूर करें।
September 25, 2018

25.09.2018 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में आयोजित ‘बिहार पुलिस की जनोपयोगी डायल 100’ कार्यक्रम का रिमोट के माध्यम से शुभारंभ किया। पुलिस मुख्यालय के अपर पुलिस महानिदेशक एस0के0 सिंघल ने डायल 100 के बेसिक स्वरूप, उसका प्रभाव, भविष्य की योजना और उसके फायदों के अलावा सुशासन के संदर्भ में डायल 100 की भूमिका से संबंधित पॉवर प्वाईंट प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष दिया। पुलिस महानिदेशक के0एस0 द्विवेदी ने पुष्प-गुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से जनोपयोगी डायल 100 सेवा का शुभारंभ किया गया है। पटना जिले में डायल 100 वर्ष 2014 से ही लागू है, जिसका विस्तार कर पूरे बिहार में इसे आज से लागू किया गया है। 12 करोड़ की आबादी वाले इस बिहार में 8.5 करोड़ मोबाइल फोन हैं। ऐसे में अगर कही से कोई शिकायत आती है तो उसकी सूचना संबद्ध जिले के थाने तक पहुँचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नई तकनीक के सहारे इसके स्वरूप को और आधुनिक बनाना चाहिए। सभी थानों एवं आउट पोस्ट तक लैंडलाइन फोन लगे, इसे पुलिस मुख्यालय को सुनिश्चित करना चाहिये। फोन निरंतर फंक्शनल रहे, इसके लिए खराब होने पर आधे घंटे के अंदर उसे दुरुस्त करने एवं ससमय बिल भुगतान की भी व्यवस्था पुलिस मुख्यालय के स्तर से सुनिश्चित होना चाहिए ताकि यह सेवा स्थायी, सशक्त और प्रभावी बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉ एंड आर्डर और अपराध को लेकर मेरे स्तर से समय-समय पर समीक्षा बैठक होती रहती है। इस संदर्भ में हाल ही में हमने समीक्षा बैठक की थी, जिसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जुड़े थे। उन्होंने कहा कि पूर्व में ही हमने कहा था कि हत्या, लूट, बलात्कार, बैंक डकैती एवं अन्य आपराधिक घटनाओं का आकलन, डिटेल में जिले एवं थाने के स्तर पर होना चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि किसी खास इलाके में किस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है। उसके समाधान के लिए सकारात्मक दिशा में कार्रवाई की जा सके। घटना कब घटी, उस पर कितने समय के अंदर कार्रवाई हुई, घटनास्थल पर सूचना मिलने के बाद पुलिस कितनी देर में पहुंची, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों को आकलन करना चाहिए, इसका अपराधियों के मनोबल पर प्रभाव पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कल बालू माफिया और शराब के अवैध धंधे में लगे असामाजिक तत्व पुलिस पर ही हमले कर रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने की आवश्यकता है। ऐसी जगहों पर जाते वक्त पुलिस को पर्याप्त संख्या बल को भी ध्यान में रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में जब हमने कार्यभार संभाला था तो पुलिस बल की संख्या काफी कम थी, पुलिस थानों में उपयुक्त हथियार और वाहन नहीं थे। गाड़ियों को ठेलकर स्टार्ट किया जाता था। पुलिस में ड्रेस का कोई मतलब नहीं था। हमने कई स्तर पर काम किये, जिसका सकारात्मक नतीजा निकला। पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही आर्म्स, व्हीकल, पोशाक उपलब्ध कराये गये। उस समय बिहार में ऑर्गनाइज्ड क्राइम होते थे, जिसको ध्यान में रखते हुए सैप का गठन किया गया। इसमें एक्स आर्मी के लोगों को रखने का निर्णय लिया गया। हमने वर्ष 2006 में ही एक मीटिंग की थी, जिसमे प्रॉपर पेट्रोलिंग करने की बात कही थी, पेट्रोलिंग अपने आप में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर थाने और आउट पोस्ट पर दो-दो व्हीकल होना चाहिए। प्रत्येक थाने के पास ऐसा व्हीकल और हथियार होना चाहिए कि वह बेहतर तरीके से काम कर सकें। थाने और ओ0पी0 से लेकर एस0पी0, डी0आई0जी0 या आई0जी0 स्तर तक के अधिकारियों को भी अगर व्हीकल की आवश्यकता है तो पुलिस तंत्र इसे तय करे कि कितने मोटरसाइकिल और फोर व्हीलर की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोलिंग पर पूरा ध्यान होना चाहिए, इसके लिए जिन साधनों की आवश्यकता होगी, सरकार देने के लिए कमिटेड है। हर सूरते हाल में कानून का राज कायम रखना राज्य का संवैधानिक दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉ एंड आर्डर, क्राइम और अन्य इश्यूज के सन्दर्भ में प्रत्येक महीने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और गृह सचिव जबकि प्रत्येक 15 दिन पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक समीक्षा बैठक करें ताकि पेंडिंग पड़े इश्यूज का तत्काल समाधान हो सके। डी0एम0 और एस0पी0 के बीच लैक ऑफ को-आर्डिनेशन किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक शनिवार को प्रत्येक थाने के थानेदार और अंचलाधिकारी की बैठक भी गंभीरता से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के दरबार में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का आकलन किया गया तो यह पाया गया कि 60 प्रतिशत अपराध भूमि विवाद से जुड़े हैं। ऐसे मामलों पर तीखी नजर रखनी होगी। गंभीरतापूर्वक और संवेदनशीलता के साथ निरंतर समीक्षा बैठक होंगी तो बहुत सारे मामलों का निपटारा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कहीं से भी कोई व्यक्ति 100 नंबर डायल करेगा उस पर तत्काल कार्रवाई होगी। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि सूचना मिलने के बाद शहरी क्षेत्रों में 20 मिनट के अंदर जबकि गाँवों में 30 से 35 मिनट के अंदर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी के अनुरूप पुलिस बल की भी संख्या बढनी चाहिए। सभी थानों में महिलाओं के सिटींग रूम, वाॅश रूम और टॉयलेट के प्रबंध हों। थाना अगर किराये के भवन में हो तो उसे पूरा का पूरा प्रोक्योर कर उसका भवन नये सिरे से बनना चाहिए। हम हर तरह की सुविधा देना चाहते हैं, लेकिन जनता और सरकार की जो अपेक्षाएँ हैं, वह पूरी निष्पक्षता के साथ ससमय पूरा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि थानों में पोस्टिंग करते वक्क्त सोशल बैलेंस को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा कि थाना वाइज समीक्षा इसलिए भी आवश्यक है ताकि पता चल सके कि थानेदार सक्रिय हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि लोगों की अपेक्षाएँ बढ़ती चली जा रही हैं इसलिए सिस्टम को पारदर्शी बनायें ताकि लोगों को कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज कायम करना राज्य का संवैधानिक दायित्व है और इसके लिए पुलिस महकमे को कानूनी तौर पर अधिकार प्राप्त है। आपको जो कानूनी अधिकार दिये गये हैं, उसका दुरूपयोग नहीं करें। उन्होंने कहा कि सिस्टम इम्प्रूव होगा तो अपराध करने वाले भी सोचेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन जो घोषणा की गयी थी डायल 100 के संदर्भ में, उसे आज लागू कर दिया गया है। इस जनोपयोगी सेवा में पुलिस के अलावा आगजनी, दुर्घटना, आपदा जैसी अन्य घटनाओं को भी संसूचित करने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संसाधन की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अगर हजार करोड़ रूपये की भी जरूरत पड़ेगी तो उसे उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम को मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक के0एस0 द्विवेदी एवं प्रधान सचिव गृह सचिव आमिर सुबहानी ने भी संबोधित किया।
September 25, 2018

24.09.2018 (दरभंगा) : प्रेस मीट में एसएसपी ने बताया की गुप्त सूचना के आधार पर भारी मात्रा में पश्चिम बंगाल डोगरा से नकली शराब (स्प्रीट/चाय एवं गुड़ का मिश्रण) को तैयार कर ला रहे पिकअप वैन के खेप को पेशवर चार व्यक्तियों के साथ गिरफ़्तार किया गया है। एसएसपी ने बताया की सदर एसडीपीओ, के नेतृत्व में बहादुरपुर एसएचओ राजनारायण सिंह, टेक्निकल सेल के सुनील कुमार एवं टेक्निकल सेल के टीम काफी समय से इस गुप्त सुचना पर वर्कआउट कर रहे थे। एसएसपी श्री कुमार ने बताया की बहादुरपुर थाना क्षेत्र में BMP-13 के नजदीक मनोरा के तरफ जाने वाली सड़क पर पिकअप वैन को पकड़ा गया एवं चार व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने बताया की 95 कार्टून कुल 2280 बोतल व 855 लीटर नकली शराब बरामद हुआ है। एसएसपी ने बताया की वेंडर वसीम राजा दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर के वेंडर से पैसे लेता है और आर्डर के अनुसार उनलोगों को शराब की सप्लाई करवाता है। जिसमे मुख्य रूप से सकरी का ओमप्रकाश, प्रदीप राय उर्फ़ सोनू बहेड़ी, राजा जी एवं जॉन जी, मुजफरपुर का अभिषेक, राकेश, दरभंगा के रहनेवाले संजय को देते हैं। उन्होंने ने बताया की ये लोग विभिन्न छोटे-छोटे वेंडरों को देने का काम करते हैं। उन्होंने बताया की इस शराब को पीने से जानमाल के क्षति से इंकार नहीं किया जा सकता है। एसएसपी ने बताया की पश्चिम बंगाल का रहनेवाला मदन मोहन दास गूमा, सूबो निलबक्सी, राणा विश्वास, बप्पी राय, शेखर, सूधो महतो, सुबीर एवं आविर मिलकर बंगाल के बांगडोगरा रानीदंगी, दार्जलिंग इत्यादि जगहों पर स्प्रिट में चाय का रंग एवं गुड़ का रस मिलाकर नकली रैपर लगाकर बोतल को शील कर दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर आदि जगहों पर सप्लाई करता है। एसएसपी मनोज कुमार ने कहा की बेहतर कार्य करनेवालों को अपने स्तर से पुरुष्कृत भी किया जायेगा।
September 24, 2018

23.09.2018 (पटना) : बिहार सहित पूरे देश की जनता को आज इतनी बड़ी लाभकारी योजना का तोहफा देने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्र सरकार की प्रशंसा की जानी चाहिए। यह भारतीय इतिहास में सचमुच एक इतनी बड़ी घटना है, जब समाज के वैसे सभी निर्धन लोग, जो गंभीर रोगों से ग्रसित होकर अपना इलाज नही करा पाते और असमय मौत के शिकार बन जाते हैं, उनकी प्राण-रक्षा इस योजना के जरिये हो सकेगी। उक्त उद्गार, राज्यपाल लाल जी टंडन ने स्थानीय ज्ञान भवन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित ‘‘आयुष्मान भारत -प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’’ के बिहार में आयोजित ‘शुभारंभ -समारोह’ को संबोधित करते हुए व्यक्त किया।
राज्यपाल ने कहा कि इस योजना से बिहार के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र मिलाकर लगभग 01 करोड़ 08 लाख 65 हजार परिवारों के सभी लोग लाभान्वित होंगे। इन परिवारों को 05 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य-सुरक्षा का लाभ गंभीर बीमारियों के ईलाज के लिए प्रदान किया जायेगा। इनमें से अधिकतर परिवार ऐसे होंगे, जिन्होंने आज तक कभी 05 लाख रूपये नहीं देखे होंगे। राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि बिहार की जनता की तरफ से, मैं भारत सरकार की भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूँ, जिसने न केवल बिहार, बल्कि सारे देश में गरीबी की सीमा में आने वाले हर व्यक्ति को ‘‘ जीवेम् शरदः शतम् ’’ का वरदान दे दिया है। आज इस नयी महत्त्वाकांक्षी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना -‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ -के माध्यम से पूरे भारत के 10 करोड़ लाभार्थी परिवारों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष 05 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य-सुरक्षा का लाभ दिया जायेगा। लाभार्थी परिवारों का चयन सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के आधार पर किया गया है तथा इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि समाज के गरीब, निर्बल और वंचित समुदाय को इस योजना का पूरा लाभ मिल सके। राज्यपाल ने कहा कि यह गौरव की बात है कि शताब्दियों से वंचित वर्ग के लिए वर्तमान भारत सरकार द्वारा एक साथ इतनी सारी योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं, ताकि हर व्यक्ति को रहने के लिए घर हो, घर में रोशनी हो, ‘उज्ज्वला योजना’ के तहत उसे रसोई गैस उपलब्ध हो, पूरी तरह खाद्य-सुरक्षा मिले और अनिवार्य शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सके। राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री अपने सहयोगियों के साथ पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता सहित इस ‘आयुष्मान भारत -प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के ‘नर सेवा, नारायण सेवा’ के लक्ष्य और सपने को साकार करेंगे। राज्य सरकार के प्रयासों और सहभागिता से जब इस योजना के परिणाम तत्काल प्रभाव से दिखने शुरू हो जायेंगे, तब गरीबों के आशीर्वाद मिलेंगे। राज्यपाल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री का कुशल मार्ग-दर्शन और सहयोग तथा राज्य सरकार की तत्परता से निश्चय ही बिहार में यह योजना सफलतापूर्वक कार्यान्वित होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उक्त योजना को अत्यन्त उपयोगी एवं लाभकारी योजना बताया तथा कहा कि इससे गरीबों का बहुत कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसे पूरी मुस्तैदी से लागू करेगी तथा इसका लगातार अनुश्रवण भी होगा। केन्द्रीय कानून एवं न्याय तथा संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उक्त योजना को केन्द्र का एक ऐतिहासिक और कल्याणकारी निर्णय बताया। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पूरे यूरोप से कहीं ज्यादा संख्या में गरीब लोग भारत में इस योजना से लाभान्वित होंगे।
कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष विजय कुमार चैधरी, बिहार विधान परिषद् के सभापति हारूण रशीद एवं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय आदि ने भी अपने विचार रखे।
स्वागत-भाषण स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने किया। कार्यक्रम में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने इस योजना के लाभुकों के बीच ‘गोल्डेन कार्ड’ का भी वितरण किया। ज्ञातव्य है कि ‘आयुष्मान भारत -प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ आज माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड राज्य की राजधानी राँची में किया है। प्रधानमंत्री द्वारा इस योजना के ‘राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम’ में दिए गए संभाषण को पटना के ‘शुभारंभ-कार्यक्रम’ में भी सामूहिक रूप से सुना गया।