December 10, 2018

09.12.2018 (दरभंगा) : सरकार के विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं को ऑडियो विजुअल जागरूकता रथ के द्वारा जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के ऑडियो-विजुअल रथ एवं सांस्कृतिक दल को हरी झंडी दिखाते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि इस जागरूकता कार्यक्रम से लोग सरकार के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी तो प्राप्त करेंगे ही अगर कहीं मानक के अनुरूप काम नहीं हुआ होगा तो उन्हें इतनी जानकारी हो जाएगी कि वे इसके विरुद्ध उचित फोरम में शिकायत भी दर्ज कर सकेंगे। डीएम ने कहा कि इस रथ के माध्यम से 1 घंटे की फिल्म के द्वारा राज्य में हुए विकास एवं सात निश्चय तथा अन्य विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं व नशा मुक्ति, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन जैसे सामाजिक अभियान के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। ऑडियो-विजुअल वैन प्रत्येक प्रखंड मुख्यालय में अवस्थित सार्वजनिक स्थल पर फिल्म का प्रदर्शन करेगा एवं फिल्म प्रदर्शन से पूर्व सांस्कृतिक दल के द्वारा जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम में सरकार के विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित पैंफलेट का भी वितरण किया जाएगा जिसके माध्यम से लोग सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में और विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। 9 दिसंबर को यह जागरूकता कार्यक्रम बहादुरपुर तथा हायाघाट प्रखंड में आयोजित हुआ। 10 दिसंबर को यह कार्यक्रम हनुमान नगर एवं बहेड़ी, 11 दिसंबर को दरभंगा सदर एवं केवटी, 12 दिसंबर को सिंघवारा एवं जाले, 13 दिसंबर को मनीगाछी एवं तारडीह, 14 दिसंबर को बेनीपुर एवं अलीनगर, 15 दिसंबर को बिरौल एवं गौराबौराम, 16 दिसंबर को घनश्यामपुर एवं किरतपुर तथा 17 दिसंबर को कुशेश्वरस्थान एवं कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड मुख्यालय में आयोजित होगा। जागरूकता रथ के समाहरणालय से रवाना होने से पूर्व सांस्कृतिक दल के द्वारा नुक्कड़ नाटक की एक झलकी भी प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता मोहम्मद मोबीन अली अंसारी, कोषागार पदाधिकारी नीलकमल, वरीय उप समाहर्ता अनिल कुमार, डीपीआरओ लाल बाबू समेत काफी संख्या में आम जन उपस्थित थे।
December 04, 2018

03.12.2018 (पटना) : पटना के सरदार पटेल भवन में पटना आइडियाथॉन 2018 के दो दिवसीय आयोजन का विधिवत शुभारंभ करते हुए उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह का आयोजन पहली बार बिहार में हो रहा है जिसे जानकर मुझे बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने ये साबित किया है कि बिहार किस दिशा में जा रहा है और किस तरह से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पचास सालों में दुनिया काफी तेज़ी से बदली है, और खासकर पिछले पच्चीस सालों में तो यह बिल्कुल ही तेज़ गति से बदली है। आजकल जमाना नवाचार का है, नवीन प्रयोगों का है, और नए आविष्कारों का है। उन्होंने कहा कि वेव ऑफ रिवोल्यूशन ने पूरी दुनिया को बदल कर रख दिया। उन्होंने कहा कि आउट ऑफ बॉक्स काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस देश को आज नए नए आइडियाज़ की जरूरत है, और जिनके पास बेहतर आइडियाज़ होंगे वही देश पर राज करेगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बेहतर आईडियाज़ की जरूरत है ताकि इस राज्य को देश की अग्रणी पंक्ति में खड़ा किया जा सके। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और दुनिया भर में हमारे ज्ञान की बड़ी कीमत है। कई मल्टीनेशनल्स कंपनियों में हमारे यहां के लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर वो हरसंभव मदद को तैयार हैं। उन्होंने माइक्रोसॉप्ट के कंट्री हेड मनीष प्रकाश की चर्चा करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में दस हज़ार से ज्यादा दक्ष लोगों की जरूरत है। इसलिए हम ये कहना चाहते हैं कि बिहार इसके लिए तैयार है, क्योंकि हमारे पास मानव संसाधन की प्रचूरता है जो हमारी असली ताकत भी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विचारों को टेक्नोलॉजी का सहारा चाहिए, क्योंकि एक आईडिया राज्य को ही नहीं देश और दुनिया को प्रभावित करने वाला होता है। उन्होंने आयोजन में शामिल अतिथियों और प्रतिभागियों से अपील की कि इनोवेट फॉर इंडिया और इनोवेट फॉर ह्यूमेनिटी। उन्होंने स्टार्टअप्स से अपील भी की कि हमें परिवर्तन का वाहक बनना है क्योंकि एक इनोवेशन लाखों लोगों की ज़िंदगी को बदल सकता है। उन्होंने स्टार्ट्प्स से भी मांग की कि वे देश से गरीबी मिटाने के प्रति कृतसकंल्पित हों क्योंकि देश के सामने गरीबी सबसे बड़ी चुनौती है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे बीज़िंग के दौरे पर गए थे तो उन्हें स्लम दिखाने के लिए लोग ले गए और उन्हें आश्चर्य हुआ कि स्लम आजकल म्यूजियम की शोभा बढ़ा रहे थे इसलिए हमें भी इसी दिशा में काम करने की जरूरत है, ताकि देश और राज्य की तरक्की हो सके। क्लाइमेट चेंज को बड़ी चुनौती बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वाटर कनवरजेशन और उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में काम करने की जरूरत है ताकि दुनिया में सतत वृद्धि को हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि तकनीक और इनोवेशन ही दुनिया में आगे आने वाले समय में विकास की दिशा तय करेंगे। उन्होंने आईटी सचिव श्री राहुल सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके इस प्रयास से बिहार में इन्वेस्टरए आईटी एक्सपर्ट्सए आईटी प्रोफेशनल्सए स्टार्टअप्स सारे लोग एक मंच पर उपस्थित हो सके। उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए पॉलिसी बनायी है। पटना के पाटलिपुत्रा में सॉफ्टवेयर टेक्नॉलॉजी पार्क तीन एकड़ ज़मीन पर बनी है। इसके साथ ही एस.टी.पी.आई पहले से गठित है और भारत सरकार से मांग की गयी थी कि एक लाख स्कावयर फीट एरिया में इसका विस्तार किया जाए। केंद्र सरकार इसके लिए तैयार हो गयी है। बिहार सरकार ने करीब 26 करोड़ रूपये की भी व्यवस्था की है।

भागलपुर और दरभंगा में सॉफ्टवेयर टेक्नॉलाजी पार्क ऑफ इंडिया की स्थापना की जा रही है। यहां जमीन उपलब्ध करा दी गयी है। राजगीर में आईटी सिटी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने तीन सौ से ज्यादा कॉलेजों में फ्री वाई.फाई की सुविधा उपलब्ध करायी है। आठ हज़ार पंचायतों में से करीब चार हज़ार पंचायतों में नेशनल ऑप्टिकल फाइवर नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। अगले दो तीन महीनों के अंदर पंचायतों के अंदर ब्राड बैंड की सुविधा पहुंचाने का काम पूरा कर लेंगे। आगत अतिथियों को धन्यवाद देते हुए उपमुख्यमंत्री ने राहुल सिंह को इस आयोजन की सफलता के लिए साधुवाद दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सर्वप्रथम आईटी सचिव राहुल सिंह ने आगत अतिथियों का परिचय कराया और इस आयोजन में शामिल तमाम लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बिहार स्टार्टअप्स पॉलिसी पर काम किया जा रहा है और इसके लिए हरसंभव तकनीकी मदद दी जा रही है। आईटी स्टार्टअप्स के लिए भी इकोसिस्टम बनाया जा रहा है ताकि वो इस क्षेत्र में अपने नवाचारों के माध्यम से राज्य और देश के लिए कुछ बेहतर कर सकें और इस सेक्टर में रोज़गार भी सृजित कर सकें। उन्होंने कहा कि आईटी टावर के निर्माण का काम चल रहा है, जहां आने वाले वक्त में नए उद्यमी बेहतर वातावरण में कार्य कर सकेंगे और यहां उन्हें तमाम तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राहुल सिंह ने प्रतिभागियों का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि आप में से सभी विजेता हैं इसलिए इस आयोजन के माध्यम से कुछ बेहतर नतीजे निकल सकेंगे ऐसी मुझे उम्मीद है। राहुल सिंह ने भरोसा दिलाया कि स्टार्टअप्स के लिए सभी जरूरी इंतजाम किये जाएंगे और इस सेक्टर में इन्वेस्ट करने वालों को भी जरूरी सुविधाएं मुहैया करायी जायेंगी। देश भर से आए प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी तकनीक का प्रदर्शन किया और जूरी के सदस्यों ने उनसे प्रस्तुतिकरण से जुड़े सवाल किये। आगत अतिथियों ने इस आयोजन के लिए बिहार के आईटी विभाग को बधाई दी एवं उम्मीद जतायी कि इस आयोजन से कई स्टार्टअप्स राज्य और देश के लिए कुछ नया करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों में रचनात्मक नवाचारों की संस्कृति को तेजी से आगे बढाते हुए राज्य की समग्र वृद्धि और उन्नति के लिए भी यह आयोजन बेहद महत्वपूर्ण है। 14 अलग-अलग विषयों पर आधारित इस आयोजन में डिजिटल एथिक्स एंड साइबर सिक्यूरिटी, ब्लॉकचेन, डिजिटल सिक्यूरिटी, बिग डाटा, ऑर्टिफिशियल इंटिलिजेंस, ऑटोनोमस सिस्टम, सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म जैसे बेहद महत्पवूर्ण विषय शामिल है। तकनीक की दुनिया और डिजिटल होती हमारी जिंदगी ने हमें विकास के नये पैमाने गढ़ने को मजबूर किये हैं।
इस अवसर पर आईटी सचिव सह बेल्ट्रान के एमडी श्री राहुल सिंह, श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह, माइक्रोसाफ्ट के एमडी मनीष प्रकश, कंट्री मेनेजर, एचपी एंटरप्राइज सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
December 04, 2018

03.12.2018 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राजगीर में नवनिर्मित बिहार पुलिस अकादमी का फीता काटकर एवं शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। साथ ही महिला एवं पुरूष सिपाहियों के लिए प्रशिक्षण भवनों का शिलान्यास रिमोट का बटन दबाकर किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस बात की खुशी है कि बिहार पुलिस अकादमी के भवन का उद्घाटन हुआ है। 13 अगस्त 2010 को इसका शिलान्यास किया गया था, जिसमें से बने भवनों का आज उद्घाटन किया गया, बाकी चीजों का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने की योजना है। पुलिस प्रशिक्षण के लिए यह भवन उपयुक्त है, जिसमें डी0एस0पी0 से लेकर सब इंस्पेक्टर तक की यहां ट्रेनिंग होगी। साथ ही सिपाहियों के लिए प्रशिक्षण भवन बनने के बाद यहां सिपाहियों का भी प्रशिक्षण होने लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बटंवारे के बाद पुलिस प्रशिक्षण के लिए यहां कोई उपयुक्त प्रशिक्षण संस्थान नहीं बचे थे। भागलपुर के नाथनगर में ही पुलिस ट्रेनिंग होती है।
हमलोगों ने पुलिस एकेडमी के भवन के निर्माण की योजना बनायी और उसके लिए राजगीर के इस जगह का चयन किया गया। बगल में ही नालंदा विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। हमलोगों ने नालंदा विश्वविद्यालय को वल्र्ड हेरिटेज साइट के रुप में घोषित करवाया। नालंदा विश्वविद्यालय की पहचान एक विशिष्ट विश्वविद्यालय के रुप में फिर से बनेगी, जहां देश-विदेश के लोग अध्ययन करने आएंगे। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से राजगीर पहाड़ी के नीचे सी0आर0पी0एफ0 का केंद्र बनवाया और यहां पर बिहार पुलिस अकादमी का निर्माण करवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के समय हमारे यहाॅ बिहार पुलिस के लिए पोशाक, अस्त्र-शस्त्र एवं वाहनो की स्थिति अच्छी नहीं थी। हमलोगों ने उनकी जरुरतों के मुताबिक पोशाक की राशि को उपलब्ध कराया। अच्छे वाहन एवं अत्याधुनिक अस्त्र-शस्त्र की व्यवस्था करवायी। उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के बाद पहली समीक्षा बैठक में मैंने जानकारी मांगी तो पता चला की पुलिस बल की औसत आयु 38 वर्ष है। पुलिस को चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए भी काम किया गया। सैप की बहाली करायी गई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पुलिस बल की बहाली हो रही है। 133 एकड़ में बनने वाला यह पुलिस अकादमी उत्कृष्ट है। उन्होंने कहा कि मेरा सुझाव है कि इसके अगल-बगल में पेड़-पौधे लगाए जाएं ताकि पर्यावरण के लिए लाभदायक हो। उन्होंने कहा कि पटना के जवाहर लाल नेहरू पथ पर सरदार पटेल भवन बना है, जो पुलिस मुख्यालय भी है।

साथ ही आपदा प्रबंधन का संचालन भी वहां से होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की एक-एक चीज का हमलोगों ने ख्याल रखा है। पुलिस बल की बहाली, प्रशिक्षण, अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था, उनकी जरुरतें सबको ध्यान में रखा है। राज्य सरकार आपलोगों की चिंता करती है, आपलोग भी बिहार के लोगों की चिंता कीजिए। राज्य में कानून का राज कायम रहना चाहिए। राज्य सरकार आपकी स्वायत्तता में कोई दखल नहीं देती है। न हम किसी को फंसाने को कहते हैं, न हम किसी को बचाने को कहते हैं।
हमारी आपसे अपेक्षा है कि दोषी को बख्शा नहीं जाए और निर्दोष को फंसाया नहीं जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को पकड़ना आपकी जिम्मेवारी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता अधिकार संपन्न है। उनकी रक्षा और देखभाल कर आप उन पर अपना भरोसा कायम रखें। उन्होंने कहा कि सरकार के तंत्र की कामयाबी के लिए पुलिस तंत्र की मुस्तैदी जरुरी है। आपकी मुस्तैदी से लोगों के बीच में आपकी प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी और लोगों के बीच में भरोसा भी कायम रहेगा। उन्होने कहा कि अपराधी को पकड़कर समय सीमा के अंदर सजा दिलाएं, इसके लिए सरकारी गवाह की उपस्थिति को भी सुनिश्चित कराएं। इन्वेस्टिगेशन के लिए प्रत्येक थाने में पृथक तौर पर जिम्मेवारी तय करें ताकि जांच कार्य में तेजी आयेे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर ऐतिहासिक, पौराणिक एवं पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी विशिष्ट जगह है। यहां भगवान बुद्ध सिद्धार्थ के रुप में भी आए थे और बुद्ध बनने के पश्चात यहां वेणुवन में ठहरते थे और गृद्धकुट पर्वत पर उपदेश देते थे। भगवान महावीर ने यहां पहला उपदेश दिया था। सूफी संत मखदूम साहब की यह भूमि है, गुरु नानक भी यहां आए थे। बाहर से आने वाले पर्यटक भी इस पुलिस अकादमी भवन को देखने-समझने आएंगे। उन्होंने कहा कि यहां ऐसी ट्रेनिंग दी जाय, जो सही मायने में मानवता का संदेश हो। पुलिस बल का दायित्व मानवता की रक्षा करना भी है। यहां ट्रेनिंग कार्य के बेहतर संचालन के लिए अगर अतिरिक्त विशेषज्ञों की जरुरत होगी तो राज्य सरकार उसके लिए राशि उपलब्ध कराएगी। इसे इतना उत्तम संस्थान बनाइये कि आई0ए0एस0 और आई0पी0एस0 भी यहां ट्रेनिंग के लिए आएं। मेरी अपेक्षा आपलोगों से है कि 4 हजार सिपाहियों के लिए जो प्रशिक्षण भवन का शिलान्यास किया गया है, उसका कार्यारंभ तीन महीने में शुरु कर दें और बिहार पुलिस अकादमी के जो बाकी बचे हुए काम हैं, उसे 6 माह में पूर्ण कर दें।
कार्यक्रम को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक के0एस0 दिवेदी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी एवं महानिदेशक सह अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम सुनील कुमार ने भी संबोधित किया।
December 04, 2018

02.12.2018 (दरभंगा) : दो दिवसीय मिथिला लोक उत्सव में आयोजित मिथिला ग्राम्य दलान कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोक संस्कृति एवं परंपराओं तथा विरासत के जीवंत तस्वीर उभर कर सामने आई। लोक कलाकारों ने लुप्त होती जा रही अपने गौरवमयी परंपरा को लोगों के सामने प्रस्तुत कर यह सिद्ध किया कि लोक संस्कृति की जड़ें आधुनिक गीत-संगीत से कहीं अधिक गहराई में जाकर जमी है। यह आम जनमानस के हृदय की आवाज है। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि मिथिला दलान का मुख्य उद्देश यहां की विशुद्ध लोक परंपरा को न सिर्फ लोगों के बीच उभारकर सामने लाना है बल्कि इसका संरक्षण और संवर्धन भी करना है। उन्होंने कहा की मिथिला ग्राम्य दलान मिथिला लोक उत्सव के विशुद्ध रूप को प्रतिबिंबित करता है। ग्राम में दालान में शंभू प्रसाद यादव ने भुइया बख्तौर, रुदल पंजियार ने कारू खिरहर लोकगाथा को अत्यंत ही मनोहारी तरीके से प्रस्तुत किया। उषा पासवान के लोक नृत्य, बचकईंन पासवान द्वारा दुलरा दयाल सिंह की लोकगाथा, उत्तम यादव के लोरीकायन, धरोहर मंच के लोक नृत्य, सोनी स्वर श्रृंगार के शास्त्रीय नृत्य, धरोहर संस्कृति मंच की अद्भुत प्रस्तुतियों ने भी लोगों को बांधे रखा। इस अवसर पर. वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मल्लिक, उप विकास आयुक्त डॉ कारी प्रसाद महतो, अपर समाहर्ता विरेंद्र प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी राजीव कुमार, सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी उमाकांत पांडेय, डीपीआरओ लालबाबू सिंह, उमेश राय, राम बुझावन यादव सहित काफी संख्या में लोक संस्कृति प्रेमी जन उपस्थित थे।
December 04, 2018

02.12.2018 (दरभंगा) : मिथिला विकास बोर्ड की मांग को लेकर विशाल जनसभा का आयोजन संकल्प रैली के रूप में दरभंगा राज मैदान में किया गया। मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित राष्ट्रीय संगठन मंत्री अविनाश भारद्वाज ने कहा की यहाँ पच्चास हजार नौजवान आएँ हैं जिसके आंखों में समृद्ध मिथिला का सपना देखा जा सकता है। उन्होंने कहा की मिथिला के नौजवान अब अपनी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा। आखिर यह कौन सी व्यवस्था है जिसमें सात करोड़ मैथिलों की पूछ नहीं है। यहाँ के शिक्षा व्यवस्था की हालात दयनीय है। स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। किसान दाने-दाने को तरस रहें हैं। नौजवानों को रोजगार नहीं मिल रहा है। पटना की सत्ता हो या फिर दिल्ली की उसमें हम मिथिलावासियों की भागीदारी 7 करोड़ है, लेकिन हमारी पूछ क्यों नहीं है। इसी के विरोध में आज हजारों नौजवान यहाँ अपना अधिकार मांगने आए है। सशक्त समृद्ध मिथिला के परिकल्पना को साकार करने आये हैं।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्य्क्ष रौशन मैथिल ने कहा कि यह हजारों की भीड़ मिथिला के गाँव-गाँव से खुद चल कर आई है। इनका एक ही मांग है कि मिथिला विकास बोर्ड के माध्यम से केंद्र सरकार एक लाख कड़ोर मिथिला के विकास के लिए इस क्षेत्र में ख़र्चा करें। यहाँ स्पेशल एजुकेशन जोन बनाया जाए। उच्च शिक्षा की व्यवस्था हो चुकी यह विद्वानों की धरती है। उन्होंने कहा की मिथिला में बन्द पड़े 14 चीनी मिल अगर चालू हो जाए तो 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। यह कृषि पर निर्भर क्षेत्र है और कृषि में एक मात्र नगदी फसल है। गन्ना की खेती अगर होती है तो यहां के किसान समृद्ध होगें जो आदिकाल में थे। उनोने IT पार्क, IIT, तारामंडल, एयरपोर्ट तथा दरभंगा के तीनों तालाबों को एक-एक कर पर्यटन स्थल बनाने की मांग की। मधुबनी में केंद्रीय विद्यालय एडवेंचर पार्क, झंझारपुर को जिला का दर्जा, बेगूसराय में LNMU का एक बेंच, पूर्णियां, सुपौल, अररिया खगड़िया जैसे अति पिछड़े जिला को 5-5 हजार करोड़ कार्पस प्रदान करने की मांग की। समस्तीपुर से दिल्ली भेज दिए गए पूसा एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर को फिर से समस्तीपुर में स्थापित करने की भी मांग।
राष्ट्रीय महासचिव आदित्य मोहन ने कहा कि आज सात करोड़ की आबादी एक डीएमसीएच पर निर्भर है, जिसकी हालात खुद वेंटिलेटर पर है और किसी से छुपी हुई नहीं है। सरकार जब पटना में AIIMS बनाती है तो अलग जगह बनाती है। ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। हज़ारों की संख्या में रोजगार का सृजन हो। लेकिन जब मिथिला में एम्स की बारी आती है तो DMCH को अपग्रेड की बात करने लगते है। अरे आपने PMCH को अपग्रेड क्यों नहीं किया ? वहाँ अलग से एम्स बनाया सरकार ने, वहाँ पैसा खर्च किया।
वरिष्ठ छात्र नेता सागर नवदिया ने कहा कि मिथिला के विश्वविद्यालयों की हालत किसी से छुपी हुई नहीं है। प्रथमिक स्तर पर या फिर मध्य या उच्च स्तर पर शिक्षा को सरकार जान बूझकर ठीक नहीं कर रही है। यहाँ के डिग्रियों की कोई मूल्य नहीं है। विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमन सक्सेना व' बिहार प्रभारी प्रियरंजन पांडे ने कहा कि अगर मिथिला विकास बोर्ड की माँग पूरी नहीं होती है तो संघर्ष को तेज किया जायेगा।