May 29, 2019

29.05.2019 (दरभंगा) : मुख्य सचिव, बिहार, दीपक कुमार ने कहा कि दरभंगा जिले में भूगर्भ जलस्तर के नीचे चले जाने के चलते जिला के कुछ क्षेत्रों में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। पानी की समस्या को दूर करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किये जा रहे है, लेकिन इस कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में जिस गाँव/टोले/वार्डों में पानी की कमी हो गई है वहाँ किसी भी सूरत में पानी पहुँचाई जाये। जहाँ बोरिंग नहीं हो पाया है अथवा पाइप लाइन नहीं बिछाया जा सका है उन वार्डों में टैंकर के जरिये पानी पहुँचाई जाये। उन्होंने कहा कि पानी की कमी नहीं होनी चाहिए बल्कि इतना पानी उपलब्ध कराया जाये जिससे लोगों की जरूरतें पूरी हो जाये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय में हर घर नल का जल सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार ने 2022 तक हर घर को पाइप के जरिये शुद्ध पेयजल उपलब्ध करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना पर कार्य चल रहा है।
उन्होंने दरभंगा के जल संकट वाले वार्डों में अभियान चलाकर नल-जल योजना का क्रियान्वयन करने का निदेश दिया। उन्होंने उक्त बातें समाहरणालय स्थित सभागार में जिला में वर्तमान जल संकट पर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि दरभंगा जिला के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित पोखर/आहर पैन/चैक डैम आदि का जीर्णोंद्धार करायी जाये। इससे वर्षा के पानी का संचयन करने में सहुलियते होगी।
डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा वीडियो प्रोजेक्टर पर जल संकट के समाधान हेतु किये गये प्रयासां का पावर प्वाइंट प्रजेटेंशन दिखाया गया। डीएम ने बताया कि शहर में अवस्थित सरकारी पोखरों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। वहीं गाँव/टोलों में अवस्थित पोखर/नहर आदि की उड़ाही का कार्य किया जा रहा है। 1.5 इंच वाले पुराने खराब चापाकलों को सिलेंडर लगाकर मरम्मति का कार्य कराया जा रहा है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 50 टैंकरों से 03-04 ट्रिप में पानी की आपूर्त्ति की जा रही है। डीएम ने बताया कि जिस वार्ड में नल-जल योजना के तहत पाइप नहीं बिछाया गया है वहाँ अबतक 288 स्टैड पोस्ट लगाकर पानी की आपूर्त्ति की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रो में 250 नये चापाकल गाड़े गये हैं और 68 शैलो ट्यूबवेल को सिलेंडर लगाकर कनवर्जन किया गया है। शहरी जलापूर्त्ति योजना के तहत बुडको द्वारा 05 प्रोजेक्ट पूरा कर लिया गया है और छठे प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। मुख्य सचिव द्वारा जिला प्रशासन के प्रयास पर संतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि जल संकट के समाधान हेतु यहाँ अच्छा कार्य किया गया है। प्रशासन द्वारा जरूरतमंद लोगों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है जो प्रशंसनीय है।
मुख्य सचिव द्वारा बताया गया कि दरभंगा जिला में भूगर्भ जलस्तर का नीचे जाना भविष्य के लिए चेतावनी है। इसके लिए वाटर हार्वेस्टिंग एकमात्र विकल्प है। उन्होंने सभी घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू कराने को कहा। नगर निगम क्षेत्र के सभी मकान मालिकां को इस बावत नोटिस दी जायेगी। अगर तय समय पर वे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित नहीं करेंगे तो उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी। मुख्य सचिव ने जल संचयन के लिए तालाबों/नहर/पैन आदि का उड़ाही कर भिंडा पर पौधारोपन कराने का सुझाव दिया। इससे पानी एवं पर्यावरण दोनों संतुलित रहेंगे। समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश तालाबों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। मुख्य सचिव ने अभियान चलाकर तालाबों पर के अतिक्रमण को हटाने का निदेश दिया। इसके पूर्व मुख्य सचिव के साथ आये वरीय अधिकारियों द्वारा जिला के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर वहाँ क्रियान्वित किये गये योजनाओं का निरीक्षण किया गया और आम लोगों का फीडबैक भी लिया गया।
अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने बताया कि उन्होंने जाले प्रखण्ड के अहियारी दक्षिणी/अहियारी उत्तरी/ब्रह्मपुर पंचायत का भ्रमण कर विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पोखर के उड़ाही के बाद उसका रख-रखाव हेतु स्थानीय लोगों की टीम बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वृद्धजन पेंशन सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के बारे में लोगों को अच्छी जानकारी है। प्रधान सचिव, कृषि सुधीर कुमार ने बताया कि वे हायाघाट प्रखण्ड के मल्लीपुर पंचायत का भ्रमण किये। वहाँ कुछ किसानों द्वारा शिमला मिर्च एवं पान की अच्छी खेती की जा रही है लेकिन आम किसानों में सरकार की योजनाओं की जानकारी का अभाव पाया गया। इसके चलते वे योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं।
वहीं प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग चैतन्य प्रसाद द्वारा बताया गया कि उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में बुडको द्वारा क्रियान्वित किये जा रहे योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने और अधिक स्टैड पोस्ट बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर में प्लास्टिक के थैले अभी भी प्रचलन में है जिस पर रोक लगाने हेतु ठोस कार्रवाई की आवश्यकता बताया गया।
सचिव पी.एच.ई.डी. जितेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि वे जिला के सबसे अधिक जल संकट वाले प्रखण्ड बहादुरपुर के खराजपुर पंचायत में पी.एच.ई.डी. के द्वारा क्रियान्वित किये गये योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नये चापाकलों को गाड़ने के जगह पुराने शैलो ट्यूबवेल को सिलेडर लगाकर ज्यादा से ज्यादा चापाकलों की कनवर्जन करने से पानी की समस्या का जल्दी समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वार्ड परिषद् को तकनीकी जानकारी नहीं है इसके चलते योजनाओं का क्रियान्वयन में अड़चने आ रही है। वहीं उन्होंने योजनाओं के गुणवत्ता की भी जाँच कराने की बात कहा।
आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा मयंक बरबड़े ने बताया कि जिला में मनरेगा(ग्रामीण) योजना के तहत पोखर उड़ाही, नहर उड़ाही, चेक डैम का निर्माण आदि कार्य कराया जा रहा है। लेकिन मनरेगा जॉब कार्डधारी का निर्धारित मजदूरी अपेक्षा कृत कम होने से कार्य कराने में दिक्कते पेश होने की बात बताई गई। मुख्य सचिव ने कहा कि उन्होंने स्वयं भी बेनीपुर प्रखण्ड के कुछ पंचायतों का भ्रमण किया और आमलोगों से सरकारी योजनाओं के बारे में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि जिला के आमलोगों में सरकारी योजनाओं के प्रति संतुष्टि पाई गई। इस समीक्षा बैठक में दरभंगा प्रमण्डल एवं जिला मुख्यालय के सभी विभागों के पदाधिकारी सम्मिलित हुए।
May 29, 2019

28.05.2019 (दरभंगा) : जिला के कुछ क्षेत्रों में जल स्तर के नीचे चले जाने के चलते पानी की कमी हो गई है और जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिला प्रशासन, द्वारा वर्तमान जल संकट के मद्देनजर तमाम ऐहितियाती कदम उठाये गये हैं। जल संकट वाले शहरी एवं ग्रामीण वार्डों में बोरिंग में स्टैड पोस्ट लगाकर पानी की आपूर्ति की जा रही है। जिन वार्डों में बोरिंग नहीं थे, वहाँ टैंकर के जरिये पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा जल संकट के लिए किये जा रहे उपायों का स्वंय नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है एवं जिला स्तर पर बराबर बैठकें आयोजित कर प्रगति की समीक्षा की जा रही है। दरभंगा जिला के जल संकट की समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आया है कि जल संकट का मुख्य कारण भूगर्भ जलस्तर का नीचे चले जाना है एवं जल स्तर का रिचार्ज नहीं हो पाना है। भूगर्भ जल स्तर के रिचार्ज के लिए वर्षा के पानी का तालाबों/नहरों में संचयन सबसे जरूरी है। जल संचयन हेतु तालाबों/कुएँ आदि का महत्त्वपूर्ण स्थान है। जिला प्रशासन द्वारा दरभंगा के शहरी क्षेत्रों में अवस्थित तालाबों का सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया है।डीएम ने शहरी क्षेत्रों में अवस्थित तालाबों के सर्वेक्षण हेतु 04 टीम का गठन किया है।
पहला टीम 01 से 12 वार्ड का सर्वेक्षण करेगा। इसके टीम लीडर अंचलाधिकारी, सदर दरभंगा अरूण कुमार सक्सेना बनाये गये है। दूसरी टीम 13 से 24 वार्ड का सर्वेक्षण करेगी। इसके टीम लीडर प्रभारी अंचल निरीक्षक, दरभंगा विनय कुमार ठाकुर बनाये गये है। तीसरी टीम को 25 से 36 वार्ड का सर्वेक्षण का दायित्व दिया गया है। इसके टीम लीटर अंचलाधिकारी, बहादुरपुर कमलेश कुमार बनाये गये है एवं चौथी टीम 37 से 48 वार्ड के तालाबों का सर्वेक्षण करेगी। इसके टीम लीडर प्रभारी अंचल निरीक्षक, बहादुरपुर समीर आचार्य बनाये गये है।
उपरोक्त टीमों को चार कार्य करना है, जिसमें सरकारी तालाबों को चिन्ह्ति करना, उक्त सरकारी तालाबों पर अगर अतिक्रमण है तो इसका रिपोर्ट बनाना, यदि किसी सरकारी सरकारी तालाब का स्वरूप बदल गया है तो उसे चिन्ह्ति करना एवं सभी सरकारी तालाबों की पैमाईश कराना शामिल है। डीएम द्वारा सभी टीमों को एक सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन देने हेतु निर्देश दिया गया है। वहीं तालाबों का सर्वेक्षण करने हेतु गठित टीमों के कार्य प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने हेतु क्रमशः उप नगर आयुक्त कमलनाथ झा तथा नगर प्रबंधक, दरभंगा नागमणि को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। डीएम ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को सौपे गये कार्य का नियत समय में पूरा कर प्रतिवेदन देने हेतु निदेशित किया है।
May 26, 2019

23.05.2019 (दरभंगा) : दरभंगा लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी गोपालजी ठाकुर भारी मतों से विजयी हुए। उन्होंने 267979 वोटों से जीत कर रिकॉर्ड कायम किया। जीत की खबर सुनते ही बीजेपी कार्यकर्ताओं में खुशियों का माहौल बना रहा। खूब पटाखे फोड़े व मिठाइयां बाटीं। मतगणना पुरे होने के बाद डीएम डॉo त्यागराजन एस.एम. ने गोपालजी ठाकुर के विजयी होने पर उन्हें प्रमाण पत्र दिया।
May 18, 2019

16.05.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. जिले में मातृत्व मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से एक सॉफ्टवेयर लॉच करने जा रहे है। यह वेव आधारित मोबाईल एप है जिसे वंडर दरभंगा (Wonder Darbhanga) नाम दिया गया है। दरभंगा के बहादुरपुर एवं बेनीपुर अंचलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस मोबाईल एप को लॉच किया जायेगा। डीएम ने कहा कि उनके इनिशिएटिव पर इस सॉफ्टवेयर को जिला में लॉच किया जा रहा है। इसके प्रोपराइटर ने सर्वप्रथम राज्य के दरभंगा जिला में लॉच करने की सहमति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि इस सॉफ्टवेयर को लॉच करने में सरकार का कोई राजस्व खर्च नहीं होगा। यह पूर्णतः निःशुल्क है। डीएम ने कहा कि जिला में इसे एक नवोन्मेषी प्रयोग (Innovative Idea) के रूप में क्रियान्वित किया जा रहा है। इससे बहादुरपुर एवं बेनीपुर अंचल के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने उक्त बातें वंडर दरभंगा सॉफ्टवेयर का उपयोग हेतु समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित ओरियेन्टेंशन-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला में कहा। उन्होंने कहा कि इसके तहत दरभंगा एवं बेनीपुर के गर्भवती, धातृ महिलाओं का डाटा बेस तैयार किया जायेगा। प्रायः ऐसा देखने को मिलता है कि गर्भावस्था में महिलाओं का रक्तचाप बढ़ अथवा घट जाने से उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ जाती है और अस्पताल ले जाने मे देरी कर देने पर कभी-कभी महिला की मृत्यु भी हो जाती है।
वंडर सॉफ्टवेयर इस समस्या का निराकरण करने में मददगार साबित होगा। इस एप से गर्भवती महिलाओं का डाटा अपलोड रखने पर मरीज एवं पी.एच.सी. के चिकित्सक को उनके मोबाईल फोन पर एलर्ट मेसेज जायेगा। इससे उक्त मरीज का नियमित चेकअप शुरू होगा और प्रिगनेंसी कंपलीकेशन दृष्टिगत होने पर मरीज को डी.एम.सी.एच. में तुरंत रेफर कर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जायेगी। इस एप के लॉच हो जाने से लाइव मोनिटरिंग प्रणाली विकसित हो जायेगा। डीएम द्वारा आशा व्यक्त किया गया है कि इस सॉफ्टवेयर का क्रियान्वयन होने पर मातृत्व मृत्यु दर कम होगी। उन्होंने इस परियोजना में स्वास्थ्य विभाग सहित बाल विकास परियोजना एवं जीविका को संबद्ध करने की बात कही। कार्यशाला में उपस्थित सिविल सर्जन डॉ. अमरेन्द्र नारायण झा द्वारा वंडर एप के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला गया। वहीं तामिलनाडु से आये टीम के सदस्यों श्री नवीन, श्री राकेश आदि ने वंडर सॉफ्टवेयर के कार्य प्रणाली के बारे में वीडियो प्रोजेक्ट पर पावर प्वाइंट प्रजेटेंशन दिया।
इस कार्यशाला में सिविल सर्जन, डी.पी.आर.ओ., जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, बेनीपुर एवं बहादुरपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डी.एम.सी.एच. के गाइनी विभाग के चिकित्सक, डी.पी.एम.(जीविका), सी.डी.पी.ओ., महिला पर्यवेक्षिका एवं वंडर सॉफ्टवेयर टीम के सदस्य उपस्थित थे।
May 12, 2019

12.05.2019 (दरभंगा) : डीएम डॉo त्यागराजन एस.एम. ने शहरी सुरक्षा तटबंध एकमी का आज निरीक्षण किया। निरिक्षण उपरांत उन्होंने सम्बंधित पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा की कमजोर पॉइंट की तुरंत मरम्मति करवाएं तथा पर्याप्त मात्रा मेँ बालू का बैग एवं एमसी का भंडारण भी करें। उन्होंने सभी AE/JE को बाढ़ के दौरान प्रतिनियुक्ति स्थल पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया और साथ ही यह भी निर्देश दिया की अनुपस्थित पाए जाने पर कठोर अनुशासनिक कार्रवाई होगी। बाढ़ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को जमींदारी बांधो का निरीक्षण 25 मई तक पूरा कर लेने एवं सभी sdo एवं dclr को भी 25 मई तक अपने क्षेत्राधीन बांधो का निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने का निर्देश डीएम ने दिया है।