May 29, 2019

28.05.2019 (दरभंगा) : जिला के कुछ क्षेत्रों में जल स्तर के नीचे चले जाने के चलते पानी की कमी हो गई है और जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिला प्रशासन, द्वारा वर्तमान जल संकट के मद्देनजर तमाम ऐहितियाती कदम उठाये गये हैं। जल संकट वाले शहरी एवं ग्रामीण वार्डों में बोरिंग में स्टैड पोस्ट लगाकर पानी की आपूर्ति की जा रही है। जिन वार्डों में बोरिंग नहीं थे, वहाँ टैंकर के जरिये पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा जल संकट के लिए किये जा रहे उपायों का स्वंय नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है एवं जिला स्तर पर बराबर बैठकें आयोजित कर प्रगति की समीक्षा की जा रही है। दरभंगा जिला के जल संकट की समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आया है कि जल संकट का मुख्य कारण भूगर्भ जलस्तर का नीचे चले जाना है एवं जल स्तर का रिचार्ज नहीं हो पाना है। भूगर्भ जल स्तर के रिचार्ज के लिए वर्षा के पानी का तालाबों/नहरों में संचयन सबसे जरूरी है। जल संचयन हेतु तालाबों/कुएँ आदि का महत्त्वपूर्ण स्थान है। जिला प्रशासन द्वारा दरभंगा के शहरी क्षेत्रों में अवस्थित तालाबों का सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया है।डीएम ने शहरी क्षेत्रों में अवस्थित तालाबों के सर्वेक्षण हेतु 04 टीम का गठन किया है।
पहला टीम 01 से 12 वार्ड का सर्वेक्षण करेगा। इसके टीम लीडर अंचलाधिकारी, सदर दरभंगा अरूण कुमार सक्सेना बनाये गये है। दूसरी टीम 13 से 24 वार्ड का सर्वेक्षण करेगी। इसके टीम लीडर प्रभारी अंचल निरीक्षक, दरभंगा विनय कुमार ठाकुर बनाये गये है। तीसरी टीम को 25 से 36 वार्ड का सर्वेक्षण का दायित्व दिया गया है। इसके टीम लीटर अंचलाधिकारी, बहादुरपुर कमलेश कुमार बनाये गये है एवं चौथी टीम 37 से 48 वार्ड के तालाबों का सर्वेक्षण करेगी। इसके टीम लीडर प्रभारी अंचल निरीक्षक, बहादुरपुर समीर आचार्य बनाये गये है।
उपरोक्त टीमों को चार कार्य करना है, जिसमें सरकारी तालाबों को चिन्ह्ति करना, उक्त सरकारी तालाबों पर अगर अतिक्रमण है तो इसका रिपोर्ट बनाना, यदि किसी सरकारी सरकारी तालाब का स्वरूप बदल गया है तो उसे चिन्ह्ति करना एवं सभी सरकारी तालाबों की पैमाईश कराना शामिल है। डीएम द्वारा सभी टीमों को एक सप्ताह के अंदर प्रतिवेदन देने हेतु निर्देश दिया गया है। वहीं तालाबों का सर्वेक्षण करने हेतु गठित टीमों के कार्य प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने हेतु क्रमशः उप नगर आयुक्त कमलनाथ झा तथा नगर प्रबंधक, दरभंगा नागमणि को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। डीएम ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को सौपे गये कार्य का नियत समय में पूरा कर प्रतिवेदन देने हेतु निदेशित किया है।