June 20, 2020

20.06.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ त्यागराजन एस. एम. ने सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू अथवा कोई अन्य पदार्थ खाकर यत्र-तत्र थूकने पर छह माह का कैद अथवा 200 रुपये जुर्माना अथवा एक साथ दोनों लगाने का निर्देश दिया है। डीएम द्वारा बताया गया है कि खैनी और गुटका खाकर यत्र तत्र थूकने से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। अतः जिला के सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय एवं परिसर, सभी स्वास्थ्य संस्थान, सभी शैक्षणिक संस्थान, थाना परिसर आदि में किसी भी प्रकार का तंबाकू पदार्थ, सिगरेट, खैनी, गुटखा, पान मसाला, जर्दा आदि के उपयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है तथा निर्देश दिया गया है कि कोई भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा आगंतुक इस नियम का उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ कोटपा कानून के अनुरूप कार्रवाई होगी।
डीएम ने एसएसपी एवं डी.डी.सी. सहित सभी एस.डी.ओ. बी.डी.ओ, सी.ओ एवं एस.एच.ओ. को इस कानून का अनुपालन सुनिश्चित कराने एवं उल्लंघन करने वालों पर क़ानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभाव के प्रति आम लोंगो को जागरूक एवं प्रेरित करने हेतु सभी सरकारी / गैर सरकारी परिसरों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर उक्त आशय का बोर्ड लगवाने का निर्देश दिया गया है।
डीएम द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के यत्र तत्र थूकने से इस बीमारी के तेज़ी से फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए बिहार सहित पूरे देश में जहां लॉकडाउन किया गया है वहीँ इस महामारी के रोकथाम हेतु सभी लोंगो को हमेशा फेस मास्क का उपयोग करने, सामाजिक दूरी नियम का पालन करने जैसे कई तरह के दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। डीएम श्री त्यागराजन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है की तंबाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में से एक है। तंबाकू सेवन करने वाले की प्रवृति यत्र-तत्र थूकने की होती है।
थूकने के कारण कई गंभीर बीमारी यथा कोरोना, इंसेफलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू आदि का संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। भा.द.वि. (IPC) की धारा 268 एवं 269 के तहत कोई भी व्यक्ति यदि महामारी के अवसर पर उपेक्षापूर्ण अथवा विधि विरूद्ध कार्य करेगा जिससे किसी भी व्यक्ति को संकटपूर्ण रोग का संक्रमण हो सकता है तो उसे छह माह का कारावास एवं अथवा 200 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।
तम्बाकू नियंत्रण हेतु राज्य सरकार की तकनीकी संस्थान सोसिओ इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेन्ट सोसाइटी (सीड्स) के कार्यक्रम समन्यवयक मनोज कुमार झा द्वारा बताया गया है कि बिहार में तम्बाकू सेवन करने वालों में कमी आई है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार द्वारा प्रकाशित GATS 2 के सर्वे में बिहार राज्य में तम्बाकू सेवन करने वाले लोंगो का आंकड़ा पिछले 7-8 साल में 53.5% से घट कर 25.9% हो गया है। जिसमें चबाकर तम्बाकू का सेवन करने वालों का प्रतिशत 23.5% है।
June 20, 2020

20.06.2020 (दरभंगा) : पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिमोट कंट्रोल के द्वारा गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का शुभारम्भ बिहार राज्य के खगड़िया जिला के बेलदौर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तेलिहर से किया गया है। गौरतलब है कि कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु देशव्यापी लॉक डाउन से प्रभावित हुए प्रवासी कामगारों को अपने गांव / कसबे में ही रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से गरीब कल्याण रोजगार अभियान देश के 06 राज्यों जिसमें बिहार राज्य शामिल है, के 116 जिलों में लागू किया गया है। यह योजना बिहार राज्य के 32 जिलों में संचालित होगी। इसमें दरभंगा जिला भी शामिल हैं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार द्वारा बताया गया कि कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु देशव्यापी लॉकडाउन में राज्य के बाहर रह रहे बिहार के लोगों को काफी कष्ट उठाना पड़ा है। लॉकडाउन पीरियड में बड़ी संख्या में प्रवासी लोग राज्य में लौटे हैं। इन लोगों को राज्य सरकार द्वारा क्वारंटाइन केंद्र में रखकर फोरी तौर पर भोजन, आवासन, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि प्रवासी कामगारों द्वारा अब राज्य में रहकर ही कार्य करने की इच्छा जाहिर किया गया है। प्रवासी कामगारों को रोजगार प्रदान करने के लिये उनकी स्किल की मैपिंग कराई गई है। सरकार के सात निष्चय, जल जीवन हरियाली, मनरेगा, प्रधान मंत्री आवास योजना, जीविका स्वयं सहायता योजना आदि के जरिये उनके स्किल के अनुरूप राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से चल रहा है। बिहार में उद्योग धंधो की अपेक्षाकृत काफी कमी है इसलिए यहां नए उद्योग खड़ा किये जाने की जरूरत है।
केन्द्र सरकार द्वारा गरीब कल्याण रोजगार अभियान के प्रारंभ किये जाने के बाद राज्य के लोगों को रोजगार के ज्यादा अवसर प्राप्त होंगे। राज्य के लोगों को भविष्य में मजबूरी में मजदूरी करने दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़े। इस दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है, उसमें यह अभियान और मददगार साबित होंगे। इस अभियान के प्रारंभ करने पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री का धन्यवाद ज्ञापन किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा इस अभियान का शुभारंभ करने के पूर्व भारत-चीन सीमा पर दोनों देश के सेनाओं के बीच हिंसक झड़प में बिहार राज्य के सैनिकों के द्वारा दिखाए गये अदम्य साहस एवं शौर्य की मुक्त कंठ से सराहना किया गया। उन्होंने कहा कि बिहार रेजिमेंट के जांबाज जवानों ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया। इंडो चाइना सीमा पर देश की रक्षा में जिस किसी भी परिवार का सदस्य अपने जान न्योछावर किए हैं उनके साथ पूरा देश खड़ा है, उनके कुर्बानी को देश कभी नहीं भूल पाएगा।
पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा बताया गया कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत ग्रामीण भारत में रोजगार के अनेक अवसर बढ़ेंगे। तत्काल इस अभियान में 25 तरह की विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसमें सामुदायिक स्वच्छता परिसर, ग्राम पंचायत भवन, राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्य, तालाब/ कुआं / पैन / चेक डैम आदि का निर्माण, पौधारोपण, बागवानी, आंगनवाड़ी केंद्र भवन का निर्माण, प्रधानमंत्री आवास का निर्माण, संपर्क पथ का निर्माण, रेलवे के कार्य, पशुपालन/मुर्गी पालन/बकरी पालन शेड का निर्माण, वर्मी कंपोस्ट आदि का निर्माण शामिल है।
June 20, 2020

20.06.2020 (दरभंगा) : जिला प्रशासन द्वारा मिथिलांचल के प्रसिद्ध मखाना उत्पाद की ग्लोबल ब्रांडिंग करने का अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। बिहार के मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग कलस्टर विकास योजना के तहत दरभंगा के प्रसिद्ध उत्पाद मखाना एवं विश्व प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग आर्ट की ग्लोबल ब्रांडिंग कार्य को मूर्त रूप देने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं।
डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम. द्वारा इस सम्बंध में आज कार्यालय प्रकोष्ठ में विभिन्न व्यवसायों से जुड़े उद्यमियों के साथ एक बैठक कर इनोवेटरी आईडिया के तहत मखाना प्रसंस्करण एवं मिथिला पेंटिंग व्यवसाय को विस्तार प्रदान करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा किया गया। इसमें मिथिला इम्ब्रॉयडरी, मखाना प्रोसेसिंग एवं पेवर ब्लॉक का व्यवसाय उत्पादन शामिल हैं। डीएम द्वारा बताया गया कि प्रवासी कामगारों को रोजगार से जोड़ने हेतु राज्य सरकार द्वारा जिला में 50 लाख रुपये का इनोवेशन फंड प्रदान किया गया है। एक यूनिट को प्रथम किश्त के रूप में 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसमें कम से कम 10 प्रवासी कामगारों को पार्टनरशिप में रखनी होगी। बैठक में उपस्थित दरभंगा के राजेश चौधरी ने मिथिला इब्रॉयडरी, केवटी के शत्रुघ्न प्रसाद ने मखाना प्रसंस्करण, मनीगाछी के श्याम आनंद झा ने पेबर ब्लॉक एवं मार्केटिंग के छात्र साकेत ने इस योजना के प्रोजेक्ट की मार्केटिंग कार्य में सहयोग प्रदान करने की सहमति प्रदान की है। डीएम एवं डीडीसी द्वारा कार्य की महत्ता को देखते हुए आज ही केवटी में शत्रुघ्न प्रसाद के मखाना प्रसंस्करण प्लांट का भ्रमण कर निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि इनोवेशन फंड के तहत स्किल्ड एवं सेमिस्किल्ड प्रवासी कामगारों को बिजनेस पार्टनर के तौर पर हिस्सेदारी दिलाई जाएगी।
कंपनी के शुद्ध मुनाफा में सबका हिस्सा बराबर का होगा। उन्होंने कहा है कि दरभंगा के मखाना की क्वालिटी उम्दा हैं। मखाना की ग्रेडिंग करके अलग-अलग फ्लेवर में आकर्षक पैकेजिंग करके बाजारों में बेचा जायेगा। सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की अनेक योजनाएं चल रही है। इन योजनाओं में पेवर ब्लॉक की काफी मांग हैं। जल जीवन हरियाली अभियान के तहत बड़ी संख्या में तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य, गली नाली का निर्माण, नये जलाशयों, कुओं आदि का निर्माण हो रहा है। तालाबों के भिंडा, कुआ के प्लेटफार्म, गली आदि में फेवर ब्लॉक बिछाया जाएगा। इसलिए फेवर ब्लॉक का व्यवसायिक उत्पादन होने से शीघ्र लाभ प्राप्त होंगे।
June 20, 2020

20.06.2020 (दरभंगा) : बदलते हुए वैश्विक परिवेश में जहां हम सब अपने जींदगी की दौड़ में काफी तेज भाग रहें हैं। चकाचौंध भरी इहलौकिक भ्रम में अपने मूल को भी नजरंदाज करना पर रहा है। इस आपा-धापी में जब हमारा जीवनशैली काफी व्यस्त हो चुका है तब योग सर्वश्रेष्ठ विकल्प है जो जींदगी में संतुलन बनाए रख सकता है। अतएव हमारे दिनचर्या में योग परम आवश्यक। क्योंकि यह योग ही है जो हमारे जीवन से जुड़े भौतिक, मानसिक, भावनात्मक, आत्मिक और आध्यात्मिक, आदि सभी पहलुओं पर काम करता है। वहीं भारतीय शास्त्रीय नृत्य में योग तन,मन, और आत्मा की शुद्धिकरण का एक मात्र मंत्र है। नृत्य में योग अंत: शरीर व बाह्य शरीर की यात्रा को प्रारंभ करने का माध्यम है।
योग से जीव परम शांति की अनुभूति कर सकता है। नृत्य और योग दोनों एक साथ करने से मानसिक आनन्द की अनुभूति होती है। उक्त बातें सृष्टि फाऊंडेशन के द्वारा आयोजित अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व संध्या पर दरभंगा के नौ-लखा पैलेस, संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो.श्रीपति त्रिपाठी कुलानुशासक, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा ने कहा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में शिव किशोर राय ने योग के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को रेखांकित किया। प्रोफेसर अनिल कुमार चौधरी ने योग और विज्ञान को जोड़ते हुए इसकी महत्त्व पर चर्चा किया। सोशल डिस्टेंस का पूर्णतः पालन करते हुए किये गए कार्यक्रम जिसका प्रसारण आनलाइन भी किया गया जिसकी शुरूआत गलवान घाटी में शहीद हुए वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देने से हुई। तत्पश्चात योगगुरु पवन सिंह एवं उपासना सिंह ने योग की वारीकियों से अवगत कराते हुए आगन्तुकों को भुजंगासन, चक्रासन, धनुरासन, शलभासन, पवनमुक्तासन, सर्वांगासन इत्यादी का योगाभ्यास भी कराया। आज के कार्यक्रम की शुरुआत गोस्वामी गीत , जय जय भैरवी असुर भयावन पर सृष्टि फाउंडेशन की छात्रा प्रियांशी मिश्रा के एकल नृत्य से हुआ। तत्पश्चात जयति योग विद्या पर सृष्टि फाऊंडेशन की ओर से ऋचा कुमारी, कोमल मांझी, स्वर्णम उपाध्याय ने योग आधारित ओडिसी नृत्य की प्रस्तुती से दर्शकों का मन मोह लिया।
June 19, 2020

19.06.2020 (दरभंगा) : दरभंगा जिला के विश्व प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग आर्ट एवं मखाना उत्पादन का विकास एवं इस प्रक्षेत्र से जुड़े उद्यमियों एवं कारीगरों को नई तकनीक उपलब्ध कराने, आधुनिक मशीनरी, उत्पादों की पैकेजिंग, डिजाइनिंग, मार्केटिंग तथा वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कार्रवाई तेज कर दिया गया है। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा आज मिथिला पेंटिंग वाला फेस मास्क का निर्माण हेतु नगर में लघु उद्योग स्थापित करने के वास्ते उपयुक्त स्थल का चयन करने हेतु कई सरकारी भवनों का निरीक्षण किया गया।
इसमें नगर के मदारगंज मोहल्ले में उद्योग विभाग का डाई एवं पेंटिंग सेंटर का पुराना भवन, पुअर होम एवं सृजन मिथिला का निजी परिसर शामिल हैं। इसमें से पुअर होम का भवन सभी दृष्टिकोण से उपयुक्त पाया गया हैं। बताया गया कि मिथिला आर्ट के विकास को इच्छुक संगठन को लीज़ पर पुअर होम में जगह उपलब्ध कराया जा सकता हैं।
डीएम श्री त्यागराजन द्वारा पुअर होम को लीज़ पर देने की संभावनाओं पर विचार करने हेतु कल पुनः एक बैठक बुलाया गया हैं। उन्होंने कहा हैं कि उद्योग विभाग, बिहार के द्वारा निर्गत संकल्प के आलोक में जिला को प्राप्त इनोवेशन फंड से तत्काल मिथिला आर्ट बाला फेस मास्क निर्माण की इकाई स्थापित किया जायेगा। निर्माण इकाई स्थापित करने हेतु चयनित उद्यमी को 10 लाख रूपये प्रथम किश्त के रूप में दिया जायेगा। इस उद्यम में 50 % प्रवासी कामगारों को काम देने की बाध्यता होगी।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री सूक्ष्म लघु उद्योग कलस्टर विकास योजना के अतर्गत जिला में इनोवेटिव कार्य को प्रोत्साहित करने एवं इस कार्य से अधिकाधिक स्थानीय एवं प्रवासी कामगारों को जोड़ने हेतु जिला में प्राप्त इनोवेटिव फंड से तत्काल मिथिला पेंटिंग वाला फेस मास्क का निर्माण, मखाना का प्रशंसकरण एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बाला पेंटिंग कार्य को प्रोमोट करने की कार्रवाई की जा रहीं हैं।