September 25, 2020

25.09.2020 (पटना) : जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी पटना, कुमार रवि ने स्थानीय श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल से मतदाता जागरूकता अभियान के तहत मशाल जुलूस को मशाल जलाकर रवाना किया। मशाल जुलूस का आयोजन स्वीप कोषांग के तत्वावधान में समेकित बाल विकास परियोजना के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सेविका ,सहायिका द्वारा किया गया। जूलूस गांधी मैदान से होते हुए विभिन्न मार्गों से गुजरा तथा जुलूस में शामिल लोगों ने अधिकाधिक मतदाताओं से वोट करने की अपील की।
September 25, 2020

24.09.2020 (दरभंगा) : समाहरणालय स्थित सभागार में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में सभी निर्वाची पदाधिकारी एवं सभी कोषांगों के नोडल पदाधिकारी के साथ चुनाव की तैयारी को लेकर बैठक आयोजित की गई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा दिये गए आदेश से अवगत कराते हुए उन्होंने कहा कि सभी निर्वाची पदाधिकारी अपने सेक्टर पदाधिकारी के साथ शीघ्र बैठक कर लें और बी.एम.एफ., भेद्य क्षेत्र, क्रिटिकल, संवेदनशील एवं अतिसंवदनशील बूथ की सूची फाइनल कर लें। मतदान केन्द्रों पर दी जाने वाली बुनियादी सुविधाओं का क्रॉस सत्यापन सेक्टर पदाधिकारी के माध्यम से करा लिया जाए। विगत चुनाव में यदि किसी मतदान केन्द्र या किसी क्षेत्र को भेद्य माना गया है और इस चुनाव में यदि हटा दिया गया है तो उसके कारणों की जाँच कर ली जाए।
उन्होंने कहा कि सभी सेक्टर पदाधिकारी 25 सितम्बर को अपने पुलिस पदाधिकारी के साथ अपने सभी मतदान केन्द्र का भ्रमण कर लें, इसे संबंधित निर्वाची पदाधिकारी सुनिश्चित कराएंगे। भेद्यता की मैपिंग संबंधित थाना से भी करा ली जाए। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह में किसी भी दिन चुनाव की घोषणा हो सकती है। उन्होंने कहा कि वैसे भवन, जहाँ 05 से अधिक मतदान केन्द्र बनाए गए हैं, उन भवनों का भ्रमण निर्वाची पदाधिकारी स्वयं कर लें तथा वहाँ मतदान कराने की योजना बना लें। उन्होंने कहा कि बड़ी तदाद में पहली बार महिला कर्मियों को मतदान कार्य में लगाया जा रहा हैं। इसलिए उन्हें ई.वी.एम. एवं वी.वी.पैट का अच्छी तरह से प्रशिक्षण दी जाए। सभी निर्वाची पदाधिकारी 25 सितम्बर को अपने ब्रजगृह एवं मतगणना केन्द्र का भ्रमण कर लें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के गाइडलाइन के अनुसार मतगणना के दिन मतगणना एजेंट को एक ही स्थल पर बैठाया जाएगा, इसलिए वहाँ पर लगे स्क्रीन पर ब्रजगृह से मतगणना हॉल तक के दृश्य स्पष्ट दिखना चाहिए।
मतगणना टेबुल का दृश्य भी स्पष्ट होना चाहिए, इसे सभी निर्वाची पदाधिकारी सुनिश्चित करावें। जिले में 80 हजार पी.डब्लू.डी. एवं 80 वर्ष से अधिक उम्रवाले मतदाता हैं। इनके साथ कोविड-19 पॉजिटिव मतदाताओं को मतदान कराने पोलिंग पार्टी उनके घर पर जाएगी। इसलिए उन मतदाताओं को चिन्ह्ति कर मतदाता सूची में मार्क कर लिया जाए। ऐसे तीनों प्रकार के मतदाताओं को नामांकन के 05 दिन के अन्दर अपना फॉर्म भरकर संबंधित निर्वाची पदाधिकारी को देना हैं, ताकि उनके घर पर पोलिंग पार्टी जाकर मतदान करा सकें। उन्होंने कहा कि हर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में 02-02 मतदान केन्द्र पर केवल महिला कर्मी एवं महिला पदाधिकारी रहेंगी तथा 01-01 मतदान केन्द्र को आदर्श मतदान केन्द्र बनाया जाना हैं। इसलिए सभी निर्वाची पदाधिकारी ऐसे 02-02 मतदान केन्द्र महिला कर्मियों के लिए तथा 05-05 मतदान केन्द्र आदर्श मतदान केन्द्र के लिए चिन्ह्ति कर लें। शहरी निर्वाचन क्षेत्र वाले निर्वाची पदाधिकारी 05-05 मतदान केन्द्र महिलाओं के लिए तथा 10-10 मतदान केन्द्र आदर्श मतदान केन्द्र के लिए चिन्ह्ति कर लें। इसके अतिरिक्त उन्होंने सभी कोषांग के नोडल पदाधिकारी से उनके कोषांग की तैयारी के संबंध में विस्तार से समीक्षा की।
September 25, 2020
24.09.2020 (दरभंगा) : जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. के निदेशानुसार दिनांक 27 सितंबर (रविवार) को पुनः दरभंगा जिला अंतर्गत सभी मतदान केंद्रों पर वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप का आयोजन किया जायेगा। गौरतलब है कि आगामी बिहार विधान सभा निर्वाचन, 2020 के लिए महिला मतदाता, प्रवासी एवं युवा मतदाताओं के पंजीकरण हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि आगामी बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2020 हेतु महिला मतदाताओं के लिंगानुपात को बढ़ाने हेतु विशेष कैंप लगाकर पंजीकरण अभियान चलाना, प्रवासी मतदाताओं के पंजीकरण को बढ़ाना तथा युवा मतदाताओं (18 से 19 वर्ष)के पंजीकरण को बढ़ावा देना। जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा सभी बीएलओ को आदेश जारी किया गया है कि दिनांक 27 सितंबर 2020 (रविवार) को सभी BLO अपने मतदान केंद्र पर उपस्थित रहकर फॉर्म 6 भरकर छुटे हुए महिला मतदाताओं, प्रवासी मतदाताओं एवं युवा मतदाताओं का पंजीकरण कराना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-सहायक निर्वाची पदाधिकारी अपने स्तर से इस अभियान का अनुश्रवण करेंगे। इसके साथ ही सभी बी.एल.ओ को निर्देश दिया गया है कि विहित प्रपत्र में पंजीकृत मतदाताओं संबंधी प्रतिवेदन कैंप आयोजन के पश्चात 24 घंटे के भीतर स्वीप कोषांग, दरभंगा के ईमेल पर उपलब्ध कराएंगे।
September 25, 2020
24.09.2020 (दरभंगा) : राज्य परिवहन प्राधिकार, बिहार पटना द्वारा जनहित व वाहन स्वामियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण भारत पर्यटन परमिट निर्गत करने की शक्ति क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, दरभंगा को प्रत्योजित की गई है। राज्य परिवहन प्राधिकार, बिहार के उक्त निर्णय के पश्चात जिले के वाहन स्वामियों को संपूर्ण भारत पर्यटन परमिट प्राप्त करने हेतु अब पटना की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। क्षेत्र के वाहन स्वामियों को अब क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, दरभंगा के काउंटर पर सुगमता पूर्वक पर्यटन परमिट मिल सकेगी। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के लिए वर्तमान में विहत शुल्क की राशि 20,000 रुपये है।
September 18, 2020

16.09.2020 (दरभंगा) : डीएम डॉ त्यागराजन एस.एम ने आज समाहरणालय परिसर से राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत राष्ट्रीय पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर क्षेत्र में रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुपोषण दूर करने हेतु विशेष रूप से विभाग द्वारा निर्धारित पोषण के पांच सूत्रों को विशेष रूप से जन जन तक पहुंचाने का तथा अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर एन.आर.सी में भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र के सभी सेविका टी एच आर का वितरण ससमय करें तथा जो लक्ष्य दिया गया है, उसे पूर्ण करने के लिए जो वांछित कार्य है उसे स-समय करें।
इस अवसर पर उपस्थित जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, समेकित बाल विकास सेवाएं श्रीमती अलका आम्रपाली ने बताया कि कुपोषण मुक्त भारत बनाने के लिए पोषण अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 5 सूत्र बताए गए हैं।
पहला है पहले सुनहरे 1000 दिन : पहले सुनहरे 1000 दिनों में तेजी से बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। जिसमें गर्भावस्था की अवधि से लेकर बच्चे के जन्म से 2 साल तक की उम्र तक की अवधि शामिल है। इस दौरान बेहतर स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्यार भरा एवं तनाव मुक्त माहौल तथा सही देखभाल बच्चों के पूर्ण विकास में सहयोगी होता है।
दूसरा है पौष्टिक आहार : शिशु जन्म के एक घंटे के भीतर माँ का पीला गाढ़ा दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। अगले 6 माह तक केवल मां का दूध बच्चे को कई गंभीर रोगों से सुरक्षित रखता है। उसके बाद बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास काफी तेजी से होता है। इस दौरान स्तनपान के साथ ऊपरी आहार की जरूरत होती है। घर का बना अर्द्ध ठोस भोजन ऊपरी आहार की शुरुआत के लिए जरूरी होता है।
तीसरा है एनीमिया प्रबंधन : गर्भवती माता, किशोरिया एवं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम जरूरी है। गर्भवती महिला को 180 दिन तक आयरन की एक लाल गोली जरूर खानी चाहिए। 10 वर्ष से 19 साल की किशोरियों को सप्ताह में सरकार द्वारा दी जाने वाली आयरन की एक नीली गोली का सेवन करना चाहिए। 6 माह से 59 माह के बच्चों को सप्ताह में दो बार एक मिलीलीटर आयरन सिरप देनी चाहिए।
चौथा है डायरिया प्रबंधन : शिशुओं में डायरिया शिशु मृत्यु का कारण भी बन सकता है। छह माह तक के बच्चों के लिए केवल स्तनपान ऊपर से कुछ भी नहीं डायरिया से बचाव करता है। साफ-सफाई एवं स्वच्छ भोजन डायरिया से बचाव करता है। डायरिया होने पर लगातार ओआरएस का घोल एवं 14 दिन तक जिंक देना चाहिए, एवं
पाँचवाँ है स्वच्छता एवं साफ-सफाई : साफ पानी एवं ताजा भोजन संक्रामक रोगों से बचाव करता है। शौच जाने से पहले एवं बाद में तथा खाना खाने से पूर्व एवं बाद में साबुन से हाथ धोना चाहिए घर में तथा घर के आसपास सफाई रखनी चाहिए। इससे कई रोगों से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस पोषण माह का दो विषय है:- पहला:- अति कुपोषित बच्चों के पहचान और दुसरा :-घर-घर क्यारी, पोषण थाली, जिसके अंतर्गत सभी लोग अपने घर के आस-पास की उपलब्ध जमीन पर दैनिक उपयोग की सब्जियां और फल लगाएं ताकि परिवार में बच्चों और महिलाओं के साथ अन्य सदस्यों को भी पौष्टिक आहार प्राप्त हो सके।