January 10, 2022

08.01.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित सभागार में डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन, जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के साथ कोरोना से बचाव को लेकर ऑनलाईन समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में डीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रखण्डों में कोरोना से बचाव के उपाय का लगातार माईकिंग कराकर प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक किया जाए। इसके लिए प्रखंड स्तर पर उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रयोग किया जाए यथा शिक्षक, विकास मित्र, जीविका दीदी, आशा, सेविका, सहायिका व किसान सलाहकार इत्यादि। बिना मास्क के दुकान एवं प्रतिष्ठान में किसी को पाये जाने पर पहले उसे समझाया जाए, नहीं मानने पर जुर्माना किया जाए। ग्राहक मास्क में हो, यह सुनिश्चित किया जाए। पंचायती राज के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर गाँव-गाँव में जागरूकता फैलायी जाए। इसके लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को नवनिर्वाचित पंचायत जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल मीटिंग कर लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही अगर उनके क्षेत्र में कोई संक्रमित हुआ है, तो वे उसकी जाँच करावें। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को नियमित रूप से टेस्टिंग करने का निर्देश दिया और शहरी क्षेत्र में टेस्टिंग की संख्या दोगुनी/तीगुनी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी का रैपिड एन्टीजन टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो पुनः आर.टी.पी.सी.आर. कराने की जरूरत नहीं है। यदि रिपोर्ट निगेटिव आता है और कोरोना के लक्षण विद्यमान हैं, तो आर.टी.पी.सी.आर. जाँच करायी जा सकती है। उन्होंने चिकित्सकों को प्रतिदिन पॉजिटिव मरीज से दूरभाष के माध्यम से 07 दिनों तक उनका हाल-चाल लेते रहने का निर्देश दिया तथा वैकल्पिक दिवस में चिकित्सक उनके घर जाकर देखेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा देखा जा रहा है कि अभी भी अधिकतर लोग मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे हैं, जबकि इस महामारी से बचने का सर्वोत्तम उपाय एन-95 मास्क का प्रयोग या सर्जिकल मास्क के साथ कपड़े का मास्क का प्रयोग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि दुकानदार भी कुछ मास्क रखें, ताकि कोई ग्राहक बिना मास्क के पहुँचे तो उन्हें मास्क उपलब्ध करावें।
जिला स्तर पर पूर्वाह्न 09ः00 बजे से रात्रि 09ः00 बजे तक कोरोना जाँच की व्यवस्था की गयी है। कोरोना जाँच में गतिमान आयु वर्ग (21 वर्ष से 50 वर्ष) पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिनमें संक्रमण के लक्षण मिले, उनकी जाँच करवा ली जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रखण्डों के कोविड केयर सेन्टर को दुरूस्त कर लिया जाए। जिले में 926 बी. टाईप का भरा हुआ ऑक्सीजन सिलीण्डर उपलब्ध हैं। यदि किसी प्रखंड में कमी है, तो माँग कर लें। साथ ही ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर को दुरूस्त करवा लिया जाए। टीकाकरण की कार्य-योजना बनाकर उपलब्ध कराये जा रहे टीके का तुरंत उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को भी कोविड केयर सेन्टर के रूप में चिन्ह्ति किया गया है। अनुमण्डल स्तर पर टीम बना ली जाए, जो यह जाँच करेंगी कि निजी अस्पतालों में ईलाज सरकार द्वारा निर्धारित मानक एवं दर पर किया जा रहा है कि नही। उन्होंने कहा कि सभी अपनी-अपनी व्यवस्था का ड्राई-रन कर देख लें तथा प्रतिवेदन उपलब्ध करायें। पॉजिटिव मरीजों को ससमय एम्बुलेन्स मिले, इसकी व्यवस्था प्रखण्ड स्तर पर रखी जाए, यदि कहीं एम्बुलेंस की कमी है, तो भाड़े पर रख ली जाए। उन्होंने कहा कि जितना ज्यादा टेस्टिंग होगी, उतना ज्यादा बचाव होगा। सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिन्हा ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को मॉडरेट केस कोविड केयर सेन्टर में तथा सिरियस केस डी.एम.सी.एच. रेफर करने को कहा। डीएम ने सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से उनके प्रखण्ड में कोविड संक्रमण से निपटने के लिए की गयी तैयारी की जानकारी बारी-बारी से लिया।
सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि उनके प्रखण्ड में 10 बेड वाला कोविड केयर सेन्टर उपलब्ध है, जहाँ ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर एवं ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। सभी प्रखण्डों में एम्बुलेंस उपलब्ध हैं तथा सभी प्रखण्डों में 400 एन्टीजन टेस्ट एवं 150 आर.टी.पी.सी.आर. टेस्ट प्रतिदिन करायी जा रही है। जिलाधिकारी ने दरभंगा सदर प्रखंड को प्रतिदिन 1500 एवं बहादुरपुर, बहेड़ी, बेनीपुर को 1000 टेस्टिंग कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी एवं चिकित्सक एक टीम के रूप में काम करेंगे, लोगों को कोरोना महामारी के प्रति जागरूक करेंगे, कोरोना पॉजिटिव का ससमय ईलाज करेंगे तथा नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेंगे तथा जागरूकता के लिए अपने सभी संसाधन यथा - आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका, जीविका दीदी, शिक्षक, विकास मित्र, किसान सलाहकार का प्रयोग करेंगे और मिल-जुल कर इस महामारी का सामना करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा देखा गया है कि प्रखण्ड स्तर पर पर्याप्त जानकारी के अभाव में ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर व ऑक्सीजन सिलिंडर का प्रयोग करने में परेशानी होती है, इसलिए जिला स्तर से 10 जनवरी को सभी प्रखण्ड के 01-01 कर्मी को ऑक्सीजन सिलिंडर व ऑक्सिजन कंसेंट्रेटर का प्रयोग करने हेतु प्रशिक्षण दिया जाए। प्रखण्ड स्तर पर प्रशिक्षित व्यक्ति उसी दिन अपने प्रखण्ड के शेष कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। यदि कहीं भी कोई कमी हो, तो अविलम्ब उसकी माँग कर ली जाए।
बैठक में अनुमण्डल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) अनिल कुमार सिन्हा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला आपदा प्रभारी सत्यक सहाय, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ. रश्मि वर्मा, डी.पी.एम. हेल्थ विशाल कुमार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
January 10, 2022

07.01.2022 (दरभंगा) : मिथिला स्टूडेंट यूनियन के द्वारा दरभंगा शहर में जाम की समस्या को लेकर अनोखे रूप से विरोध प्रदर्शन किया गया। दोनार गुमती के पास लगे जाम के आगे एमएसयू के लगभग 1 दर्जन सेनानीयों ने हाथ में बैनर पोस्टर लेकर प्रतिनिधियों और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दिखाया। एमएसयू के सेनानियों ने कहा की दरभंगा शहर पिछले 20-30 सालो से जाम की समस्या से त्रस्त हो चूका हैं। दरभंगा का कोई भी ऐसा इलाका नहीं हैं जहाँ पर जाम की समस्या ना हो। 10 साल पहले 07 ओवर ब्रिज का शिलान्यास हो चूका हैं लेकिन आज तक किसी भी जगह पर एक पिलर तक नहीं गारा गया। कुछ दिन पूर्व 3 ओवर ब्रिज का और घोषणा किया गया हैं लेकिन सरकार और प्रतिनिधि की मंशा अब स्पष्ट हो चूका हैं की हमारा प्रतिनिधि निक्कमा हैं दरभंगा ऐसे ही जाम में फंसा रहेगा। पिछले 20-30 सालो से दरभंगा वासी रोजाना 2-3 घंटा जाम में फंसे हुए होते हैं जिसकी चिंता ना तो प्रशासनिक स्तर के पदाधिकारी को हैं और नाही जनप्रतिनिधियों को। शाम 5 बजे के करीब एमएसयू के छात्र नेता अमन सक्सेना विकाश चौधरी उदय नारायण झा नारायण मिश्रा गौतम कुमार रमेश कुमार संजीत कुमार अर्जुन दास नवीन कुमार आदि ने दोनार गुमती के पास मुख्य सड़क पर बैनर पोस्टर लगाकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी किया। जैसे ही रेलवे फाटक बंद हुआ दर्जनों एमएसयू के छात्र रेलवे फाटक के आगे खड़ा होकर नारेबाजी करने लगे, "ऐसे ही जाम में फंस जाओगे निकम्मा प्रतिनिधि को जो जिताओगे" "हम सब ने ये हैं ठाना हैं दरभंगा को जाम से मुक्ति दिलाना है" जैसे नारा लगाकर आम लोगो को आकर्षित करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थानीय लोग भी इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने लगे। रोजाना कई एम्बुलेंस जाम में फंसा होता हैं छात्र-छात्राओं को स्कूल कॉलेज जाने में नौकरी वाले को नौकरी पर जाने से पहले इस जाम में संघर्ष करना पड़ता हैं लेकिन एमएसयू ने ठान लिया हैं की दरभंगा को जाम से मुक्ति दिलवा कर रहेंगे। आने वाले नगर निगम चुनाव में एमएसयू सभी जगह अपने उम्मीदवार को खड़ा करने जा रहा हैं। न्यू दरभंगा के नाम से कांसेप्ट लेकर इस चुनाव में एमएसयू अपनी भागेदारी तय करने जा रहा हैं। हर जाम वाली जगह पर जाकर हमलोग ऐसे ही विरोध प्रदर्शन करेंगे। विधायक सांसद और मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी करेंगे। हमारी मांग हैं की दरभंगा के सभी ओवर ब्रिज का निर्माण जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए और दरभंगा शहर को जाम से मुक्ति दिलवाया जाए।
January 06, 2022

06.01.2022 (दरभंगा) : कोविड-19 की तीसरी लहर के साथ ही कोरोना संक्रमण के बढ़ते संख्या को देखते हुए बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, बी.एम.एस.आई.सी.एल. के प्रबंध निदेशक संजय कुमार सिंह तथा सभी जिले के जिलाधिकारी के साथ ऑनलाईन बैठक की गयी। बैठक में दिये गये निर्देश के आलोक में डीएम राजीव रौशन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी के साथ बैठक कर निर्देश दिया गया कि प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य 9,600 को बढ़ाकर कम से कम 10 हजार लोगों का कोरोना टेस्टिंग करवाई जाए।
बताया गया कि इनमें 3,000 आर.टी.पी.सी.आर. एवं 6,600 रैपिड एन्टीजन टेस्ट शामिल हैं। डीएम ने कहा कि कोविड-19 की टेस्टिंग जो गतिमान आयु वर्ग (मोबाईल एज ग्रुप) 21 से 50 वर्ष है, को ज्यादा प्राथमिकता दी जाए और जैसे ही रैपिड एन्टीजन टेस्ट की जाँच में पॉजिटिव परिणाम पाया जाये, तुरंत उसे दवा का किट्स उपलब्ध कराकर उसका मोबाईल नम्बर दर्ज कर प्राप्ति ले ली जाए। इसके लिए पर्याप्त संख्या में मोबाईल टेस्टिंग भान की भी व्यवस्था की जाए और प्रखण्डवार 01 टॉल-फ्री नम्बर जारी की जाए। उसपर जैसे ही कोई कॉल करे, उसकी जाँच करने हेतु मोबाईल टेस्टिंग भान उसके घर पहुँच जाये, इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा टल जाएगा। उन्होंने कहा कि जाँच करने वाली टीम पी.पी.ई. किट् में रहेगी। इसके साथ ही जिला स्तर पर पूर्वाह्न 09ः00 बजे से रात्रि 09ः00 बजे तक चल रहे टीकाकरण केन्द्र के समीप एक कोरोना जाँच केन्द्र भी पूर्वाह्न 09ः00 बजे से रात्रि 09ः00 बजे तक के लिए बनाया जाए, जहाँ कोरोना के लक्षण वाले कोई भी व्यक्ति जाकर अपनी जाँच करा सके। आर.टी.पी.सी.आर. टेस्ट रिपोर्ट 24 घंटे के अन्दर उपलब्ध करा दी जाए। उन्होंने सिविल सर्जन को प्रखण्डवार कोविड कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही जिला स्तर पर एक कोविड कंट्रोल रूम जो 24x07 घंटे कार्यरत रहें, स्थापित करने का निर्देश दिया और वहाँ से सभी होम आईसोलेशन वालों से 04-05 प्रश्न पुछवाने का निर्देश दिया गया। मसलन - कितना बुखार हैं, भोजन में क्या खा रहे हैं, पल्स रेट कितना है, होम आईसोलेशन में कब से हैं, इसके साथ ही यदि ब्लड सुगर है, तो ब्लड सुगर लेवल कितना है, इसके साथ ही उसके घर वालों को कोविड पॉजिटिव व्यक्ति से दूरी रखने की सलाह दी जाए।
चिकित्सक वैकल्पिक दिवस पर कोविड पॉजिटिव के घर भ्रमण कर उनका हाल-चाल ले लें, यदि स्थिति ठीक है, तो होम आईसोलेशन में लगातार रहने और यदि आवश्यकता है, तो पी.एच.सी., सी.एच.सी. भेजने की सलाह दी जाए। उन्होंने कहा कि 08 जनवरी 2022 को 15 से 18 वर्ष वाले किशोरों के लिए टीकाकरण का मेगा ड्राइव चलाया जाएगा। अतः शिक्षा विभाग से जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी समन्वय स्थापित कर शत्-प्रतिशत किशोरों का टीकाकरण करवाना सुनिश्चित करें। साथ ही हेल्थ वर्कर एवं फ्रंट लाइन वर्कर जिनके द्वारा दूसरा डोज लिए हुए 9 माह हो गया है, उनके लिए तीसरा प्रिकॉशनेरी डोज का मेगा ड्राइव 10 एवं 11 जनवरी 2022 को चलाया जाए। इसके लिए कार्य योजना बना ली जाए। उन्होंने कहा कि कोविड मरीज के लिए डेडिकेटेड एम्बुलेंस अनुमण्डलवार रखी जाए, जो कॉल सेन्टर पर सूचना प्राप्त होते ही मरीज के पास पहुँच जाए। चुकी शहरी क्षेत्र में संक्रमण की दर ज्यादा रहती है, इसलिए सदर अनुमण्डल में एम्बुलेंस की संख्या अधिक रखी जाए। उन्होंने कहा कि 01 एम्बुलेंस पर 02-02 चालक की व्यवस्था रखी जाए, ताकि दोनों शिफ्ट में एम्बुलेंस कार्यरत रह सके। सभी चिकित्सकों की छूट्टी तत्काल रद्द कर दी गयी है और सभी का मुख्यालय में रहना अनिवार्य है।
उन्होंने सभी प्रखण्डों में कोरोना के प्रति जागरूकता लाने हेतु सघन मेकिंग करवाने का निर्देश सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को देने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त सभी पणन पदाधिकारी एवं प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी को दूकानों को मास्क चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दिया गया। इसके साथ ही मास्क वाले ग्राहकों को ही सामान दिया जा रहा है कि नहीं इसकी भी जाँच हो। उन्होंने कहा कि गंभीर कोरोना संक्रमित व्यक्ति को डी.एम.सी.एच. में भर्ती के समय ही ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सके, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डी.एम.सी.एच. के 03 एवं बेनीपुर अनुमण्डलीय अस्पताल के एक ऑक्सीजन प्लांट को चालू हालत में रखने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि उच्च जोखिमयुक्त व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्ति की कोविड-19 जाँच कराने हेतु जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से 24x07 घंटे एम्बुलेन्स टीमों की सुविधा तथा कोविड पॉजिटिव मरीजों को निर्धारित चिकित्सा केन्द्रों में भर्ती करने हेतु निःशुल्क एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है।
बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा इस हेतु दरभंगा जिला के लिए मेडिकल हेल्पलाइन नम्बर - 1800-345-6610 तथा विशेष जानकारी के लिए हेल्पलाइन नम्बर - 104 जारी किया गया है। eSanjeevani टेली मेडिसिन एप पर सोमवार से शनिवार तक सुबह 09 बजे से शाम 04 बजे तक डॉक्टर से मुफ्त परामर्श तथा कोरोना संक्रमण से बचाव के उपाय, जाँच, उपचार, स्वास्थ्य संस्थानों की सूची एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उक्त बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार मिश्र, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अजय कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, डी.पी.एम. (हेल्थ) विशाल कुमार व अन्य संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
January 06, 2022

05.01.2022 (दरभंगा) : कोरोना की तीसरी लहर ओमिक्रोन के बढ़ते संक्रमण को लेकर 6 जनवरी से 21 जनवरी 2022 तक प्रतिबंध जारी करते हुए जिलाधिकारी राजीव रौशन द्वारा कहा गया है कि गृह सचिव , भारत सरकार के द्वारा पत्र दिनांक- 27.12.2021 के माध्यम से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा Containment Measures for Covid - 19 के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं। पत्र में यह निर्देश दिया गया है कि राज्य सरकार स्थिति के आकलन के आधार पर कोरोना की रोकथाम हेतु आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत निर्दिष्ट उपाय कर सकती हैं। कोरोना वायरस जनित महामारी की तीसरी लहर से देश के अनेक राज्यों में कोरोना पोजिटिव मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। दिनांक 04 जनवरी 2022 को राज्य में कारोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि राज्य में भी पिछले कुछ दिनों में कोरोना पोजिटिव मामलों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। अतः वर्तमान स्थिति के परिपेक्ष्य में स्थितियों पर व्यापक नियंत्रण हेतु दिनांक 06 जनवरी 2022 से 21 जनवरी 2022 तक निम्नांकित प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।
1 . सभी सरकारी कार्यालय एवं गैर सरकारी कार्यालय 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे । सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों का प्रवेश वर्जित होगा। अपवाद : -आवश्यक सेवाओं यथा- जिला प्रशासन , पुलिस , होमगार्ड , कारा , सिविल डिफेंस , विद्युत आपूर्ति , जलापूर्ति , स्वच्छता , फायर ब्रिगेड , स्वास्थ्य , पशु स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन , दूर संचार डाक विभाग से संबंधित कार्यालय , कोषागार एवं उनसे सम्बन्धित वित्त विभाग के कार्यालय , खाद्यान्न की अधिप्राप्ति से संबंधित कार्यालय , पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अत्यावश्यक गतिविधियों से सम्बन्धित कार्यालय यथावत् कार्य करेंगे। न्यायिक प्रशासन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा लिया गया निर्णय प्रभावी होगा।
सभी दुकानें एवं प्रतिष्ठान 08.00 बजे रात्रि तक ही खुल सकेंगे। अपवाद : ( क ) बैंकिंग , बीमा , एवं ए.टी.एम. संचालन से संबंधित प्रतिष्ठान, गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों के कार्यालय / गतिविधियाँ । ( ख )औद्योगिक एवं विनिर्माण कार्य से संबंधित प्रतिष्ठान | (ग)सभी प्रकार के निर्माण कार्य ( Construction Works ) । (घ)E - commerce से जुड़ी सारी गतिविधियों एवं कुरियर सेवायें। (ड.)कृषि एवं इससे जुड़े कार्य । (च)प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ( छ ) टेलीकम्यूनिकेशन, इंटरनेट सेवाएँ, ब्रॉडकास्टिंग एवं केवल सेवाओं से संबंधित गतिविधियाँ | ( ज ) पेट्रोल पम्प, एल.पी.जी. , पेट्रोलियम आदि से संबंधित खुदरा एवं भण्डारण प्रतिष्ठान। ( झ ) कोल्ड स्टोरेज एवं वेयर हाउसिंग सेवाएँ, निजी सुरक्षा सेवाएँ। ( ट ) ठेला पर फल एवं सब्जी की घूम - घूम कर बिक्री । दुकानों / प्रतिष्ठानों का संचालन निम्नलिखित शर्तों के साथ किया जाएगा। •दुकानों / प्रतिष्ठानों में सभी के लिए हमेशा मास्क पहनना अनिवार्य होगा। •दुकानों / प्रतिष्ठानों के काउंटर पर दुकानदार द्वारा कर्मियों एवं आगंतुकों के उपयोग हेतु सैनिटाईजर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।
•दुकान एवं प्रतिष्ठान परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग मानकों ( 2 गज की दूरी ) का अनुपालन किया जाएगा , जिसके लिए सफेद वृत चिन्हित किए जाएंगे। उपर्युक्त शर्तों का पालन नहीं किए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। •शिक्षण संस्थान : - प्री - स्कूल से आठवीं कक्षा तक के लिए विद्यालय एवं कोचिंग संस्थान बन्द रहेंगे, किन्तु ऑनलाइन शिक्षण दिया जा सकेगा । नौवीं तथा उच्चतर कक्षाओं से सम्बंधित विद्यालय , कोचिंग एवं शिक्षण संस्थान 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुल सकेंगे। ऑनलाइन शिक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
•सभी धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं / आमजनों के लिए बंद रहेंगे। •सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, क्लब , स्विमिंग पूल , स्टेडियम , जिम , पार्क एवं उद्यान पूरी तरह बंद रहेंगे। •रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकानों का संचालन आगंतुकों की बैठने की कुल क्षमता के अधिकतम 50 प्रतिशत उपयोग के साथ अनुमान्य होगा।सम्बन्धित प्रतिष्ठान यह सुनिश्चित करेगा कि उनके सभी कर्मी कोविड के दोनों टीके ले चुके हों। •विवाह समारोह अधिकतम 50 व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ आयोजित किए जा सकते हैं , किन्तु इनमें डी ० जे ० एवं बारात जुलूस की इजाजत नहीं होगी । विवाह की पूर्व सूचना स्थानीय थाने को कम - से - कम 03 दिन पूर्व देनी होगी । अंतिम संस्कार / श्राद्ध कार्यक्रम के लिए भी 50 व्यक्तियों की अधिसीमा रहेगी। •सार्वजनिक परिवहन में निर्धारित बैठने की क्षमता के 100 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति रहेगी । परिवहन विभाग सुनिश्चित करेगा कि सार्वजनिक वाहनों में overcrowding नहीं हो। सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। •निजी वाहनों में तथा सार्वजनिक स्थानों एवं मार्गों पर पैदल चलने वालों के लिए हमेशा मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
•सभी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी प्रकार के सामाजिक / राजनीतिक / मनोरंजन / खेल कूद / शैक्षणिक / सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन 50 % क्षमता एवं अधिकतम 50 व्यक्तियों की अधिसीमा ( जो भी कम हो ) तथा कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया ( SOP ) के अनिवार्य अनुपालन के साथ आयोजित किए जा सकेंगे । आयोजन के लिए जिला प्रशासन की पूर्वानुमति अनिवार्य होगी। •राज्य में रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक Night curfew लागू रहेगा। •उक्त अवधि में निम्न अनुमान्य होंगे। •स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों में संलग्न वाहन एवं स्वास्थ्य प्रयोजनार्थ प्रयुक्त निजी वाहन। • अनुमानन्य कार्यों से संबंधित कार्यालयों के सरकारी वाहन, वन प्रबंधन में सलंग्न वाहन,सभी प्रकार के मालवाहक वाहन। वैसे निजी वाहन जिनमें हवाई जहाज / ट्रेन के यात्री यात्रा कर रहे हों और उनके पास टिकट हो । कर्त्तव्य पर जाने हेतु सरकारी सेवकों एवं अन्य आवश्यक अनुमान्य सेवाओं के निजी वाहन। • अंतर्राज्यीय मार्गों पर अन्य राज्यों को जाने वाले निजी वाहन। • सभी प्रकार के मेलों और प्रदर्शनी के आयोजन पर प्रतिबन्ध रहेगा, जिला प्रशासन भीड़ - भाड़ वाले स्थलों , यथा- सब्जी मंडी, बाजार आदि तथा सार्वजनिक वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से सम्बन्धित कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया ( SOP ) का सख्त अनुपालन कराना सुनिश्चित करेगा।
• यदि किसी स्थान / बाजार / प्रतिष्ठान में निरंतर निर्देशों के उपरान्त भी उपर्युक्त का अनुपालन नहीं किया जा रहा हो , उन्हें अस्थायी रूप से बन्द करने के साथ अन्य सख्त कार्रवाई की जा सकती है। • उपरोक्त आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा-51-60 एवं भा.द. वि. की धारा-188 के प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
January 06, 2022

05.01.2022 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित डीएम ऑफिस में दरभंगा जिले के नव पदस्थापित डीएम राजीव रौशन ने डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम से दरभंगा जिला का पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण होने के उपरांत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित विदाई समारोह में जिला प्रशासन के पदाधिकारियों की ओर से उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया व अपर समाहर्त्ता विभूति रंजन चौधरी द्वारा पाग और चादर से दोनों डीएम को बारी बारी से सम्मानित किया गया। विदाई समारोह में कार्यालय अधीक्षक, दरभंगा समाहरणालय द्वारा सभी कर्मियों की ओर से दोनों डीएम को पाग और चादर से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर निवर्तमान डीएम के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए अपर समाहर्ता ने कहा कि बाढ़, निर्वाचन, कोविड-19 महामारी के दौरान एवं अन्य प्रशासनिक मसलों को कुशलता पूर्वक हल करने के लिए निवर्तमान डीएम याद किये जाते रहेंगे। उप विकास आयुक्त ने विदाई समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें निवर्तमान डीएम के साथ विगत 14 महीने कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ और उन्होंने बाढ़, निर्वाचन, कोविड-19 महामारी के दौरान निवर्तमान डीएम की कार्यकुशलता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए वंडर एप्प का प्रयोग की सराहना राज्य स्तर पर की गई और इसका प्रयोग पूरे बिहार में करने का निर्णय लिया गया। जन समस्याओं का निराकरण भी डीएम द्वारा त्वरित व कुशलता से किया गया, जिसके कारण आम जनता के साथ साथ जनप्रतिनिधि गण भी डीएम महोदय के कार्य की तारीफ करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की राज्यस्तरीय समीक्षा के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान नव पदस्थापित डीएम से मुलाकात होती रही है, साथ ही वैशाली एवं सीतामढ़ी पदस्थापन के दौरान ओडीएफ की शुरुआत सर के द्वारा ही किया गया, जो पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बना।
उन्होंने कहा कि दरभंगा जिला को भी नव पदस्थापित डीएम से काफी उम्मीद रहेगी। विदाई समारोह को संबोधित करते हुए नव पदस्थापित डीएम राजीव रौशन ने निवर्तमान डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इनका पदस्थापन गया जिला में हुआ है और पूर्व में जहां भी ये काम किए हैं वहां उन्होंने अपनी कार्यशैली की अमिट छाप छोड़ी है। जिले की योजनाओं की राज्यस्तरीय समीक्षा के दौरान मैंने देखा है कि ये अपने जिले की योजनाओं और आकांक्षाओं को कितनी तत्परता पूर्वक रखते रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवर्तमान डीएम यहां के पदाधिकारियों, कर्मियों और आम जन के सहयोग से सरकार की योजनाओं और आकांक्षाओं को ऊंचाई तक पहुंचाया है। मेरी कोशिश रहेगी कि आप सब के सहयोग से मैं इसे और अधिक ऊंचाई तक ले जाऊं। नव पदस्थापित डीएम ने कहा कि वर्तमान समय कोरोना की तीसरी लहर (ओमीक्रोन) का है और हमें इससे सुरक्षित रहने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरश: पालन करना होगा। एन-95 मास्क या सर्जिकल मास्क के साथ कपड़े का मास्क का प्रयोग करना अनिवार्य रूप से करना होगा। केवल कपड़े का मास्क कोविड-19 से बचाव के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में भी कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुरूप पदाधिकारियों व कर्मियों को व्यवहार करना होगा। सबसे पहले जीवन की सुरक्षा आवश्यक है।
उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए शत प्रतिशत लोगों द्वारा मास्क का उपयोग को अनिवार्य बताया। विदाई समारोह को संबोधित करते हुए निवर्तमान डीएम ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें सहयोग प्रदान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि उनके तीन साल के कार्यकाल में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जो वर्ष 2019 में जल संकट से शुरू हुआ, कोविड-19, बाढ़, चुनाव एवं उपचुनाव कोविड-19 की दूसरी लहर, पुनः बाढ़ की स्थिति सामने आई लेकिन पदाधिकारियों, कर्मियों व आम जन के सहयोग से उपलब्ध संसाधन से सभी समस्या का समाधान करने का प्रयास किया ताकि, अधिक से अधिक लोगों को राहत पहुंचाई जा सके। आम जनों की समस्या के निराकरण का भी हर संभव प्रयास किया। उन्होंने कहा कि नव पदस्थापित डीएम द्वारा भी खगड़िया, वैशाली व सीतामढ़ी जिला में पदस्थापन के दौरान कई उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं जिनकी चर्चा राज्य स्तर पर भी होती है। 2016 में ओडीएफ की शुरुआत की गयी, जिसकी सफलता को देखकर बाकी जिला को भी करने का निर्देश दिया गया और इस अभियान को लेकर बिहार आगे बढ़ा और बहुत हद तक इसमें सफलता प्राप्त की गयी। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना जीविका एवं जल-जीवन-हरियाली अभियान में भी इनके द्वारा राज्य स्तर पर अच्छे काम किए हैं और पूरी उम्मीद है कि यहां भी इनका कार्यकाल स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने कहा कि दरभंगा जिला में पदाधिकारियों, कर्मियों और आम लोगों का भी भरपूर सहयोग प्राप्त होता रहा है। कई जिलों में काम करने का मौका मिला लेकिन, दरभंगा के कर्मियों में अनुशासन एवं कार्य निष्पादन की स्थिति बहुत अच्छी है। उन्होंने कहा कि दरभंगा एक बड़ा एवं ऐतिहासिक जिला है और यहां कार्य करने का अच्छा अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि कार्य करने के दौरान एक ही बात ध्यान में रखकर काम करना चाहिए कि जो समाज के निचले पायदान के लोग हैं। वे निःशब्द होते हैं। वे बोल नहीं पाते हैं। उन तक योजनाओं की लाभ पहुंचे, यह ध्यान रखना चाहिए, उनके कार्य के लिए हमें हमेशा तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि जब भी उनकी जरूरत हो कोई भी कर्मी, पदाधिकारी सीधे संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन जिला आपूर्ति पदाधिकारी अजय कुमार द्वारा किया गया। विदाई समारोह में जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी चंचल प्रकाश, अपर समाहर्ता विभागीय जांच अखिलेश प्रसाद सिंह, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन अनिल कुमार सिन्हा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता सहित तमाम पदाधिकारी एवं कर्मी गण उपस्थित थे।