September 25, 2019

23.09.2019 (दरभंगा) : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्य मुख्यालय पटना से 2 अक्टूबर को केन्द्रीयकृत रूप से सम्पूर्ण बिहार राज्य में जल-जीवन हरियाली महा-अभियान का शुभारंभ किया जायेगा। इस अभियान का उद्देश्य तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्त्तन, भू-जल स्तर का नीचे गिरना, एक ही समय में बाढ़ एवं सुखाड़ की परिस्थिति उत्पन्न होना, तालाबों की रानी के नाम से जाने वाला दरभंगा जिला में इस गर्मी के मौसम में भीषण जल संकट उत्पन्न होना जैसे भविष्य के संकट से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाया जाना है। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा समाहरणालय सभाकक्ष में जल-जीवन हरियाली अभियान के विस्तृत कार्य-योजना एवं तद्नुसार योजनाओं का समुचित एवं सफलता पूर्वक क्रियान्वयन हेतु रूप-रेखा की विस्तार से समीक्षा किया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा योजना के तहत प्राकृतिक जल श्रोतों यथा - पोखर, आहर, पैन का जीर्णोद्वार, ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वजनिक भवनों में वर्षा जल संचयन संरचना का निर्माण, नये जल श्रोतों का निर्माण, सार्वजनिक चापाकलों के किनारे सोख्ता का निर्माण एवं सघन वृक्षारोपण का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक एकड़ से अधिक रकवा वाले तालाब/पोखर आदि का जीर्णोद्वार लघु जल संसाधन विभाग द्वारा किया जायेगा। वहीं पी.एच.ई.डी. के द्वारा जिला में अवस्थित सभी कुंओं का जीर्णोद्वार एवं सोख्ता का निर्माण कार्य करने की जवाबदेही दी गई है।
कृषि विभाग द्वारा वैकल्पिक फसलों, टपकन सिंचाई, जैविक खेती एवं अन्य तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। वहीं इस योजना के तहत ही वन विभाग द्वारा जिले में सघन वृक्षारोपन एवं पौध शाला का निर्माण करने का लक्ष्य है। इस हेतु वन विभाग को मनीगाछी कृषि फॉर्म में 10 एकड.सहित अन्य प्रखण्डों में कम से कम 02-02 एकड़ जमीन मुहैया कराया जाएगा। डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी को मनीगाछी प्रखण्ड में पौध शाला का निर्माण करने हेतु 10 एकड़ जमीन वन विभाग को हस्तातरित करने का निदेश दिया है। बैठक में उपस्थित वन विभाग के पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जल-जीवन हरियाली योजना के तहत कुल 44 हजार वृक्षारोपण किया गया है। वहीं उप विकास आयुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 56 हजार पौधे लगाये गये है। जल-जीवन हरियाली अभियान के तहत ही वैकल्पिक ऊर्जा श्रोतों की पहचान एवं प्रोत्साहन शामिल है। अधीक्षण अभियंता विद्युत अंचल, दरभंगा द्वारा बताया गया कि सभी सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा प्लांट संस्थापित करने की योजना पर कार्य चल रहा है।
उन्होंने बताया कि बिजली ऊर्जा का उत्पादन सहित ऊर्जा की बचत भी उतना ही महत्वपूर्ण है। डीएम द्वारा सभी विभागों के पदाधिकारी को ऊर्जा की खपत में कमी लाने हेतु प्रयास करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों/संस्थाओं में वर्ष अगस्त 2018 से वर्ष अगस्त 2019 के बीच खपत हुई विद्युत ऊर्जा का विश्लेषन किया जाएगा। विद्युत अधीक्षण अभियंता को सभी कार्यालयों में माहवार विद्युत ऊर्जा खपत का विवरणी उपलब्ध कराने को कहा गया। डीएम ने सभी अंचलाधिकारी को जल-जीवन हरियाली योजना के तहत तालाबों पर से अतिक्रमण हटाने, अतिक्रमित तालाबों को चिन्ह्ति करने, अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध अतिक्रमण वाद चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराने का निदेश दिया है। समीक्षा में पाया गया कि कुशेश्वरस्थान में 49 अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध अतिक्रमण वाद शुरू किया गया है, लेकिन अन्य अंचलों में अतिक्रमण वाद की कार्रवाई अत्यंत कम पायी गई है। डीएम ने अंचलाधिकारियों को सख्त हिदायत दिया है कि दिसम्बर 2019 तक जिला के सभी सरकारी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर इसका जीर्णोद्वार करने का महती लक्ष्य राज्य सरकार द्वारा तय किया गया है। इस लक्ष्य को हर हाल में हासिल करना है। उन्होंने सभी अनुमण्डल पदाधिकारी को तालाबों का सर्वेक्षण, अतिक्रमित तालाबों की पहचान एवं अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध मुकदमा की कार्रवाई का सतत् अनुश्रवण, पर्यवेक्षण एवं क्रियान्वयन का निदेश दिया है।
इसके साथ ही सरकार के सात निश्चय योजना अन्तर्गत नल-जल, गली-नाली, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत निर्मित शौचालयों का जियोटैगिग एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान, दाखिल-खारिज, लगान रसीद आदि की प्रगति की समीक्षा की गई।