29.09.2017 (दरभंगा) : प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्विद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र के द्वारा दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर दिनांक 27.09.2017 से लेकर 29.09.2017 तक तीन दिवसीय चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन लक्ष्मेश्वर पब्लिक लाइब्रेरी दरभंगा के प्रांगण में बड़े उत्साह व उमंग के साथ किया गया।

कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन स्थानीय सेवा केंद्र की संचालिका बी.के. आरती, व बी. के. सुधाकर सहित शहर के कई गणमान्य लोगों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन उपरान्त बी.के. सुधाकर ने मंच संचालित करते हुए बताया की इस तीन दिवसीय चैतन्य देवियों की झांकी में बी.के.दिशा (दुर्गा स्वरुप), बी.के. संतोषी (लक्ष्मी स्वरुप), बी.के. रुपाली (सरस्वती स्वरुप) व शुभम (गणेश स्वरुप) में आकर्षण का केंद्र होगा। तीनों दिन मिलाकर लगभग 16 घंटे चले इस आलौकिक कार्यक्रम का हज़ारों की संख्या में लोग दैवीय चैतन्य झांकी के दर्शन एवं भक्ति गीतों पर बच्चों के नृत्य को देखकर आनंदित हुए।

दूसरे दिन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में भाजपा जिलाध्यक्ष हरी सहनी ने शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। लाइब्रेरी प्रांगण में संस्था से जुड़े अध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी भी लगा था, जिसमे लोगों को संस्था के ब्रह्माकुमार व ब्रह्माकुमारियों द्वारा अध्यात्मिक ज्ञान रत्न समझाया गया। तीनों दिन चले इस आलौकिक कार्यक्रम में बच्चों व ब्रह्मकुमारों द्वारा बीच-बीच में भक्ति संगीतों पर नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा।

संस्था के ज्ञान रत्न से जुड़े कई सेवाधारी खुद खड़े होकर लाइब्रेरी प्रांगण में चल रहे इस दैवीय झांकी की मॉनिटरिंग करते दिखे। चूँकि भीड़ ज्यादा थी, इसलिए कोई अप्रिय घटना न हो सभी ने अपनी जिम्मेवारी संभाल कोई गाडी पार्क करवाने में सहयोग करते दिखे तो कोई मेन गेट पर लोगो को रास्ता बताते। महिला व पुरुष का अलग-अलग लाइन था इसलिए कई सेवाधरी जो भी लोग गेट से अंदर आ रहे थे, उनको गाइड करते दिखे की आप इस लाइन में जाएँ आप उस लाइन में। सेवा केंद्र की संचालिका खुद भी घूम-घूमकर मॉनिटर करते दिखीं।

कार्यक्रम के आखरी दिन वो पल अत्यधिक भावनात्मक रहा, जब दैवीय दुर्गा चैतन्य स्वरुप में ब्रह्माकुमारी दिशा ने अपने मुख से कहा - " नारियों का सैलाब जिस ओर उमड़ता है, इतिहास गवाह है, इतिहास बदलता है, इतिहास गवाह है, इतिहास बदलता है। " बी.के. दिशा ने कहा की जब वो ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ीं तो उन्हें मैडिटेशन के माध्यम से काफी सुखद अनुभूति का अनुभव हुआ। खासकर जब उन्हें पुजारी से पूज्य बनने की शिक्षा राजयोगा मैडिटेशन के माध्यम से दी जाती थी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से आह्वान करते हुए कहा की आप सभी भी परमात्मा से कनेक्शन जोड़ कर अपने जीवन को सर्वश्रेठ बना सकते है, इसके लिए अपने निकटम ब्रह्माकुमारी सेंटर पर जाकर अध्यात्मिक शिक्षा ग्रहण करने की आवश्यकता है।

अंत में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्विद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र की संचालिका बी. के. आरती ने अपने शब्दों में कहा की दुर्गा पूजा के शुभ अवसर ये चैतन्य स्वरुप जो झांकी का आयोजन किया गया है, जिसमे वो ब्रह्माकुमारियाँ चैतन्य स्वरुप में हैं, जिन्होंने वर्षों राजयोग मैडिटेशन को अपने जीवन में अपनाकर एकाग्रता, शान्ति व अन्य दैवीय गुणों के अलंकार से अपने जीवन को अलंकृत किया है। बी. के. आरती ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा की दरभंगा में इस संस्था के तीन सेंटर हैं। जिनको जो सेंटर नजदीक पड़े वहां जाकर राजयोगा मैडिटेशन को अपने जीवन में अपनाकर दिव्य गुणों को जागृत कर दिनचर्या को सर्वश्रेष्ठ बनायें।