Darbhanga

12.05.2018 (दरभंगा) : सोशल मीडिया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया के नाम पर बने ग्रुप तथा अन्यथा अन्य नाम से बने ग्रुप पर कभी-कभी ऐसा समाचार या तथ्य भी प्रेषित हो रहा है जिसकी सत्यता प्रमाणित नहीं है। कई तथ्य बिना पुष्टि के सीधे कट-पेस्ट /फॉरवर्ड किये जा रहे हैं। इन सबों को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया यथा व्हाट्सप्प, फेसबुक आदि के ग्रुप एडमिन एवं सदस्यों के लिए निम्नांकित अनुदेश डीएम, एसएसपी द्वारा दिया गया है।
(a) ग्रुप एडमिन वही बने जो उस ग्रुप के लिए पूर्ण जिम्मेवारी और उत्तरदायित्व का वहन करने में समर्थ हों।
(b) अपने ग्रुप के सभी सदस्यों से ग्रुप एडमिन पूर्णतः परिचित होने चाहिए।
(c) ग्रुप के किसी सदस्य द्वारा गलत बयानी, बिना पुष्टि के समाचार जो अफवाह बन जाए, पोस्ट किये जाने पर या सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाले पोस्ट पर ग्रुप एडमिन को तत्काल उसका खंडन कर उस सदस्य को हटाना चाहिए।
(d) अफवाह/भ्रामक तथ्य/सामाजिक समरसता के विरुद्ध तथ्य पोस्ट होने पर संबंधित थाना को भी तत्काल सुचना दी जानी चाहिए।
(e) ग्रुप एडमिन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें भी इसका दोषी माना जायेगा और उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
(f) दोषी पाए जाने पर आईटी एक्ट/साइबर क्राइम तथा आईपीसी की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
(g) किसी भी धर्म के नाम पर भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट किसी भी ग्रुप में डाले जाने पर समाज में तनाव उत्पन्न होने की संभावना रहती है - ऐसे पोस्ट करने या किसी अन्य ग्रुप को फॉरवर्ड करने पर आईटी एक्ट एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रुप एडमिन की भी जिम्मेवारी तदनरूप निर्धारित की जाएगी।