November 17, 2020

17.11.2020 (दरभंगा) : छठ पूजा को लेकर डी.एम व एस.एस.पी. ने संयुक्त आदेश जारी करते हुए कहा है की इस वर्ष महापर्व छठ वैश्विक महामारी कोविड-19 में दिनांक- 18 से 21 नवम्बर, 2020 के मध्य मनाया जा रहा है । छठ पूजा में लोग अस्तगामी एवं उदीयमान सूर्य को अर्घ्य समर्पित करते हैं। इस अवसर पर कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत निदेशों का पालन कराया जाना आवश्यक है। राज्य सरकार ने कन्टेनमेंट जोन के बाहर छठ पूजा-2020 के आयोजन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने का निर्णय लिया है।
उक्त दिशा-निर्देश के आलोक में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम एवं एसएसपी बाबू राम द्वारा संयुक्त आदेश निर्गत किया गया है। गौरतलब है कि 16 नवंबर 2020 को डीएम एवं एसएसपी द्वारा संयुक्त रुप से समाहरणालय अवस्थित अंबेडकर सभागार में नगर आयुक्त, नगर पुलिस अधीक्षक, सभी अनुमंडल पदाधिकारी/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी, सभी पुलिस निरीक्षक/ सभी थानाध्यक्षों के साथ बैठक/भी. सी के माध्यम से सरकार के दिशा-निर्देशों से अवगत कराते हुए निम्न प्रकार से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। नगर आयुक्त, दरभंगा, कार्यपालक पदाधिकारी, बेनीपुर एवं सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी /अंचलाधिकारी, सभी थानाध्यक्ष दरभंगा जिला को यह निर्देश दिया गया है कि स्थानीय छठ पूजा समितियों, नागरिक इकाइयों, वार्ड पार्षदों, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों से समन्वय स्थापित करने हेतु बैठक आयोजित कर कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत निर्देशों का पर्याप्त प्रचार प्रचार कराया जाए। सामान्यत: नदियों एवं महत्वपूर्ण तालाबों के किनारे अवस्थित घाटों पर छठ पर्व के दौरान अत्यधिक भीड़ होती है जिसके दौरान दो व्यक्तियों के बीच सामाजिक दूरी का अनुपालन करा पाना कठिन है।
सभी संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को अत्यधिक रूप से प्रेरित करे कि वे अपने घर पर ही छठ पूजा करें। नदियों एवं महत्वपूर्ण तलाब घाटों पर कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव को रोकने हेतु छठ पर्व के दौरान सुबह एवं शाम को दिए जाने वाले अर्घ्य को घर पर ही करने की सलाह दी जाए। महत्वपूर्ण नदियों से व्रती यदि पूजा हेतु जल लेकर जाना चाहें तो अनुमंडल/स्थानीय प्रशासन द्वारा इसको विनियमित (Regulate) करते हुए जल ले जाने हेतु आवश्यक व्यवस्था की जानी चाहिए। इस प्रक्रिया के दौरान भी मास्क का उपयोग एवं सामाजिक दूरी का अनुपालन किया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों में अवस्थित छोटे तालाबों पर छठ महापर्व के आयोजन के दौरान मास्क के प्रयोग एवं सोशल डिसटेंसिंग के मानकों का अनुपालन कराया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरों में अवस्थित तालाबों जहाँ अर्घ्य की अनुमति दी जाएगी, वहाँ अर्घ्य के पूर्व एवं पश्चात् सैनिटाईजेशन का कार्य नगर निकाय एवं ग्राम पंचायत द्वारा कराया जाना चाहिए। इस हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पंचायती राज विभाग द्वारा दिशा-निर्देश निर्गत किया जाना चाहिए। विभिन्न स्तरों पर छठ पूजा समितियों/मेला समितियों के साथ प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बैठक का आयोजन किया जाना चाहिए, जिसमें कोविड-19 के संक्रमण के विभिन्न पहलुओं एवं बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में अवगत कराया जाना चाहिए। जिन तालाबों पर अर्घ्य की अनुमति दी जाए, वहाँ कोविड-19 से संबंधित जागरूकता फैलाने की भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस हेतु आवश्यक प्रचार-प्रसार समाग्री का उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से भी जागरूकता उत्पन्न किया जाना चाहिए। छठ पूजा के आयोजकों/कार्यकर्ताओं एवं उससे संबंधित अन्य व्यक्तियों को स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।
छठ पूजा घाट पर अक्सर स्पर्श की जाने वाली सतहों, यथा- बैरीकेडिंग आदि को समय-समय पर साफ एवं प्रभावी कीटाणुनाशक से विसंक्रमित किया जाए। आमजन को खतरनाक घाटों के बारे में समाचार माध्यमों से सूचना दी जाए ताकि अधिक भीड़-भाड़ की स्थिति न बने। छठ पूजा घाट पर यत्र-तत्र थूकना सर्वथा वर्जित होगा। तालाब में अर्घ्य देने के दौरान डुबकी न लें। बैरिकेडिंग इस प्रकार की जाय कि लोग डुबकी न लगा सकें। छठ पूजा घाट पर बैठने या खड़े रहने की व्यवस्था इस तरह से की जाएगी, ताकि पर्याप्त सामाजिक दूरी बनी रहे। दो गज की दूरी का अनिवार्य रूप से पालन किया जाय एवं मास्क का प्रयोग किया जाये। छठ पूजा घाट के आस-पास खाद्य पदार्थ का स्टॉल नहीं लगाया जायेगा। कोई सामुदायिक भोज/प्रसाद या भोग का वितरण नहीं किया जाएगा। छठ पूजा के दौरान 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, 10 वर्ष के कम उम्र के बच्चे, बुखार से ग्रस्त व्यक्ति एवं अन्य गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्ति को सलाह दी जाती है कि वे छठ घाट पर न जाये।
इस अवसर पर किसी प्रकार के मेला/जागरण/सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। छठ पूजा के आयोजकों एवं प्रशासन द्वारा पर्याप्त सेनिटाईजर की व्यवस्था की जायेगी। छठ पूजा हेतु वाहनों के प्रयोग को यथासंभव विनियमित किया जायेगा। स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजकों के सहयोग से इन दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा, ताकि लोगों द्वारा स्वतः इनका पालन करना सुलभ हो। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस पदाधिकारियों/बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। साथ ही एन.डी.आर.एफ/एस. डी.आर.एफ. का भी आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाएगा। सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष उपरोक्त दिशा-निदेशों का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
दंड का प्रावधान- उक्त दिशा निदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51-60 के प्रावधानों के अतिरिक्त भा.द.वि. की धारा- 188 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के अधीन कानूनी कार्रवाई की जाएगी।