November 24, 2020

24.11.2020 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित अम्बेडकर सभागार में मुख्य सचिव बिहार द्वारा दिए गए निर्देश का सरजमीं पर क्रियान्वयन कराने हेतु डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम व एसएसपी बाबूराम की अध्यक्षता में जिला के प्रशासनिक एवं पुलिस महकमा के सभी आलाधिकारियों के साथ-साथ प्रखंड अंचल एवं थाना स्तर के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की गयी। बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि 23 नवंबर को मुख्य सचिव, बिहार द्वारा कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम एवं लोक सेवा निष्पादन प्रणाली को दुरुस्त करने हेतु कई निर्देश दिए गए हैं। जिसका अनुपालन सरजमीं पर पूरी शक्ति से कराया जाना है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े शहरों में कोविड-19 का द्वितीय लहर प्रवेश कर चुका है और यह छोटे शहरों में भी आएगा। पूर्व के अनुभव के अनुसार कोविड-19 का प्रथम लहार पहले बड़े शहरों में ही आया था। इसके बाद धीरे-धीरे छोटे शहरों में भी आ गया।
उन्होंने कहा कि धीरे धीरे लोग अब मास्क पहनना और समाजिक दूरी का पालन करना भूल गए हैं। इसे पुनः कायम करने की आवश्यकता है। मास्क चेकिंग अभियान चलाने के लिए पुनः प्रखंड वार टीम का गठन किया गया है। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक इसका नेतृत्व करेंगे। दुकानों एवं वाहनों में पुनः प्रतिदिन मास्क की चेकिंग कराई जाए। इसके पहले ध्वनि विस्तारक यंत्र से प्रचार कर उन्हें अवगत करा दिया जाए कि किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में बिना मास्क के यदि कोई व्यक्ति पाया जाता है, तो संबंधित दुकान या प्रतिष्ठान को 3 दिनों के लिए बंद करा दिया जाएगा। यदि किसी वाहन में बिना मास्क का कोई चालक या सवार पाया जाता है तो एम भी एक्ट के अंतर्गत वाहन ज़ब्ती की जाएगी एवं 2000 रुपये जुर्माना किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय बैठक में लोक सेवा के निष्पादन में विलंब पर चिंता व्यक्त की गई। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी टीम को सक्रिय किया जा रहा है। लोक सेवाओं के निष्पादन में अनावश्यक विलंब पर जहाँ भी लापरवाही मिलेगी, संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा की समीक्षा के दौरान यह भी कहा गया कि लोक शिकायत निवारण की सुनवाई में संबंधित पदाधिकारी स्वयं न आकर अपने कनीय कर्मी को भेज देते हैं। ऐसे लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी इसके साथ ही लोक शिकायत निवारण की सुनवाई में पारित आदेश के क्रियान्वयन में विलंब करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी। ऐसी त्रुटिपूर्ण योजना जिसके लिए भुगतान किया जा चुका है और वह सरजमीं पर पूर्ण नहीं है तथा शिकायत मिलने पर उसके लिए राज्य स्तर से टीम जांच करने आती है तो और शिकायत सही पायी जाती है, तो संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि बिचौलियों के मामले में प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थी के बयान पर ही दोषी व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए। नल- जल योजना में मिली शिकायत के विरूद्ध भी कार्रवाई अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से जिन योजनाओं के लिए प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं, उनमें तत्काल प्राथमिकी दर्ज करा दी जाए। उन्होंने जिला के एवं प्रखंड के सभी वरीय पदाधिकारी को सप्ताह में 3 दिन क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की जांच करने एवं स्थानीय लोगों से योजनाओं एवं लोक सेवा के निष्पादन के संबंध में फीडबैक लेने के निर्देश दिए। डीएम श्री त्यागराजन ने कहा कि अंचलों में दाखिल खारिज की स्थिति बहुत खराब है उन्होंने अपर समाहर्ता को वैसे अंचलाधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध भरने का निर्देश दिए जिनके यहां बहुत दिनों से दाखिल खारिज के मामले अधिक संख्या में लंबित है उनके विरुद्ध प्रपत्र-( क) भर कर भेजा जाए। सरजमीं सेवा पोर्टल पर देखने से पता चल जाएगा कि किस कर्मचारी के यहां कितने एवं कब से दाखिल खारिज के मामले लंबित है। उन्होंने सभी डीसीएलआर को भी इसकी निगरानी एवं अनुश्रवण करने के निर्देश दिए।
एसएसपी बाबू राम ने कहा कि दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी संयुक्त रूप से मास्क की चेकिंग करें। कहीं ढिलाई नहीं होनी चाहिए। वाहन चालक या सवार बिना मास्क के पाए जाते हैं तो उनके विरूद्ध तुरंत वाहन जब्ती की कार्रवाई की जाए। मध निषेध के क्रियान्वयन के लिए एसएसपी ने सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में जिला स्तरीय या राज्य स्तरीय टीम शराब बरामदगी करती है तो संबंधित थाना प्रभारी जिम्मेवार माने जाएंगे और उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने सभी थानाध्यक्ष को कहा कि वे अपने सभी पुलिस पदाधिकारी एवं चौकीदार को क्षेत्र आवंटित कर दें, जिनके क्षेत्र में शराब मिलेगी उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। भूमि विवाद निबटारा के लिए प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी एवं थाना अध्यक्ष को बैठक करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि लोगों में ऐसी धारणा बन रही है कि थाना पर आसानी से एफ आई आर नहीं होती है। यदि होती है तो पैसे की मांग होती है। इसके लिए मुख्यालय स्तर से भी अभियान चलाया जाएगा। पकड़े जाने वाले पुलिस या पुलिस पदाधिकारी का नौकरी जाना तय है। साथ ही पैसे लेते पकड़े गए तो जेल भी जाना तय है।