September 29, 2021

27.09.2021 (दरभंगा) : समाहरणालय अवस्थित अंबेडकर सभागार में डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम की अध्यक्षता में 30 सितंबर, 01 अक्टूबर को टीकाकरण अभियान एवं 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आयोजित महा टीकाकरण अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई।
डीएम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दरभंगा में 30 सितंबर को 50 हजार एवं 01 अक्टूबर को 50 हजार लोगों का टीकाकरण कराया जाना है। तथा 02 अक्टूबर को 01लाख 75 हजार लोगों का टीकाकरण कराया जाना है। उन्होंने कहा कि दरभंगा के 07 लाख लोगों का टीकाकरण किया जाना शेष बच गया है। इसलिए उन्हीं स्थलों पर टीकाकरण केंद्र बनाया जाए जहां अधिक से अधिक लोग बचे हुए हैं। ताकि उपलब्ध कराए जा रहे टीका का शत प्रतिशत उपभोग हो सके। इसके लिए सभी बीडीओ को दूसरे डोज का देय सूची देख लेने को कहा गया। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को अपने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक के साथ बैठक कर इसके लिए व्यापक कार्य योजना बना लेने तथा टीकाकरण केंद्र चिन्हित कर लेने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि महाअभियान के लिए प्रत्येक टीकाकरण केंद्र पर दो-दो डाटा इंट्री ऑपरेटर रखे जाएंगे एवं डाटा की प्रविष्टि उसी समय (लाइव) की जाएगी यदि ऐसा नहीं किया गया, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि डाटा इंट्री की निगरानी व अनुश्रवण जिला स्तर पर आईटी सेल के द्वारा किया जाएगा। उन्होंने आईटी सेल के नोडल पदाधिकारी पूजा चौधरी को सभी ऑपरेटरों को इसकी ब्रीफिंग अच्छी तरह से कर देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विगत टीकाकरण अभियान के दौरान पाया गया है कि कई टीकाकरण केंद्रों पर कर्मियों के लेट से पहुंचने के कारण टीकाकरण विलंब से शुरू हुआ। इसके लिए संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक से स्पष्टीकरण की मांग की गई है और उन पर कार्रवाई की जा रही है। इस बार के अभियान में यदि कहीं भी टीकाकरण विलंब से प्रारंभ होने की सूचना मिलेगी तो संबंधित पदाधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। हर हाल में सुबह 7:00 बजे से टीकाकरण प्रारंभ हो जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कहीं भी कोविड टेस्टिंग में कमी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक दिन 07 हज़ार कोविड टेस्टिंग हो रही है और इसमें कहीं से भी थोड़ी सी भी अनियमितता की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। यदि कहीं से शिकायत मिलेगी तो संबंधित कर्मी के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। टेस्टिंग में यदि कोई पॉजिटिव मिलता है, तो उस पर नजर रखना प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक की जिम्मेवारी है। वहां कंटेनमेंट जोन बनाया जाए एवं उस व्यक्ति की लगातार निगरानी की जाए। उन्होंने सिविल सर्जन को टीकाकरण अभियान के लिए जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष कार्यरत रखने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ.अनिल कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार मिश्र, डीपीएम हेल्थ विशाल कुमार, डीपीएम जीविका मुकेश तिवारी सुधांशु, केयर इंडिया की जिला समन्वयक श्रद्धा झा, डब्ल्यू एच ओ के डॉ. वाशव राज, यूनिसेफ के ओंकार चंद्र एवं शशिकांत सिंह एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।