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10.11.2019 (दरभंगा) : तीन दिवसीय मिथिला विभूति पर्व समारोह का विधिवत उद्घाटन करते हुए नगर विधायक संजय सरावगी ने मैथिली के बिहार की एकमात्र अष्टम अनुसूची में शामिल होने वाली भाषा की सम्पन्नता का जिक्र करते हुए कहा की बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में मैथिली की पढ़ाई शुरू की जाए। उन्होंने मैथिली के प्रति हर मिथिलावासी को जागरूक होने की अपील करते हुए मां की भाषा को समृद्ध बनाने के लिए आगे आने की बात कही। इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ देवनारायण झा ने मिथिला और मैथिली के संबंध में अनेक दृष्टांतों का जिक्र करते हुए मैथिली को सबसे पुरानी समृद्ध भाषा और मिथिला को पुरातन क्षेत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड में मैथिली दूसरी राजभाषा के रूप में कायम हो चुकी है लेकिन बिहार में अभी तक इसके लिए पहल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। डॉ. उपेन्द्र झा ने अपने संबोधन में सत्ताधारी दल के विधायकों से अपील करते हुए कहा की राजनीति से ऊपर उठकर मैथिली को बिहार की पहली राजभाषा बनाने के लिए कमर कसकर आगे आएं। इस बीच विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिथिला विभूति सम्मान प्रदान किए गए। यूपीएससी की परीक्षा में मैथिली विषय के साथ सफलता हासिल करने वाले बसहा ग्रामवासी शिवाशीष कुमार, मैथिली साहित्य के लिए फूलचन्द्र झा प्रवीण आदि के नाम शामिल हैं। आज के समारोह में चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. विजय शंकर प्रसाद को डॉ. गणपति मिश्र चिकित्सा सम्मान से नवाजा गया जबकि संस्था के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कावर पथ स्थित वैदेही धर्मशाला के संस्थापक संस्था वैदेही सेवा मंच, कोलकाता को सम्मानित किया गया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार और केंद्र की सरकार मिथिला के हुनर को निखारने एवं इससे संबंधित लघु उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में तत्पर है और जल्दी ही स्वाबलंबी मिथिला अपनी खोई पहचान को हासिल करेगा। अपने संबोधन में उन्होंने प्राथमिक स्तर पर मैथिली की पढ़ाई शुरू करने के लिए कदम उठाए जाने को समय की मांग बताया। इससे पूर्व संस्थान के महासचिव डा0 बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह के इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक पं कमलाकांत झा के संचालन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत नटराज डांस एकेडमी के मोहित खंडेलवाल द्वारा गणेश वंदना पर आधारित नृत्य से हुआ।

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विद्यापति रचित गोसाउनि गीत 'जय जय भैरवी ' पर सृष्टि कला केंद्र से जुड़ी ओडीसी नृत्यांगना प्रियांशी मिश्रा द्वारा प्रस्तुत भाव नृत्य दर्शकों के विशेष आकर्षण के केंद्र में रही। डॉ. ममता ठाकुर ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। अतिथियों का स्वागत अनुपमा मिश्रा ने पारंपरिक स्वागत गीत से किया।

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कार्यक्रम में सुषमा झा, केदारनाथ कुमर, दीपक कुमार झा, प्रतिभा कुमारी आदि ने भी अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में सीएम साइंस कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. रामकुमार मिश्र, एमएलएसएम कॉलेज दरभंगा के प्रधानाचार्य डॉ. विद्या नाथ झा, डॉ जयशंकर झा, जीव कांत मिश्र विजय कांत झा, विनोद कुमार झा, प्रोफेसर चंद्रशेखर जा बूढ़ा भाई, प्रवीण कुमार झा, आशीष कुमार चौधरी मणि भूषण राजू, जय नारायण साह, डॉ महेंद्र नारायण राम, डॉ बुचरू पासवान, गंधर्व कुमार झा, संतोष कुमार झा, हरि किशोर चौधरी आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।