July 20, 2017

13.07.2017 (दरभंगा) : प्रमण्डलीय वाणिज्य एवं उधोग परिषद् द्वारा शहर में भाड़ी जलजमाव पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की शुरुआत मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए मेयर श्रीमती बैजयंति खेड़िया का पुष्प गुच्छ से स्वागत से किया गया। गोष्ठी में उपस्थित व्यवसायी , डॉक्टर , प्रोफेसर व कई बुद्धिजीवी वर्गों ने अपनी शब्दों में मेयर को अतिवृष्टि के कारण हुई समस्यायों से अवगत कराया। मुख्य रूप से जो समस्या का जिक्र हुआ वो कुछ इस प्रकार था।
(a) शहर में जगह-जगह जलजमाव की समस्या
(b) सड़कों पर कूड़ा समय से उठाने की समस्या
(c) नालों की सफाई समय से न होने की समस्या
(d) नालों एवं सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या
(e) बिना किसी मास्टर प्लान के काम करने की समस्या ,इत्यादि।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए चैम्बर के अध्यक्ष पवन सुरेका ने सभी लोगों का हार्दिक स्वागत कर इस आयोजन पर अपने उद्बोधन में कहा की तीन दिनों की इस बारिश ने शहर के लोगों को हिलाकर कर रख दिया। व्यवसायियों को काफी नुक्सान का सामना करना पड़ा।
गोष्ठी में उपस्थित प्रतिनिधि ने अपने सुझाव एवं समस्याओं को रखते हुए कहा की जलजमाव का मुख्य कारण बरसात के पूर्व जो नालों की सफाई होनी चाहिए थी वह नहीं हो पायी। दो सड़कों के बीच बने कलभर्ट के अंदर बनाते समय जो सेंट्रिंग का सामान लगाया जाता है वह कभी हटाया नहीं गया और वह मलबों के नीचे गिरकर उस कलभर्ट को जाम कर देता है। समस्यायों में नालों एवं सड़कों का अतिक्रमण भी एक बहुत बड़ा बाधक है। बरसात के पानी के बाद सफाई नहीं होने से महामारी फैलने की आशंकाएँ भी रहती है। बात यह भी निकल कर सामने आयी की जिस राज्य या नगर में व्यवसायियों की प्रगति नहीं हो पाती तो उस शहर का विकास भी अवरुद्ध हो जाता है। जनता एवं व्यवसायियों का अगर दायित्व बनता है की समय पर टैक्स भुगतान करें तो नगर निगम का भी यह दायित्व बनता है कि वह अपनी कार्य-पद्धति को सुधारते हुए शहर वासियों को वो सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं जिससे वो वर्षों से वंचित हैं। जनसंख्या बढ़ती गयी, टैक्स बढ़ता गया मगर सुविधा घटती गयीं। बिना किसी मास्टर प्लान के कार्य प्रारम्भ कर दिया जाता है, जिससे किया हुआ कार्य निष्क्रिय हो जाता है।
चैम्बर की ओर से उपाध्यक्ष विजय कुमार बैरोलिया ने मेयर को यह आश्वासन दिया की नगर के विकास में जो भी सहयोग होगा पूर्णरूप से दिया जायेगा एवं व्यवसायियों से भी अनुरोध किया गया की पॉलीथिन सड़कों एवं नालों पर ना फेकें।
सभी समस्या व सुझाव को बड़े गंभीरता से सुनते हुए मेयर श्रीमती बैजयंति खेड़िया ने शहर वासियों व व्यवसायियों को यह सकारात्मक आश्वासन दिया की अभी हुई अतिवृष्टि के कारण जो समस्या उत्पन्न हुई है उसे युद्धस्तर पर दुरुस्त किया जा रहा है। नगर निगम में विभिन्न प्रकार की समस्याएं हैं, वो जलजमाव की समस्या हो या नालों की सफाई की समस्या या फिर सड़कों पर कूड़ा उठाने की, हम प्रयत्नशील है की इन समस्याओं का निदान यथाशीघ्र हो। उन्होंने कहा की अभी मुझे सिर्फ एक महीना हुआ है कार्यभार संभाले हुए। मुझे व्यापारियों के साथ-साथ सभी लोगों का सहयोग अगर मिलेगा तो मैं यह वादा करती हूँ की मात्र एक साल में आप द्वारा रखी गयी समस्यायों का समाधान कर दूँगी, और आप महसूस करेंगे की शहर क्या से क्या हो गया। आपका पूर्ण सहयोग चाहिए।
चैम्बर के प्रधान सचिव सुनील कुमार गामी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
उक्त गोष्ठी में अजय कुमार पोद्दार, डॉo रमण कुमार वर्मा, प्रोo जितेंद्र नारायण, प्रबोध कुमार सिन्हा, डॉo केo एनo पीo सिन्हा, प्रदीप कुमार गुप्ता, विनोद कुमार सिंह, ओम प्रकाश सर्राफ, राजेश बोहरा, मनमोहन सरावगी, किशुन साह, नगर प्रबंधक नवरत्न जी, शिवभगवान गुप्ता, सुनील कुमार सिंह, सुशील जैन उपस्थित थे।