March 05, 2020

05.03.2020 (दरभंगा) : उत्पाद आयुक्त श्री बी. कार्तिकेय धनजी ने कहा है कि बिहार राज्य में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराब बन्दी कानून लागू है। इस कानून को आम जनता का समर्थन प्राप्त है। फिर भी कुछ मुट्ठी भर लोग शराब के अवैध निर्माण, विपणन आदि धंधो में सक्रिय देखे जा रहे हैं। ऐसे शराब कारोबारियों के विरूद्ध प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती रही है। लेकिन शराब माफियों के व्यवसाय पर पूर्ण लगाम लगाने के लिए इसमें आम जनता/प्रतिनिधिगण का सकारात्मक सहयोग जरूरी है। तभी इन धंधेबाजो के विरूद्ध कारगर कार्रवाई संभव हो पायेगी। उन्होंने कहा कि उत्पाद एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से शराब कारोबारियों के विरूद्ध सख्ती की जा रही है। उनके विरूद्ध धड़ पकड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसमें बड़ी मात्रा में शराब की खेप पकड़ी गई है और धंधे में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की गई है।
उन्होंने डीएमसीएच प्रेक्षागृह में मद्य निषेध के संदर्भ में आयोजित कार्यशाला में उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि शराब का सेवन करने वालों के माँग पर ही शराब का व्यापार होता है। शराब का सेवन करने वाले लोगों की घर समाज में सहज ही पहचान हो जाती है। शराब व्यापार के धंधे में लिप्त लोगों की भी किसी न किसी को जानकारी होती है। उन्होंने कहा कि आप लोग प्रशासन को सटीक सूचनाएँ दें, जरूर कार्रवाई होगी। आयुक्त महोदय द्वारा इस हेतु दो नम्बर भी सार्वजनिक किया गया। जिसमें एक 15545 एवं एक अन्य ट्रॉल फ्री नम्बर 1800345268 शामिल है। आयुक्त महोदय ने कहा कि सूचनादाता का नाम/पता गोपनीय रखा जाता है। वे इन नम्बरों पर शराब कारोबारियों की जानकारी दे सकते है। इस नम्बर पर सूचना देने पर किसी को भी यह पता नहीं चलेगा कि कहाँ से और किस व्यक्ति ने सूचना दी है उन्होंने कहा की अगर उत्पाद अथवा पुलिस का ही कोई कर्मी इस धंधे में संलिप्त है तो उसके बारे में भी सूचनाएँ दी जाये। गैर कानूनी करने वाले ऐसे कर्मियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।
कार्यशाला में उपस्थित डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि शराब बंदी कानून में अत्यंत कड़े प्रावधान किये गये हैं। इस कानून को पूरी कड़ाई से लागू करने के लिये जिला प्रशासन कृत संकल्प है। शराब के अवैध व्यापार में संलिप्त लोंगो, व्यापारियों, माफियाओं आदि के नेटवर्क को ध्वस्त करने हेतु सूचना संकलन तंत्र को विकसित की जायेगी।
जिला के वरीय पदाधिकारियों, समाहरणालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, अनुमण्डल स्तरीय कार्यालयों में शिकायत पेटिकाएँ रखी जायेगी। जिसमें कोई भी व्यक्ति शराब कारोबारियों के संदर्भ में सूचनाएँ लिखकर डाल सकता है। सूचना देने वालों को अपना नाम/पता बताने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शराब का सेवन समाजिक बुराई है। शराब पर रोक लगाने पर समाज पर इसका अच्छा प्रभाव पड़ा है। खासकर महिलाओं एवं बच्चों के जीवन में सुधार हुआ है। कहा कि शराब व्यापारियों को पकड़वाने में जनप्रतिनिधिगण सक्रिय भूमिका निभा सकते है। आम लोगों के सहभागिता से ही शराब बंदी नीति पूर्ण सफल होगा।
इसके तदन्तर कार्यशाला में उपस्थित जन प्रतिनिधियों से शराब बन्दी कानून के संदर्भ में फीडबैक आमंत्रित किया गया। इसमें अनेकों जनप्रतिनिधियों द्वारा खुलकर विचार रखा गया। बताया कि छोटे-छोटे कारोबारियों पर ही कार्रवाई होती है। जरूरत है बड़े कारोबारियों/शराब माफियाओं पर कारगर कार्रवाई करने की। कतिपय जनप्रतिनिधिगणों द्वारा उत्पाद एवं पुलिस विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया। इन लोंगो द्वारा उत्पाद कर्मियों एवं थानों पर भी नजर रखने का सुझाव दिया गया।
इस कार्यशाला में सिटी एस.पी.श्री योगेंद्र कुमार, नगर मेयर, श्रीमती खेड़िया, जिप उपाध्यक्षा श्रीमती ललिता झा, संयुक्त उत्पाद आयुक्त कृष्णा पासवान आदि ने भी विचार रखे। इस अवसर पर पुलिस निरीक्षक द्वारा पी.पी.टी के माध्यम से मद्य निषेध कानून लागू होने के बाद उत्पाद एवं पुलिस विभाग द्वारा किये गये कार्रवाई का तुलनात्मक व्यौरा प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यशाला में आयुक्त, नगर निगम घनश्याम मीणा, उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, उपायुक्त मद्य निषेध, दरभंगा प्रमण्डल कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन, दरभंगा डॉ. अनिल कुमार, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी सुशील कुमार शर्मा, अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर राकेश कुमार गुप्ता, अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल ब्रज किशोर लाल, जिला योजना पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद, उप निर्वाचन पदाधिकारी पुष्कर कुमार, अधीक्षक मद्य निषेध गणेश प्रसाद, डीपीओ कन्हैया जी, डीपीएम जीविका मुकेश कुमार एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण सम्मिलित हुए।