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13.10.2018 (पटना) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जवाहर लाल नेहरु मार्ग, पटना स्थित बिहार के प्रथम भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित “सरदार पटेल भवन” का उद्घाटन फीता काटकर किया। मुख्यमंत्री ने बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम द्वारा नवनिर्मित 26 थाना भवनों सहित कुल 109 पुलिस भवनों का उद्घाटन एवं 46 पुलिस भवनों का शिलान्यास रिमोट के माध्यम से किया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा की यहां पुलिस मुख्यालय के साथ-साथ आपदा प्रबंधन का भी काम होगा। आकस्मिक परिस्थिति में चीजों को यहां से नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह भवन बेस-आईसोलेशन तकनीक से निर्मित है। 08 रिक्टर पैमाने से ऊपर आए भूकंप की तीव्रता में भी यह भवन सुरक्षित रहेगा। भवन के सबसे ऊपर में हेलिपैड का निर्माण कराया गया है ताकि आकस्मिक परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन के काम किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मुख्यालय पुराना सचिवालय में रहा है, जहां काफी असुविधा हो रही थी। हमने निर्णय किया कि इस मुख्य मार्ग पर पुलिस मुख्यालय स्थापित किया जाए। जहां आपदा प्रबंधन की भी व्यवस्था हो। आधुनिक तकनीक से निर्मित यह भूकंपरोधी भवन बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि पुराने महत्वपूर्ण भवनों को रेटरोफिटिंग करके भूकंपरोधी बनाया जा रहा है। हालांकि इसमें काफी खर्च आ रहा है इसलिये जो ज्यादा महत्वपूर्ण सरकारी भवनें हैं, उन्हें ही रेटरोफिटिंग द्वारा भूकंपरोधी बनाया जाए। जिन भवनों की आयु काफी हो गई है, उनकी जगह नया बनाना ज्यादा अच्छा है। आपदा प्रबंधन विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ रहकर आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहे। एक ही भवन में पुलिस मुख्यालय, आपदा प्रबंधन केंद्र होने से लोगों की मदद में सहुलियत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन में 12 दिन तक लोग लगातार रह सकते हैं और विषम परिस्थिति में भी लोगों की मदद के लिए कुछ कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक सरकार सबकी चिंता करती है, आप पुलिसवालों की भी चिंता करती है, आप भी जनता की अपेक्षा पर खरा उतरें।

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के नाम पर यह भवन बना है, जिन्होंने देश के लिए काफी कुछ किया था। इस भवन के लिए 337 करोड़ रुपए निर्धारित किये गये थे लेकिन यह 320 करोड़ रुपए में ही तैयार हो गया, यह अपने आप में खासियत है। पुलिस मुख्यालय जल्द से जल्द यहां शिफ्ट हो जाय और काम भी जल्द शुरु करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार के लिए कई काम किए गए हैं। इस काम के लिए पुलिस वालों से और भी उम्मीदे हैं, इसे मन से कीजिए। हमलोग उनलोगों का ख्याल रखते हैं, जो लोगों का ख्याल रखते हैं। यह बहुत बढ़िया भवन बना है, जहां काम करने का अच्छा वातावरण मिलेगा। आप सब यहां बैठकर चिंतन मनन कीजिए कि कैसे अपराध पर नियंत्रण रखा जाए, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए, किस प्रकार बेहतर काम किया जाए कि प्रेम एवं सद्भाव का विकास हो। बिहार पुलिस ऐसी पुलिस है जिसकी मानसिकता पर कभी भी सांप्रदायिकता का आरोप नहीं लगा है।

बिहार पुलिस मेहनती एवं जुझारु है। पुलिस विभाग अपने अंदर अनुशासन का भाव बनाए रखे, आपके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सरकार, वाहन, हथियार, तकनीक इत्यादि संसाधन उपलब्ध कराती है। पुलिसकर्मी, पदाधिकारी की नियुक्ति के लिए पद की स्वीकृति सरकार देती है। आपलोगों की जिम्मेवारी है कि अच्छे लोगों का चयन कर बेहतर कार्यशैली को विकसित करें, इसके लिए सभी लोग समय पर आएं, आत्मानुशासन को अपनाएं। उन्होंने कहा कि इस भवन से थाने की डायरेक्ट मॉनिटरिंग की व्यवस्था कीजिए। यह बड़ा भवन है, जगह की कमी नहीं है। लोगों को भी यहां आने का अवसर दीजिए ताकि वे अपनी शिकायतें आप तक रख सकें। मैं भी सप्ताह में एक दिन यहां आऊंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस भवन निर्माण निगम अब 290 करोड़ रुपए का काम इस वर्ष कर रहा है यानि यह अपने आपको पूर्णतः स्थापित कर चुका है। बड़ी संख्या में महिलाओं की नियुक्ति पुलिस विभाग में हुई है, जिनके लिए थाना भवनों में बैठने के साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। बिहार पुलिस एकेडमी का भी निर्माण कार्य जारी है। यह भी एक अद्भुत ढांचा बनेगा, जहां पुलिस की ट्रेनिंग बेहतर ढंग से दी जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने जितनी बातों का सुझाव दिया, उस पर प्रेम पूर्वक विचार कर अमल कीजिएगा तो समाज में एक बड़ा बदलाव आएगा। आपकी बड़ी भूमिका है। ऐसा कीजिए कि मन को संतोष हो और बिहार की जनता का आत्मविश्वास बढ़े।

इस अवसर पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य पी0एन0 राय, पुलिस महानिदेशक बी0एम0पी0 गुप्तेश्वर पांडेय, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण, पुलिस पदाधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।