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25.08.2021 (दरभंगा) : विगत दिनों डबल्यू आई टी. के परिप्रेक्ष्य में इस संस्थान की प्रवेश परीक्षा बिहार सरकार के बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (बीसीईसीई) के अधीन संबंधी ऐतिहासिक निर्णय को लेकर विद्यार्थी परिषद के छात्र-छात्राओं ने हर्षोल्लाष के साथ प्रतिनिधिमंडल विभाग संयोजक सुमित सिंह के नेतृत्व में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुरेन्द्र प्रताप सिंह से मिलकर उनको बुके देकर, लड्डू खिलाकर आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ज़िला संयोजक सह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ महासचिव उत्सव पराशर ने कहा कि डब्ल्यू आई टी. जो कि नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है, इसके सुदृढ़ीकरण को लेकर लगातार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संघर्षशील रहा है, एवं इस संघर्ष के शुरूआत से लेकर पूर्वोत्तर भारत के प्रथम छात्रा संसद का सफल आयोजन कर इसके विसंगतियों को दूर कर सुढृढीकरण सहित WIT को नारी सशक्तिकरण का प्रतिक मिथिला की बेटी मां जानकी के नाम पर देश का पहला महिला आई.आई. टी. बनाने का प्रस्ताव पारित कर विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल, बिहार के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं संबंधित विभाग के प्रधान सचिवों को मेल एवं रजिस्ट्रर्ड डाक के माध्यम से पत्र प्रेषित इसकी जानकारी दी थी एवं इसके सुढृढीकरण की बात रखी थी। इस आलोक में विश्वविद्यालय क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी माँगों का ज्ञापन दिया था। परिणामस्वरूप कुलपति ने बिहार सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया जिसका प्रतिफल आज डबल्यू आई टी का प्रवेश परीक्षा बीसीईसीई के माध्यम से होगा जो छात्रा समाज के लिए सुखद है। साथ ही विद्यार्थी परिषद के शिष्टमंडल ने कुलपति को ज्ञापन के माध्यम से आग्रह किया की छात्रा संसद में पारित प्रस्ताव एवं विद्यार्थी परिषद का मांग डब्ल्यू आई टी को देश का पहला महिला आईआईटी जानकी के नाम पर बनाने हेतु छात्रा संसद में पारित प्रस्ताव एवम विद्यार्थी परिषद द्वारा दिए गए ज्ञापन के आलोक में विश्वविद्यालय प्रशासन राज्य एवम केंद्र सरकार को अपने स्तर से भी प्रस्ताव भेजे।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में नगर छात्रा प्रमुख अभिलाषा कुमारी, नगर कार्यसमिति सदस्य वागीश कुमार झा, रवि यादव, अनुपम आनन्द, शशि भूषण कुमार, राघव आचार्य आदि उपस्थित थे।