November 21, 2019

12.11.2019 (दरभंगा) : LNMU के दशम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति श्री फागू चौहान ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है चरित्र निर्माण। मात्रा भौतिक प्रगति से कोई देश खुशहाल और गौरवशाली राष्ट्र नहीं बन सकता। शिक्षा केवल नौकरी के लिए ज़रूरी नहीं है अपितु इससे मनुष्य में संवेदनशीलता और नैतिकता का भी विकास होता है। समाज के वंचित, दलित और पिछड़े वर्ग को विकास की मुख्यधारा में लाना बहुत जरूरी है। श्री चौहान ने छात्र-छात्राओं को विडंबनाओं और विरोधाभासों से भरी हुई दुनिया में विवेकानंद का स्मरण दिलाया जिन्होंने एक मजबूत, न्यायपूर्ण, नैतिक मूल्यों से भरे हुए भारत का सपना देखा था। दूसरों की सेवा ही सच्ची सेवा और धर्म है। भारत की संस्कृति एवं परम्पराएं समृद्ध हैं।
जीवन में सफलता के लिए कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। केवल दाखिला लेना, कक्षाओं में जाना और प्रमाण पत्र प्राप्त करना ही विश्विद्यालय और महाविद्यालय नहीं है। वास्तव में, यह वो जगह है जहाँ छात्र नए कौशल, आवश्यक डोमेन और ज्ञान प्राप्त कर वैज्ञानिक स्वभाव विकसित करते हैं। शिक्षक छात्रों को साहस और दृढ़ विश्वास के साथ जीवन की आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कुलपति प्रोo सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि सभी सत्र नियमित हैं। स्नातक प्रथम खंड 2019-22 में नामांकन हेतु दो लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। 370 स्थायी और 540 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर शिक्षकों की कमी को काफी हद तक दूर कर दी गई है। महान खिलाड़ी ध्यानचंद के जन्मदिवस 29 अगस्त को खेल दिवस का आयोजन कर हमने एक नई परम्परा की शुरुआत की है। प्रोo सिंह ने कहा कि एम्प्लॉयबिलिटी लिंक्ड स्किलिंग प्रोग्राम्स के तहत जॉब ड्राइव चलाया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के 29 अंगीभूत, 5 सम्बद्ध तथा 3 बीoएडo कॉलेजों का नैक से प्रत्यायन हो चुका है। दीक्षांत समारोह की शुरुआत डॉo नागेंद्र झा स्टेडियम में संगीतमय शैक्षणिक यात्रा से हुई। मिथिला पाग एवं अंगवस्त्रम में यह शोभायात्रा निराली छटा बिखेर रही थी जिसकी अगुवाई कुलसचिव कर्नल निशीथ कुमार रॉय कर रहे थे। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने पीoजीo सत्र 2017-19 के विभिन्न विषयों के 26 टॉपरों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। भौतिकी की आराधना कुमारी को जगदीश सिंह सर्वोत्कृष्ट स्नातकोत्तर स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में 15 छात्राएँ एवं 10 छात्र थे। पाग एवं अंगवस्त्रम में सजे छात्र-छात्राओं में सेल्फी लेने की होड़ थी। समारोह में प्रधानाचार्यों, स्नातकोत्तर विभाग के शिक्षकों समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
दरभंगा जिला प्रशासन ने मुस्तैदी से विधि-वयवस्था बनाए रखा। कुलपति प्रोo सुरेन्द्र कुमार सिंह ने महामहिम राज्यपाल का तथा प्रति-कुलपति प्रोo जय गोपाल ने मुख्य वक्ता पद्मश्री विरेन्द्र सिंह चौहान एवं प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा का मिथिला की परम्परा के अनुसार पाग, चादर और प्रतीक चिन्ह से सम्मान किया। समारोह प्लास्टिक मुक्त परिवेश में हुआ। एनoसीoसीo के जवानों एवं एनoएसoएसo के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था में सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव कर्नल निशीथ कुमार राय ने किया।