December 14, 2021

14.12.2021 (दरभंगा) : विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग , ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के प्रेक्षागृह / प्रांगण में अंगिका लोक पर्व सह मिथिला लोक पर्व का आगाज हुआ। सांस्कृतिक संस्था "हुंकार", साहेबपुर कमाल, बेगूसराय एवं विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग, दरभंगा द्वारा आयोजित "अंगिका लोक पर्व ' सह मिथिला लोक पर्व के प्रथम दिन मंजूषा चित्रकला का प्रशिक्षण अश्विन आनंद नौगछिया, भागलपुर के द्वारा दिया गया साथ ही मिथिला चित्रकला का प्रशिक्षण के दर्शन कुमार एवं जया कुमारी के द्वारा दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यशाला में लगभग 160 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया एवं मंजूषा चित्रकला तथा मिथिला चित्रकला की शैली गत विशेषताओं एवं बारीकियों को सीखा। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति द्वारा किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो0 पुष्पम नारायण ने स्वागत भाषण में कार्यक्रम के उद्देश्य एवं महत्ता पर प्रकाश डाला। दीप प्रज्वलन के साथ नृत्य मंजरी, दरभंगा के कलाकारों द्वारा विद्यापति रचित जय-जय भैरवी गीत पर भाव नृत्य प्रस्तुत किया।
नृत्य प्रस्तुति के पश्चात मुख्य अतिथि एवं उद्घाटनकर्ता ने अपने उद्बोधन में कार्यक्रम की सफलता की शुभकामनाओं के साथ हुंकार एवं विभाग को धन्यवाद ज्ञापित किया। विभाग के छात्रों एवं नृत्य मंजरी के कलाकारों ने लोक गीत एवं लोक नृत्य में सोहर, जर-जटिन, झूमर, सामा- चकेवा, कजरी सहित विभिन्न कला रूपों की प्रस्तुति कर समा बांध दिया। संध्या 6:30 बजे से लोकनाट्य "बहुरा गोढ़ीन" की प्रस्तुति प्रतिभा लोक कला रंगमंच बेगूसराय के कलाकारों के द्वारा किया गया जो कि देर रात तक चलता रहा। दर्शक मंत्रमुग्ध हो कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। मंच संचालन अखिलेश कुमार झा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन विभाग के शोध छात्र हरिशंकर गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में दी स्पोर्ट लाइट थिएटर के कलाकारों के साथ सागर कुमार सिंह, राजा रौशन कुमार, पंकज कुमार आदि का सक्रिय सहयोग रहा। यह दो दिवसीय कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित है। भारत सरकार का सांस्कृतिक मंत्रालय लोक कला को आगे बढ़ाने हेतु हमेशा ऐसे कार्यक्रमों को प्रायोजित करती है। इस कार्यक्रम में विभागीय शिक्षक डॉ वेद प्रकाश, डॉ सुनील ठाकुर, हेमेंद्र लाभ, सुधीर कुमार आदि उपस्थित रहे।