July 24, 2021

24.07.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में जिले में बाढ़ की स्थिति एवं चलाये जा रहे बाढ़ राहत कार्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में डीएम ने बाढ़ प्रभावित अंचलों के सभी संबंधित अंचलाधिकारी को निर्देशित किया कि चलाये जा रहे बाढ़ राहत कार्य एवं सामुदायिक किचन की सभी पंजी अच्छी तरह से संधारित की जाए, क्योकि भविष्य में भुगतान पंजी के आधार पर ही किया जाता है। इसलिए सभी पंजी का सही तरीके से संधारण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भ्रमण के क्रम में पाया गया है कि कई जगहों पर सामुदायिक रसोई में पंजियाँ ठीक से संधारित नहीं की जा रही है। उन्होंने बेनीपुर के जरिसो पंचायत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि एक जगह पंजी ठीक से संधारित नहीं था, जबकि उसी पंचायत में दूसरी जगह लवानी में पंजी बिल्कुल सही तरीके से संधारित किया गया था, जिसे जिले का मॉडल भी बनाया जा सकता है। उन्होंने डी.पी.ओ. (मध्याह्न भोजन) को निदेशित किया गया कि शिक्षा विभाग, प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी एवं संकुल केन्द्र प्रभारी की टीम बनाकर सभी सामुदायिक रसोई का भ्रमण करवाये एवं सभी पंजियों का ठीक से संधारण करवाये। उन्होंने कहा कि सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचेन) के प्रभारी शिक्षक का पंजी के सभी पन्नों पर हस्ताक्षर रहनी चाहिए। इसके साथ ही अंचलाधिकारी के भी समय अंतराल पर प्रतिहस्ताक्षर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर रसोईयों का भुगतान नहीं होने की शिकायत मिल रही है। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन के खाते में बाढ़ संबंधित राशि, जो वर्ष 2020 के लिए भेजी गयी है, उस राशि की निकासी कर बाढ़ मद के बकाये राशि की भुगतान किया जा सकता है। रसोईयाँ का भुगतान सप्ताहिक रूप से कराया जाए, इसके लिए सभी अंचलाधिकारी को राशि उपलब्ध करायी गयी है। नाविकों के भुगतान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने सभी वरीय प्रभारी पदाधिकारी को 26 जुलाई को अपने-अपने प्रखण्ड में भ्रमण कर उपलब्ध कराये गये चेकलिस्ट के अनुसार जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पॉलिथिन, पशुचारा, सामुदायिक किचन की जहाँ भी आवश्यकता हो वहाँ उपलब्ध कराया जाए। बाढ़ प्रभावित गाँवों के लाभुकों की सूची पी.एफ.एम.एस. पर अद्यतन कर ली जाए। वैसे प्रभावित गाँवों में सर्वेक्षणकर्ता से पुनः सर्वें कराकर लाभुकों का सत्यापन करा लिया जाए, ताकि योग्य लाभुकों के खाते में राशि ससमय भेजी जा सके। उन्होंने सभी संबंधित अंचलाधिकारी को बाढ़ प्रभावित गाँवों को प्रतिदिन चिन्ह्ति करते रहने का निर्देश दिया। कहा कि प्रतिदिन पानी बढ़ता/घटता हैं तथा नये-नये गाँवों में प्रवेश करता है और निकलता रहता है। डीएमने बारी-बारी से बाढ़ प्रभावित अंचलों के अँचलाधिकारियों से फीडबैक लिया। कुशेश्वरस्थान (सतीघाट) के अंचलाधिकारी ने बताया कि उनके अंचल के 05 पंचायत पूर्णतः एवं 06 पंचायत आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित हैं। वर्तमान में 03 पंचायत में पानी बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 06 जगहों पर सामुदायिक किचन चलाया जा रहा है तथा आवागमन के लिए 23 सरकारी नाव का परिचालन कराया जा रहा है। किरतपुर के अंचलाधिकारी ने बताया कि किरतपुर के 03 पंचायत आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित है। 05 नाव चल रहे हैं। डीएम ने कहा कि उन स्थलों पर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाए, जहाँ से नाव का परिचालन किया जाता है, ताकि कहीं भी नाव दुर्घटना नहीं हो सके। गौड़ाबौराम के संबंध में बताया गया कि 03 पंचायत के 04 गाँव आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित हैं। बहादुरपुर अंचलाधिकारी द्वारा बताया गया कि बहादुरपुर में पानी घट रहा है, वर्तमान में वहाँ 21 सामुदायिक किचन चलाया जा रहा है। हनुमाननगर के अंचलाधिकारी ने बताया कि उनके 02 पंचायत पूर्णतः एवं 03 अंशतः बाढ़ प्रभावित हैं, जहाँ 10 सामुदायिक किचन चलाये जा रहे हैं। अब पानी धीरे-धीरे घट रहा है। डीएम ने बैठक में बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल के अभियंताओं को बाँध पर निगरानी रखने, कार्यपालक अभिंयता, पी.एच.ई.डी. को संबंधित अंचलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार चापाकल गड़वाने, ग्रामीण कार्य विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति करवाने, खासकर सतीघाट-राजघाट पथ के निर्माण के लिए पथ निर्माण प्रमण्डल, बेनीपुर को निर्देश दिया गया कि अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर काम प्रारम्भ करवाया जाए। सिविल सर्जन, दरभंगा डॉ. संजीव कुमार सिन्हा को निर्देशित किया कि जिन गाँव से पानी निकल गया है, वहाँ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए। साथ ही जहाँ भी सामुदायिक किचन चल रहा है, वहाँ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए तथा बाढ़ आश्रय स्थलों पर कोविड टेस्टिंग एवं कोविड टीकाकरण करवाया जाए।