21.08.2022 (दरभंगा) : मखाना सिर्फ मखाना नहीं अब "मिथिला मखाना" के नाम से जाना जाएगा। उक्त बातें सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने एक बार फिर आठ करोड़ मिथिलावासियों को वैश्विक स्तर पर पहचान देने के ऐतिहासिक कार्य किया है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मिथिला क्षेत्र का प्रमुख फसल मखाना को "मिथिला मखाना" के नाम से जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई टैग) पंजीकृत किया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक कार्य के लिए संपूर्ण मिथिलावासी की ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के प्रति कृतज्ञता प्रकट किए। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि मखाना का जीआई टैग मिथिला मखाना के नाम हो इसके लिए वह वर्षों से प्रयासरत थे और 24 अगस्त 2020 को केंद्रीय मंत्री को पत्र के माध्यम से तत्पश्चात लोकसभा में 03 फरवरी 2021 एवं विगत शीतकालीन सत्र में 01 दिसंबर 2021 को शून्य काल के दौरान प्रश्न भी किए थे। इसके अलावा वह दशकों से मखाना के बेहतर उत्पादन, विकास एवं व्यापार की समुचित व्यवस्था को लेकर हर स्तर पर प्रयासरत रहें है और अनेकों बार संबंधित मंत्री से मिलकर अनुरोध कर चुके हैं, इसके अलावा वह विभिन्न बैठक में भी इस विषय को प्रमुखता से रखते आ रहे है, जिसके फलस्वरूप आज यह सुखद समाचार मिथिलवासियों को प्राप्त हुआ है। इससे पहले एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत "मखाना" के उत्पादन एवं विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए दरभंगा जिला को प्रधानमंत्री अवार्ड मिल चुका है। उन्होंने कहा कि अब यहां का मखाना का मिथिला मखाना के नाम से ग्लोबल मार्केट में प्रचलित होगा और व्यापारिक क्षेत्र में एक बेहतर मुकाम प्राप्त करेगा। जिसका सीधा लाभ दरभंगा एवं मिथिला के कृषकों, व्यापारियों और उद्यमियों को मिलेगा। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी तब से मिथिला में विकास को एक नई दिशा मिली है।

प्रधानमंत्री जी स्वयं मिथिला के इतिहास, धरोहर, खानपान, संस्कृति सहित कई चीजों को नजदीक से समझने के इच्छुक रहें है और वह दरभंगा सहित संपूर्ण मिथिला के विकास को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जब वह प्रधानमंत्री से मिले थे तो प्रधानमंत्री जी द्वारा कहा गया था की वह स्वयं प्रतिदिन मखाना का सेवन करते है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि विगत केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री द्वारा वोकल फॉर लोकल एवं एमएफएस के तहत मखाना सहित अन्य उत्पादों के बेहतर विकास और ग्लोबल मार्केटिंग हेतु दस हजार करोड़ रुपया प्रावधान किया गया था और इसके अलावा इसके बेहतर विकास हेतु कई और योजना चलाया जा रहा है। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी के कार्यकाल में दरभंगा में स्थापित मखाना अनुसंधान केंद्र जो पहले राष्ट्रीय स्तर का अनुसंधान केंद्र हुआ करता था, परंतु पूर्ववर्ती यूपीए सरकार द्वारा राजनीतिक साजिश के तहत इसका राष्ट्रीय दर्जा समाप्त कर दिया गया था। उसे पुनः राष्ट्रीय दर्जा दिलाने हेतु प्रधानमंत्री एवं लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिल चुके है, और आने वाले दिनों में जल्द ही इसे पुनः राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त हो जाएगा।

सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि वह अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ही मखाना की माला के साथ किए थे और जब वह लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए तो मिथिला की वेशभूषा के साथ साथ मखान की माला पहनकर पहली बार लोकतंत्र के मंदिर में दाखिल हुए थे। उन्होंने कहा कि वह प्रत्येक अवसर पर वरिष्ठ लोगों को मखान का माला देकर सम्मान करते आए है, जिस कारण देशभर में लोग उन्हें मखाना का ब्रांड एम्बेसडर समझने लगे है