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27.12.2021 (दरभंगा) : बिहार विधान सभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों का उनके समक्ष सौजन्यता प्रदर्शन एवं जन प्रतिनिधियों के विशेषाधिकार की रक्षा एवं सामाज में संवैधानिक कर्तव्य के प्रति जागरूकता को लेकर, दरभंगा, समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेदकर सभागार में जिले के सांसद एवं विधायकगण के साथ जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., वरीय पुलिस अधीक्षक बाबू राम, उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया सहित जिले के जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की गयी।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि उत्पाद विभाग द्वारा 1499 शराब बन्दी अभियान के तहत कांड दर्ज कराए गए हैं, जिनमें 1245 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा बताया गया कि जिले में वर्ष 2020 की तुलना में ज्यादा मामले दर्ज किये गये है और ज्यादा गिरफ्तारी भी हुई है। वर्ष 2020 में जहाँ 1288 मामले शराब बन्दी अभियान के तहत दर्ज कराए गए थे एवं 1567 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, 20 हजार 802 लीटर देशी शराब एवं 75 हजार 876 लीटर विदेशी शराब जप्त किये गये थे। वहीं वर्ष 2021 में 1569 मामले दर्ज कराए गए है, 2003 लोगों की गिरफ्तारियाँ हुई, 28 हजार 115 लीटर देशी शराब एवं 01 लाख 46 हजार लीटर विदेशी शराब जप्त किये गये। शराब बरामदगी वाले स्थलों की गाँववार सूची बनायी गयी है तथा शराब माफिया का नाम संबंधित थाने की दीवार पर लिखवाया गया है। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने के लिए 15 चौकीदार पर कार्रवाई की गयी है, 04 को निलंबित किया गया है, 04 के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई चल रही है, 04 दरोगा के विरूद्ध निलंबन की कार्रवाई की गयी है, 01 को बर्खाश्त किया गया है तथा 01 को 10 साल के लिए थाना प्रभारी बनने पर रोक लगायी गयी है। जिले में बाल विवाह की शिकायत नगण्य बताया गया।

अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा द्वारा जन प्रतिनिधियों के विशेषाधिकार का सम्मान करने तथा जिले एवं क्षेत्र के पदाधिकारियों द्वारा उनके समक्ष सौजन्यता प्रदर्शित करने के प्रॉटोकॉल का पालन सुनिश्चित करवाने हेतु जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक को अपने अधीनस्थ अधिकारियों को प्रशिक्षित व निदेशित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व के जितने भी माननीय विधायक, चाहे वे वर्तमान में विधायक नही भी हैं, उनके प्रति प्रॉटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए। उनके विशेषाधिकारों की रक्षा माननीय विधानसभा अध्यक्ष को ही सुनिश्चित करवाना है। उन्होंने कहा कि वैसे गाँव, जो पूर्णतः नशामुक्त एवं अपराध मुक्त हो, उनकी सूची उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने विधान सभा के शत्-प्रतिशत् प्रश्नो के उत्तर भेजने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की प्रशंसा भी की।

उन्होंने बिहार विधान सभा भवन शताब्दी वर्ष एवं भारत अमृत महोत्सव के अवसर पर पाँच सामाजिक अभिशापों जिनमें नशा मुक्त के तहत नशा मुक्त गाँव को चिन्हित करना, अपराध मुक्त के तहत अपराध मुक्त गाँव को चिन्हित करना, बाल श्रम मुक्त के तहत बाल श्रम मुक्त जिले को चिन्ह्ति करना, बाल विवाह मुक्त एवं दहेज मुक्त हेतु योगदान देने वाले लोगों को चिन्ह्ति कर सम्मानित करना एवं पाँच सामाजिक वरदानों से युक्त - स्वच्छता युक्त, योग आयुर्वेद युक्त, जल संचय युक्त, प्रकृति युक्त एवं विरासत युक्त परिवार को चिन्ह्ति करना, तथा हमार परिवार पाँच सामाजिक सम्मान से पूर्ण - डिजिटल साक्षर, स्वरोजगार प्रेरक, रोजगार सृजनकर्ता, सामाजिक योद्धा एवं सेवा समर्पणदाता व्यक्ति एवं परिवार को चिन्ह्ति करना तथा उन्हें सम्मानित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि वैसे बच्चे जो बेसहारा या अनाथ हैं, उनको गोद लिया जाए तथा उन्हें उनके लिए बनी केन्द्र एवं राज्य की योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, उनका मार्ग-दर्शन किया जाए, ताकि वह असामाजिक तत्व के हाथ में न जा सके और एक अच्छा जीवन व्यतीत कर सके और समाज के उत्थान में अपना योगदान दे सकें।

उन्होंने ऐसे बच्चों के लिए चलायी जा रही योजनाओं के संबंध में जानकारी माँगी। बाल अधिकार संरक्षण पदाधिकारी, दरभंगा ने बताया कि अनाथ बच्चे तथा कुष्ठ रोग ग्रसित माता/पति के बच्चों को परवरिश योजना के तहत उनके 18 वर्ष की उम्र होने तक प्रतिमाह 01 हजार रूपये प्रदान किया जा रहा है। स्पांसरशिप योजना के तहत वैसे बच्चें, जिनके माता/पिता नहीं हैं, या पिता जेल मे है या गंभीर बीमारी से ग्रस्त है, उन्हें 01 हजार रूपये प्रतिमाह प्रदान किया जाता है। बाल सहायता योजना के तहत कोरोना काल के दौरान जिन बच्चों के माता या पिता की मृत्यु हो गयी है, उन्हें 1500 रूपये प्रतिमाह 18 वर्ष की उम्र होने तक दिया जा रहा है। उन्होंने बुद्धिजीवियों को ऐसे बच्चों को गोद लेकर उनके पालन करने और सही मार्ग-दर्शन करने का सुझाव दिया। इस अवसर पर बिहार विधान सभा शताब्दी वर्ष पर बनी लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा सामाज में अनाथ या बेसहारा बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए जिले के तीन बुद्धिजीवियों को सम्मानित किया गया।