November 28, 2018

28.11.2018 (दरभंगा) : नशा करने वालों का नैतिक,चारित्रिक एवं आध्यात्मिक पतन हो जाता है। नशा शरीर, बुद्धि एवं चरित्र सब का नाश कर देता है। बच्चे, बूढ़े एवं युवा सब को इससे दूर रहने की जरूरत है। पुलिस महानिदेशक बिहार सैन्य पुलिस गुप्तेश्वर पांडेय ने लहेरियासराय स्थित एम.एल. एकेडमी स्कूल के प्रांगण में नशा मुक्ति संबंधी जन-जागरण अभियान में उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि नशा आदमी के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए हानिकारक है। युवा वर्ग को सभी प्रकार के नशा से विशेष रूप से दूर रहने की जरूरत है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि समाज में लोगों को सभी प्रकार के नशा से दूर रहने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाए। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मनुष्य का कर्म मन एवं बुद्धि से संचालित होता है। मन का स्वभाव चंचल होता है। यह हमें भौतिक सुख के लिये प्रेरित करता है, वहीँ बुद्धि हमें गलत काम करने से रोकता है। इसलिए मन के प्रभाव में न आकर हमें बुद्धि एवं विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए। स्कूली बच्चों को देश- प्रेम एवं राष्ट्रभक्ति की शिक्षा देते हुए उन्होंने कहा कि हम सबको जाति, धर्म आदि के आधार पर किसी तरह के भेदभाव से बचना चाहिए एवं एक सशक्त देश बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई-लिखाई के जिस काम को करने में आज तकलीफ अनुभव होता है वही आगे चलकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा।
पुलिस महानिरीक्षक श्री पंकज कुमार दराद ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान समाज के कल्याण के लिए एक प्रकार का महायज्ञ है। इसमें सबों को मिलकर काम करने की जरूरत है, तभी हम एक नशा मुक्त समाज एवं सुंदर समाज बना सकेंगे।
आयुक्त श्री मयंक वड़बड़े ने लोगों से आग्रह किया है कि सभी प्रकार के नशा को न कहने की आदत डालें। यह हमारे शरीर एवं हमारे नैतिक बल को खोखला कर देता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा उठाया गया नशा मुक्ति का कार्यक्रम एक बहुत ही प्रभावकारी कार्यक्रम है।
इस अवसर पर डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि नशा का व्यापार एवं उसके उपयोग को रोकने के लिए सरकार ने करें कानून बनाए हैं। इन कानूनों के आधार पर लोगों को दंडित भी किया जा रहा है, पर एक नशा मुक्त समाज तभी बनेगा जब समाज का हर व्यक्ति जागरुक हो जाएगा और यह संकल्प लेगा कि वह अपने समाज में किसी प्रकार के नशा को न होने देंगे। उन्होंने बच्चों एवं नागरिकों को सिविल सिपाही की संज्ञा दी एवं कहां की जन जागरूकता से ही नशा जैसी कूप्रवृतियां पर रोक लगाने संबंधी स्थाई सफलता मिल सकती है। डीएम ने समाज की अन्य कुरीति मसलन बाल-विवाह एवं दहेज प्रथा के विरुद्ध भी बच्चों को जागरूक किया एवं उनसे आग्रह किया कि वह समाज में इन प्रथाओं को दूर करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।
एसएसपी गरिमा मल्लिक ने समाज के हर एक व्यक्ति को सभी प्रकार के नशा से दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों में देशभक्ति व देश प्रेम का नशा होना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशा से दूर रहने के लिए शपथ भी दिलाई गई।
नशा मुक्ति जन जागरण कार्यक्रम में बीएमपी के एआईजी अरविंद ठाकुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ महेश प्रसाद सिंह, विद्यालय के प्राचार्य विश्व भारती यादव, स्थानीय नागरिक एवं स्कूली बच्चे शामिल थे।