March 14, 2020

13.03.2020 (पटना) : बिहार के सीएम नितीश कुमार की अध्यक्षता में कोरोना वायरस से संबंधित तैयारियों को लेकर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक। उक्त बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने अपने प्रस्तुतीकरण में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति से बचाव एवं प्रभावित होने की स्थिति में इलाज हेतु की गई तैयारियों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। समीक्षा के दौरान सीएम ने राज्य में कोरोना से बचाव के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी ली। इसके साथ ही इसे लेकर क्या कदम उठाए जाने चाहिए, इस संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई।
सीएम ने बैठक के दौरान कहा कि कोरोना वायरस से लोगों को न घबराने की जरुरत है और न ही डरने की जरुरत है। कोरोना वायरस को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से सतर्क है। लोगों को इस संबंध में जागरुक किया जा रहा है। राज्य में साढ़े 8 करोड़ लोगों के पास मोबाइल है, उसके माध्यम से एवं अन्य संचार माध्यमों से इस बीमारी के संबंध में जानकारी दी जा रही है। इस वायरस को लेकर सरकार की पूरी तैयारी है और इसके लिए जरुरी उपाय भी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में विदेश से आने वाले लोगों का पटना और गया एयरपोर्ट पर अच्छे से स्क्रीनिंग कराएं।
चीफ सेक्रेटरी दीपक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमण की स्थिति बन सकती है। इसके उपायों एवं तैयारियों को लेकर आज मुख्यमंत्री नितीश कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
31 मार्च तक सभी सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। सरकारी स्कूल के शिक्षकों को स्कूल में उपस्थित रहना होगा।सी0बी0एस0ई0 की जो परीक्षा करायी जा रही है, वो होते रहेंगे। लोकल लेवेल पर, स्कूल लेवेल पर, यूनिवर्सिटी लेवेल पर होने वाली परीक्षाओं को स्थगित करने का हमलोग अथॉरिटी से अनुरोध करेंगे। सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की राशि की गणना कर सीधे उनके खाते में 31 मार्च से पहले राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्र भी 31 मार्च तक बंद रहेंगे और वहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के खाते में भोजन की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाएं मिलती रहेंगी। 22 मार्च को बिहार दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को तत्काल स्थगित कर दिया गया है और इसके आयोजन पर अप्रैल माह में निर्णय लिया जा सकता है। खेल संबंधित होने वाले आयोजन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी स्थगित रहेंगे। सभी प्रकार के आयोजन स्थलों की बुकिंग रद्द कर दी गई है। राज्य के सभी पार्कों, जू एवं म्यूजियम भी 31 मार्च तक बंद रहेंगे। कार्यालय में भी भीड़-भाड़ कम करने पर विचार किया जा रहा है और कार्यालय प्रभारी के माध्यम से कार्य की प्रकृति के अनुसार अल्टरनेट व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है।
बिहार में 142 मरीजों को ऑबजर्वेशन में रखा गया था, जिसमें से 73 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब तक कोई भी केस कन्फर्म नहीं हुआ है। इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्क्रीनिंग और सख्त किया जा रहा है। वहां पर 49 मेडिकल कैंप खोले गए हैं। इंडो-नेपाल सीमा पर आवागमन पर पुख्ता चेकिंग के अलावा मेडिकल चेकिंग भी की जाएगी। सरकारी अस्पतालों में 100 अतिरिक्त वेंटिलेटर की व्यवस्था की जा रही है।
इस वायरस के टेस्टिंग की व्यवस्था आर0एम0आर0आई0 हॉस्पीटल के साथ-साथ अब एम्स, पी0एम0सी0एच0, आई0जी0आई0एम0एस0 में भी की गई है। 31 मार्च तक बिहार के सभी सिनेमा हॉल भी बंद रहेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि लोग पब्लिक गैदरिंग से बचें, अपने घर में ही रहने की ज्यादा कोशिश करें क्योंकि इस वायरस के संक्रमण से तेजी से बीमारी फैलती है।