October 14, 2019

13.10.2019 (दरभंगा) : सिटी एसपी योगेन्द्र कुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन मॉब लिंचिंग के प्रति सतर्क है। लोग सोंचते हैं कि भीड़ को पहचाना नहीं जा सकता, पर अपराध कर के भीड़ बच नहीं सकती। पुलिस के पास अब ऐसे संसाधन उपलब्ध है जिसके जरिए भीड़ में शामिल लोगों को पहचान करके उन्हें कानून के चौखट तक पहुँचाया जा सकता है। ख्यातिलब्ध पत्रकार रामगोविन्द प्रसाद गुप्ता की 84वीं जयंती के अवसर पर " मॉब लिंचिंग, अफवाहों का बाजार और पत्रकारों की भूमिका" विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सिटी एसपी योगेन्द्र कुमार ने कहा कि मॉब लिंचिंग में अगर एक भी व्यक्ति की जान जाती है, तो इससे देश और समाज का नाम खराब होता है। उन्होंने कहा कि जिला में मॉब लिंचिंग से सतर्क रहने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पत्रकारों को चाहिए कि पुलिस के इस सकारात्मक प्रयास में अपना उल्लेखनीय सहयोग देकर आमलोगों को जागरूक करने में पुलिस प्रशासन को मदद करें। उन्होंने कहा कि पिछले एक माह में जिला में माॅब लिंचिंग जैसी चार-पाँच घटनाओं को अंजाम देने का प्रयास किया गया है, पर पत्रकारों व आमजन के सहयोग से पुलिस ने पीड़ित की जान बचा ली है। उन्होंने आमलोगों का आह्वान किया कि अफवाहों का शिकार होकर किसी की जान न लें। माॅब लिंचिंग के लिए कड़े कानून है और पुलिस उसका इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि माता पिता को चाहिए कि बच्चों को हिंसक भीड़ का हिस्सा न बनने की सलाह दें।

वरिष्ठ राजनीतिक एवं सामाजिक चिंतक डॉo जितेन्द्र नारायण ने कहा कि मॉब लिंचिंग शब्द विदेश से आयातित पौधा है। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षाविद् डॉo हरि नारायण सिंह, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉo अजीत कुमार चौधरी, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डॉo रतन कुमार चैधरी, वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षाविद् रामचन्द्र सिंह चन्द्रेश ने भी इस विषय पर अपनी बातें कहीं। संगोष्ठी का संचालन डा0 ए0डी0एन0 सिंह ने किया। अतिथियों का स्वागत पत्रकार प्रदीप गुप्ता और धन्यवाद ज्ञापन पत्रकार प्रमोद कुमार गुप्ता ने किया।