January 15, 2019

15.01.2019 (DarbhangaOnline Desk) : नई दिल्ली स्थित मैथिली-भोजपुरी अकादमी,प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, मैथिल पत्रकार ग्रुप एवं प्रेस एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से प्रेस क्लब में मकर संक्रांति पर्व को मनाया। इस अवसर पर खिचड़ी के साथ ही चूडा-दही, तिलकूट, लाई और चुरलाई जैसे व्यंजनों का उपस्थित लोगों ने स्वाद चखा और एक-दूसरे को मकर संक्रांति की बधाई दी। मैथिली भोजपुरी अकादमी के उपाध्यक्ष नीरज पाठक ने इस अवसर पर कहा कि मकर संक्रांति हमारी संस्कृति और प्राचीन सभ्यता का परिचायक है। यह परिवर्तन का साक्षी पर्व भी कहा जाता है। हम सभी को प्रयास करना चाहिए कि इस अवसर पर न केवल बाहरी बल्कि अपने अंतरमन में परिवर्तन लाएं। अपने देश, गृह राज्य और स्थानीय परिवेश की उन्नति के लिए मिलकर काम करें। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के जितेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि प्रेस क्लब देशभर के पत्रकारों की एक प्रतिनिधि संस्था है। हमारा यह सदैव प्रयास रहा है कि हम सभी वर्ग के उत्सव को मिलकर मनाएं और यह परंपरा प्रेस क्लब की स्थापना के साथ 1958 से चली आ रही है।

बिहार के दरभंगा में बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के सदस्यों ने भी लक्ष्मेश्वर पब्लिक लाइब्रेरी में मकर संक्रांति हर्षोउल्लास के साथ मनाया। जिसमे पत्रकारों ने एक दूसरे को मकर सक्रांति की बधाई दी तथा इस पावन अवसर पर दही-चुड़ा, लाई आदि का स्वाद भी चखा। इस अवसर पर यूनियन की जिला इकाई की बैठक हुई। बैठक को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अमरेश्वरी चरण सिन्हा ने कहा कि बिहार में पत्रकारों पर आए दिन हमले हो रहे हैं। न तो पुलिस और न ही मीडिया घराने उनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी ले रहे हैं। ऐसे में जोखिम भरे माहौल में पत्रकार काम कर रहे हैं। उनकी जान-माल की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाए जाने चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून की तर्ज पर बिहार में भी कानून की मांग की। बैठक में दरभंगा जंक्शन के अनारक्षित और आरक्षण केंद्र पर पत्रकारों के लिए अलग काउंटर बनाने की मांग का प्रस्ताव भी पारित किया गया। उन्होंने कहा की इसके लिए यूनियन का प्रतिनिधिमंडल स्टेशन प्रबंधक और डीआरएम से मिलकर एक ज्ञापन सौंपेगा।
बैठक में महासचिव शशि मोहन "भारद्वाज", संजीव कुमार, विजय कुमार श्रीवास्तव, मुकेश कुमार, प्रवीण कुमार चौधरी, मुकेश कुमार श्रीवास्तव, राजीव रंजन झा, फिरदौस अली, दीपक कुमार झा, संतोष कुमार मंडल, सुभाष चन्द्र सिंह, उत्तम सेन गुप्ता, तपेश्वर झा, प्रभाष रंजन, पुनीत कुमार सिन्हा, विजय कुमार राय, पवन कुमार झा, प्रवीर कुमार, रवि कुमार, आशीष कुमार सिंह, मनोज कुमार, वीरेंद्र कुमार, रवि खण्डेलवाल आदि ने विचार रखे।