
05.11.2017 (दरभंगा) : हर साल की तरह इस साल भी मिथिला विभूति पर्व समारोह खुशनुमा माहौल में मनाया गया। समारोह का शुभारम्भ दिनांक 02.11.17 को सुबह 09 बजे शोभा यात्रा एवं महाराजा के प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया गया।
"पहले दिन"
शाम की बेला में समारोह की शुरुआत M.L.S.M College परिसर में मंगल ध्वनि (शहनाई वादन) बालेश्वर राम चौधरी द्वारा की गयी। तीन दिन तक चले इस मिथिला विभूति पर्व समारोह की संगीतमय सुगंध चारो दिशाओं में खूब फैली। पहले दिन समारोह में पधारे अतिथि नगर विधायक संजय सरावगी, पूर्व एम एल सी विनोद चौधरी, उप कुलपति जय गोपाल, डाo बैधनाथ चौधरी, कमलाकांत झा सहित कई गणमान्यों द्वारा महाकवि विद्यापति एवं आचार्य सुमन जी के प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारम्भ डाo ममता ठाकुर द्वारा सुरीले स्वर में मगलाचरण गीत " जय जय भैरवी " से किया गया। विधि विधान से अब समय था कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सभापति, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि के नाम प्रस्ताव एवं समर्थन का। विद्यापति सेवा संस्थान के सचिव डाo बैधनाथ चौधरी द्वारा प्रस्ताव रखते हुए अध्यक्षता के लिए विनोद कुमार चौधरी सिंडिकेट, उद्घाटनकर्ता डाo राम लखन राम , मुख्य अतिथि उपकुलपति जय गोपाल, विशिष्ट अतिथि संजय सरावगी, मिश्री लाल यादव, प्रिंसिपल डाo मुश्ताक़ अहमद, डाo रामनारायण झा, हीरा कुमार झा इत्यादि के नामों की घोषणा की गयी, जिसका दिल से समर्थन मणि कान्त झा विचार गोष्ठी प्रभारी द्वारा किया गया। पहले दिन समारोह का शुभारम्भ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन कर एवं मंच पर स्थापित महाकवि विद्यापति की प्रतिमा पर माल्यार्पण से किया गया। समारोह में पधारे अतिथियों का सम्मान विद्यापति सेवा संस्थान के गणमान्य सदस्यों द्वारा पाग, चादर एवं माला पहनाकर किया गया तथा स्वागत गीत सुरीले स्वर में श्रीमती अनुपमा मिश्रा द्वारा मैथिलि गीत " मंगल मय दीन आजु हे , पाहुन छैथ आयल " से किया गया।
मुख्य अतिथि डाo जय गोपाल ने अपने उद्बोधन में कहा की महाकवि विद्यापति की जितनी प्रसंशा की जाए उतना ही कम है। वो अमर हैं। उनको भुलाना नामुमकिन है। उनके कविताओं को देश ही नहीं विदेशों में भी खूब सराहना की जाती है। उनकी कविता से मैथिलि भाषा काफी प्रचलित हुई। मिथिला की धरती को नमन करते हुए डाo जय गोपाल ने विद्यापति सेवा संस्थान को धन्यवाद दिया एवं कहा की इस मंच पर सुरीले संगीत का अनुभव वाकई अद्भुत है।
स्वागत उद्बोधन में डाo बैधनाथ चौधरी ने मिथिला के विभूतियों का स्वागत करते हुए कहा की मैथिलि पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है। अगर वस्तु स्थिति ठीक रहा तो सब कुछ मैथिलि में होगा। गौरतलब है की डाo बैधनाथ चौधरी विगत कई वर्षों से मिथिला, मैथिलि, मैथिल के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने नगर विधायक सहित सभी गणमान्य अतिथियों से आग्रह करते हुए कहा की पत्राचार भी मैथिलि में करें।
समारोह में आगे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए तथा हर साल की तरह इस साल भी कई लोगों को मिथिला विभूति रत्न से सम्मानित किया गया।
" दूसरा दिन "
आज मिथिला विभूति पर्व समारोह के दूसरे दिन विद्यापति सेवा संस्थान परिसर में विचार गोष्ठी प्रभारी मणि कांत झा द्वारा संयोजित राष्ट्रीय सेमिनार " दहेज़ समस्या आ समाधान " का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता दिल्ली से पधारे श्रीमती कुमकुम झा (साहित्यकार) ने किया। सेमिनार का उद्घाटन मेयर श्रीमती वैजयंती खेड़िया ने किया। इस अवसर पर डाo ओमप्रकाश, हीरा कुमार झा, बैद्यनाथ चौधरी, महेश कुमार झा, विष्णुदेव झा सहित कई विद्वानों ने अपने पाठ सेमीनार में उपस्थित श्रोताओं को सुनाया। सेमीनार में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व डीडीसी विवेकानंद झा को उनके ट्रांसफर पर विदाई भी दी गयी।
पुनः संध्या बेला में M.L.S.M College परिसर में बालेश्वर राम चौधरी के शहनाई वादन से चारो दिशा संगीतमय हो गया। आज दूसरे दिन विधिवत कई सांस्कृतिक कार्यक्रम एवम कवि सम्मलेन प्रसिद्ध कलाकारों, (विद्यापति संगीत, डाo नलिनी चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, दुखी राम रसिया व अन्य) द्वारा गीत एवं ( कवियत्री सीमांचल से कविता, कवियत्री निक्की प्रियदर्शनी, कवि अर्जुन कागराज, कवि दिनेश झा, सुमीत गुंजन) द्वारा काव्य पाठ किये गए, जिसको श्रोताओं ने खूब सराहा। आज पुनः मिथिला विभूति रत्न से कई गणमान्यों को सम्मानित किया गया। मिथिला विभूति रत्न से सम्मानित हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री विनोद बंधू ने अपने शब्दों में कहा की महाकवि विद्यापति ऐसे कवि थे, जिनको लोग कई सालों के बाद भी याद करते हैं। समाज में कुरुति के खिलाफ उन्होंने आवाज बुलंद किया। श्री बंधू ने कहा की प्राइवेट बस स्टैंड पर भी मैथिलि में लिखा जाना चाहिए।
"तीसरा दिन"
आज इस उत्सव का अनोखा दिन था। M.L.S.M College परिसर में ऊर्जा से परिपूर्ण सुन्दर मंच पर कई गणमान्य अतिथियों, प्रख्यात कलाकारों का आगमन, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा कई गणमान्य अतिथियों को मिथिला विभूति रत्न से सम्मानित किया जाना था। शाम हुई, पुनः मधुर शहनाई वादन, सतरंगी लाइट, और श्रोताओं की चहल-पहल से आस-पास के वातावरण में रौनक सी आ गयी। हर दिन की भांति आज फिर से मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम पदाधिकारी पंo कमलाकांत झा के मधुर आवाज से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत केदार कुंवर द्वारा श्यामा माई गीत "हे श्यामा गजब शहर दरभंगा" से हुई, जिसे लोगों ने बड़े ध्यान से सुना, वहीँ मोहित खंडेलवाल 'नटराज डांस एकेडमी' के डायरेक्टर द्वारा अनोखी प्रस्तुति "गणेश वंदना" को देख श्रोताओं ने तालियों से उनका सम्मान किया। सुरीले स्वर में मंगलाचरण डाo ममता ठाकुर, (स्वागत गीत डाo सुषमा झा " पाहुन अएता दुआर हे , स्वागत करू बहिना" ) द्वारा गाये गीत सुन श्रोता आनंदित हुए। धीरे-धीरे घड़ी की सुई बढ़ रही थी, मंच पर अतिथियों एवं कलाकारों का आगमन प्रारम्भ हो गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री डाo सी.पी.ठाकुर, कैबिनेट मिनिस्टर महेश्वर हजारी, विनोद नारायण झा, रामलखन राम 'रमन', पप्पू यादव, विधायक संजय सरावगी (दरभंगा), अमर नाथ गामी (हायाघाट), जीवेश मिश्र (जाले), संजीव कुमार झा (दिल्ली), पूर्व विधान पार्षद डाo विनोद कुमार चौधरी, शिक्षाविद संत कुमार चौधरी, पूर्व मेयर ओम प्रकाश खेड़िया सहित कई गणमान्य अतिथियों के पहुँचने से उत्सव की शोभा बढ़ी। सभी अतिथियों ने मिलकर महाकवि विद्यापति के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वल्लित किया। सभी अतिथियों को पाग, चादर, फूल माला से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सिलसिला बढ़ा, अतिथियों ने अपने शब्दों में कुछ इस तरह कहा। .......
(1) महेश्वर हज़ारी, कैबिनेट मिनिस्टर:- जो सबसे ज़्यादा सम्मान के हकदार हैं, वो हैं बैद्यनाथ चौधरी 'बैजू' , इन्होने अपने जीवन के अहम पल को समर्पित किया है। उन्होंने कहा मैथिलि मधुर भाषा है इसका सब जगह प्रयोग होना चाहिए।
(2) संजय सरावगी , विधायक, दरभंगा :- मिथिला राज्य के लिए पहले भी संघर्ष किया है आगे भी करते रहेंगे।
(3) अमरनाथ गामी, विधायक, हायाघाट :- जिस दिन मिथिला विभूति पर्व समारोह का 50वां उत्सव होगा उस दिन मिथिला अपने पांव पर खड़ा होगा।
(4) संजीव झा, विधायक, दिल्ली :- मैथिलि भाषा के लिए हमेशा प्रयासरत हैं।
अतिथियों के उद्बोधन के बीच श्रोताओं की शोरगुल बढ़ रही थी, इंतज़ार था रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का। देश-प्रदेश से पधारे प्रसिद्ध कलाकार ( डाo नलिनी चौधरी, कुञ्ज बिहारी मिश्र, राइजिंग स्टार मैथिलि ठाकुर, पूनम मिश्रा, जुली झा, दुखी राम रसिया, रंजना झा, ममता ठाकुर, के भव्य प्रस्तुति को सुन श्रोतागण खूब आनंदित हुए।
मिथिला विभूति रत्न से सम्मानित हुए :-
(1) डाo शिवकान्त झा( पूर्व कुलपति, नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी )
(2) पं. अमृत नाथ मिश्र (नेपाल)
(3) डाo इन्द्रकांत झा ( सेवा निवृत प्रोफसर, पटना)
(4) विनोद नारायण झा ( मंत्री, बिहार सरकार)
(5) महेश्वर हजारी ( मंत्री, बिहार सरकार)
(6) पं. किशोरी कांत मिश्र (मिथिला सांस्कृतिक परिषद् , कोलकाता)
(7) श्री विनोद बंधू (वरिष्ठ पत्रकार)
(8) प्रोo कृष्णा नन्द मिश्र ( एम.एल. एस.एम. कॉलेज)
(9) श्रीमती पूनम मिश्र (मधुबनी)
(10) विपिन कुमार मिश्र
(11) चिरात्मानन्द महाराज (सिमरिया)
(12) रामाशीष यादव (जनकपुर)
मिथिला-मैथिलि के सम्पूर्ण विकास के लिए समर्पित विद्यापति सेवा संस्थान, दरभंगा द्वारा विगत कई वर्षों से मिथिला विभूति पर्व समारोह का आयोजन किया जा रहा है।