January 08, 2019

08.01.2019 (दरभंगा) : जागरूकता के अभाव में नवजात बच्चों के परित्याग, उनके मृत पाए जाने की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए बाल संरक्षण इकाई द्वारा सभी प्रखंड में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस निमित्त जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक रविशंकर तिवारी द्वारा चाइल्डलाइन के दरभंगा कोलेब तथा सभी सब सेन्टर के समन्वयक के साथ बैठक की गई। बैठक में कहा गया कि दत्तक ग्रहण अर्थात गोद लेने की विधिवत प्रक्रिया की जानकारी सभी सरकारी चिकित्सालय तथा थानों को दें। इस निमित्त सभी प्रभारी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी तथा सभी थानाध्यक्षों के साथ आशा, ऐ. एन. एम. तथा थाना के अन्य पदाधिकारी, कर्मी के साथ एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करे। उन्हें यह जानकारी दें कि अगर कोई माता/पिता किसी बच्चे का परित्याग करना चाहते हैं तो उन्हें चाइल्डलाइन के नंबर 1098 पर सम्पर्क करना चाहिए, उनकी पहचान गुप्त रखी जायेगी। कोई भी नवजात बच्चा कहीं पाए जाने पर इसकी सूचना चाइल्ड लाइन को दें। किसी बच्चे को न मारें। बच्चा चाइल्ड लाइन अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई को दें।
विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के संरक्षण में यह बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया में जायेगा। सरकार द्वारा सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पालना लगाया जाएगा जिसमे ऐसे बच्चे गुप्त रूप से छोड़े जा सकते हैं। कोई भी माता पिता अपने पास लावारिस बच्चे को नही रख सकते, यह कानूनन अपराध है। बच्चा cara.nic.in की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के द्वारा ही गोद लिया जा सकता है। "फेकें नहीं हमें दें" - इस स्लोगन के साथ पूरे जिले में प्रचार प्रसार की योजना बनाएं ताकि एक भी नवजात मारा न जाये और उसे देश-विदेश के पंजीकृत माता-पिता की गोद मिले। अगले सप्ताह से इस जागरूकता अभियान की शुरुआत करने का निर्देश देते हुए बैठक समाप्त की गई।