April 25, 2021

24.04.2021 (दरभंगा) : डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने दरभंगा के जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल मीटिंग कर कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम तथा कोरोना के मरीजों के लिए की गयी ईलाज की व्यवस्था एवं ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल के संबंध में जारी किये गये आदेश से अवगत कराते हुए बताया गया कि वर्तमान में दरभंगा जिले में ऑक्सीजन गैस के 03 आपूर्तिकर्ता एजेंसी कार्यरत हैं तथा दरभंगा जिला में डी.एम.सी.एच. एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को निरंतर ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति हो रही है। सरकार के द्वारा कोरोना मरीजों के लिए ट्रीटमेन्ट प्रॉटोकॉल निर्धारित किया गया है। डी.एम.सी.एच. तथा सभी प्रखण्डों में आवश्यक दवा उपलब्ध करायी जा रही है। ईलाजरत मरीजों को बाहर से दवा नहीं लेनी है। सरकार ने निर्देश दिया है कि ईलाजरत मरीजों का पैथोलोजी जाँच, एक्स-रे, सिटीस्कैन की व्यवस्था हॉस्पिटल करेगा। यदि जाँच बहार से करानी है, तो हॉस्पिटल ही कराएगा, भुगतान भी हॉस्पिटल ही करेगा, यह व्यवस्था 24 अप्रैल से प्रारंभ हो गयी। जिले में प्रतिदिन 2500 से 3000 तक कोविड टेस्ट कराया जा रहा है। आर.टी.पी.सी.आर. जाँच के लिए जिले का कोटा 1200 निर्धारित है।
निर्देशानुसार 70 प्रतिशत् आर.टी.पी.सी.आर. एवं 30 प्रतिशत् एन्टीजन टेस्ट कराना है, लेकिन दरभंगा में निर्धारित लक्ष्य से अधिक जाँच करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि दरभंगा का कोविड पॉजिटिभिटी रेट 2.23 प्रतिशत् है, जो पिछले माह 1 प्रतिशत् था, लेकिन अभी भी अन्य जिलों की तुलना में यह दर कम है। उन्होंने कहा कि मास्क के प्रयोग के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नाइट कर्फ्यू को लागू कराया जा रहा है। शादी-विवाह एवं श्राद्ध के लिए निर्धारित अधिकतम संख्या का अनुपालन विवाह भवन एवं मैरेज हॉल के द्वारा करवाया जा रहा है। शहरी क्षेत्र एवं प्रखण्ड मुख्यालय क्षेत्र में गैर आवश्यक वस्तुओं की दुकानें सप्ताह में तीन दिन बन्द कराया गया है। निजी हॉस्पिटल में दण्डाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। दवा स्टॉकिस्ट् के साथ बैठक की गयी है। सहायक औषधि नियंत्रण को दवा की दुकानों की निगरानी करते रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि कहीं भी दवा की कीमत अधिक न ली जा सके। लोगों में जागरूकता लाने के लिए व्यापक पैमाने पर प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में कचरा उठाव करने वाली गाड़ी से, थाना की पेट्रोलिंग गाड़ी से प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। गाँव में भी प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। 01 मई से 18 वर्ष से ऊपर के सभी का टीकाकरण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 200 बेड, जिसमें 100 ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध हैं। डी.एम.सी.एच. में 110 बेड तथा आई.सी.यू. में 07 बेड उपलब्ध हैं।
आई.सी.यू. में 25 बेड बढ़ाया जा रहा है। बिरौल, बेनीपुर और जाले ए.एन.एम. कॉलेज में तथा 10 अन्य प्रखण्डों में कोविड केयर सेन्टर बनाया गया है। शहरी क्षेत्र में 16 प्रमुख निजी हॉस्पिटलों को चिन्ह्ति किया गया है। जिनमें कोरोना मरीजों का ईलाज चल रहा है। इन हॉस्पिटलों में कोरोना मरीजों के लिए 168 बेड उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन द्वारा लोगों के बीच जागरूकता किया जा रहा है तथा कोरोना मरीजों की ईलाज की व्यवस्था की निगरानी की जा रही है, लेकिन मास्क का प्रयोग और सामाजिक दूरी इस संक्रमण के रोकथाम के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कोरोना के संक्रमण के रोकथाम एवं व्यवस्था में सुधार के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सुझाव देने का अनुरोध किया। मंत्री, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, जीवेश कुमार ने जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्य की प्रशंसा की और कहा कि चूँकि डी.एम.सी.एच. में 05 जिलों के मरीज आ रहे हैं, इसलिए बेड की संख्या बढ़ायी जानी चाहिए।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों के लिए नोडल पदाधिकारी प्रतिनियुक्त करने का सुझाव दिया तथा होम आइसोलेशन वालों के लिए भी ऑक्सीजन की व्यवस्था कराने का सुझाव दिया और कहा कि हॉस्पिटल में मरीजों को दिये जा रहे भोजन की गुणवत्ता बढ़ायी जानी चाहिए। उसमें विटामिन, प्रोटीन, विटामिन - सी युक्त भोजन प्रदान किया जाना चाहिए। दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर ने गैर आवश्यक वस्तुओं की दुकानें बंद कराने को लेकर जिला प्रशासन का सराहनीय कदम बताया और कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा गरीब कल्याण योजना के तहत अगले 02 महीनों के लिए पुनः 05-05 किलोग्राम प्रति सदस्य अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा बिहार को 194 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है तथा 24,604 रेमडीसिविर की भी आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से कोविड मरीजों की ईलाज के लिए चलन्त अस्पताल बनाया जाए। साथ ही जिला स्तर से सरकार के माध्यम से राज मैदान में रक्षा मंत्रालय एवं डी.आर.डी.ओ. के सहयोग से अस्थाई कोविड अस्पताल बनाने की माँग की जानी चाहिए। पंचायत स्तर पर बाहर से आये लोगों की कोरोना जाँच कराने के सुझाव उन्होंने दिया। समस्तीपुर के माननीय सांसद प्रिंस कुमार ने कहा की प्रोटेबुल एक्स-रे मशीन की व्यवस्था, विकेंड में लॉक डाउन लगाने एवं हेल्थ केयर वर्कर तथा फ्रंट लाईन वर्कर के लिए डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल बनाये जाने चाहिए।
बेनीपुर के विधायक विनय चौधरी, अलीनगर के विधायक मिश्री लाल यादव, केवटी के विधायक मुरारी मोहन झा, हायाघाट के विधायक रामचन्द्र प्रसाद, गौड़ाबौराम की माननीय विधायका श्रीमती स्वर्णा सिंह, विधान पार्षद अर्जुन सहनी ने अपने-अपने क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराया तथा एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने, पंचायत स्तर पर टीकाकरण की व्यवस्था करने, अस्पतालों में कोरोना मरीज के लिए पौष्टिक अहार की व्यवस्था कराने, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोरोना मरीज के ईलाज की व्यवस्था करने तथा लोगों में मास्क एवं सामाजिक दूरी के लिए जागरूकता लाने के सुझाव दिये। कई जनप्रतिनिधियों ने अस्पतालों की कुछ कमियाँ भी बतायी। जिस पर डीएम श्री त्यागराजन ने कहा कि बहादुरपुर की घटना के लिए सिविल सर्जन को जाँच का आदेश दिया गया है। जो भी दोषी पाये जाएगें, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। तत्काल बहादुरपुर के बी.एच.एम. को हटाकर किरतपुर भेज दिया गया है। टीकाकरण की व्यवस्था पंचायत स्तर पर करायी जा रही है तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को अतिरिक्त एम्बुलेंस रखने के आदेश दिये गये है।